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Curd Health Benefits; Blood Pressure Gut Microbiome

Curd Health Benefits; Blood Pressure Gut Microbiome

28 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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दही सेहत का खजाना है। इसमें एक साथ प्रोटीन, शुगर, गुड फैट और प्रोबायोटिक, सबकुछ मिल जाता है। स्वाद के साथ यह गट हेल्थ, इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म को भी रीसेट करता है। इतने सारे गुणों से भरपूर होने के कारण इसे सुपरफूड भी कहते हैं।

‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, नियमित दही खाने से हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क 16-20% तक कम हो सकता है। साथ ही अगर हफ्ते में 5 या उससे ज्यादा बार बैलेंस डाइट के साथ दही खाई जाए तो ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में समझेंगे कि दही कैसे ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है। साथ ही जानेंगे कि-

  • दही किन-किन बीमारियों में फायदेमंद है?
  • यह गट माइक्रोबायोम को कैसे प्रभावित करती है?

एक्सपर्ट- डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

सवाल- क्या दही बीमारियों से लड़ने में मददगार है?

जवाब- हां, इसमें मौजूद जिंक, सेलेनियम और विटामिन D जैसे न्यूट्रिएंट्स संक्रमण पैदा करने वाले वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करते हैं। दही खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसके नियमित सेवन से न केवल डाइजेस्टिव सिस्टम दुरुस्त रहता है, बल्कि यह शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करके सर्दी-जुकाम से लेकर गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है।

सवाल- दही का हार्ट हेल्थ से क्या कनेक्शन है?

जवाब- दही में पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं। ये शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। साथ ही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (गुड बैक्टीरिया) शरीर का इंफ्लेमेशन कम करने में मदद करते हैं। दही में मौजूद बैक्टीरिया बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में भी मदद करते हैं।

इंफ्लेमेशन और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कार्डियोवस्कुलर डिजीज का सबसे बड़ा कारण हैं। अगर खाने में नियमित रूप से दही शामिल की जाए तो हार्ट डिजीज का रिस्क कम हो सकता है।

सवाल- दही ब्लड प्रेशर को कम करने में कैसे मदद करती है?

जवाब- ब्लड प्रेशर बढ़ने की बड़ी वजह शरीर में सोडियम की अधिक मात्रा है। दही में मौजूद पोटेशियम इस अतिरिक्त सोडियम को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।

दही में मौजूद कुछ बायोएक्टिव पेप्टाइड्स ब्लड प्रेशर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार एंजाइम्स की एक्टिविटी को कम करके ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर कम होता है और फ्लो बेहतर होता है।

सवाल- क्या दही का प्रभाव उम्र, जेंडर या BMI के अनुसार ब्लड प्रेशर पर अलग-अलग होता है?

जवाब- हां, नियमित दही खाने से हार्ट हेल्थ बेहतर रहती है। खासतौर पर मिड एज की महिलाओं में यह ज्यादा प्रभावशाली है। वहीं जिन लोगों का BMI अधिक है, उन्हें सादा दही खाने से वजन और इंफ्लेमेशन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। हालांकि, इसका असर व्यक्ति की डाइट और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है।

सवाल- दही का रोजाना सेवन बीपी के अलावा और किन बीमारियों के रिस्क को कम करने में मदद करता है?

जवाब- दही सिर्फ ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि कई दूसरी समस्याओं के जोखिम को भी कम करने में मददगार है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- दही के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- आमतौर पर लोग यह जानते हैं कि दही खाने से पाचन आसान हो जाता है। इसमें मौजूद बैक्टीरिया हमारे गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया की संख्या में इजाफा करते हैं। इससे पाचन तंत्र सुधरता है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। यह हमारे दांत और हड्डियों की सेहत के लिए भी जरूरी है। ग्राफिक में सभी फायदे देखिए-

सवाल- दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट माइक्रोबायोम को कैसे प्रभावित करते हैं?

जवाब- दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट माइक्रोबायोम का संतुलन सुधारते हैं। प्रोबायोटिक्स माइक्रोबायोम को ऐसे प्रभावित करते हैं-

  • बैड बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं।
  • गैस, ब्लोटिंग, कब्ज या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याओं में राहत देते हैं।
  • इम्यून सिस्टम मजबूत करते हैं।
  • हेल्दी गट माइक्रोबायोम गट-ब्रेन एक्सिस (गट और ब्रेन के बीच कम्युनिकेशन) को भी प्रभावित करते हैं।
  • ये सेरोटोनिन जैसे ‘फील-गुड’ हॉर्मोन्स बढ़ाते हैं, जिससे मूड बेहतर रहता है।

सवाल- दही खाने का सही समय क्या है? क्या रात में दही खाना सुरक्षित है?

