Tuesday, 04 Aug 2026 | 08:05 PM

Trending :

Dollar Hits 95.74 Rupees, Inflation Fears Rise

Dollar Hits 95.74 Rupees, Inflation Fears Rise

नई दिल्ली10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रुपया आज 13 मई को डॉलर के मुकाबले 25 पैसे गिरकर 95.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया 95.50 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है।

साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

रुपए में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होना है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 50% तक बढ़ चुकी हैं, जिससे रुपए की वैल्यू में 5% से ज्यादा की कमी आई है।

रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण

  • जियोपॉलिटिकल टेंशन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के साथ संघर्ष विराम यानी सीजफायर को कमजोर बताने से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है। युद्ध या संघर्ष की आशंका से निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ईरान संकट के कारण ग्लोबल मार्केट में सप्लाई में रुकावट आने का डर है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% तेल आयात करता है, जिससे तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर होता है।
  • बढ़ता व्यापार घाटा: जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो भारत का आयात बिल यानी इंपोर्ट बिल भी बढ़ जाता है। इससे देश का ‘करेंट अकाउंट डेफिसिट’ (CAD) बढ़ने की आशंका होती है, जो सीधे तौर पर रुपये की वैल्यू को कम करता है।
  • डॉलर की मजबूती: वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में ‘अमेरिकी डॉलर’ को सबसे सुरक्षित संपत्ति यानी सेफ हेवन माना जाता है। ट्रम्प के कड़े रुख के बाद दुनिया भर के बाजारों में डॉलर की डिमांड बढ़ गई है, जिससे रुपये सहित अन्य करेंसी दबाव में हैं।
  • विदेशी निवेशकों की निकासी: वैश्विक जोखिम बढ़ने पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से अपना निवेश निकालकर डॉलर में वापस ले जाते हैं। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की कीमत गिर जाती है।

डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है।

तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है।

जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित।

महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है।

विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है।

तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर

रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है।

इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा।

प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम

रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वीकेंड देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था।

इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है।

करेंसी की कीमत कैसे तय होती है?

डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं।

हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है।

अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ask search icon

April 2, 2026/
10:11 pm

Last Updated:April 02, 2026, 22:11 IST बिहार के जहानाबाद जिले में महिला स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए...

Mumbai Indians vs Chennai Super Kings Live Score, IPL 2026 Today Match Updates, Scorecard & Commentary(AFP)

April 23, 2026/
7:20 pm

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 19:20 IST गुरुवार को मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में एक विस्फोट के बाद ताजा तनाव की...

authorimg

May 9, 2026/
10:50 am

आजकल त्वचा संबंधी समस्याओं में मस्सों की परेशानी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. चेहरे, गर्दन, हाथों और पैरों...

दुनिया के 16 नेताओं से छोटे हैं ट्रम्प:91% नेताओं से ज्यादा उम्रदराज, उनसे 10 साल ज्यादा सऊदी किंग की उम्र

June 16, 2026/
2:28 pm

डोनाल्ड ट्रम्प इस हफ्ते 16 जून को 80 साल के हो गए। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए 80 साल की...

Rishabh Pant LSG Captaincy Resign Update; IPL 2026

May 29, 2026/
5:30 pm

स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक ऋषभ पंत ने IPL फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) की कप्तानी छोड़ने का फैसला...

जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली:ED ने किया था विरोध; 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

May 12, 2026/
7:11 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी वह अर्जी वापस ले ली है,...

वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

April 28, 2026/
5:08 pm

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई...

राजनीति

Dollar Hits 95.74 Rupees, Inflation Fears Rise

Dollar Hits 95.74 Rupees, Inflation Fears Rise

नई दिल्ली10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रुपया आज 13 मई को डॉलर के मुकाबले 25 पैसे गिरकर 95.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया 95.50 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है।

साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

रुपए में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होना है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 50% तक बढ़ चुकी हैं, जिससे रुपए की वैल्यू में 5% से ज्यादा की कमी आई है।

रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण

  • जियोपॉलिटिकल टेंशन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के साथ संघर्ष विराम यानी सीजफायर को कमजोर बताने से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है। युद्ध या संघर्ष की आशंका से निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ईरान संकट के कारण ग्लोबल मार्केट में सप्लाई में रुकावट आने का डर है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% तेल आयात करता है, जिससे तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर होता है।
  • बढ़ता व्यापार घाटा: जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो भारत का आयात बिल यानी इंपोर्ट बिल भी बढ़ जाता है। इससे देश का ‘करेंट अकाउंट डेफिसिट’ (CAD) बढ़ने की आशंका होती है, जो सीधे तौर पर रुपये की वैल्यू को कम करता है।
  • डॉलर की मजबूती: वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में ‘अमेरिकी डॉलर’ को सबसे सुरक्षित संपत्ति यानी सेफ हेवन माना जाता है। ट्रम्प के कड़े रुख के बाद दुनिया भर के बाजारों में डॉलर की डिमांड बढ़ गई है, जिससे रुपये सहित अन्य करेंसी दबाव में हैं।
  • विदेशी निवेशकों की निकासी: वैश्विक जोखिम बढ़ने पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से अपना निवेश निकालकर डॉलर में वापस ले जाते हैं। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की कीमत गिर जाती है।

डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है।

तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है।

जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित।

महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है।

विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है।

तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर

रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है।

इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा।

प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम

रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वीकेंड देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था।

इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है।

करेंसी की कीमत कैसे तय होती है?

डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं।

हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है।

अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.