Saturday, 24 Oct 2026 | 11:56 PM

Trending :

बच्चों के पार्क में ड्रग्स बेचने वालों का कब्जा:कुणाल कोहली ने जताई चिंता, बोले- बिना कपड़ों के सोते हैं लोग; मुंबई पुलिस से की शिकायत सलमान की ‘मातृभूमि’ को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं:दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी अटकी फिल्म; सेंसर सर्टिफिकेट और रिलीज डेट पर सस्पेंस कायम Kuldeep Rathore Success Story | JEE Advanced Failure to IIT Madras Startup टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा बीजेपी पर फिर भड़के नसीरुद्दीन शाह:अपशब्द कहते हुए झूठी पार्टी बताया; छात्रों को धमकाने और हॉस्टल खाली कराने का लगाया आरोप
EXCLUSIVE

एंजायटी और डिप्रेशन की दवाओं की लत क्यों लग जाती है? साइकेट्रिस्ट ने बताया इस बात में कितनी हकीकत

authorimg

Last Updated:

Truth About Antidepressants: एंजायटी और डिप्रेशन की अधिकतर दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन ये दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए. कुछ एंटी एंजायटी दवाएं गलत तरीके से या लंबे समय तक लेने पर डिपेंडेंसी पैदा कर सकती हैं. डॉक्टर की निगरानी में सही तरीके से लेने पर ये दवाएं प्रभावी और सुरक्षित रहती हैं. इनसे कोई नुकसान नहीं होता है.

Zoom

अगर सही तरीके से एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं ली जाएं, तो कोई नुकसान नहीं होता है.

Anxiety & Depression Treatment: आजकल मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. अधिकतर लोग इन परेशानियों को नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन कुछ लोग मेंटल हेल्थ को लेकर सीरियस हो रहे हैं. जितना मेंटल हेल्थ को लेकर अवरेयरनेस बढ़ी है, उतनी ही इसकी दवाओं से जुड़ी भ्रांतियां बढ़ गई हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस वक्त एंजायटी और डिप्रेशन सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित कर रहे हैं. इनका इलाज दवाओं से किया जाता है. अक्सर माना जाता है कि एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं लेने से लोगों को इनकी लत लग जाती है या शरीर इन दवाओं पर डिपेंडेंट हो जाता है. हालांकि डॉक्टर्स इन सभी बातों को खारिज करते हैं और इन्हें मेंटल डिजीज के इलाज में असरदार और सुरक्षित बताते हैं.

नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और सीनियर साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि मेंटल डिजीज कई तरह की होती हैं और उनके इलाज में अलग-अलग दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है. डिप्रेशन और एंजायटी की दवाओं का असर होने में थोड़ा वक्त लगता है और लक्षणों से जल्द राहत दिलाने के लिए मरीजों को शुरुआत में बेंजोडायजेपाइन जैसी दवाएं दी जाती हैं. ये दवाएं जल्द असर दिखाती हैं और मरीजों को राहत मिलती है. हालांकि इन दवाओं को कम वक्त के लिए दिया जाता है और फिर ज्यादा सुरक्षित दवाएं लेने की सलाह दी जाती है. कई बार लोग अपनी मर्जी से बेंजोडायजेपाइन जैसी दवाएं लेते रहते हैं या गलत तरीके से यूज करते हैं, जिससे उनका ब्रेन इन पर डिपेंडेंट हो सकता है. अगर इन दवाओं का उपयोग सही तरीके और कम समय के लिए किया जाए, तो इनसे किसी तरह का नुकसान नहीं होता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर कुकरेती ने बताया कि एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं काफी सुरक्षित होती हैं और इनसे एडिक्शन जैसा कोई खतरा नहीं होता है. यह लोगों को सिर्फ भ्रम है कि ये दवाएं लेने से उन्हें आदत लग सकती है. जिस तरह डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए लोगों को दवा लेनी पड़ती है, वैसे ही कुछ मरीजों का इलाज लंबा चलता है और उन्हें ये दवाएं लंबे समय तक लेनी पड़ती हैं. इसे डिपेंडेंसी या एडिक्शन समझना गलत है. इन दवाओं को लेकर समस्या तब शुरू होती है, जब मरीज डॉक्टर की निगरानी के बिना खुद ही इन दवाओं की मात्रा बढ़ा देते हैं या इन्हें महीनों तक अपनी मर्जी से लेते रहते हैं. किसी भी दवा को गलत तरीके से लेंगे, तो उसके साइड इफेक्ट जरूर देखने को मिलेंगे. इसलिए दवाओं को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है.

