Monday, 06 Apr 2026 | 04:39 PM

Trending :

EXCLUSIVE

गर्दन का कालापन किन बीमारियों का संकेत? घरेलू उपचार से भी न हो ठीक तो जरूर चेक करवाएं ये चीज

authorimg

Last Updated:

क्या आपकी गर्दन का रंग धीरे-धीरे गहरा होता जा रहा है और घरेलू उपाय करने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा. अक्सर लोग इसे धूप, गंदगी या टैनिंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार गर्दन का कालापन शरीर में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन या थायरॉइड जैसी स्थितियां भी इसके पीछे वजह बन सकती हैं. ऐसे में अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो सिर्फ क्रीम और घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी जांच करवाना समझदारी है.

Zoom

गर्दन का कालापन अक्सर लोग धूल, धूप या साफ-सफाई की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह साधारण टैनिंग या डेड स्किन की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर गर्दन का रंग लगातार गहरा बना रहे और घरेलू उपायों से भी फर्क न पड़े, तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. इसलिए इस बदलाव को हल्के में लेना ठीक नहीं है.

सबसे आम कारणों में से एक है इंसुलिन रेजिस्टेंस, जो आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज का रूप ले सकता है. जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो त्वचा के कुछ हिस्सों पर काला और मोटा पैच बनने लगता है. इसे मेडिकल भाषा में एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है. यह समस्या आमतौर पर गर्दन, बगल या कोहनी के आसपास दिखती है. अगर गर्दन का कालापन त्वचा के मोटेपन और खुरदरापन के साथ नजर आए, तो ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए.

हार्मोनल असंतुलन भी गर्दन के कालेपन का कारण बन सकता है. खासकर पीसीओएस जैसी स्थितियों में महिलाओं को गर्दन और अन्य हिस्सों पर पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है. थायरॉइड गड़बड़ी भी त्वचा के रंग और बनावट पर असर डाल सकती है. ऐसे मामलों में केवल स्किन क्रीम लगाने से फायदा नहीं होता, बल्कि मूल कारण का इलाज जरूरी होता है.

मोटापा भी एक बड़ी वजह है. अधिक वजन के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे त्वचा पर काले धब्बे उभर सकते हैं. इसके अलावा लगातार रगड़, पसीना और टाइट कपड़े पहनने से भी गर्दन का रंग गहरा पड़ सकता है. हालांकि यह कारण अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर जांच कराना बेहतर है.

कुछ मामलों में विटामिन बी12 की कमी या अन्य पोषण संबंधी समस्याएं भी त्वचा के रंग में बदलाव ला सकती हैं. अगर गर्दन के साथ-साथ थकान, कमजोरी या बाल झड़ने जैसी दिक्कतें भी हों, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. बहुत ही दुर्लभ मामलों में गर्दन का अचानक और तेजी से काला होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए लक्षणों को समझना जरूरी है.

About the Author

authorimg

Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Ishan Kishan Fans Gorakhpur Connection; Video

February 22, 2026/
6:30 am

गणेश पाण्डेय । गोरखपुर3 घंटे पहले कॉपी लिंक भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईशान किशन और उनके फैंस का प्यारा...

IDBI Bank Specialist Officer Recruitment

March 27, 2026/
8:00 pm

8 घंटे पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी IDBI बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती, स्पोर्ट्स अथॉरिटी...

Bangladesh President Alleges Yunus Tried to Oust Him

February 23, 2026/
6:41 pm

ढाका9 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में अंतरिम सरकार के पूर्व मुखिया मोहम्मद...

बालाजी टेलीफिल्म्स, एलिप्सिस एंटरटेनमेंट और सुधीर चौधरी मिलकर फिल्म बनाएंगे:‘द टेरर रिपोर्ट’ पॉलिटिकल थ्रिलर होगी, इसमें भारत में हुए आतंकी हमलों और देश का रिएक्शन दिखेगा

March 24, 2026/
9:49 pm

बालाजी टेलीफिल्म्स, एलिप्सिस एंटरटेनमेंट और पत्रकार सुधीर चौधरी की कंपनी एस्प्रिट प्रोडक्शंस मिलकर फिल्म “द टेरर रिपोर्ट” बना रहे हैं।...

राजनीति

गर्दन का कालापन किन बीमारियों का संकेत? घरेलू उपचार से भी न हो ठीक तो जरूर चेक करवाएं ये चीज

authorimg

Last Updated:

क्या आपकी गर्दन का रंग धीरे-धीरे गहरा होता जा रहा है और घरेलू उपाय करने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा. अक्सर लोग इसे धूप, गंदगी या टैनिंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार गर्दन का कालापन शरीर में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन या थायरॉइड जैसी स्थितियां भी इसके पीछे वजह बन सकती हैं. ऐसे में अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो सिर्फ क्रीम और घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी जांच करवाना समझदारी है.

Zoom

गर्दन का कालापन अक्सर लोग धूल, धूप या साफ-सफाई की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह साधारण टैनिंग या डेड स्किन की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर गर्दन का रंग लगातार गहरा बना रहे और घरेलू उपायों से भी फर्क न पड़े, तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. इसलिए इस बदलाव को हल्के में लेना ठीक नहीं है.

सबसे आम कारणों में से एक है इंसुलिन रेजिस्टेंस, जो आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज का रूप ले सकता है. जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो त्वचा के कुछ हिस्सों पर काला और मोटा पैच बनने लगता है. इसे मेडिकल भाषा में एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है. यह समस्या आमतौर पर गर्दन, बगल या कोहनी के आसपास दिखती है. अगर गर्दन का कालापन त्वचा के मोटेपन और खुरदरापन के साथ नजर आए, तो ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए.

हार्मोनल असंतुलन भी गर्दन के कालेपन का कारण बन सकता है. खासकर पीसीओएस जैसी स्थितियों में महिलाओं को गर्दन और अन्य हिस्सों पर पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है. थायरॉइड गड़बड़ी भी त्वचा के रंग और बनावट पर असर डाल सकती है. ऐसे मामलों में केवल स्किन क्रीम लगाने से फायदा नहीं होता, बल्कि मूल कारण का इलाज जरूरी होता है.

मोटापा भी एक बड़ी वजह है. अधिक वजन के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे त्वचा पर काले धब्बे उभर सकते हैं. इसके अलावा लगातार रगड़, पसीना और टाइट कपड़े पहनने से भी गर्दन का रंग गहरा पड़ सकता है. हालांकि यह कारण अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर जांच कराना बेहतर है.

कुछ मामलों में विटामिन बी12 की कमी या अन्य पोषण संबंधी समस्याएं भी त्वचा के रंग में बदलाव ला सकती हैं. अगर गर्दन के साथ-साथ थकान, कमजोरी या बाल झड़ने जैसी दिक्कतें भी हों, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. बहुत ही दुर्लभ मामलों में गर्दन का अचानक और तेजी से काला होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए लक्षणों को समझना जरूरी है.

About the Author

authorimg

Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.