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मृणाल ठाकुर के भाई धवल कास्टिंग स्कैम से बचे,:बोले- पोर्टफोलियो और कार्ड के नाम पर 20 हजार मांगे, तभी समझ गया पैसे ऐंठने का खेल

मृणाल ठाकुर के भाई धवल कास्टिंग स्कैम से बचे,:बोले- पोर्टफोलियो और कार्ड के नाम पर 20 हजार मांगे, तभी समझ गया पैसे ऐंठने का खेल

वेब सीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ के दूसरे सीजन को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस मौके पर लीड कलाकार धवल ठाकुर और संचिता बसु ने दैनिक भास्कर से अपने स्ट्रगल, सोशल मीडिया से फिल्मों तक के सफर, कास्टिंग स्कैम, शूटिंग के किस्सों और प्यार पर खुलकर बात की। सवाल: ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ का ऑफर मिला तो सबसे पहला ख्याल क्या आया? जवाब/धवल ठाकुर: मेरे लिए सबसे बड़ी बात यही थी कि इतना अच्छा मौका मिला था। मैं जल्द से जल्द स्क्रिप्ट पढ़कर किरदार की तैयारी शुरू करना चाहता था। कोशिश यही थी कि इस किरदार के साथ पूरी ईमानदारी रखूं। संचिता बसु: मुझे शुरुआत से ही शानवी का किरदार बहुत पसंद आया। मैं गर्ल्स स्कूल में पढ़ी हूं, इसलिए कॉलेज लाइफ कभी जी नहीं पाई। इस किरदार के जरिए लगा कि वह अनुभव भी जी सकूंगी। सवाल: पहली बार जब आप दोनों मिले, तब एक-दूसरे के बारे में क्या सोच थी? जवाब/धवल ठाकुर: हमारी पहली मुलाकात ऑडिशन के दौरान हुई थी। वहीं से प्रोफेशनल रिश्ता शुरू हुआ। बाद में वर्कशॉप और स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान दोस्ती हुई, जिसने हमारी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री मजबूत बनाई। संचिता बसु: पहली बार मिले तो धवल बहुत शांत लगे। बाद में पता चला कि वे बेहद अच्छे इंसान हैं। दो साल साथ काम करते-करते हमारी अंडरस्टैंडिंग इतनी अच्छी हो गई कि कई बार बिना बोले भी एक-दूसरे की बात समझ जाते हैं। सवाल: इस सीरीज तक पहुंचने का मौका कैसे मिला? जवाब/धवल ठाकुर: बॉम्बे शो स्टूडियोज से कॉल आया। किरदार की जानकारी और कुछ सीन भेजे गए। फिर सचिन सर और कमल सर से मुलाकात हुई। ऑडिशन दिया और चयन हो गया। संचिता बसु: उस समय मैं हैदराबाद में तेलुगु फिल्म की शूटिंग कर रही थी। जियो हॉटस्टार की तरफ से ऑडिशन का मेल आया। मैंने वहीं से ऑडिशन रिकॉर्ड कर भेजा और करीब 15 दिन बाद सिलेक्शन का कॉल आया। सवाल: सोशल मीडिया से फिल्मों तक का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब/संचिता बसु: मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्टिंग मेरा करियर बनेगी। नौवीं क्लास में शौक से वीडियो बनाती थी। शुरुआत में महीनों तक व्यूज नहीं आए, लेकिन वीडियो बनाना नहीं छोड़ा। फिर एक दिन वीडियो वायरल हुआ और वहीं से जिंदगी बदलने लगी। इसी दौरान मेरी रील्स देखकर मुझे एक तेलुगु फिल्म का ऑफर मिला। शुरुआत में लगा कि यह फेक कॉल है, क्योंकि आजकल ऐसे कई फर्जी कॉल आते हैं। यकीन नहीं हुआ कि कोई फिल्म के लिए बुला रहा है। लेकिन मेरे मैनेजर और कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत झा ने भरोसा दिलाया कि सब कुछ असली है। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जिस फिल्म के लिए मुझे चुना गया, उसकी शूटिंग पहले दूसरी अभिनेत्री के साथ पूरी हो चुकी थी। बाद में मेकर्स ने नया चेहरा लेने का फैसला किया और पूरी फिल्म मेरे साथ दोबारा शूट की। उस वक्त मैं 11वीं क्लास में पढ़ती थी। भागलपुर से हैदराबाद शूटिंग के लिए जाती थी और लौटकर ऑनलाइन परीक्षा भी देती थी। मेरे लिए यह किसी सपने से कम नहीं था। सवाल: धवल, आपकी बहन मृणाल ठाकुर पहले से इंडस्ट्री में हैं। इसके बावजूद क्या आपने अपने स्ट्रगल के दौरान फेक ऑडिशन या कास्टिंग स्कैम का सामना किया? जवाब/धवल ठाकुर: बिल्कुल। मैं कास्टिंग स्कैम का शिकार होते-होते बचा हूं। कॉलेज के दिनों में सोशल मीडिया पर कास्टिंग पोस्ट देखकर ऑडिशन देने पहुंचा। वहां 10, 15 और 20 हजार रुपए के पैकेज दिखाए गए। कहा गया कि पहले पोर्टफोलियो और कार्ड बनवाइए, तभी काम मिलेगा। मेरे साथ ऐसा दो बार हुआ। तभी समझ आया कि यह ऑडिशन नहीं, नए कलाकारों से पैसे ऐंठने का तरीका है। बाद में कुछ एक्टर्स मिले, जिन्होंने मुझे जेन्युइन कास्टिंग ग्रुप से जोड़ा। वहीं से सही ऑडिशन मिलने शुरू हुए। मैं नए कलाकारों से कहना चाहूंगा कि ऑडिशन के नाम पर कभी पैसे न दें। असली कास्टिंग डायरेक्टर कभी पैसे नहीं मांगते। सवाल: संचिता आपको परिवार का साथ कितना मिला? जवाब/संचिता बसु: मम्मी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं। लेकिन पापा को काफी समय तक पता नहीं था कि मैं वीडियो बनाती हूं। कोरोना के दौरान ज़ी म्यूजिक के एक गाने में मौका मिला। अखबार में खबर छपने के बाद उन्हें पहली बार पता चला कि मैं इस फील्ड में काम कर रही हूं। शुरुआत में उन्हें चिंता थी, लेकिन ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ रिलीज होने के बाद उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। सवाल: इस सीरीज के बाद मिला सबसे खास कॉम्प्लिमेंट कौन-सा था? जवाब/संचिता बसु: मेरे लिए सबसे खास कॉम्प्लिमेंट पापा का था। उन्होंने पूरी सीरीज देखने के बाद सिर्फ इतना कहा, “बहुत अच्छा किया।” वो ज्यादा बोलते नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की खुशी ही मेरे लिए सबसे बड़ा इनाम थी। धवल ठाकुर: परिवार ने कहा कि स्क्रीन पर मुझे देखकर बिल्कुल नहीं लगा कि मैं धवल हूं। ऐसा लगा जैसे उत्तर प्रदेश के किसी गांव का लड़का सामने खड़ा है। एक अभिनेता के लिए इससे बड़ा कॉम्प्लिमेंट नहीं हो सकता। सवाल: शूटिंग का सबसे मजेदार किस्सा कौन-सा रहा? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन के लिए मुझे बाइक चलाना सीखना पड़ा। शूटिंग के दौरान मैं कई बार बाइक से गिर गई। जब भी धवल पीछे बैठते थे, मैं उनसे कहती थी, “जब मैं बोलूं, तुरंत ब्रेक दबा देना।” धवल ठाकुर (हंसते हुए): मैं उनसे कहता था, “मेरे पैर लंबे हैं, मुझे कुछ नहीं होगा। तू बस अपनी चिंता कर।” पूरी यूनिट को पता था कि मुझे बाइक चलाने का ज्यादा अनुभव नहीं था। जिस दिन बाइक वाला सीन होता था, सब पहले से अलर्ट रहते थे। सवाल: दो सीजन साथ काम करने के बाद आपने एक-दूसरे से क्या सीखा? जवाब/संचिता बसु: दो साल साथ काम करने के बाद हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने लगे हैं। धवल से मैंने सीखा कि किसी भी सीन को करते समय पहले उसकी जरूरत समझनी चाहिए। तब अभिनय अपने आप आसान हो जाता है। धवल ठाकुर: संचिता की सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें कोई नई चीज बताई जाए तो वह उसे सीखने की पूरी कोशिश करती हैं। मैंने उनसे शूटिंग के साथ सोशल मीडिया मैनेज करना सीखा। छुट्टी वाले दिन भी वह खुद रील शूट, एडिट और पोस्ट करती थीं। उनकी मेहनत मैंने बहुत करीब से देखी है। सवाल: अगर असल जिंदगी में कोई आपका प्यार ठुकरा दे तो क्या करेंगे? जवाब/धवल ठाकुर: मैं बदला लेने में विश्वास नहीं करता। माफ करके आगे बढ़ जाना सबसे अच्छा रास्ता है। अगर आप सिर्फ किसी को कुछ साबित करने के लिए काम कर रहे हैं, तो वह ज्यादा दिन नहीं चल सकता। अपने लिए काम करना ज्यादा जरूरी है। संचिता बसु: मैं भी बदला नहीं लूंगी। शायद थोड़ा रो लूं, लेकिन फिर आगे बढ़ जाऊंगी। हर चीज का जवाब गुस्से से नहीं दिया जा सकता। सवाल: दर्शकों को ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ सीजन-2 क्यों देखना चाहिए? जवाब/संचिता बसु: लोगों ने पहले सीजन की तरह दूसरे सीजन को भी बहुत प्यार दिया है। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि दो लोगों की अलग-अलग परिस्थितियों और भावनाओं की कहानी है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को आगे के एपिसोड भी पसंद आएंगे। धवल ठाकुर: कुलदीप और शानवी दोनों परफेक्ट किरदार नहीं हैं। उनसे भी गलतियां होती हैं और यही उन्हें असली बनाती है। शायद इसी वजह से लोग खुद को इन किरदारों से जोड़ पाते हैं। सवाल: आने वाले प्रोजेक्ट्स में क्या देखने को मिलेगा? जवाब/संचिता बसु: मैं नई तेलुगु फिल्म पर काम कर रही हूं। उम्मीद है कि जल्द ही उसके बारे में आधिकारिक घोषणा होगी। धवल ठाकुर: मेरी एक इंडिपेंडेंट फिल्म आने वाली है। अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकता, लेकिन इस साल दर्शकों को जरूर देखने मिलेगी। कुछ और प्रोजेक्ट्स भी लाइनअप में हैं। सवाल: क्या तीसरे सीजन की भी उम्मीद रखनी चाहिए? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन-2 पूरा देख लीजिए। उसके बाद क्या होगा, यह वक्त बताएगा। धवल ठाकुर: दर्शकों ने जिस तरह दोनों सीजन को प्यार दिया है, उसके लिए दिल से शुक्रिया। हर शुक्रवार नए एपिसोड देखिए और अपना प्यार बनाए रखिए।

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जवाब/धवल ठाकुर: बॉम्बे शो स्टूडियोज से कॉल आया। किरदार की जानकारी और कुछ सीन भेजे गए। फिर सचिन सर और कमल सर से मुलाकात हुई। ऑडिशन दिया और चयन हो गया। संचिता बसु: उस समय मैं हैदराबाद में तेलुगु फिल्म की शूटिंग कर रही थी। जियो हॉटस्टार की तरफ से ऑडिशन का मेल आया। मैंने वहीं से ऑडिशन रिकॉर्ड कर भेजा और करीब 15 दिन बाद सिलेक्शन का कॉल आया। सवाल: सोशल मीडिया से फिल्मों तक का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब/संचिता बसु: मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्टिंग मेरा करियर बनेगी। नौवीं क्लास में शौक से वीडियो बनाती थी। शुरुआत में महीनों तक व्यूज नहीं आए, लेकिन वीडियो बनाना नहीं छोड़ा। फिर एक दिन वीडियो वायरल हुआ और वहीं से जिंदगी बदलने लगी। इसी दौरान मेरी रील्स देखकर मुझे एक तेलुगु फिल्म का ऑफर मिला। शुरुआत में लगा कि यह फेक कॉल है, क्योंकि आजकल ऐसे कई फर्जी कॉल आते हैं। यकीन नहीं हुआ कि कोई फिल्म के लिए बुला रहा है। लेकिन मेरे मैनेजर और कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत झा ने भरोसा दिलाया कि सब कुछ असली है। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जिस फिल्म के लिए मुझे चुना गया, उसकी शूटिंग पहले दूसरी अभिनेत्री के साथ पूरी हो चुकी थी। बाद में मेकर्स ने नया चेहरा लेने का फैसला किया और पूरी फिल्म मेरे साथ दोबारा शूट की। उस वक्त मैं 11वीं क्लास में पढ़ती थी। भागलपुर से हैदराबाद शूटिंग के लिए जाती थी और लौटकर ऑनलाइन परीक्षा भी देती थी। मेरे लिए यह किसी सपने से कम नहीं था। सवाल: धवल, आपकी बहन मृणाल ठाकुर पहले से इंडस्ट्री में हैं। इसके बावजूद क्या आपने अपने स्ट्रगल के दौरान फेक ऑडिशन या कास्टिंग स्कैम का सामना किया? 