Wednesday, 08 Jul 2026 | 03:41 PM

Trending :

PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी UK की व्हिस्की-कारें भारत में 7 दिन बाद सस्ती मिलेंगी:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी सफलता के साथ कई रिश्ते पीछे छूट जाते हैं:इंद्रजीत लंकेश बोले- दीपिका को लॉन्च किया, फिर साथ काम करने की कोशिश नहीं की सफलता के साथ कई रिश्ते पीछे छूट जाते हैं:इंद्रजीत लंकेश बोले- दीपिका को लॉन्च किया, फिर साथ काम करने की कोशिश नहीं की Wealthy individuals are hiding their wealth in luxury safes; bunker-like security.
EXCLUSIVE

तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही:ट्रम्प के 50% टैरिफ के बावजूद इकोनॉमी मजबूत; कुक-ड्राइवर की कमाई भी अब GDP में शामिल

तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही:ट्रम्प के 50% टैरिफ के बावजूद इकोनॉमी मजबूत; कुक-ड्राइवर की कमाई भी अब GDP में शामिल

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को ये आंकड़े जारी किए। इस बार GDP की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। इस नई सीरीज के हिसाब से तिमाही में रियल जीडीपी 84.54 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपए थी। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जो पिछले साल 7.1% था। GDP ग्रोथ की मुख्य बातें ट्रम्प के टैरिफ और ग्लोबल दबाव के बीच राहत यह आंकड़े इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के बाद की पहली पूरी तिमाही है। ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की 7.8% की ग्रोथ रेट यह बताती है कि घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूती बनी हुई है। नौकरों, ड्राइवर और ई-वाहन डेटा भी शामिल किया GDP की नई सीरीज में 2022-23 को बेस ईयर बनाया गया है। आर्थिक अनुमानों को ज्यादा सटीक बनाने के लिए इसमें अब जीएसटी नेटवर्क, ई-वाहन डेटाबेस और घरों में काम करने वाले कुक, ड्राइवर और घरेलू नौकरों की सेवाओं से जुड़ा डेटा भी शामिल किया गया है। आमतौर पर हर 5 साल में बदला जाता है बेस-ईयर समय के साथ अर्थव्यवस्था में आने वाले बड़े बदलावों को दर्ज करने के लिए समय-समय पर बेस ईयर बदला जाता है। आमतौर पर मंत्रालय हर पांच साल में डेटा सीरीज को अपडेट करता है, लेकिन कोविड महामारी और जीएसटी लागू होने की वजह से इस काम में देरी हुई। 1950 तक के नए आंकड़े दिसंबर 2026 तक आएंगे सरकार सिर्फ नए आंकड़े ही नहीं जारी करेगी, बल्कि पुराने आंकड़ों को भी नए बेस ईयर के हिसाब से दोबारा कैलकुलेट करेगी। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि इस नए फ्रेमवर्क के तहत ‘बैक-सीरीज’ डेटा (1950-51 तक के आंकड़े) दिसंबर 2026 तक आने की उम्मीद है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है बेस ईयर बेस ईयर वह साल है जिसकी कीमतों को ‘फिक्स’ मानकर आज की आर्थिक तरक्की को मापा जाता है। यह महंगाई के असर को हटाकर देश की ‘असली’ ग्रोथ दिखाने में मदद करता है। उदाहरण: अगर 2011 में एक पेन 5 रुपए का था और आज 10 रुपए का है। अगर हम आज भी 100 पेन बना रहे हैं, तो 2011 के हिसाब से जीडीपी 500 रुपए दिखेगी। वहीं ये आज के हिसाब से 1000 रुपए होगी। बेस ईयर हमें यह समझने में मदद करता है कि हम पेन ज्यादा बना रहे हैं या सिर्फ पेन महंगा हो गया है। इकोनॉमी की सेहत बताती है GDP GDP यानी देश के भीतर एक तय समय में कितनी वैल्यू का सामान बना और कितनी सर्विसेज दी गईं। इसे देश की आर्थिक सेहत का ‘रिपोर्ट कार्ड’ भी कह सकते हैं। इसमें भारतीय कंपनियां ही नहीं, बल्कि देश में काम करने वाली विदेशी कंपनियों का प्रोडक्शन भी जोड़ा जाता है। दो तरह की GDP: रियल और नॉमिनल कैसे की जाती है जीडीपी की गिनती? जीडीपी निकालने के लिए एक खास फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है: $GDP = C + G + I + NX$ C (कंजम्प्शन): यानी हम और आप जो अपनी जरूरतों पर खर्च करते हैं। G (गवर्नमेंट): सरकार द्वारा देश के विकास और सुविधाओं पर किया गया खर्च। I (इन्वेस्टमेंट): कंपनियों द्वारा बिजनेस को बढ़ाने के लिए किया गया निवेश। NX (नेट एक्सपोर्ट): दूसरे देशों को बेचे गए सामान में से खरीदे गए सामान को घटाना।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भोपाल कोर्ट से रिहाई के बाद असलम की गिरफ्तारी:VIDEO:प्राइवेट कार में बैठा ले गए पुलिसकर्मी, एक घंटे तक कार में घुमाया, कार्रवाई की

March 19, 2026/
2:05 pm

नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकले मांस में गोमांस की पुष्टि के बाद गिरफ्तार असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को...

ask search icon

April 29, 2026/
7:48 pm

Last Updated:April 29, 2026, 19:48 IST Madar Benefits : हमारे गांवों और खेत-खलिहानों में आसानी से मिलने वाला मदार का...

