Saturday, 08 Aug 2026 | 06:23 PM

Trending :

सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई मूड खराब तो छुट्टी; मानसिक सेहत का इलाज या कामचोरी?:चीन की 'अनहैप्पी लीव' से छिड़ी बहस, उद्योगपति गोयनका बोले- भारत में भी बहस जरूरी अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है 3-6-9 Rule for Salaried and Freelancers
EXCLUSIVE

दाल या राजमा खाते ही पेट फूल जाता है? ये 3 आसान ट्रिक्स अपनाएं, गैस से मिलेगा तुरंत छुटकारा!

authorimg

Last Updated:

दाल, राजमा और चना भारतीय खाने का अहम हिस्सा हैं, लेकिन कई लोगों को इन्हें खाने के बाद गैस और पेट फूलने की समस्या हो जाती है. ऐसे में लोग इन्हें डाइट से हटाने लगते हैं, जबकि असल में दिक्कत दाल में नहीं बल्कि उसे बनाने और खाने के तरीके में होती है. कुछ आसान बदलाव अपनाकर आप बिना किसी परेशानी के इन हेल्दी चीजों का आनंद ले सकते हैं.

Zoom

दाल या राजमा खाने के बाद गैस की समस्या.

दाल भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है. लेकिन कई लोग दाल, राजमा या चना खाने के बाद गैस और पेट फूलने यानी Bloating की समस्या से परेशान हो जाते हैं. इसी वजह से कुछ लोग इन हेल्दी चीजों को खाना ही बंद कर देते हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि समस्या दाल में नहीं, बल्कि उसे बनाने और खाने के तरीके में होती है. अगर आप कुछ आसान बदलाव कर लें, तो बिना किसी परेशानी के दाल का पूरा फायदा उठा सकते हैं.

सबसे पहला और जरूरी कदम है दाल या लेग्यूम्स को सही तरीके से भिगोना. कई लोग जल्दी में इस स्टेप को छोड़ देते हैं, लेकिन यही गलती गैस और ब्लोटिंग की बड़ी वजह बनती है. दाल को भिगोने से उसमें मौजूद फाइटिक एसिड और कुछ जटिल शर्करा टूटने लगती हैं, जो पाचन में रुकावट डालती हैं. ये वही तत्व होते हैं जो पेट में जाकर फर्मेंट होकर गैस बनाते हैं. इसलिए दाल को कुछ घंटों से लेकर पूरी रात तक भिगोकर रखना चाहिए. खासकर राजमा, काले चने और छोले जैसी भारी चीजों को 8–12 घंटे तक भिगोना जरूरी है, जबकि मूंग या मसूर जैसी हल्की दालों को कम समय में भी भिगोया जा सकता है. ध्यान रखें कि भिगोया हुआ पानी हमेशा फेंक दें और उसी में दाल न पकाएं.

दूसरा महत्वपूर्ण कदम है दाल पकाते समय सही मसालों का इस्तेमाल करना. कई ऐसे देसी मसाले हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और गैस बनने से रोकते हैं. जैसे हींग, अदरक, जीरा और अजवाइन दाल में डालने से न सिर्फ उसका स्वाद बढ़ता है, बल्कि यह पाचन एंजाइम्स को भी सक्रिय करते हैं. इससे शरीर जटिल फाइबर को आसानी से तोड़ पाता है और गैस बनने की संभावना कम हो जाती है. उदाहरण के लिए मूंग दाल में हींग और अजवाइन डालना या राजमा में अदरक-लहसुन का इस्तेमाल करना पेट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.

तीसरा और जरूरी तरीका है धीरे-धीरे दालों को अपनी डाइट में शामिल करना. अगर आपका शरीर हाई फाइबर फूड का आदी नहीं है और आप अचानक से भारी दालें जैसे राजमा या छोले खाने लगते हैं, तो पेट में परेशानी होना स्वाभाविक है. ऐसे में शुरुआत हल्की दालों जैसे पीली मूंग या मसूर से करें, जो आसानी से पच जाती हैं. जब आपका पाचन तंत्र धीरे-धीरे इन्हें अपनाने लगे, तब आप भारी दालों को अपनी डाइट में शामिल करें. यह तरीका आपके गट माइक्रोबायोम को एडजस्ट होने का समय देता है, जिससे पाचन बेहतर होता है.

ध्यान रखें कि सभी दालें पाचन के लिहाज से एक जैसी नहीं होतीं. हल्की दालें जैसे मूंग रोजाना खाई जा सकती हैं, जबकि राजमा, छोले और काले चने जैसी भारी चीजों को हफ्ते में 1–2 बार ही खाना बेहतर होता है, खासकर अगर आपको गैस या ब्लोटिंग की समस्या रहती है. सही तरीके से दाल बनाकर और थोड़ी सावधानी बरतकर आप बिना किसी परेशानी के इसके पोषण का पूरा लाभ ले सकते हैं.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
दावा- BLA ने पाकिस्तान के 45 सैनिकों को मारा:बलूचिस्तान में काफिले को बनाया निशाना, बचाव में पहुंची टुकड़ी पर भी अटैक

July 17, 2026/
2:38 pm

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने मस्तुंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक काफिले पर हमला...

WhatsApp No SIM March 1 | E20 Petrol April 1

February 27, 2026/
5:00 am

नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर E20 पेट्रोल से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल...