एक्सपर्ट की मानें तो कई बार मरीज अपनी मर्जी से अचानक दवाएं बंद कर देते हैं, जिसके बाद उन्हें घबराहट, पसीना आना या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं. इसे एंटीडिप्रेसेंट डिस्कन्टिन्युएशन सिंड्रोम कहा जाता है. ये दवाएं ब्रेन फंक्शन में बदलाव लाती हैं, इसलिए इन्हें अचानक बंद नहीं करना चाहिए. जब इन्हें अचानक बंद किया जाता है, तो मस्तिष्क को सामंजस्य बिठाने में समय लगता है. इसे अक्सर लोग विड्रॉल मान लेते हैं और लत समझ बैठते हैं. साइकेट्रिस्ट हमेशा सलाह देते हैं कि दवाओं को कभी भी अचानक बंद न करें, बल्कि उनकी खुराक को धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए. अगर प्रॉपर ट्रीटमेंट लेंगे, तो किसी भी दवा की न तो लत लगेगी और न ही शरीर को किसी तरह का नुकसान होगा.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
वॉलमार्ट का दांव- छोटे-बड़े हर ऑपरेशन में एआई तैनात:20 लाख कर्मचारियों वाला वॉलमार्ट एआई से रिटेल और शॉपिंग का तरीका बदल रहा

June 9, 2026/
1:19 pm

ग्लोबल रिटेल चेन वॉलमार्ट की सालाना मीटिंग में यह साफ हो गया है कि कंपनी बिजनेस की रफ्तार बढ़ाने के...

नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की

July 6, 2026/
12:20 pm

नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हो रहे रियलिटी शो लॉक-अप 2 में कंटेस्टेंट्स ने दिए जा रहे खाने की क्वालिटी पर संगीन...

authorimg

April 24, 2026/
6:57 pm

हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट में ब्लॉकेज जैसे तमाम हेल्थ कंडीशन से आपने लोगों को सामना करते देखा होगा, लेकिन...

मस्क पर डॉक्यूमेंट्री, पूर्व पत्नी-करीबियों के आरोप:सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं; महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन मानते हैं

September 10, 2026/
10:40 am

वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ऑस्कर विजेता निर्देशक एलेक्स गिब्नी की करीब चार घंटे लंबी डॉक्यूमेंट्री ने इलॉन मस्क की कहानी...

देशभर में ईद-उल-फित्र आज:राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने बधाई दी; अजमेर शरीफ दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया

March 21, 2026/
8:36 am

देशभर में आज ईद मनाई जा रही है। मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ने के लिए लोग इकट्‌ठे हो रहे...

TVK चीफ विजय आज फिर राज्यपाल से मिलेंगे:कल 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था, बहुमत के लिए 118 जरूरी; शाह आज बंगाल जाएंगे

May 7, 2026/
10:30 am

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली TVK सरकार गठन की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।...

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने चाकू से रेता अपना गला, देखें VIDEO:मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने खून से लथपथ शव देखा

March 19, 2026/
8:20 am

धार शहर के आनंद चौपाटी क्षेत्र में खून से लथपथ शव मिला। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पुलिस को...

धुरंधर एक्टर रणवीर को विक्की कौशल ने किया रिप्लेस:साउथ सुपरस्टार धनुष के ड्रीम प्रोजेक्ट में नई एंट्री, एस शंकर करेंगे फिल्म का निर्देशन

March 14, 2026/
4:35 pm

साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपरी’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

एंजायटी और डिप्रेशन की दवाओं की लत क्यों लग जाती है? साइकेट्रिस्ट ने बताया इस बात में कितनी हकीकत

authorimg

Last Updated:

Truth About Antidepressants: एंजायटी और डिप्रेशन की अधिकतर दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन ये दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए. कुछ एंटी एंजायटी दवाएं गलत तरीके से या लंबे समय तक लेने पर डिपेंडेंसी पैदा कर सकती हैं. डॉक्टर की निगरानी में सही तरीके से लेने पर ये दवाएं प्रभावी और सुरक्षित रहती हैं. इनसे कोई नुकसान नहीं होता है.

