इंडियन U-18 वॉलीबॉल टीम के लिए चुनी गई अर्चिता वेक्टा।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के ठियोग क्षेत्र की बेटी अर्चिता बेक्टा ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। गवर्नमेंट मॉडल स्कूल सैंज की छात्रा अर्चिता बेक्टा का चयन अंडर-18 इंडियन
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अब वह चीन के शांगलुओ शहर में 1 जुलाई से 10 जुलाई तक आयोजित होने वाली ISF वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। अर्चिता का चयन भारतीय टीम में ब्लॉकर के रूप में हुआ है। वर्तमान में वह नागपुर में भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले रही हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए कड़ी तैयारी कर रही हैं।
3 साल पहले शुरू हुआ सफर, अब पहुंचा अंतरराष्ट्रीय मंच तक
अर्चिता की सफलता की कहानी संघर्ष और समर्पण से भरी है। तीन साल पहले उनकी लंबाई और खेल प्रतिभा को देखते हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स टेक्निकल ऑफिसर एवं कॉमर्स के लेक्चरर सुरेश कंवर, डीपीई सुरेश नेगी और पीईटी बृजेश वर्मा ने उन्हें वॉलीबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह बेटी एक दिन देश की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरेगी।
6 फीट, 1 इंच हाइट
कोचों के मार्गदर्शन और अपनी कड़ी मेहनत से अर्चिता ने खेल में लगातार सुधार किया। उनकी 6 फीट 1 इंच लंबाई और शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। खास बात यह है कि अर्चिता का चयन बिना किसी विशेष हॉस्टल ट्रेनिंग के हुआ है।
नेशनल गेम्स में चमकी प्रतिभा, मिला इंडिया टीम का टिकट
अर्चिता ने हाल ही में ओपन नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यहां उनके खेल, तकनीक और लंबाई को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टीम के लिए चुना। अब वह चीन में होने वाली प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
अर्चिता ठियोग के सैंज क्षेत्र के साथ लगते शिरगुली गांव की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता खेतीबाड़ी करते हैं। साधारण परिवार से निकलकर अर्चिता ने अपनी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर क्षेत्र की बेटियों के लिए नई प्रेरणा पेश की है।
खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल
अर्चिता सिर्फ खेल के मैदान में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी शानदार प्रदर्शन करती रही हैं। स्कूल के प्रिंसिपल देवेंद्र शर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय और दो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बावजूद अर्चिता ने जमा दो कक्षा में 500 में से 466 अंक (93.20 प्रतिशत) हासिल किए हैं।
प्रिंसिपल ने कहा कि अर्चिता की उपलब्धि पूरे विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह बेटी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है।












































