Wednesday, 08 Jul 2026 | 09:30 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Honey Singh’s Faith Connection: Neeleshwar Mahadev Temple Haridwar

Honey Singh’s Faith Connection: Neeleshwar Mahadev Temple Haridwar

नीलेश्वर महादेव के मंदिर में शिवलिंग पर दूध और दही अर्पित करते हनी सिंह।

उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित प्राचीन नीलेश्वर महादेव मंदिर पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर हनी सिंह का फेवरेट है। मंदिर के महंत हरिदास का दावा है कि सिंगर के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव और उनके म्यूजिक कमबैक में इस मंदिर की अहम भूमिका रही है। उनके अनुसार,

.

महंत बताते हैं कि कठिन दौर के बाद जब हनी सिंह ने यहां साधना और अभिषेक किया, तो उनके भीतर गहरा आध्यात्मिक परिवर्तन देखने को मिला। उनका कहना है कि महादेव की कृपा से सिंगर को मानसिक संतुलन, नई ऊर्जा और जीवन की नई दिशा मिली।

महंत हरिदास के अनुसार, नीलेश्वर महादेव मंदिर में उन्हें जो आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिली, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं हुआ और यही जुड़ाव उनके जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता लेकर आया।

हरिद्वार के नीलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग।

पहले 3 पॉइंट्स में नीलेश्वर मंदिर के बारे में जानिए

  • नील पर्वत पर स्थित प्राचीन शिव धाम: हरिद्वार-नजीबाबाद रोड पर चंडी घाट के पास नील पर्वत क्षेत्र में स्थित नीलेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन शिव धामों में गिना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा की जाती है। सुबह-शाम आरती होती है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
  • पौराणिक कथाओं और शिव परंपरा से जुड़ा स्थल: मंदिर के पुजारी राघव भारती के अनुसार, यह स्थान सतयुग काल से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि यहीं से भगवान शिव ने अपनी जटा से वीरभद्र को उत्पन्न कर दक्ष यज्ञ का विध्वंस कराया था। यह भी कहा जाता है कि समुद्र मंथन से निकला विष पीने के बाद भगवान शिव इसी क्षेत्र से नीलकंठ की ओर विश्राम के लिए गए, जिसके कारण पर्वत और गंगा का जल नीला पड़ गया और यह क्षेत्र नील पर्वत व नील गंगा के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
  • विशेष पूजा परंपराएं और मनोकामना पूर्ति की मान्यता: नीलेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल और दूध से अभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि एक लोटा गंगाजल चढ़ाने से तीर्थफल की प्राप्ति होती है, सोमवार को पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और पूर्णिमा पर अभिषेक करने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालु यहां तन-मन के कष्टों से मुक्ति और आध्यात्मिक शांति की कामना लेकर आते हैं।
हनी सिंह कोरोना काल के बाद से लगातार इस मंदिर में आकर अभिषेक करते हैं।

हनी सिंह कोरोना काल के बाद से लगातार इस मंदिर में आकर अभिषेक करते हैं।

अब महंत के अनुसार समझिए हनी सिंह के लिए क्यों खास है मंदिर

पहली बार अभिषेक में भावुक हुए हनी सिंह

मंदिर के महंत हरिदास के अनुसार, जब हनी सिंह पहली बार नीलेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक करने पहुंचे तो वे बेहद भावुक हो गए थे। महंत बताते हैं कि उन्होंने पंजाबी रैपर से कहा था कि जो श्रद्धालु इस शिवलिंग को अपने हाथों में भर लेते हैं, उनके अवगुण दूर हो जाते हैं। महंत के अनुसार, जैसे ही सिंगर ने शिवलिंग को अपनी भुजाओं में भरा, उनकी आंखों से आंसू बहने लगे और वे गहरे आध्यात्मिक भाव में डूब गए।

चार घंटे तक तल्लीन होकर किया अभिषेक

महंत बताते हैं कि पहली पूजा के दौरान हनी सिंह लगभग चार से साढ़े चार घंटे तक एक ही आसन पर बैठकर अभिषेक करते रहे। उनके अनुसार, वह दृश्य ऐसा था मानो कोई भक्त लंबे समय बाद अपने आराध्य से मिला हो। महंत का कहना है कि उस साधना के बाद उनके भीतर आध्यात्मिक परिवर्तन स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

महंत कहते हैं कि अभिषेक के दौरान हनी सिंह के अंदर दिव्य भक्ति भाव दिखता है।

महंत कहते हैं कि अभिषेक के दौरान हनी सिंह के अंदर दिव्य भक्ति भाव दिखता है।

हर 90 दिन में अभिषेक, ऊर्जा का स्रोत मानते हैं

महंत हरिदास के अनुसार, हनी सिंह अब हर तीन महीने में मंदिर आकर अभिषेक कराते हैं। उनका कहना है कि सिंगर स्वयं बताते हैं कि यदि यह अभिषेक समय पर न हो तो उनकी ऊर्जा कम होने लगती है, जबकि पूजा के बाद वे स्वयं को अत्यंत ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करते हैं।

महादेव भक्ति से आया जीवन में परिवर्तन

महंत का दावा है कि कठिन दौर के बाद जब हनी सिंह महादेव की शरण में आए, तो उनके जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता आई। उनके अनुसार, आज सिंगर के चेहरे की मुस्कान, उनकी ओजस्वी वाणी और व्यक्तित्व में दिखाई देने वाला संतुलन महादेव की कृपा और जागृत भक्ति का परिणाम है।

