Monday, 24 Aug 2026 | 11:11 AM

Trending :

Iran To Collect Toll From Ships In Hormuz Strait ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी:रियाल और पसंद की करेंसी में पेमेंट लेगा; बदले में सुरक्षा और इंश्योरेंस देगा आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं केरल की केजिया लीज मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया:इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, सुष्मिता सेन और उर्वशी रौतेला बनी जज Badminton World Championship Bronze | Jaishankar Russia Visit News
EXCLUSIVE

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

जेसी मिल से जुड़े लंबे समय से लंबित कंपनी प्रकरण में ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आधिकारिक परिसमापक की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डाक एवं कूरियर से भेजे गए पत्रों की विधिवत रसीदें और प्राप्ति पावती भी रिकॉर्ड पर पेश की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान आधिकारिक परिसमापक की ओर से डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें डाक रसीदें संलग्न नहीं थीं और न ही संबंधित पत्रों की प्राप्ति संबंधी पावती दर्ज थी। जिन पत्रों को कूरियर से भेजे जाने का उल्लेख किया गया, उनके संबंध में भी कोई रसीद या प्राप्ति प्रमाण न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया गया। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया। न्यायालय ने आग्रह स्वीकार करते हुए 10 दिन का समय दिया और निर्देशित किया कि डाक रसीदें, प्राप्ति पावती और कूरियर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं। कूरियर सेवा पर ‘प्रेजम्पशन’ किस धारा में? न्यायालय ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कूरियर से भेजे गए पत्रों के मामले में सेवा की धारणा किस कानूनी प्रावधान के तहत मानी जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि केवल उल्लेख भर से सेवा मान लेना उचित नहीं होगा, जब तक कि उसका विधिसम्मत प्रमाण उपलब्ध न हो। कई पक्षकार रहे मौजूद सुनवाई के दौरान एमपीआईडीसी, स्टेट बैंक, यूको बैंक, राज्य शासन, कर्मचारियों और श्रमिकों की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैंकों ने लंबित याचिका में अपने आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है। 1997 से लंबित है कंपनी पिटीशन गौरतलब है कि जेसी मिल की कंपनी पिटीशन वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित है। मामले में मजदूरों की देनदारी का विवाद चल रहा है। राज्य शासन ने मिल की संपत्ति की नीलामी कर मजदूरों का बकाया भुगतान करने की पहल की थी, लेकिन प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण देनदारी पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। परिसमापक ने सुनवाई के दौरान तहसीलदार का एक पत्र भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना था कि उक्त पत्र की जानकारी सभी हितधारकों, सुरक्षित ऋणदाताओं और संबंधित पक्षों को औपचारिक रूप से भेजी गई थी और इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत हित या पक्षपात शामिल नहीं था। हालांकि न्यायालय ने दस्तावेजों के विधिसम्मत प्रमाण प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Rajasthan Royals' Vaibhav Sooryavanshi plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Rajasthan Royals in Guwahati, India, Monday, March 30, 2026. (AP Photo/Anupam Nath)

March 31, 2026/
7:45 am

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 07:45 IST पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भारत भर के राज्यों की नजर है। जो कोई भी...

फर्जी फाइल बनाने का दबाव, क्लर्क का सुसाइड:दतिया नपा CMO सहित 3 पर पत्नी ने FIR दर्ज कराई; मौत से पहले वीडियो बनाया था

April 20, 2026/
2:14 pm

दतिया नगर पालिका के स्थापना लिपिक दिलीप सिंह की आत्महत्या के मामले में सोमवार को बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक...

Pakistan vs Australia Live Cricket Score, 2nd ODI: Stay updated with PAK vs AUS Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Gaddafi Stadium in Lahore. (Picture Credit: X/@cricketcomau)

June 2, 2026/
8:37 pm

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 20:37 IST चुनाव में हार के बाद से, पार्टी आंतरिक तनाव के संकेतों और अपने नेतृत्व...

‘धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल पर उठा सवाल:शोभा डे बोलीं- प्रमोशन में किरदार और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर किया गया पेश

March 1, 2026/
7:46 pm

राइटर-कॉलमिस्ट शोभा डे ने फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल को लेकर हो रही हाइप पर सवाल उठाया। एक...

इंदौर में जहरीली गैस फैली, 5 की तबीयत बिगड़ी:लोगों को सांस लेने में परेशानी, उल्टियां हुई; घरों से बाहर निकले लोग

February 26, 2026/
10:30 pm

इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात अमोनिया गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस...

दुनिया में छाया नॉर्वे टीम का ‘वाइकिंग रो’सेलिब्रेशन:छह महीने पहले पब में हुई थी शुरुआत; वाइकिंग का अर्थ घर से बाहर जाकर जीतना

July 2, 2026/
12:38 pm

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे के फुटबॉल फैंस का ‘वाइकिंग रो’ (Viking Row) सेलिब्रेशन पूरी दुनिया में छा गया...

राजनीति

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

जेसी मिल से जुड़े लंबे समय से लंबित कंपनी प्रकरण में ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आधिकारिक परिसमापक की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डाक एवं कूरियर से भेजे गए पत्रों की विधिवत रसीदें और प्राप्ति पावती भी रिकॉर्ड पर पेश की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान आधिकारिक परिसमापक की ओर से डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें डाक रसीदें संलग्न नहीं थीं और न ही संबंधित पत्रों की प्राप्ति संबंधी पावती दर्ज थी। जिन पत्रों को कूरियर से भेजे जाने का उल्लेख किया गया, उनके संबंध में भी कोई रसीद या प्राप्ति प्रमाण न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया गया। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया। न्यायालय ने आग्रह स्वीकार करते हुए 10 दिन का समय दिया और निर्देशित किया कि डाक रसीदें, प्राप्ति पावती और कूरियर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं। कूरियर सेवा पर ‘प्रेजम्पशन’ किस धारा में? न्यायालय ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कूरियर से भेजे गए पत्रों के मामले में सेवा की धारणा किस कानूनी प्रावधान के तहत मानी जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि केवल उल्लेख भर से सेवा मान लेना उचित नहीं होगा, जब तक कि उसका विधिसम्मत प्रमाण उपलब्ध न हो। कई पक्षकार रहे मौजूद सुनवाई के दौरान एमपीआईडीसी, स्टेट बैंक, यूको बैंक, राज्य शासन, कर्मचारियों और श्रमिकों की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैंकों ने लंबित याचिका में अपने आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है। 1997 से लंबित है कंपनी पिटीशन गौरतलब है कि जेसी मिल की कंपनी पिटीशन वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित है। मामले में मजदूरों की देनदारी का विवाद चल रहा है। राज्य शासन ने मिल की संपत्ति की नीलामी कर मजदूरों का बकाया भुगतान करने की पहल की थी, लेकिन प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण देनदारी पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। परिसमापक ने सुनवाई के दौरान तहसीलदार का एक पत्र भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना था कि उक्त पत्र की जानकारी सभी हितधारकों, सुरक्षित ऋणदाताओं और संबंधित पक्षों को औपचारिक रूप से भेजी गई थी और इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत हित या पक्षपात शामिल नहीं था। हालांकि न्यायालय ने दस्तावेजों के विधिसम्मत प्रमाण प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.