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जवाब/संचिता बसु: मेरे लिए सबसे खास कॉम्प्लिमेंट पापा का था। उन्होंने पूरी सीरीज देखने के बाद सिर्फ इतना कहा, “बहुत अच्छा किया।” वो ज्यादा बोलते नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की खुशी ही मेरे लिए सबसे बड़ा इनाम थी। धवल ठाकुर: परिवार ने कहा कि स्क्रीन पर मुझे देखकर बिल्कुल नहीं लगा कि मैं धवल हूं। ऐसा लगा जैसे उत्तर प्रदेश के किसी गांव का लड़का सामने खड़ा है। एक अभिनेता के लिए इससे बड़ा कॉम्प्लिमेंट नहीं हो सकता। सवाल: शूटिंग का सबसे मजेदार किस्सा कौन-सा रहा? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन के लिए मुझे बाइक चलाना सीखना पड़ा। शूटिंग के दौरान मैं कई बार बाइक से गिर गई। जब भी धवल पीछे बैठते थे, मैं उनसे कहती थी, “जब मैं बोलूं, तुरंत ब्रेक दबा देना।” धवल ठाकुर (हंसते हुए): मैं उनसे कहता था, “मेरे पैर लंबे हैं, मुझे कुछ नहीं होगा। तू बस अपनी चिंता कर।” पूरी यूनिट को पता था कि मुझे बाइक चलाने का ज्यादा अनुभव नहीं था। जिस दिन बाइक वाला सीन होता था, सब पहले से अलर्ट रहते थे। सवाल: दो सीजन साथ काम करने के बाद आपने एक-दूसरे से क्या सीखा? जवाब/संचिता बसु: दो साल साथ काम करने के बाद हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने लगे हैं। धवल से मैंने सीखा कि किसी भी सीन को करते समय पहले उसकी जरूरत समझनी चाहिए। तब अभिनय अपने आप आसान हो जाता है। धवल ठाकुर: संचिता की सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें कोई नई चीज बताई जाए तो वह उसे सीखने की पूरी कोशिश करती हैं। मैंने उनसे शूटिंग के साथ सोशल मीडिया मैनेज करना सीखा। छुट्टी वाले दिन भी वह खुद रील शूट, एडिट और पोस्ट करती थीं। उनकी मेहनत मैंने बहुत करीब से देखी है। सवाल: अगर असल जिंदगी में कोई आपका प्यार ठुकरा दे तो क्या करेंगे? जवाब/धवल ठाकुर: मैं बदला लेने में विश्वास नहीं करता। माफ करके आगे बढ़ जाना सबसे अच्छा रास्ता है। अगर आप सिर्फ किसी को कुछ साबित करने के लिए काम कर रहे हैं, तो वह ज्यादा दिन नहीं चल सकता। अपने लिए काम करना ज्यादा जरूरी है। संचिता बसु: मैं भी बदला नहीं लूंगी। शायद थोड़ा रो लूं, लेकिन फिर आगे बढ़ जाऊंगी। हर चीज का जवाब गुस्से से नहीं दिया जा सकता। सवाल: दर्शकों को ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ सीजन-2 क्यों देखना चाहिए? जवाब/संचिता बसु: लोगों ने पहले सीजन की तरह दूसरे सीजन को भी बहुत प्यार दिया है। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि दो लोगों की अलग-अलग परिस्थितियों और भावनाओं की कहानी है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को आगे के एपिसोड भी पसंद आएंगे। धवल ठाकुर: कुलदीप और शानवी दोनों परफेक्ट किरदार नहीं हैं। उनसे भी गलतियां होती हैं और यही उन्हें असली बनाती है। शायद इसी वजह से लोग खुद को इन किरदारों से जोड़ पाते हैं। सवाल: आने वाले प्रोजेक्ट्स में क्या देखने को मिलेगा? जवाब/संचिता बसु: मैं नई तेलुगु फिल्म पर काम कर रही हूं। उम्मीद है कि जल्द ही उसके बारे में आधिकारिक घोषणा होगी। धवल ठाकुर: मेरी एक इंडिपेंडेंट फिल्म आने वाली है। अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकता, लेकिन इस साल दर्शकों को जरूर देखने मिलेगी। कुछ और प्रोजेक्ट्स भी लाइनअप में हैं। सवाल: क्या तीसरे सीजन की भी उम्मीद रखनी चाहिए? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन-2 पूरा देख लीजिए। उसके बाद क्या होगा, यह वक्त बताएगा। धवल ठाकुर: दर्शकों ने जिस तरह दोनों सीजन को प्यार दिया है, उसके लिए दिल से शुक्रिया। हर शुक्रवार नए एपिसोड देखिए और अपना प्यार बनाए रखिए।

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