Monday, 12 Oct 2026 | 09:08 PM

Trending :

EXCLUSIVE

नेपाल में फिर बाढ़ की संभावना, बिहार में आएगी तबाही?:गंगा और गंडक उफन रहीं, अबकी ग्लेशियर टूटा तो नियंत्रण में नहीं रहेंगे हालात

नेपाल में फिर बाढ़ की संभावना, बिहार में आएगी तबाही?:गंगा और गंडक उफन रहीं, अबकी ग्लेशियर टूटा तो नियंत्रण में नहीं रहेंगे हालात

‘हालात काबू में हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।’ नेपाल में तबाही के बाद CM सम्राट चौधरी के इस बयान ने बिहार के 21 जिलों के लोगों को फौरी तौर पर राहत तो दी है। लेकिन साथ ही आगे की चुनौती के लिए भी आगाह कर दिया है। नेपाल में क्या फिर तबाही आने वाली है, अगर आई तो बिहार का क्या होगा, गंगा-गंडक-कोसी में क्या चल रहा, समझेंगे; बूझे की नाही में…। क्या नेपाल में फिर से बाढ़ आने की संभावना है? वैज्ञानिकों ने आगे के खतरे से इनकार नहीं किया है। एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि घाटी की अस्थिर ढलानें और आंशिक रूप से ढहा हुआ ग्लेशियर आने वाले दिनों में मलबे के नए बहाव से दूसरी बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है। नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने कहा कि ल्हेन्डे नदी अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुई है। ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) ने कहा कि बादलों के ढके होने के कारण क्षेत्र की उपग्रह से निगरानी करने में भी दिक्कत आई है। वहीं, काठमांडू यूनिवर्सिटी के जलवायु शोधकर्ता और प्रोफेसर रिजन भक्त कायस्थ ने कहा, ‘शुरुआत में चिंता थी कि ऊपर की ओर एक और बड़ी झील बन सकती है, लेकिन अभी तक ऐसी झील के अस्तित्व की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।’ कायस्थ ने कहा, ‘जोखिम अभी भी बना हुआ है। बढ़ता तापमान ग्लेशियरों के पिघलने, बर्फ और चट्टानों के टूटने तथा हिमालय में हिमस्खलन की संभावना को बढ़ाता है। लेकिन हम सटीक रूप से यह नहीं कह सकते कि अगली घटना कहां होगी।’ नेपाल में ग्लेशियर टूटेगा तो बिहार को खतरा क्यों बिहार से करीब 400 फीट की ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित नेपाल की सभी नदियों का पानी घूम फिर कर बिहार ही आता है। इससे नदियों के 3 रूट से ऐसे समझिए… रूट-1ः नेपाल की नारायणी से चंपारण, सारण तबाह रूट-2ः नेपाल की सप्तकोशी से सहरसा-सुपौल का एरिया प्रभावित रूट-3ः UP के रास्ते भी बिहार में आता है नेपाल का पानी मतलब यह कि नेपाल के उत्तर में हादसा हो या पश्चिम में सारा पानी बिहार ही पहुंचेगा। ऐसे में नेपाल की नदियों की हलचल का बिहार पर ज्यादा असर पड़ता है। अब नीचे के मैप से समझिए…नदियों का रूट …दूसरा ग्लेशियर टूटा तो क्या बिहार में बिगड़ेंगे हालात? बिल्कुल। अभी ताजा हालात है कि नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई बाढ़ के बाद बिहार के गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। वाल्मीकिनगर बैराज से हर घंटे औसतन डेढ़ लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंडक में 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, फ्लैश फ्लड आने की भी आशंका है। अब 2 कारणों से समझिए, कैसे बिगड़ सकते हैं हालात… 1. गंगा-गंडक उफान पर, पानी का बढ़ रहा दबाव बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, 27 अगस्त की शाम 4 बजे तक गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक, पटना में गंगा, खगड़िया में बुढ़ी गंडक, सीवान के दरौली में घाघरा, कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। नेपाल के पानी के कारण गंडक और गंगा में पानी का फ्लो बढ़ रहा है। खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक में पानी के कारण 20 पंचायतों में 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं। अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। CM सम्राट चौधरी ने 27 अगस्त को निरीक्षण करने के बाद कहा, ‘खतरा अभी टला नहीं है। भगवान की कृपा रही तो सब ठीक होगा।’ 2. अगले 5 दिन तक बिहार और नेपाल में बारिश का अलर्ट नेपाल और बिहार में अगले 5 दिन तक यानी 2 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 28 अगस्त को बिहार में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, 29 अगस्त से 2 सितंबर तक नेपाल और बिहार में रुक-रुक कर धीमी बारिश की चेतावनी दी गई है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ तो यह बिहार के गंडक, कोसी, गंगा के किनारे रहने वाले लोगों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। …लेकिन राहत की 2 बातें पहली- बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, नेपाल की सभी 22 नदियों का जलस्तर 27 अगस्त की शाम 5 बजे तक खतरे के निशान से नीचे हैं। खास बात है कि त्रिशूली यानी नारायणी और भोटेकोशी यानी सप्तकोशी नदी खतरे के निशान से क्रमशः 4 और 3 फीट नीचे बह रही है। मतलब अभी वहां नदियों में ज्यादा पानी नहीं है। अगर थोड़ी बारिश हुई भी तो नदियां उफान नहीं मारेंगी, बशर्ते ग्लेशियर या बादल न फट जाए। दूसरी- जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक बैराज का अपस्ट्रीम 353.770 फीट और डाउनस्ट्रीम 350.930 फीट है। जो तय मानक 362 फीट से करीब 8 फीट कम है। इसका मतलब हुआ कि अभी बैराज पर 8 फीट ज्यादा तक पानी स्टोर किया जा सकता है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम के पानी के स्तर में मामूली अंतर (2.84 फीट) बता रहा है कि बांध के गेट खुले हुए हैं और बांध पर ज्यादा दबाव नहीं है। मतलब पानी की गति सामान्य व नियंत्रित है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का विमान ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा:मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे

September 10, 2026/
7:30 am

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का विमान मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन की चपेट में आने से...

बशीर बद्र ने गजल को आम आदमी की जुबान बनाया:कुमार विश्वास बोले- वे जहां खड़े होते थे, मुशायरा वहीं से बड़ा हो जाता था

May 29, 2026/
11:18 am

उर्दू शायरी को आम लोगों की जुबान तक पहुंचाने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर 12 बजकर 35...

असम विधानसभा चुनाव 2026: असम विधानसभा चुनाव में डुबोया गया पारा, केंद्र में महिलाओं से मिला राजनीतिक विखंडन; गोगोई ने बीजेपी पर आधारित सैद्धांतिक आधार तैयार किया

March 22, 2026/
11:09 pm

असम में घोषणा के बाद से राजनीतिक मसाले तेज हो गए हैं। राज्य में राजनीतिक वाद्ययंत्रों के बीच गठबंधन और...

केतन मर्डर केस पर बोलीं कंगना रनोट:बच्चों के गलत कामों के लिए माता-पिता को दोषी ठहराना ठीक नहीं; मंगेतर सिया ने बॉयफ्रेंड के साथ की हत्या

June 26, 2026/
6:56 pm

रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल मर्डर केस पर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने...

AP EAMCET 2026 Results Date, Time Live Updates: Scorecards soon at cets.apsche.ap.gov.in.

June 2, 2026/
2:00 pm

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 14:00 IST यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अन्नामलाई एक जन आंदोलन शुरू...

UP के मुस्लिम परिवार ने उत्तराखंड में अपनाया हिंदू धर्म:गंगा में डुबकी लगाई-जनेऊ पहना, घाट किनारे खड़े संत के पैर चूमे

April 21, 2026/
2:59 pm

उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने आज हरिद्वार में हिंदू धर्म अपना लिया। नमामि गंगे घाट पर कई संतों...

People cross a road under umbrellas during heavy rainfall, in Mumbai, Tuesday, June 23, 2026. The city received rain showers as monsoon activity continued across parts of Maharashtra. (PTI)

June 24, 2026/
5:39 pm

आखरी अपडेट:24 जून, 2026, 17:39 IST नटराजन ने दावा किया कि वायरल फुटेज में कुछ लड़कियों के बीच असहजता दिखाई...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

नेपाल में फिर बाढ़ की संभावना, बिहार में आएगी तबाही?:गंगा और गंडक उफन रहीं, अबकी ग्लेशियर टूटा तो नियंत्रण में नहीं रहेंगे हालात

नेपाल में फिर बाढ़ की संभावना, बिहार में आएगी तबाही?:गंगा और गंडक उफन रहीं, अबकी ग्लेशियर टूटा तो नियंत्रण में नहीं रहेंगे हालात

