Thursday, 24 Sep 2026 | 11:31 PM

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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर भड़के सेलेब्स:विवेक अग्निहोत्री बोले- मौत का खेल है, अगला नंबर किसका; देवोलीना बोलीं- लंबे हाईवे नहीं परिवार की सुरक्षा चाहिए

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर भड़के सेलेब्स:विवेक अग्निहोत्री बोले- मौत का खेल है, अगला नंबर किसका; देवोलीना बोलीं- लंबे हाईवे नहीं परिवार की सुरक्षा चाहिए

लखनऊ की 2 मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से ही सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई बड़े सवाल खडे़ किए जा रहे हैं। इसी बीच बॉलीवुड सेलेब्स भी घटना की निंदा करते हुए सरकार पर भड़क गए हैं। एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्या ने अग्निकांड पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, ‘सत्ता एक खतरनाक नशा है। यह अच्छे इरादों वाले नेताओं को भी उन लोगों के प्रति उदासीन बना सकती है, जिनकी सेवा करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। बेशक, सरकारें हाईवे, फ्लाईओवर और बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाती हैं। लेकिन किसी देश की असली प्रगति सड़कों की लंबाई से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि उसके नागरिक कितने सुरक्षित हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘हर दिन हम आग लगने की घटनाओं, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, परीक्षा पेपर लीक, बदहाल सरकारी अस्पतालों और स्कूलों, पानी की कमी तथा बढ़ती जन असंतुष्टि की खबरें सुनते हैं। वहीं दूसरी ओर जवाबदेही अक्सर चुनिंदा लोगों तक ही सीमित दिखाई देती है। प्रभावशाली लोगों को राहत मिल जाती है, जबकि आम नागरिक न्याय के लिए संघर्ष करता रहता है।’ ‘एक आम नागरिक सुबह उठकर यह नहीं सोचता कि कितने किलोमीटर हाईवे बने। वह यह जानना चाहता है कि उसका परिवार सुरक्षित है या नहीं, उसके बच्चों को निष्पक्ष शिक्षा मिलेगी या नहीं, कानून उसकी रक्षा समान रूप से करेगा या नहीं, और उसके टैक्स का पैसा वास्तव में उसके जीवन को बेहतर बनाने में खर्च हो रहा है या नहीं।’ ‘अपने आसपास हो रही घटनाओं को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या हम वास्तव में आगे बढ़ रहे हैं, या फिर धीरे-धीरे उन्हीं समस्याओं की ओर लौट रहे हैं जिन्हें पीछे छोड़ने का हमने कभी वादा किया था? लोकतंत्र वादों पर नहीं, बल्कि जवाबदेही पर फलता-फूलता है।’ विवेक रंजन बोले- अगला नंबर किसका होगा देवोलीना के अलावा डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भावुक अंदाज में लिखा है, ‘भारत में मुझे सबसे ज्यादा डर सड़क दुर्घटनाओं से नहीं लगता। मुझे डर इस बात का लगता है कि अगर मैं ग्राउंड फ्लोर से ऊपर किसी मंजिल पर रह रहा हूं और अचानक आग लग जाए, तो मैं वहां से बाहर कैसे निकलूंगा? कुछ दिन पहले जुहू में मेरे एक दोस्त की बिल्डिंग में आग लग गई। देखते ही देखते सब कुछ जलकर खाक हो गया।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘भारत में फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन अब मानो लोगों की जान लेने का लाइसेंस बन चुके हैं। किसी को नहीं पता कि इन मौत के जाल जैसी इमारतों की जिम्मेदारी किसकी है। ऐसी इमारतों को मंजूरी कौन देता है? इस तरह की घोर लापरवाही पर हस्ताक्षर कौन करता है? इन्हें डिजाइन कौन करता है? और जब कोई हादसा होता है, तो आखिर सजा किसे मिलती है?’ आखिर में उन्होंने लिखा, ‘शहरी भारत में हम सभी ऐसी इमारतों में रह रहे हैं जो संभावित आग का खतरा बनी हुई हैं। हम अपने परिवारों के साथ मानो हर दिन किस्मत का खेल खेल रहे हैं। किसी को नहीं पता कि अगला नंबर किसका होगा।’ सोनू सूद बोले- क्लासरूम सपनों की दुनिया होनी चाहिए, अंतिम पड़ाव की नहीं
एक्टर सोनू सूद ने घटना के बाद भावुक होकर लिखा है, ‘क्लासरूप बच्चों के सपनों की दुनिया होनी चाहिए उनका अंतिम पड़ाव नहीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, एक क्लासरूम बच्चों के सपनों को उड़ान देने की जगह होनी चाहिए, उनका अंतिम पड़ाव नहीं। लखनऊ में हुई आग की इस दुखद घटना ने दिल तोड़ दिया है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘कितनी मासूम जिंदगियां, कितने सपने एक पल में खत्म हो गए। वे बच्चे, जो आगे चलकर अधिकारी, कलाकार, नेता और समाज में बदलाव लाने वाले लोग बन सकते थे, उनका सफर शुरू होने से पहले ही थम गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया है, उनके दर्द को कम करने के लिए शब्द भी छोटे पड़ जाते हैं। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं और उन लोगों के लिए भी प्रार्थना है जो अभी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं।’ ‘हम इन बच्चों के सिर्फ आंसुओं के नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य के भी कर्जदार हैं। हमें ऐसे सुरक्षित स्कूल, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नियम सुनिश्चित करने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।’ अग्निकांड में हुई 15 लोगों की मौत, इनमें ज्यादातर कोचिंग के स्टूडेंट यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर 2:15 बजे बड़ा हादसा हो गया। अलीगंज इलाके में हुए अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर कोचिंग के स्टूडेंट हैं। आग से बचने के लिए कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया तो कोई पहले फ्लोर से कूद गया। कई छात्र तार से लटककर नीचे उतरे। इंसानों के साथ जानवर भी इस भीषण आग फंस गए। देखिए लखनऊ अग्निकांड की तस्वीरें-

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