Thursday, 10 Sep 2026 | 12:06 PM

Trending :

RRB Paramedical Staff Recruitment 2026 पार्टनर झगड़े के बाद चुप है तो पीछे न पड़ें:शांत होने का समय दें, भरोसा रखें; बार-बार हो तो खुलकर बात करें AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं मस्क पर डॉक्यूमेंट्री, पूर्व पत्नी-करीबियों के आरोप:सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं; महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन मानते हैं कन्नड़ एक्टर किरण राज पर शेर ने नहीं किया हमला:वायरल वीडियो अपकमिंग प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग का है
EXCLUSIVE

UP Flight Training Schools Grounded for Delhi BRICS Summit

UP Flight Training Schools Grounded for Delhi BRICS Summit

नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।

DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।

इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी।

BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।

दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें…

रेल भवन में की गई सजावट।

रेल भवन में की गई सजावट।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश

नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े।

NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है।

एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार

  • ब्रिक्स में क्या फैसला होगा: 11 देशों में सीमा पार डिजिटल सेवा सुगम बनाने के सिद्धांत मंजूर होेंगे। ऐसे में, बेंगलुरु की कोई छोटी कंपनी ब्राजील के कारोबारी का सॉफ्टवेयर संभाल सकेगी। गुरुग्राम का फिनटेक स्टार्टअप यूएई में सेवाएं दे पाएगा।
  • भारत की स्थिति क्या है: 2024 में ​दूसरे देशों में 269 अरब डॉलर (~24 लाख करोड़) की डिजिटल सेवाएं दीं। भारत का ग्लोबल शेयर 5.8% था। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और जर्मनी के बाद पांचवें स्थान पर है। चीन छठे स्थान पर है।
  • नए सिद्धांत अहम क्यों हैं: ब्रिक्स में बड़ा बाजार मिलेगा। 11 ब्रिक्स देशों की दुनिया में डिजिटल सेवा निर्यात में हिस्सेदारी 14% है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 48% है। सर्विस सुगम होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत को संभव है।
  • आम लोगों को क्या लाभ: छोटे कारोबार और पेशेवरों के लिए संभावनाएं बनेंगी। भारत में बैठ विदेशी ग्राहक से कमाई करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
  • क्या नौकरियां भी बढ़ेंगी: कंपनियों को नए बाजार मिले तो सॉफ्टवेयर, प्रबंधन, एआई, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, वित्तीय तकनीक और पेशेवर सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
  • क्या ईयू जैसा बाजार बनेगा: नहीं। यूरोपीय संघ (ईयू) में सदस्यों के बीच व्यापक कानूनी और संस्थागत ढांचा है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील जैसे बिल्कुल अलग राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक मॉडल वाले देश हैं।
  • भारत-चीन की होड़ बढ़ेगी: दोनों देशों में डेटा और डिजिटल मंचों से जुड़े नियम अलग हैं। भारत ऐसा ढांचा नहीं चाहेगा जिसमें किसी देश के डिजिटल मानक ब्रिक्स के साझा मानक बनें।

काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है।

BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह

BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी।

इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया।

जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना।

अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

——————– ये खबर भी पढ़ें…

ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे

भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है।

यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
चेन्नई की IPL में सबसे बड़ी जीत:संजू ने रोहित की बराबरी की, CSK ने मुंबई को सबसे ज्यादा 19 बार हराया; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

April 24, 2026/
5:02 am

चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2026 के 33वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 103 रन से हराकर अपनी सबसे बड़ी...

Kriti Sanon Jewelry Ad Controversy

August 26, 2026/
5:21 pm

25 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके...

BPCL issued a statement and said that the domestic households are given top priority.

March 12, 2026/
12:22 pm

आखरी अपडेट:मार्च 12, 2026, 12:22 IST जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर...

ईरान बोला- US एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत पर मिसाइलें दागीं:नुकसान के बाद दोनों जहाज इलाका छोड़कर भागे, ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे

September 6, 2026/
8:31 am

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक युद्धपोत पर...

Trump Unveils New Air Force One Luxury Jet

June 20, 2026/
6:29 pm

वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को नए एयर फोर्स वन प्लेन का अनावरण...

Iran Football Players Refugee Decision Changes

March 15, 2026/
10:52 am

17 मिनट पहले कॉपी लिंक ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला करने वाली सात ईरानी महिला फुटबॉल टीम की तीन...

अरिजीत सिंह के सपोर्ट में आए अदनान सामी:सिंगर बोले- प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया, उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें

May 17, 2026/
3:58 pm

सिंगर और कंपोजर अदनान सामी ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले का समर्थन किया है।...

राजनीति

UP Flight Training Schools Grounded for Delhi BRICS Summit

UP Flight Training Schools Grounded for Delhi BRICS Summit

नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।

DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।

इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी।

BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।

दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें…

रेल भवन में की गई सजावट।

रेल भवन में की गई सजावट।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश

नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े।

NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है।

एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार

  • ब्रिक्स में क्या फैसला होगा: 11 देशों में सीमा पार डिजिटल सेवा सुगम बनाने के सिद्धांत मंजूर होेंगे। ऐसे में, बेंगलुरु की कोई छोटी कंपनी ब्राजील के कारोबारी का सॉफ्टवेयर संभाल सकेगी। गुरुग्राम का फिनटेक स्टार्टअप यूएई में सेवाएं दे पाएगा।
  • भारत की स्थिति क्या है: 2024 में ​दूसरे देशों में 269 अरब डॉलर (~24 लाख करोड़) की डिजिटल सेवाएं दीं। भारत का ग्लोबल शेयर 5.8% था। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और जर्मनी के बाद पांचवें स्थान पर है। चीन छठे स्थान पर है।
  • नए सिद्धांत अहम क्यों हैं: ब्रिक्स में बड़ा बाजार मिलेगा। 11 ब्रिक्स देशों की दुनिया में डिजिटल सेवा निर्यात में हिस्सेदारी 14% है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 48% है। सर्विस सुगम होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत को संभव है।
  • आम लोगों को क्या लाभ: छोटे कारोबार और पेशेवरों के लिए संभावनाएं बनेंगी। भारत में बैठ विदेशी ग्राहक से कमाई करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
  • क्या नौकरियां भी बढ़ेंगी: कंपनियों को नए बाजार मिले तो सॉफ्टवेयर, प्रबंधन, एआई, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, वित्तीय तकनीक और पेशेवर सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
  • क्या ईयू जैसा बाजार बनेगा: नहीं। यूरोपीय संघ (ईयू) में सदस्यों के बीच व्यापक कानूनी और संस्थागत ढांचा है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील जैसे बिल्कुल अलग राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक मॉडल वाले देश हैं।
  • भारत-चीन की होड़ बढ़ेगी: दोनों देशों में डेटा और डिजिटल मंचों से जुड़े नियम अलग हैं। भारत ऐसा ढांचा नहीं चाहेगा जिसमें किसी देश के डिजिटल मानक ब्रिक्स के साझा मानक बनें।

काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है।

BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह

BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी।

इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया।

जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना।

अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

——————– ये खबर भी पढ़ें…

ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे

भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है।

यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.