Monday, 24 Aug 2026 | 02:10 AM

Trending :

कार रेसिंग में हादसे का शिकार हुए एक्टर अजित कुमार:बेकाबू होकर दूसरी कार से टकराई गाड़ी, सुरक्षित बचे जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं 'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन गण मन':मुकेश खन्ना बोले- ये राष्ट्रगान नहीं हो सकता; इसमें अंग्रेजों को भाग्य विधाता बताया गया पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई
EXCLUSIVE

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended
  • Hindi News
  • Business
  • India Eases FDI Rules For China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

नई दिल्ली11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने चीन सहित भारत के साथ जमीनी सीमा यानी बॉर्डर शेयर करने वाले देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के प्रावधानों में संशोधन यानी बदलाव को मंजूरी दी गई।

नए नियमों के तहत अब उन निवेश प्रस्तावों को ‘ऑटोमैटिक रूट’ से मंजूरी मिल जाएगी, जिनमें पड़ोसी देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम हो और उसका कंपनी पर कोई कंट्रोल न हो। इसके साथ ही, स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय कर दी गई है।

स्टार्टअप्स और डीप टेक कंपनियों को फायदा मिलेगा

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारतीय स्टार्टअप्स और डीप टेक सेक्टर पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ग्लोबल फंड्स से निवेश हासिल करना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है।

अब तक प्रेस नोट 3 की वजह से कई ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स को निवेश करने में परेशानी हो रही थी, क्योंकि उनमें पड़ोसी देशों के निवेशकों का छोटा हिस्सा भी शामिल होता था। अब 10% की सीमा तय होने से फंड का फ्लो आसान हो जाएगा।

FDI के नियमों में क्या-क्या बदला

पुराने नियम नए नियम
पड़ोसी देशों से हर निवेश के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी थी। 10% से कम ‘बेनिफिशियल ओनरशिप’ पर निवेश को ऑटोमैटिक अनुमति।
अप्रूवल मिलने में महीनों का समय लगता था, कोई डेडलाइन नहीं थी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई है।
‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को लेकर अस्पष्टता थी। PMLA एक्ट के तहत 10% की लिमिट और स्पष्ट परिभाषा लागू की।

‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा साफ हुई

  • सरकार ने निवेश के नियमों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) रूल्स, 2005 के समान कर दिया है।
  • अगर किसी निवेश में लैंड बॉर्डर वाले देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम है और वह कंपनी के फैसलों को प्रभावित नहीं करता है, तो उसे सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
  • ऐसी स्थिति में भारतीय कंपनी को सिर्फ डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) यानी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी।

60 दिन में निवेश पर फैसला, जॉइंट वेंचर बनाना आसान

कैबिनेट ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक ‘फास्ट ट्रैक’ अप्रूवल सिस्टम को भी हरी झंडी दी है। अब स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में निवेश के प्रस्तावों पर सरकार को 60 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा।

इससे भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करने और जॉइंट वेंचर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने में आसानी होगी।

इलेक्ट्रॉनिक और सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा

सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से विशेष रूप से तीन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा…

  • इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स: मोबाइल-लैपटॉप के पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों को विदेशी निवेश और तकनीक मिल सकेगी।
  • कैपिटल गुड्स: भारी मशीनरी और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट के प्रोडक्शन में तेजी आएगी।
  • सोलर सेल्स: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं, भारतीय कंट्रोल जरूरी

नियमों में ढील के बावजूद सरकार ने सुरक्षा को बरकरार रखा है। संवेदनशील सेक्टर में फास्ट-ट्रैक अप्रूवल तभी मिलेगा, जब उस कंपनी की मेजोरिटी शेयरहोल्डिंग और कंट्रोल भारतीय नागरिकों या भारतीय कंपनियों के पास ही रहे।

यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी निवेश से देश की सुरक्षा को खतरा न हो और कंपनी का कमांड भारतीय हाथों में ही रहे।

FDI पॉलिसी को 2020 में लागू किया गया था

  • अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी को लागू किया था। उस समय भारतीय कंपनियों की वैल्यूएशन काफी गिर गई थी।
  • सरकार को डर था कि चीन जैसे पड़ोसी देश की कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर भारतीय कंपनियों का ‘अवसरवादी अधिग्रहण’ कर सकती हैं।
  • इसी को रोकने के लिए नियम बनाया गया था कि पड़ोसी देशों से आने वाले हर छोटे-बड़े निवेश के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य होगी।

ये खबर भी पढ़ें…

भारतीय एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स का किराया 15% बढ़ाया: कच्चे तेल के रेट बढ़ने से जेट फ्यूल के दाम दोगुने, ईरान जंग का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर भी पड़ते दिखाई दे रहा है। भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

May 20, 2026/
11:13 am

Mental Health Tips: आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका...

Donald Trump Buys Japanese Yen

August 3, 2026/
3:18 pm

13 मिनट पहले कॉपी लिंक जापान की प्रधानमंत्री शाने ताकाइची और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने...