IPL 2026 Final: RCBs Rajat vs GTs Gill

May 30, 2026/
4:30 am

स्पोर्ट्स डेस्क28 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 जून को...

लॉकअप तक क्यों पहुंचा नेटफ्लिक्स?:भारत के सबसे बड़े OTT की सबसे बड़ी बेचैनी, दबाव और बदलते बाजार की कहानी

June 13, 2026/
4:30 am

भारत में नेटफ्लिक्स के पास बड़े सितारे, बड़े बजट और वैश्विक पहचान है। फिर भी वह अमेजन प्राइम, जियोहॉटस्टार और...

ग्वालियर में 9महीने के मासूम की इलाज के दौरान मौत:परिजनों ने अस्पताल के बाहर किया चक्का जाम; डॉक्टर बोले- परिजनों ने झाड़-फूंक करवाया

April 24, 2026/
12:58 pm

ग्वालियर के एक निजी नर्सिंग होम में 9 महीने के मासूम की इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार सुबह...

राजनीति

दाल या राजमा खाते ही पेट फूल जाता है? ये 3 आसान ट्रिक्स अपनाएं, गैस से मिलेगा तुरंत छुटकारा!

authorimg

Last Updated:

दाल, राजमा और चना भारतीय खाने का अहम हिस्सा हैं, लेकिन कई लोगों को इन्हें खाने के बाद गैस और पेट फूलने की समस्या हो जाती है. ऐसे में लोग इन्हें डाइट से हटाने लगते हैं, जबकि असल में दिक्कत दाल में नहीं बल्कि उसे बनाने और खाने के तरीके में होती है. कुछ आसान बदलाव अपनाकर आप बिना किसी परेशानी के इन हेल्दी चीजों का आनंद ले सकते हैं.

Zoom

दाल या राजमा खाने के बाद गैस की समस्या.

दाल भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है. लेकिन कई लोग दाल, राजमा या चना खाने के बाद गैस और पेट फूलने यानी Bloating की समस्या से परेशान हो जाते हैं. इसी वजह से कुछ लोग इन हेल्दी चीजों को खाना ही बंद कर देते हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि समस्या दाल में नहीं, बल्कि उसे बनाने और खाने के तरीके में होती है. अगर आप कुछ आसान बदलाव कर लें, तो बिना किसी परेशानी के दाल का पूरा फायदा उठा सकते हैं.

सबसे पहला और जरूरी कदम है दाल या लेग्यूम्स को सही तरीके से भिगोना. कई लोग जल्दी में इस स्टेप को छोड़ देते हैं, लेकिन यही गलती गैस और ब्लोटिंग की बड़ी वजह बनती है. दाल को भिगोने से उसमें मौजूद फाइटिक एसिड और कुछ जटिल शर्करा टूटने लगती हैं, जो पाचन में रुकावट डालती हैं. ये वही तत्व होते हैं जो पेट में जाकर फर्मेंट होकर गैस बनाते हैं. इसलिए दाल को कुछ घंटों से लेकर पूरी रात तक भिगोकर रखना चाहिए. खासकर राजमा, काले चने और छोले जैसी भारी चीजों को 8–12 घंटे तक भिगोना जरूरी है, जबकि मूंग या मसूर जैसी हल्की दालों को कम समय में भी भिगोया जा सकता है. ध्यान रखें कि भिगोया हुआ पानी हमेशा फेंक दें और उसी में दाल न पकाएं.

दूसरा महत्वपूर्ण कदम है दाल पकाते समय सही मसालों का इस्तेमाल करना. कई ऐसे देसी मसाले हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और गैस बनने से रोकते हैं. जैसे हींग, अदरक, जीरा और अजवाइन दाल में डालने से न सिर्फ उसका स्वाद बढ़ता है, बल्कि यह पाचन एंजाइम्स को भी सक्रिय करते हैं. इससे शरीर जटिल फाइबर को आसानी से तोड़ पाता है और गैस बनने की संभावना कम हो जाती है. उदाहरण के लिए मूंग दाल में हींग और अजवाइन डालना या राजमा में अदरक-लहसुन का इस्तेमाल करना पेट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.

तीसरा और जरूरी तरीका है धीरे-धीरे दालों को अपनी डाइट में शामिल करना. अगर आपका शरीर हाई फाइबर फूड का आदी नहीं है और आप अचानक से भारी दालें जैसे राजमा या छोले खाने लगते हैं, तो पेट में परेशानी होना स्वाभाविक है. ऐसे में शुरुआत हल्की दालों जैसे पीली मूंग या मसूर से करें, जो आसानी से पच जाती हैं. जब आपका पाचन तंत्र धीरे-धीरे इन्हें अपनाने लगे, तब आप भारी दालों को अपनी डाइट में शामिल करें. यह तरीका आपके गट माइक्रोबायोम को एडजस्ट होने का समय देता है, जिससे पाचन बेहतर होता है.

ध्यान रखें कि सभी दालें पाचन के लिहाज से एक जैसी नहीं होतीं. हल्की दालें जैसे मूंग रोजाना खाई जा सकती हैं, जबकि राजमा, छोले और काले चने जैसी भारी चीजों को हफ्ते में 1–2 बार ही खाना बेहतर होता है, खासकर अगर आपको गैस या ब्लोटिंग की समस्या रहती है. सही तरीके से दाल बनाकर और थोड़ी सावधानी बरतकर आप बिना किसी परेशानी के इसके पोषण का पूरा लाभ ले सकते हैं.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.