Monday, 10 Aug 2026 | 09:59 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Ali Fazal Picks Rakh Series Post Mirzapur; Cites Strong Makers, Story

Ali Fazal Picks Rakh Series Post Mirzapur; Cites Strong Makers, Story

भोपाल1 घंटे पहलेलेखक: रौनक केसवानी

  • कॉपी लिंक

सीरीज में अली फजल के अलावा एक्टर आमिर बशीर भी हैं।

बॉलीवुड एक्टर अली फजल हाल ही में क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘राख’ में नजर आए थे। यह 8 एपिसोड की सीरीज 12 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई। यह दिल्ली में हुए 1978 के रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है। अली ने इसमें सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश जाटव का किरदार निभाया। उन्होंने अपने रोल और इस सीरीज के बारे में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की।

सवाल: इस सीरीज को हां करने की वजह क्या रही? जवाब: यह कहानी आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। हालांकि इसकी प्रेरणा एक कुख्यात केस से ली गई है, जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। दिल्ली उस दौर की तुलना में काफी बदल चुकी है, लेकिन उस समय के कई लोग आज भी मिलते हैं और बताते हैं कि तब क्या-क्या हुआ था।

हाल ही में किसी ने मुझे बताया कि उस केस के दोनों आरोपी मुंबई के जेवीपीडी इलाके में भी देखे गए थे। यही बात इस मामले को और चौंकाने वाली बनाती है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आज ऐसे कितने मामले हो रहे हैं।

मेरे हिसाब से सिनेमा की जरूरत तब पड़ती है, जब लोगों को जागरूक करना हो कि एक परिवार के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। वहीं, जयप्रकाश का किरदार मुझे बहुत दिलचस्प लगा।

सवाल: जयप्रकाश के किरदार में ढलने के लिए आपने क्या-क्या किया? जवाब: इस किरदार को गढ़ने में मेरी पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। हम सभी ने इस पर बैठकर काफी रिसर्च की और बहुत पढ़ाई की। शुरुआत में हमने सिर्फ सीन पढ़े, फिर धीरे-धीरे किरदार की दुनिया में उतरते गए। हमने समझने की कोशिश की कि अगर यह उस दौर का व्यक्ति है, तो उसकी फितरत कैसी होगी, उसकी आदतें क्या होंगी।

कहानी इमरजेंसी के बाद के समय की है, इसलिए उस दौर में पुलिस कैसे काम करती थी, इस पर भी काफी चर्चा हुई। उदाहरण के तौर पर, उस समय दिल्ली में कॉन्स्टेबल्स को शॉर्ट्स पहनने से मना कर दिया गया था। लोगों की भाषा भी काफी पुख्ता थी और वे ज्यादातर हिंदी में बात करते थे। मेरे हिसाब से इन सभी पहलुओं को गहराई से समझना इस किरदार की तह तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी था।

अली फजल की वेब सीरीज 'राख' का डायरेक्शन प्रोसित रॉय ने किया है।

अली फजल की वेब सीरीज ‘राख’ का डायरेक्शन प्रोसित रॉय ने किया है।

सवाल: दर्शकों पर इस सीरीज का क्या प्रभाव पड़ा? जवाब: मुझे लोगों से बहुत अलग-अलग और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। आमतौर पर ऐसी कहानियों में या तो सिर्फ अपराधी का दृष्टिकोण दिखाया जाता है या फिर पुलिस का, लेकिन इस सीरीज में दोनों के बीच बैलेंस रखा गया है। मेरे लिए इसकी सबसे अहम बात ‘वर्दी की बंदिश’ है। जब आप वर्दी पहनते हैं, तो आपके काम करने की एक सीमा तय हो जाती है और आपको उसी दायरे में रहकर काम करना पड़ता है।

लोगों को लगता है कि पुलिस के पास बहुत आजादी होती है, लेकिन हकीकत हमेशा वैसी नहीं होती। इस सीरीज में मेरा किरदार भी एक आम इंसान की तरह नजर आता है, जो इस केस को पूरी शिद्दत और ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश करता है। यही बात शायद दर्शकों को उससे जोड़ रही है।

सवाल: आपकी वेब सीरीज ‘राख’ की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरे अनुसार शूटिंग करीब डेढ़ से दो महीने तक चली। हमारे डायरेक्टर्स की यह इच्छा थी कि हम रियल लोकेशनों पर ही शूटिंग करें और सेट न बनाए जाएं। इसलिए ज्यादातर शूट असली जगहों पर हुआ। हमने काफी शूटिंग आगरा और उसके आसपास के इलाकों में की।

इसके बाद मुंबई में काम किया और फिर मुख्य शूटिंग दिल्ली में हुई। दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली का शेड्यूल मार्च में रखा गया था, जब वहां काफी गर्मी रहती है।

सवाल: क्या आज के समय में स्टार कास्ट से ज्यादा फिल्म की कहानी केंद्र में आ रही है? जवाब: जी, मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। जिस दिन कहानी किसी फिल्म की असली हीरो बन जाएगी, उस दिन पूरा खेल बदल जाएगा। उसके बाद अगर उस कहानी के साथ अच्छे कलाकार जुड़ जाएं, तो बात और बेहतर हो जाती है। मेरा मानना है कि अगर कहानी मजबूत नहीं है, तो सिर्फ किसी बड़े नाम के भरोसे पूरी फिल्म को नहीं बेचा जा सकता।