जवाब- दही खाने का सही समय व्यक्ति की सेहत, मौसम और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। आमतौर पर दोपहर का समय बेहतर माना जाता है, क्योंकि इस समय डाइजेस्टिव कैपेसिटी सबसे मजबूत होती है और दही आसानी से पच जाता है।

सवाल- क्या दवाओं के बिना, सिर्फ दही खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है?

जवाब- नहीं, दही खाने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद जरूर मिलती है, लेकिन यह दवाओं का विकल्प नहीं हो सकता है। ब्लड प्रेशर मैनेज करने के लिए दही के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है।

सवाल- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव जरूरी हैं?

जवाब- इसके लिए अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ जरूरी बदलाव करके ब्लड प्रेशर को काफी हद तक संतुलित रखा जा सकता है। सभी जरूरी बदलाव ग्राफिक में देखिए-

दही से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- क्या खाली पेट दही खाना सही है?

जवाब- खाली पेट दही खाने से पेट में एसिड बढ़ सकता है, जिससे गैस या बेचैनी महसूस हो सकती है। इसे हमेशा मेन कोर्स (दलिया या रोटी) के साथ एक ‘साइड डिश’ की तरह खाएं, ताकि पाचन तंत्र पर बुरा असर न पड़े।

सवाल- क्या मीठा या फ्लेवर्ड दही भी उतना ही फायदेमंद है?

जवाब- नहीं, इसमें एक्स्ट्रा शुगर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। ज्यादा शुगर से वजन और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है। स्वाद के लिए सादे दही में ताजे फल या थोड़ा सा शहद मिलाया जा सकता है।

सवाल- स्किन और बालों के लिए दही कितना फायदेमंद है?

जवाब- दही नेचुरल मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोटीन स्किन की रंगत सुधारते हैं। साथ ही स्किन में मॉइश्चर और बालों की जड़ों को मजबूती व चमक प्रदान करते हैं।

सवाल- किन परिस्थितियों में दही खाने से बचना चाहिए?

जवाब- आमतौर पर दही सभी के लिए सेहतमंद है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में इससे परहेज करना ही बेहतर है। इन लोगों को दही का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए-

  • आर्थराइटिस के मरीज।
  • अस्थमा या सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोग।
  • किडनी डिजीज से पीड़ित लोग।
  • लैक्टोज इनटॉलेरेंट (डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी) लोग।
  • गंभीर एसिडिटी या स्किन इश्यूज से परेशान लोग।

………………………….

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28 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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दही सेहत का खजाना है। इसमें एक साथ प्रोटीन, शुगर, गुड फैट और प्रोबायोटिक, सबकुछ मिल जाता है। स्वाद के साथ यह गट हेल्थ, इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म को भी रीसेट करता है। इतने सारे गुणों से भरपूर होने के कारण इसे सुपरफूड भी कहते हैं।

‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, नियमित दही खाने से हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क 16-20% तक कम हो सकता है। साथ ही अगर हफ्ते में 5 या उससे ज्यादा बार बैलेंस डाइट के साथ दही खाई जाए तो ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में समझेंगे कि दही कैसे ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है। साथ ही जानेंगे कि-

  • दही किन-किन बीमारियों में फायदेमंद है?
  • यह गट माइक्रोबायोम को कैसे प्रभावित करती है?

एक्सपर्ट- डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

सवाल- क्या दही बीमारियों से लड़ने में मददगार है?

जवाब- हां, इसमें मौजूद जिंक, सेलेनियम और विटामिन D जैसे न्यूट्रिएंट्स संक्रमण पैदा करने वाले वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करते हैं। दही खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसके नियमित सेवन से न केवल डाइजेस्टिव सिस्टम दुरुस्त रहता है, बल्कि यह शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करके सर्दी-जुकाम से लेकर गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है।

सवाल- दही का हार्ट हेल्थ से क्या कनेक्शन है?

जवाब- दही में पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं। ये शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। साथ ही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (गुड बैक्टीरिया) शरीर का इंफ्लेमेशन कम करने में मदद करते हैं। दही में मौजूद बैक्टीरिया बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में भी मदद करते हैं।

इंफ्लेमेशन और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कार्डियोवस्कुलर डिजीज का सबसे बड़ा कारण हैं। अगर खाने में नियमित रूप से दही शामिल की जाए तो हार्ट डिजीज का रिस्क कम हो सकता है।

सवाल- दही ब्लड प्रेशर को कम करने में कैसे मदद करती है?

