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- India Pakistan Cricket: Bilateral Series Ban Continues; Play Multilateral Tournaments
9 मिनट पहले
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बुधवार को घोषित भारत के नए खेल मंत्रालय के प्रस्तावित नियमों के तहत, अरशद नदीम जैसे पाकिस्तानी एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भारत आने की अनुमति दी जाएगी।
खेल मंत्रालय ने बुधवार को साफ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बाइलेटरल खेल संबंध सस्पेंड ही रहेंगे।
सरकार ने एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी कर कहा है कि भारत की खेल नीति उसकी कूटनीतिक नीति के अनुसार ही चलेगी। इसके तहत भारतीय टीमें बाइलेटरल सीरीज खेलने पाकिस्तान नहीं जाएंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, वर्ल्ड कप या ओलिंपिक जैसे मल्टीलेटरल इवेंट्स में दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकेंगे।
स्पोर्ट्स फेडरेशन और IOA को जारी हुआ सर्कुलर
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने यह निर्देश भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और सभी नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशनों को भेज दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के मामले में भारत का रुख बिल्कुल साफ है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी है, जो पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। उस हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी।
क्रिकेट पर सबसे ज्यादा असर, 2012 से नहीं हुई बाइलेटरल सीरीज
सरकार के इस रुख का सबसे ज्यादा असर क्रिकेट पर पड़ा है। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी बाइलेटरल सीरीज 2012-13 में हुई थी, जब पाकिस्तान की टीम भारत आई थी।
इसके बाद से दोनों टीमें केवल एशिया कप और ICC टूर्नामेंट्स में ही एक-दूसरे के सामने आई हैं। हाल के समय में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर भी काफी चर्चा थी, लेकिन भारत के इस कड़े रुख से साफ है कि टीम इंडिया सीमा पार जाकर खेलने के पक्ष में नहीं है।

पाकिस्तान ने 2012-13 में भारत के बाइलेटरल सीरीज के आखिरी दौरे पर वनडे सीरीज अपने नाम किया।
इंटरनेशनल अधिकारियों के लिए वीजा नियम हुए आसान
भारत खुद को इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए एक बड़े डेस्टिनेशन के रूप में देख रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और टेक्निकल स्टाफ के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया है।
इंटरनेशनल स्पोर्ट्स बॉडीज के पदाधिकारियों को उनके कार्यकाल के दौरान 5 साल तक का प्रायोरिटी मल्टी-एंट्री वीजा दिया जाएगा। साथ ही, इन संस्थाओं के प्रमुखों को भारत दौरे पर उचित प्रोटोकॉल और सम्मान दिया जाएगा।















