अली फजल ने वेब सीरीज मिर्जापुर में गुड्डू पंडित का रोल निभाया था।

अली फजल ने वेब सीरीज मिर्जापुर में गुड्डू पंडित का रोल निभाया था।

सवाल: आप कोई भी प्रोजेक्ट चुनने से पहले उसमें क्या देखते हैं? जवाब: मैं किसी भी स्क्रिप्ट का चयन काफी सोच-समझकर करता हूं। ‘मिर्जापुर’ के बाद यह पहला शो है, जिसे मैंने चुना है। मेरे लिए किसी सीरीज का हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ा कदम था, क्योंकि फिल्मों की तुलना में सीरीज में कहानी को अधिक विस्तार और गहराई से प्रेजेंट किया जाता है।

किरदारों की कई परतें खुलती हैं और उस पर काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए किसी भी प्रोजेक्ट को चुनते समय मैं सबसे पहले यह देखता हूं कि उसका मेकर कौन है। इसके साथ ही प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कहानी, इन तीनों चीजों पर मेरा विशेष ध्यान रहता है। जब ये तीनों मजबूत हों, तो आधा काम अपने आप आसान हो जाता है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
गर्मियों में त्वचा की देखभाल: चिलचिलाती धूप से काली पड़ गई त्वचा, सन टैनिंग को तुरंत ठीक करें ये 4 घरेलू उपाय

May 15, 2026/
5:52 pm

ग्रीष्मकालीन त्वचा की देखभाल: गर्मी का मौसम आते ही सूरज देवता अपने पूरे तीर्थयात्रियों के साथ ही स्वास्थ्य को भी...

'बंगाल की जनता टीएमसी के व्यवहार से विश्वास', बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का सीएम ममता बनर्जी पर हमला

April 20, 2026/
9:57 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ममता सरकार को जनता...

अर्जुन रामपाल के 'भारत माता की जय' नारे पर विवाद:लेखिका ने आर्टिकल में उठाए सावाल; गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने लेख को बताया शर्मनाक

March 26, 2026/
7:43 pm

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में विलेन बने एक्टर अर्जुन रामपाल एक नए विवाद में फंस गए हैं। हाल ही में...

जिस जहाज पर हंतावायरस फैला उस पर 2 भारतीय:डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता; अब तक 3 की मौत

May 8, 2026/
1:00 pm

अटलांटिक माहासागर में क्रूज शिप MV होंडियस पर 2 भारतीय नागरिक शामिल है। यह वहीं क्रूज शिप हैं, जिस पर...

authorimg

May 20, 2026/
11:41 pm

बच्चों का स्वस्थ, एक्टिव और खुश रहना हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है. लेकिन कई बार शरीर...

श्रेयस अय्यर की बहन को मिली थीं रेप की धमकियां:श्रेष्ठा अय्यर बोलीं- KKR रील विवाद के बाद डेथ थ्रेट्स मिले, गालियों भरे कॉल आए

July 11, 2026/
2:27 pm

भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर को KKR वाले वीडियो के बाद हुए विवाद के चलते जान से...

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल शिमला पहुंचे:सीएम सुक्खू ने किया स्वागत, लोकसभा की लोक लेखा समिति की शिमला में लेंगे मीटिंग

April 24, 2026/
6:40 pm

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव एवं लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल आज दोपहर बाद शिमला पहुंचे शिमला पहुंचे। शिमला...

राजनीति

Ali Fazal Picks Rakh Series Post Mirzapur; Cites Strong Makers, Story

Ali Fazal Picks Rakh Series Post Mirzapur; Cites Strong Makers, Story

भोपाल1 घंटे पहलेलेखक: रौनक केसवानी

  • कॉपी लिंक

सीरीज में अली फजल के अलावा एक्टर आमिर बशीर भी हैं।

बॉलीवुड एक्टर अली फजल हाल ही में क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘राख’ में नजर आए थे। यह 8 एपिसोड की सीरीज 12 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई। यह दिल्ली में हुए 1978 के रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है। अली ने इसमें सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश जाटव का किरदार निभाया। उन्होंने अपने रोल और इस सीरीज के बारे में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की।

सवाल: इस सीरीज को हां करने की वजह क्या रही? जवाब: यह कहानी आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। हालांकि इसकी प्रेरणा एक कुख्यात केस से ली गई है, जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। दिल्ली उस दौर की तुलना में काफी बदल चुकी है, लेकिन उस समय के कई लोग आज भी मिलते हैं और बताते हैं कि तब क्या-क्या हुआ था।

हाल ही में किसी ने मुझे बताया कि उस केस के दोनों आरोपी मुंबई के जेवीपीडी इलाके में भी देखे गए थे। यही बात इस मामले को और चौंकाने वाली बनाती है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आज ऐसे कितने मामले हो रहे हैं।