16,839 नए मतदाता जुड़े, वोटरों की संख्या 11.11 लाख पार:राजगढ़ में अंतिम मतदाता सूची जारी, 2,554 नाम को हटाया, 7,504 में किया बदलाव

February 21, 2026/
5:11 pm

राजगढ़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। कलेक्टर और...

Vivek Oberois Intense Look Sparks 1000 Crore Club Buzz

February 27, 2026/
8:23 pm

23 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ के सुपरस्टार प्रभास की अपकमिंग फिल्म ‘स्पिरिट’ से बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय का पहला...

रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

April 8, 2026/
7:21 am

ग्वालियर के मुरार इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बारादरी ब्रांच में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली चोरी...

Ireland vs New Zealand Live Cricket Score, Only Test, Day 1: Latest updates  from first day's play in Belfast. (X)

May 27, 2026/
2:55 pm

आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 14:55 IST भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि फैसले ने चुनाव निकाय द्वारा शुरू की...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही:ट्रम्प के 50% टैरिफ के बावजूद इकोनॉमी मजबूत; कुक-ड्राइवर की कमाई भी अब GDP में शामिल

तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही:ट्रम्प के 50% टैरिफ के बावजूद इकोनॉमी मजबूत; कुक-ड्राइवर की कमाई भी अब GDP में शामिल

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को ये आंकड़े जारी किए। इस बार GDP की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। इस नई सीरीज के हिसाब से तिमाही में रियल जीडीपी 84.54 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपए थी। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जो पिछले साल 7.1% था। GDP ग्रोथ की मुख्य बातें ट्रम्प के टैरिफ और ग्लोबल दबाव के बीच राहत यह आंकड़े इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के बाद की पहली पूरी तिमाही है। ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की 7.8% की ग्रोथ रेट यह बताती है कि घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूती बनी हुई है। नौकरों, ड्राइवर और ई-वाहन डेटा भी शामिल किया GDP की नई सीरीज में 2022-23 को बेस ईयर बनाया गया है। आर्थिक अनुमानों को ज्यादा सटीक बनाने के लिए इसमें अब जीएसटी नेटवर्क, ई-वाहन डेटाबेस और घरों में काम करने वाले कुक, ड्राइवर और घरेलू नौकरों की सेवाओं से जुड़ा डेटा भी शामिल किया गया है। आमतौर पर हर 5 साल में बदला जाता है बेस-ईयर समय के साथ अर्थव्यवस्था में आने वाले बड़े बदलावों को दर्ज करने के लिए समय-समय पर बेस ईयर बदला जाता है। आमतौर पर मंत्रालय हर पांच साल में डेटा सीरीज को अपडेट करता है, लेकिन कोविड महामारी और जीएसटी लागू होने की वजह से इस काम में देरी हुई। 1950 तक के नए आंकड़े दिसंबर 2026 तक आएंगे सरकार सिर्फ नए आंकड़े ही नहीं जारी करेगी, बल्कि पुराने आंकड़ों को भी नए बेस ईयर के हिसाब से दोबारा कैलकुलेट करेगी। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि इस नए फ्रेमवर्क के तहत ‘बैक-सीरीज’ डेटा (1950-51 तक के आंकड़े) दिसंबर 2026 तक आने की उम्मीद है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है बेस ईयर बेस ईयर वह साल है जिसकी कीमतों को ‘फिक्स’ मानकर आज की आर्थिक तरक्की को मापा जाता है। यह महंगाई के असर को हटाकर देश की ‘असली’ ग्रोथ दिखाने में मदद करता है। उदाहरण: अगर 2011 में एक पेन 5 रुपए का था और आज 10 रुपए का है। अगर हम आज भी 100 पेन बना रहे हैं, तो 2011 के हिसाब से जीडीपी 500 रुपए दिखेगी। वहीं ये आज के हिसाब से 1000 रुपए होगी। बेस ईयर हमें यह समझने में मदद करता है कि हम पेन ज्यादा बना रहे हैं या सिर्फ पेन महंगा हो गया है। इकोनॉमी की सेहत बताती है GDP GDP यानी देश के भीतर एक तय समय में कितनी वैल्यू का सामान बना और कितनी सर्विसेज दी गईं। इसे देश की आर्थिक सेहत का ‘रिपोर्ट कार्ड’ भी कह सकते हैं। इसमें भारतीय कंपनियां ही नहीं, बल्कि देश में काम करने वाली विदेशी कंपनियों का प्रोडक्शन भी जोड़ा जाता है। दो तरह की GDP: रियल और नॉमिनल कैसे की जाती है जीडीपी की गिनती? जीडीपी निकालने के लिए एक खास फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है: $GDP = C + G + I + NX$ C (कंजम्प्शन): यानी हम और आप जो अपनी जरूरतों पर खर्च करते हैं। G (गवर्नमेंट): सरकार द्वारा देश के विकास और सुविधाओं पर किया गया खर्च। I (इन्वेस्टमेंट): कंपनियों द्वारा बिजनेस को बढ़ाने के लिए किया गया निवेश। NX (नेट एक्सपोर्ट): दूसरे देशों को बेचे गए सामान में से खरीदे गए सामान को घटाना।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.