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France Evian G7 Summit । PM Modi Donald Trump Meeting Tariff Talks

France Evian G7 Summit । PM Modi Donald Trump Meeting Tariff Talks

नई दिल्ली/एवियन (फ्रांस)28 मिनट पहले

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G7 समिट के आउचरीच सेशन में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात हुई। दोनों ने हाथ मिलाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 समिट के पहले दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया। आउटरीच सेशन में मोदी ने कहा- कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।

मोदी ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।

सेशन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे और पीएम मोदी के पास ही बैठे थे। वहीं, आज शाम 6:30 बजे मोदी-ट्रम्प की द्विपक्षीय मीटिंग होगी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने 'नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने' के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित किया।

एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने’ के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित किया।

मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में शामिल हुए

पीएम मोदी जिस सेशन में शामिल हुए वह हाई लेवल वर्किंग सेशन था। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में G7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।

सेशन में मोदी की स्पीच के 5 पॉइंट्स

  • आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
  • आपसी भरोसा सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है। हमारी पार्टनरशिप का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है।
  • भारत में हम दुनिया को परिवार मानते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी असरदार होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप का आधार भी है।
  • भारत का मानना ​​है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं।
  • ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे केवल समर्थन नहीं, बल्कि पार्टनरशिप चाहिए। हमें लेन-देन वाली सोच से आगे बढ़कर समान पार्टनर के तौर पर काम करना चाहिए।

ट्रम्प कुर्सी से खड़े हुए, मोदी से हाथ मिलाया

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुर्सी से खड़े होकर पीएम मोदी से हाथ मिलाया।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुर्सी से खड़े होकर पीएम मोदी से हाथ मिलाया।

दरअसल, पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 समिट में शामिल हुए। पीएम मंगलवार को यहां स्लोवाकिया से पहुंचे थे। पीएम की ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। पीएम मोदी को देखकर ट्रम्प सीट से खड़े हुए और उनसे हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई।

पीएम मोदी की पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन के बाद ट्रम्प के साथ ये पहली मुलाकात रही। पिछले 16 महीनों के दौरान भारत-अमेरिका रिश्ते खासे उतार-चढ़ाव वाले रहे। इनमें ट्रम्प टैरिफ और एच-1 बी वीसा के मुद्दे खास रहे। हाल में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना भी साने आई है।

G7 समिट में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात की 2 तस्वीरें….

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प मिले। यह G7 समिट का प्लेनरी सेशन था, जहां सभी आमंत्रित देशों के नेता पहुंचे थे।

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प मिले। यह G7 समिट का प्लेनरी सेशन था, जहां सभी आमंत्रित देशों के नेता पहुंचे थे।

PM मोदी की सिटिंग मैक्रों और ट्रम्प के ठीक बाद थी। इस बीच दोनों के बीच एक इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत हुई।

PM मोदी की सिटिंग मैक्रों और ट्रम्प के ठीक बाद थी। इस बीच दोनों के बीच एक इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत हुई।

पीएम मोदी की दूसरे वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की तस्वीरें…

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के पीएम मार्क जे कार्नी की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के पीएम मार्क जे कार्नी की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और यूके के पीएम कीर स्टार्मर की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और यूके के पीएम कीर स्टार्मर की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की UAE प्रेसिडेंट राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की UAE प्रेसिडेंट राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई।

एवियन में G7 समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

एवियन में G7 समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

पीएम मोदी की कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात हुई।

पीएम मोदी की कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात हुई।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

पीएम मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो मिले। दोनों ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

पीएम मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो मिले। दोनों ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

मोदी- मेलोनी की मुलाकात

मोदी जब एवियन पहुंचे तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई।

मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। दरअसल, मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था।

पार्टनर देश के तौर पर शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं मौजूदगी है। यह 7वीं बार है जब प्रधानमंत्री इस ग्लोबल फोरम में हिस्सा ले रहे हैं।

G-7 समिट की दो तस्वीरें…

G7 समिट में पीएम मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया भर से आए नेताओं के साथ ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया।

G7 समिट में पीएम मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया भर से आए नेताओं के साथ ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया।

ग्रुप फोटो सेशन के बीच मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से मुलाकात की। दो महीने के अंदर यह दोनों की दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 20 मई को रोम में मिले थे।

ग्रुप फोटो सेशन के बीच मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से मुलाकात की। दो महीने के अंदर यह दोनों की दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 20 मई को रोम में मिले थे।

G7 समिट में 12 देशों के नेता हिस्सा ले रहे

G7 समिट में इसके सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के नेता शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। फ्रांस ने समिट में G7 देशों के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है।

इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज, नासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो भी शामिल हैं।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था।

2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए।

इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए।

G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है

एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं।

इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियन शहर में हो रही है। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं।

शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया।

G20 से कैसे अलग है G7

G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं।

इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है।

भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था।

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France Evian G7 Summit । PM Modi Donald Trump Meeting Tariff Talks

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नई दिल्ली/एवियन (फ्रांस)28 मिनट पहले

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G7 समिट के आउचरीच सेशन में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात हुई। दोनों ने हाथ मिलाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 समिट के पहले दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया। आउटरीच सेशन में मोदी ने कहा- कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।

मोदी ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।

सेशन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे और पीएम मोदी के पास ही बैठे थे। वहीं, आज शाम 6:30 बजे मोदी-ट्रम्प की द्विपक्षीय मीटिंग होगी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने 'नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने' के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित किया।

एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने’ के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित किया।

मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में शामिल हुए

पीएम मोदी जिस सेशन में शामिल हुए वह हाई लेवल वर्किंग सेशन था। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में G7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।

सेशन में मोदी की स्पीच के 5 पॉइंट्स

  • आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
  • आपसी भरोसा सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है। हमारी पार्टनरशिप का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है।
  • भारत में हम दुनिया को परिवार मानते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी असरदार होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप का आधार भी है।
  • भारत का मानना ​​है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं।
  • ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे केवल समर्थन नहीं, बल्कि पार्टनरशिप चाहिए। हमें लेन-देन वाली सोच से आगे बढ़कर समान पार्टनर के तौर पर काम करना चाहिए।

ट्रम्प कुर्सी से खड़े हुए, मोदी से हाथ मिलाया

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुर्सी से खड़े होकर पीएम मोदी से हाथ मिलाया।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुर्सी से खड़े होकर पीएम मोदी से हाथ मिलाया।

दरअसल, पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 समिट में शामिल हुए। पीएम मंगलवार को यहां स्लोवाकिया से पहुंचे थे। पीएम की ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। पीएम मोदी को देखकर ट्रम्प सीट से खड़े हुए और उनसे हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई।

पीएम मोदी की पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन के बाद ट्रम्प के साथ ये पहली मुलाकात रही। पिछले 16 महीनों के दौरान भारत-अमेरिका रिश्ते खासे उतार-चढ़ाव वाले रहे। इनमें ट्रम्प टैरिफ और एच-1 बी वीसा के मुद्दे खास रहे। हाल में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना भी साने आई है।

G7 समिट में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात की 2 तस्वीरें….

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प मिले। यह G7 समिट का प्लेनरी सेशन था, जहां सभी आमंत्रित देशों के नेता पहुंचे थे।

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प मिले। यह G7 समिट का प्लेनरी सेशन था, जहां सभी आमंत्रित देशों के नेता पहुंचे थे।

PM मोदी की सिटिंग मैक्रों और ट्रम्प के ठीक बाद थी। इस बीच दोनों के बीच एक इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत हुई।

PM मोदी की सिटिंग मैक्रों और ट्रम्प के ठीक बाद थी। इस बीच दोनों के बीच एक इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत हुई।

पीएम मोदी की दूसरे वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की तस्वीरें…

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के पीएम मार्क जे कार्नी की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के पीएम मार्क जे कार्नी की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और यूके के पीएम कीर स्टार्मर की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और यूके के पीएम कीर स्टार्मर की मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की UAE प्रेसिडेंट राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की UAE प्रेसिडेंट राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई।

एवियन में G7 समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

एवियन में G7 समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

पीएम मोदी की कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात हुई।

पीएम मोदी की कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात हुई।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ पीएम मोदी की मुलाकात हुई।

पीएम मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो मिले। दोनों ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

पीएम मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो मिले। दोनों ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

मोदी- मेलोनी की मुलाकात

मोदी जब एवियन पहुंचे तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई।

मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। दरअसल, मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था।

पार्टनर देश के तौर पर शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं मौजूदगी है। यह 7वीं बार है जब प्रधानमंत्री इस ग्लोबल फोरम में हिस्सा ले रहे हैं।

G-7 समिट की दो तस्वीरें…

G7 समिट में पीएम मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया भर से आए नेताओं के साथ ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया।

G7 समिट में पीएम मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया भर से आए नेताओं के साथ ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया।

ग्रुप फोटो सेशन के बीच मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से मुलाकात की। दो महीने के अंदर यह दोनों की दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 20 मई को रोम में मिले थे।

ग्रुप फोटो सेशन के बीच मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से मुलाकात की। दो महीने के अंदर यह दोनों की दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 20 मई को रोम में मिले थे।

G7 समिट में 12 देशों के नेता हिस्सा ले रहे

G7 समिट में इसके सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के नेता शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। फ्रांस ने समिट में G7 देशों के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है।

इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज, नासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो भी शामिल हैं।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था।

2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए।

इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए।

G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है

एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं।

इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियन शहर में हो रही है। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं।

शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया।

G20 से कैसे अलग है G7

G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं।

इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है।

भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था।

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