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CDSCSO Drug Alert Update; 141 Medicines Samples Failed

CDSCSO Drug Alert Update; 141 Medicines Samples Failed

हिमाचल में बनी दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं। – प्रतीकात्मक फोटो

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जांच में देश में बनी 141 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। इनमें 46 दवाएं हिमाचल प्रदेश के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, कालाअब, ऊना, सोलन में बनी हैं।

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जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें ज्यादातर दवाएं सिर दर्द, पेट दर्द, बीपी, शुगर, अल्सर, विभिन्न संक्रामक बीमारियों में इस्तेमाल होती हैं। साथ ही कैंसर और हार्ट रोग जैसी खतरनाक बीमारियों के दवाओं के सैंपल भी फेल पाए गए।

CDSCO द्वारा जारी मार्च के ड्रग अलर्ट के अनुसार, गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई इन दवाओं को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) घोषित किया गया। ड्रग कंट्रोलर ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर स्टॉक वापस मंगवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

हिमाचल में बनी दवाओं में वे दवाएं भी शामिल हैं, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियों में भी काम आती हैं। उन दवाओं के भी सैंपल फेल हो गए हैं। - फाइल फोटो

हिमाचल में बनी दवाओं में वे दवाएं भी शामिल हैं, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियों में भी काम आती हैं। उन दवाओं के भी सैंपल फेल हो गए हैं। – फाइल फोटो

ड्रग कंट्रोलर डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में

सैंपल फेल होने से स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोलर विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। क्योंकि फेल दवाओं में कुछ ऐसी दवाएं भी शामिल हैं, जो जनवरी 2024 की बनी हुई है। हालांकि, सैंपल फेल होने के बाद ड्रग्स कंट्रोलर डिपार्टमेंट ने फेल सैंपल के बैच का सारा स्टॉक वापस मांग लिया है।

असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बोले- जहां दवाई बनती है, उसी की जिम्मेदारी

असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर आशीष रैना ने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट में किसी भी दवाई की मेन्युफैक्चरिंग यूनिट से सप्लाई करने से पहले सैंपलिंग अनिवार्य नहीं है। ड्रग कंट्रोलर डिपार्टमेंट रेंडम सैंपलिंग करता है। जांच के बाद रिपोर्ट आने पर यदि किसी दवाई के सैंपल फेल होते है तो उस दवाई के पूरे स्टॉक को वापस मंगा लिया जाता है। एक्ट के मुताबिक- दवा की क्वालिटी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह निर्माता कंपनी की होती है।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई होगी

जिन दवा कंपनियों के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए, उनके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ड्रग कंट्रोलर, दवाइयां बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस निलंबित या रद्द कर सकते हैं। साथ ही, जुर्माना भी लगा सकते हैं।

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देश में 112 दवाओं के सैंपल फेल, 49 हिमाचल के:3 कफ सिरप भी शामिल; कैंसर, मधुमेह और बीपी जैसी गंभीर बीमारियों में होती हैं इस्तेमाल

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के सितंबर के ड्रग अलर्ट में देश में बनी 112 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें तीन कफ सिरप भी शामिल हैं, जिनमें से एक नकली पाया गया है। फेल हुए सैंपलों में दिल, कैंसर, मधुमेह, हाई बीपी, दमा, संक्रमण, दर्द, सूजन, अनीमिया और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जांच में देश में बनी 141 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। इनमें 46 दवाएं हिमाचल प्रदेश के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, कालाअब, ऊना, सोलन में बनी हैं।

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जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें ज्यादातर दवाएं सिर दर्द, पेट दर्द, बीपी, शुगर, अल्सर, विभिन्न संक्रामक बीमारियों में इस्तेमाल होती हैं। साथ ही कैंसर और हार्ट रोग जैसी खतरनाक बीमारियों के दवाओं के सैंपल भी फेल पाए गए।

CDSCO द्वारा जारी मार्च के ड्रग अलर्ट के अनुसार, गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई इन दवाओं को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) घोषित किया गया। ड्रग कंट्रोलर ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर स्टॉक वापस मंगवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

हिमाचल में बनी दवाओं में वे दवाएं भी शामिल हैं, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियों में भी काम आती हैं। उन दवाओं के भी सैंपल फेल हो गए हैं। - फाइल फोटो

हिमाचल में बनी दवाओं में वे दवाएं भी शामिल हैं, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियों में भी काम आती हैं। उन दवाओं के भी सैंपल फेल हो गए हैं। – फाइल फोटो

ड्रग कंट्रोलर डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में

सैंपल फेल होने से स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोलर विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। क्योंकि फेल दवाओं में कुछ ऐसी दवाएं भी शामिल हैं, जो जनवरी 2024 की बनी हुई है। हालांकि, सैंपल फेल होने के बाद ड्रग्स कंट्रोलर डिपार्टमेंट ने फेल सैंपल के बैच का सारा स्टॉक वापस मांग लिया है।

असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बोले- जहां दवाई बनती है, उसी की जिम्मेदारी

असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर आशीष रैना ने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट में किसी भी दवाई की मेन्युफैक्चरिंग यूनिट से सप्लाई करने से पहले सैंपलिंग अनिवार्य नहीं है। ड्रग कंट्रोलर डिपार्टमेंट रेंडम सैंपलिंग करता है। जांच के बाद रिपोर्ट आने पर यदि किसी दवाई के सैंपल फेल होते है तो उस दवाई के पूरे स्टॉक को वापस मंगा लिया जाता है। एक्ट के मुताबिक- दवा की क्वालिटी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह निर्माता कंपनी की होती है।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई होगी

जिन दवा कंपनियों के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए, उनके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ड्रग कंट्रोलर, दवाइयां बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस निलंबित या रद्द कर सकते हैं। साथ ही, जुर्माना भी लगा सकते हैं।

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केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के सितंबर के ड्रग अलर्ट में देश में बनी 112 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें तीन कफ सिरप भी शामिल हैं, जिनमें से एक नकली पाया गया है। फेल हुए सैंपलों में दिल, कैंसर, मधुमेह, हाई बीपी, दमा, संक्रमण, दर्द, सूजन, अनीमिया और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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