मेरे हिसाब से सिनेमा की जरूरत तब पड़ती है, जब लोगों को जागरूक करना हो कि एक परिवार के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। वहीं, जयप्रकाश का किरदार मुझे बहुत दिलचस्प लगा।

सवाल: जयप्रकाश के किरदार में ढलने के लिए आपने क्या-क्या किया? जवाब: इस किरदार को गढ़ने में मेरी पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। हम सभी ने इस पर बैठकर काफी रिसर्च की और बहुत पढ़ाई की। शुरुआत में हमने सिर्फ सीन पढ़े, फिर धीरे-धीरे किरदार की दुनिया में उतरते गए। हमने समझने की कोशिश की कि अगर यह उस दौर का व्यक्ति है, तो उसकी फितरत कैसी होगी, उसकी आदतें क्या होंगी।

कहानी इमरजेंसी के बाद के समय की है, इसलिए उस दौर में पुलिस कैसे काम करती थी, इस पर भी काफी चर्चा हुई। उदाहरण के तौर पर, उस समय दिल्ली में कॉन्स्टेबल्स को शॉर्ट्स पहनने से मना कर दिया गया था। लोगों की भाषा भी काफी पुख्ता थी और वे ज्यादातर हिंदी में बात करते थे। मेरे हिसाब से इन सभी पहलुओं को गहराई से समझना इस किरदार की तह तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी था।

अली फजल की वेब सीरीज 'राख' का डायरेक्शन प्रोसित रॉय ने किया है।

अली फजल की वेब सीरीज ‘राख’ का डायरेक्शन प्रोसित रॉय ने किया है।

सवाल: दर्शकों पर इस सीरीज का क्या प्रभाव पड़ा? जवाब: मुझे लोगों से बहुत अलग-अलग और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। आमतौर पर ऐसी कहानियों में या तो सिर्फ अपराधी का दृष्टिकोण दिखाया जाता है या फिर पुलिस का, लेकिन इस सीरीज में दोनों के बीच बैलेंस रखा गया है। मेरे लिए इसकी सबसे अहम बात ‘वर्दी की बंदिश’ है। जब आप वर्दी पहनते हैं, तो आपके काम करने की एक सीमा तय हो जाती है और आपको उसी दायरे में रहकर काम करना पड़ता है।

लोगों को लगता है कि पुलिस के पास बहुत आजादी होती है, लेकिन हकीकत हमेशा वैसी नहीं होती। इस सीरीज में मेरा किरदार भी एक आम इंसान की तरह नजर आता है, जो इस केस को पूरी शिद्दत और ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश करता है। यही बात शायद दर्शकों को उससे जोड़ रही है।

सवाल: आपकी वेब सीरीज ‘राख’ की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरे अनुसार शूटिंग करीब डेढ़ से दो महीने तक चली। हमारे डायरेक्टर्स की यह इच्छा थी कि हम रियल लोकेशनों पर ही शूटिंग करें और सेट न बनाए जाएं। इसलिए ज्यादातर शूट असली जगहों पर हुआ। हमने काफी शूटिंग आगरा और उसके आसपास के इलाकों में की।

इसके बाद मुंबई में काम किया और फिर मुख्य शूटिंग दिल्ली में हुई। दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली का शेड्यूल मार्च में रखा गया था, जब वहां काफी गर्मी रहती है।

सवाल: क्या आज के समय में स्टार कास्ट से ज्यादा फिल्म की कहानी केंद्र में आ रही है? जवाब: जी, मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। जिस दिन कहानी किसी फिल्म की असली हीरो बन जाएगी, उस दिन पूरा खेल बदल जाएगा। उसके बाद अगर उस कहानी के साथ अच्छे कलाकार जुड़ जाएं, तो बात और बेहतर हो जाती है। मेरा मानना है कि अगर कहानी मजबूत नहीं है, तो सिर्फ किसी बड़े नाम के भरोसे पूरी फिल्म को नहीं बेचा जा सकता।

अली फजल ने वेब सीरीज मिर्जापुर में गुड्डू पंडित का रोल निभाया था।

अली फजल ने वेब सीरीज मिर्जापुर में गुड्डू पंडित का रोल निभाया था।

सवाल: आप कोई भी प्रोजेक्ट चुनने से पहले उसमें क्या देखते हैं? जवाब: मैं किसी भी स्क्रिप्ट का चयन काफी सोच-समझकर करता हूं। ‘मिर्जापुर’ के बाद यह पहला शो है, जिसे मैंने चुना है। मेरे लिए किसी सीरीज का हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ा कदम था, क्योंकि फिल्मों की तुलना में सीरीज में कहानी को अधिक विस्तार और गहराई से प्रेजेंट किया जाता है।

किरदारों की कई परतें खुलती हैं और उस पर काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए किसी भी प्रोजेक्ट को चुनते समय मैं सबसे पहले यह देखता हूं कि उसका मेकर कौन है। इसके साथ ही प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कहानी, इन तीनों चीजों पर मेरा विशेष ध्यान रहता है। जब ये तीनों मजबूत हों, तो आधा काम अपने आप आसान हो जाता है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.