‘हालात काबू में हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।’ नेपाल में तबाही के बाद CM सम्राट चौधरी के इस बयान ने बिहार के 21 जिलों के लोगों को फौरी तौर पर राहत तो दी है। लेकिन साथ ही आगे की चुनौती के लिए भी आगाह कर दिया है। नेपाल में क्या फिर तबाही आने वाली है, अगर आई तो बिहार का क्या होगा, गंगा-गंडक-कोसी में क्या चल रहा, समझेंगे; बूझे की नाही में…। क्या नेपाल में फिर से बाढ़ आने की संभावना है? वैज्ञानिकों ने आगे के खतरे से इनकार नहीं किया है। एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि घाटी की अस्थिर ढलानें और आंशिक रूप से ढहा हुआ ग्लेशियर आने वाले दिनों में मलबे के नए बहाव से दूसरी बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है। नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने कहा कि ल्हेन्डे नदी अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुई है। ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) ने कहा कि बादलों के ढके होने के कारण क्षेत्र की उपग्रह से निगरानी करने में भी दिक्कत आई है। वहीं, काठमांडू यूनिवर्सिटी के जलवायु शोधकर्ता और प्रोफेसर रिजन भक्त कायस्थ ने कहा, ‘शुरुआत में चिंता थी कि ऊपर की ओर एक और बड़ी झील बन सकती है, लेकिन अभी तक ऐसी झील के अस्तित्व की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।’ कायस्थ ने कहा, ‘जोखिम अभी भी बना हुआ है। बढ़ता तापमान ग्लेशियरों के पिघलने, बर्फ और चट्टानों के टूटने तथा हिमालय में हिमस्खलन की संभावना को बढ़ाता है। लेकिन हम सटीक रूप से यह नहीं कह सकते कि अगली घटना कहां होगी।’ नेपाल में ग्लेशियर टूटेगा तो बिहार को खतरा क्यों बिहार से करीब 400 फीट की ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित नेपाल की सभी नदियों का पानी घूम फिर कर बिहार ही आता है। इससे नदियों के 3 रूट से ऐसे समझिए… रूट-1ः नेपाल की नारायणी से चंपारण, सारण तबाह रूट-2ः नेपाल की सप्तकोशी से सहरसा-सुपौल का एरिया प्रभावित रूट-3ः UP के रास्ते भी बिहार में आता है नेपाल का पानी मतलब यह कि नेपाल के उत्तर में हादसा हो या पश्चिम में सारा पानी बिहार ही पहुंचेगा। ऐसे में नेपाल की नदियों की हलचल का बिहार पर ज्यादा असर पड़ता है। अब नीचे के मैप से समझिए…नदियों का रूट …दूसरा ग्लेशियर टूटा तो क्या बिहार में बिगड़ेंगे हालात? बिल्कुल। अभी ताजा हालात है कि नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई बाढ़ के बाद बिहार के गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। वाल्मीकिनगर बैराज से हर घंटे औसतन डेढ़ लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंडक में 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, फ्लैश फ्लड आने की भी आशंका है। अब 2 कारणों से समझिए, कैसे बिगड़ सकते हैं हालात… 1. गंगा-गंडक उफान पर, पानी का बढ़ रहा दबाव बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, 27 अगस्त की शाम 4 बजे तक गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक, पटना में गंगा, खगड़िया में बुढ़ी गंडक, सीवान के दरौली में घाघरा, कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। नेपाल के पानी के कारण गंडक और गंगा में पानी का फ्लो बढ़ रहा है। खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक में पानी के कारण 20 पंचायतों में 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं। अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। CM सम्राट चौधरी ने 27 अगस्त को निरीक्षण करने के बाद कहा, ‘खतरा अभी टला नहीं है। भगवान की कृपा रही तो सब ठीक होगा।’ 2. अगले 5 दिन तक बिहार और नेपाल में बारिश का अलर्ट नेपाल और बिहार में अगले 5 दिन तक यानी 2 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 28 अगस्त को बिहार में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, 29 अगस्त से 2 सितंबर तक नेपाल और बिहार में रुक-रुक कर धीमी बारिश की चेतावनी दी गई है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ तो यह बिहार के गंडक, कोसी, गंगा के किनारे रहने वाले लोगों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। …लेकिन राहत की 2 बातें पहली- बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, नेपाल की सभी 22 नदियों का जलस्तर 27 अगस्त की शाम 5 बजे तक खतरे के निशान से नीचे हैं। खास बात है कि त्रिशूली यानी नारायणी और भोटेकोशी यानी सप्तकोशी नदी खतरे के निशान से क्रमशः 4 और 3 फीट नीचे बह रही है। मतलब अभी वहां नदियों में ज्यादा पानी नहीं है। अगर थोड़ी बारिश हुई भी तो नदियां उफान नहीं मारेंगी, बशर्ते ग्लेशियर या बादल न फट जाए। दूसरी- जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक बैराज का अपस्ट्रीम 353.770 फीट और डाउनस्ट्रीम 350.930 फीट है। जो तय मानक 362 फीट से करीब 8 फीट कम है। इसका मतलब हुआ कि अभी बैराज पर 8 फीट ज्यादा तक पानी स्टोर किया जा सकता है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम के पानी के स्तर में मामूली अंतर (2.84 फीट) बता रहा है कि बांध के गेट खुले हुए हैं और बांध पर ज्यादा दबाव नहीं है। मतलब पानी की गति सामान्य व नियंत्रित है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.