फटे जूतों के वायरल वीडियो पर सनी देओल की फिरकी:इवेंट में बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी, धर्मेंद्र जैसी शर्ट पहनकर पहुंचे

July 10, 2026/
2:01 pm

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल गुरुवार को अपनी फिल्म ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के इवेंट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया...

PMO के फर्जी सिफारिशी पत्र से नौकरी का मामला:सबूतों के अभाव में आरोपी बरी; पुलिस जांच पर उठे सवाल

April 17, 2026/
12:05 am

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के कथित फर्जी सिफारिशी पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में आरोपी को साक्ष्य प्रमाणित...

Diljit Dosanjh Targets Khalistanis on Stage at Calgary Show

May 2, 2026/
5:25 am

शो के दौरान बोलते हुए पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ। पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान...

SRH Skipper Pat Cummins. (Picture Credit: Creimas)

April 25, 2026/
7:31 pm

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 19:31 IST इससे पहले, आप का 10 सदस्यीय गुट उच्च सदन में विधेयकों को रोकने की...

राजनीति

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended
  • Hindi News
  • Business
  • India Eases FDI Rules For China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

नई दिल्ली11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने चीन सहित भारत के साथ जमीनी सीमा यानी बॉर्डर शेयर करने वाले देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के प्रावधानों में संशोधन यानी बदलाव को मंजूरी दी गई।

नए नियमों के तहत अब उन निवेश प्रस्तावों को ‘ऑटोमैटिक रूट’ से मंजूरी मिल जाएगी, जिनमें पड़ोसी देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम हो और उसका कंपनी पर कोई कंट्रोल न हो। इसके साथ ही, स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय कर दी गई है।

स्टार्टअप्स और डीप टेक कंपनियों को फायदा मिलेगा

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारतीय स्टार्टअप्स और डीप टेक सेक्टर पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ग्लोबल फंड्स से निवेश हासिल करना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है।

अब तक प्रेस नोट 3 की वजह से कई ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स को निवेश करने में परेशानी हो रही थी, क्योंकि उनमें पड़ोसी देशों के निवेशकों का छोटा हिस्सा भी शामिल होता था। अब 10% की सीमा तय होने से फंड का फ्लो आसान हो जाएगा।

FDI के नियमों में क्या-क्या बदला

पुराने नियम नए नियम
पड़ोसी देशों से हर निवेश के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी थी। 10% से कम ‘बेनिफिशियल ओनरशिप’ पर निवेश को ऑटोमैटिक अनुमति।
अप्रूवल मिलने में महीनों का समय लगता था, कोई डेडलाइन नहीं थी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई है।
‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को लेकर अस्पष्टता थी। PMLA एक्ट के तहत 10% की लिमिट और स्पष्ट परिभाषा लागू की।

‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा साफ हुई

  • सरकार ने निवेश के नियमों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) रूल्स, 2005 के समान कर दिया है।
  • अगर किसी निवेश में लैंड बॉर्डर वाले देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम है और वह कंपनी के फैसलों को प्रभावित नहीं करता है, तो उसे सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
  • ऐसी स्थिति में भारतीय कंपनी को सिर्फ डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) यानी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी।

60 दिन में निवेश पर फैसला, जॉइंट वेंचर बनाना आसान

कैबिनेट ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक ‘फास्ट ट्रैक’ अप्रूवल सिस्टम को भी हरी झंडी दी है। अब स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में निवेश के प्रस्तावों पर सरकार को 60 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा।

इससे भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करने और जॉइंट वेंचर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने में आसानी होगी।

इलेक्ट्रॉनिक और सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा

सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से विशेष रूप से तीन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा…

  • इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स: मोबाइल-लैपटॉप के पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों को विदेशी निवेश और तकनीक मिल सकेगी।
  • कैपिटल गुड्स: भारी मशीनरी और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट के प्रोडक्शन में तेजी आएगी।
  • सोलर सेल्स: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं, भारतीय कंट्रोल जरूरी

नियमों में ढील के बावजूद सरकार ने सुरक्षा को बरकरार रखा है। संवेदनशील सेक्टर में फास्ट-ट्रैक अप्रूवल तभी मिलेगा, जब उस कंपनी की मेजोरिटी शेयरहोल्डिंग और कंट्रोल भारतीय नागरिकों या भारतीय कंपनियों के पास ही रहे।

यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी निवेश से देश की सुरक्षा को खतरा न हो और कंपनी का कमांड भारतीय हाथों में ही रहे।

FDI पॉलिसी को 2020 में लागू किया गया था

  • अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी को लागू किया था। उस समय भारतीय कंपनियों की वैल्यूएशन काफी गिर गई थी।
  • सरकार को डर था कि चीन जैसे पड़ोसी देश की कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर भारतीय कंपनियों का ‘अवसरवादी अधिग्रहण’ कर सकती हैं।
  • इसी को रोकने के लिए नियम बनाया गया था कि पड़ोसी देशों से आने वाले हर छोटे-बड़े निवेश के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य होगी।

ये खबर भी पढ़ें…

भारतीय एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स का किराया 15% बढ़ाया: कच्चे तेल के रेट बढ़ने से जेट फ्यूल के दाम दोगुने, ईरान जंग का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर भी पड़ते दिखाई दे रहा है। भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.