जवाब- ब्लड प्रेशर बढ़ने की बड़ी वजह शरीर में सोडियम की अधिक मात्रा है। दही में मौजूद पोटेशियम इस अतिरिक्त सोडियम को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।

दही में मौजूद कुछ बायोएक्टिव पेप्टाइड्स ब्लड प्रेशर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार एंजाइम्स की एक्टिविटी को कम करके ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर कम होता है और फ्लो बेहतर होता है।

सवाल- क्या दही का प्रभाव उम्र, जेंडर या BMI के अनुसार ब्लड प्रेशर पर अलग-अलग होता है?

जवाब- हां, नियमित दही खाने से हार्ट हेल्थ बेहतर रहती है। खासतौर पर मिड एज की महिलाओं में यह ज्यादा प्रभावशाली है। वहीं जिन लोगों का BMI अधिक है, उन्हें सादा दही खाने से वजन और इंफ्लेमेशन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। हालांकि, इसका असर व्यक्ति की डाइट और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है।

सवाल- दही का रोजाना सेवन बीपी के अलावा और किन बीमारियों के रिस्क को कम करने में मदद करता है?

जवाब- दही सिर्फ ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि कई दूसरी समस्याओं के जोखिम को भी कम करने में मददगार है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- दही के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- आमतौर पर लोग यह जानते हैं कि दही खाने से पाचन आसान हो जाता है। इसमें मौजूद बैक्टीरिया हमारे गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया की संख्या में इजाफा करते हैं। इससे पाचन तंत्र सुधरता है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। यह हमारे दांत और हड्डियों की सेहत के लिए भी जरूरी है। ग्राफिक में सभी फायदे देखिए-

सवाल- दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट माइक्रोबायोम को कैसे प्रभावित करते हैं?

जवाब- दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट माइक्रोबायोम का संतुलन सुधारते हैं। प्रोबायोटिक्स माइक्रोबायोम को ऐसे प्रभावित करते हैं-

  • बैड बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं।
  • गैस, ब्लोटिंग, कब्ज या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याओं में राहत देते हैं।
  • इम्यून सिस्टम मजबूत करते हैं।
  • हेल्दी गट माइक्रोबायोम गट-ब्रेन एक्सिस (गट और ब्रेन के बीच कम्युनिकेशन) को भी प्रभावित करते हैं।
  • ये सेरोटोनिन जैसे ‘फील-गुड’ हॉर्मोन्स बढ़ाते हैं, जिससे मूड बेहतर रहता है।

सवाल- दही खाने का सही समय क्या है? क्या रात में दही खाना सुरक्षित है?

जवाब- दही खाने का सही समय व्यक्ति की सेहत, मौसम और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। आमतौर पर दोपहर का समय बेहतर माना जाता है, क्योंकि इस समय डाइजेस्टिव कैपेसिटी सबसे मजबूत होती है और दही आसानी से पच जाता है।

सवाल- क्या दवाओं के बिना, सिर्फ दही खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है?

जवाब- नहीं, दही खाने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद जरूर मिलती है, लेकिन यह दवाओं का विकल्प नहीं हो सकता है। ब्लड प्रेशर मैनेज करने के लिए दही के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है।

सवाल- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव जरूरी हैं?

जवाब- इसके लिए अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ जरूरी बदलाव करके ब्लड प्रेशर को काफी हद तक संतुलित रखा जा सकता है। सभी जरूरी बदलाव ग्राफिक में देखिए-

दही से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- क्या खाली पेट दही खाना सही है?

जवाब- खाली पेट दही खाने से पेट में एसिड बढ़ सकता है, जिससे गैस या बेचैनी महसूस हो सकती है। इसे हमेशा मेन कोर्स (दलिया या रोटी) के साथ एक ‘साइड डिश’ की तरह खाएं, ताकि पाचन तंत्र पर बुरा असर न पड़े।

सवाल- क्या मीठा या फ्लेवर्ड दही भी उतना ही फायदेमंद है?

जवाब- नहीं, इसमें एक्स्ट्रा शुगर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। ज्यादा शुगर से वजन और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है। स्वाद के लिए सादे दही में ताजे फल या थोड़ा सा शहद मिलाया जा सकता है।

सवाल- स्किन और बालों के लिए दही कितना फायदेमंद है?

जवाब- दही नेचुरल मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोटीन स्किन की रंगत सुधारते हैं। साथ ही स्किन में मॉइश्चर और बालों की जड़ों को मजबूती व चमक प्रदान करते हैं।

सवाल- किन परिस्थितियों में दही खाने से बचना चाहिए?

जवाब- आमतौर पर दही सभी के लिए सेहतमंद है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में इससे परहेज करना ही बेहतर है। इन लोगों को दही का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए-

  • आर्थराइटिस के मरीज।
  • अस्थमा या सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोग।
  • किडनी डिजीज से पीड़ित लोग।
  • लैक्टोज इनटॉलेरेंट (डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी) लोग।
  • गंभीर एसिडिटी या स्किन इश्यूज से परेशान लोग।

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