Zoom

अगर सही तरीके से एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं ली जाएं, तो कोई नुकसान नहीं होता है.

Anxiety & Depression Treatment: आजकल मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. अधिकतर लोग इन परेशानियों को नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन कुछ लोग मेंटल हेल्थ को लेकर सीरियस हो रहे हैं. जितना मेंटल हेल्थ को लेकर अवरेयरनेस बढ़ी है, उतनी ही इसकी दवाओं से जुड़ी भ्रांतियां बढ़ गई हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस वक्त एंजायटी और डिप्रेशन सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित कर रहे हैं. इनका इलाज दवाओं से किया जाता है. अक्सर माना जाता है कि एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं लेने से लोगों को इनकी लत लग जाती है या शरीर इन दवाओं पर डिपेंडेंट हो जाता है. हालांकि डॉक्टर्स इन सभी बातों को खारिज करते हैं और इन्हें मेंटल डिजीज के इलाज में असरदार और सुरक्षित बताते हैं.

नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और सीनियर साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि मेंटल डिजीज कई तरह की होती हैं और उनके इलाज में अलग-अलग दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है. डिप्रेशन और एंजायटी की दवाओं का असर होने में थोड़ा वक्त लगता है और लक्षणों से जल्द राहत दिलाने के लिए मरीजों को शुरुआत में बेंजोडायजेपाइन जैसी दवाएं दी जाती हैं. ये दवाएं जल्द असर दिखाती हैं और मरीजों को राहत मिलती है. हालांकि इन दवाओं को कम वक्त के लिए दिया जाता है और फिर ज्यादा सुरक्षित दवाएं लेने की सलाह दी जाती है. कई बार लोग अपनी मर्जी से बेंजोडायजेपाइन जैसी दवाएं लेते रहते हैं या गलत तरीके से यूज करते हैं, जिससे उनका ब्रेन इन पर डिपेंडेंट हो सकता है. अगर इन दवाओं का उपयोग सही तरीके और कम समय के लिए किया जाए, तो इनसे किसी तरह का नुकसान नहीं होता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर कुकरेती ने बताया कि एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं काफी सुरक्षित होती हैं और इनसे एडिक्शन जैसा कोई खतरा नहीं होता है. यह लोगों को सिर्फ भ्रम है कि ये दवाएं लेने से उन्हें आदत लग सकती है. जिस तरह डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए लोगों को दवा लेनी पड़ती है, वैसे ही कुछ मरीजों का इलाज लंबा चलता है और उन्हें ये दवाएं लंबे समय तक लेनी पड़ती हैं. इसे डिपेंडेंसी या एडिक्शन समझना गलत है. इन दवाओं को लेकर समस्या तब शुरू होती है, जब मरीज डॉक्टर की निगरानी के बिना खुद ही इन दवाओं की मात्रा बढ़ा देते हैं या इन्हें महीनों तक अपनी मर्जी से लेते रहते हैं. किसी भी दवा को गलत तरीके से लेंगे, तो उसके साइड इफेक्ट जरूर देखने को मिलेंगे. इसलिए दवाओं को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है.

एक्सपर्ट की मानें तो कई बार मरीज अपनी मर्जी से अचानक दवाएं बंद कर देते हैं, जिसके बाद उन्हें घबराहट, पसीना आना या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं. इसे एंटीडिप्रेसेंट डिस्कन्टिन्युएशन सिंड्रोम कहा जाता है. ये दवाएं ब्रेन फंक्शन में बदलाव लाती हैं, इसलिए इन्हें अचानक बंद नहीं करना चाहिए. जब इन्हें अचानक बंद किया जाता है, तो मस्तिष्क को सामंजस्य बिठाने में समय लगता है. इसे अक्सर लोग विड्रॉल मान लेते हैं और लत समझ बैठते हैं. साइकेट्रिस्ट हमेशा सलाह देते हैं कि दवाओं को कभी भी अचानक बंद न करें, बल्कि उनकी खुराक को धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए. अगर प्रॉपर ट्रीटमेंट लेंगे, तो किसी भी दवा की न तो लत लगेगी और न ही शरीर को किसी तरह का नुकसान होगा.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.