दुनिया देखी, पर ऐसी शांति कहीं नहीं मिली

महंत हरिदास के मुताबिक, हनी सिंह ने उनसे कहा कि उन्होंने दुनिया देखी है, लेकिन नीलेश्वर महादेव मंदिर में बैठकर जो शांति, प्रेम और आध्यात्मिक अनुभव मिलता है, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं हुआ। महंत का कहना है कि यही जुड़ाव उन्हें बार-बार इस धाम की ओर खींच लाता है।

2014 में गायब हुए, इंटरव्यू में बताई बाइपोलर डिसऑर्डर की जंग

यो यो हनी सिंह 2014 के आसपास अचानक म्यूजिक इंडस्ट्री और सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे। उस समय वे करियर के शिखर पर थे, लेकिन इसके बाद न नए गाने आए, न लाइव शो और न ही मीडिया में उनकी मौजूदगी दिखाई दी। उनकी अनुपस्थिति को लेकर लंबे समय तक तरह-तरह की अटकलें लगती रहीं।

बाद में एक इंटरव्यू में हनी सिंह ने खुलासा किया कि वे बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि यह दौर उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन था, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक इलाज और एकांत में रहना पड़ा।

इसी चुनौतीपूर्ण दौर के बाद उन्होंने धीरे-धीरे खुद को संभाला और वर्षों बाद नए दृष्टिकोण के साथ संगीत जगत में वापसी की।

2021 में किया कमबैक, छवि पूरी तरह बदली

2021 के आसपास हनी सिंह ने फिर से म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय होना शुरू किया। नए गानों, लाइव परफॉर्मेंस और सार्वजनिक उपस्थितियों के जरिए उन्होंने वापसी की। यह वापसी केवल पेशेवर नहीं बल्कि एक बदले हुए व्यक्तित्व के साथ देखी गई।

पहले जहां वे विवादों और पार्टी कल्चर से जुड़े नजर आते थे, वहीं अब वे अधिक शांत, संतुलित और आध्यात्मिक झुकाव वाले व्यक्तित्व के रूप में दिखाई देते हैं। महंत भी इस बदलाव को महादेव की भक्ति से जोड़ते हैं।

नीलेश्वर महादेव मंदिर कैसे पहुंचें…

  • सड़क मार्ग से: नीलेश्वर महादेव मंदिर हरिद्वार और ऋषिकेश से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। हरिद्वार से यह क्षेत्र लगभग 50 किमी के दायरे में पड़ता है, जबकि ऋषिकेश से मंदिर तक की दूरी करीब 26–32 किमी है। श्रद्धालु टैक्सी, निजी वाहन या साझा जीप से नील पर्वत क्षेत्र तक पहुंचते हैं। ऋषिकेश के रामझूला और बस स्टैंड क्षेत्र से नियमित शेयर टैक्सी और जीप सेवाएं भी मिलती हैं।
  • रेल मार्ग से: मंदिर के लिए निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन हरिद्वार जंक्शन है, जहां देश के कई बड़े शहरों से सीधी ट्रेनें आती हैं। इसके अलावा ऋषिकेश रेलवे स्टेशन भी नजदीक पड़ता है। यहां से सड़क मार्ग द्वारा टैक्सी या बस से मंदिर पहुंचा जा सकता है।
  • हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून है, जो मंदिर क्षेत्र से लगभग 45–50 किमी दूर स्थित है। एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए पहले हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचकर वहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक जाया जा सकता है।

———— ये खबर भी पढ़ें…

हरिद्वार में यो यो हनी सिंह का आध्यात्मिक अवतार:नीलेश्वर महादेव मंदिर में किया रुद्राभिषेक, भक्ति में डूबे नजर आए

बॉलीवुड के मशहूर रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह हरिद्वार पहुंचकर अध्यात्म के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। अपने कई इंटरव्यू में वह इस बदलाव का जिक्र भी कर चुके हैं। इसी कड़ी में हनी सिंह एक बार फिर धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
'मम्मी-चाचू आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं':फरीदाबाद की पायलट बोलीं- अचानक UAE से भारतीयों को रेस्क्यू के ऑर्डर हुए, हम 6 महिलाएं थीं

March 11, 2026/
5:00 am

हरियाणा में फरीदाबाद की रहने वाली पायलट दीपिका अधाना ने अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच UAE से 169...

authorimg

March 30, 2026/
12:52 pm

IVF Fertility Treatment: जब कपल्स फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के विकल्पों पर विचार करना शुरू करते हैं, तो आमतौर पर दो सवाल...

authorimg

February 3, 2026/
7:06 pm

नई दिल्ली. डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां इंटरनेट ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों...

वर्ल्ड अपडेट्स:केन्या में भारी बारिश से तबाही, बाढ़ से 66 लोगों की मौत, हजारों लोग घर छोड़ने को मजबूर

March 16, 2026/
9:47 am

अफ्रीकी देश केन्या में तेज बारिश के बाद आई बाढ़ से हालात खराब हो गए हैं। पिछले एक हफ्ते में...

निरहुआ की एंट्री से बढ़ेंगी मुश्किलें:झोलाछाप डॉक्टर, बदलता गांव और सिस्टम की चुनौतियां… ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ को लेकर अमोल-आकांक्षा ने खोले राज

June 23, 2026/
3:20 pm

वेब सीरीज ‘ग्राम चिकित्सालय सीजन 2’ इस बार सिर्फ गांव और स्वास्थ्य व्यवस्था की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम, भरोसे और...

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

March 26, 2026/
7:47 pm

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 19:47 IST दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश शैली में मुठभेड़ों की कसम खाई,...

अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट; ट्रम्प बोले- अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए अटैक किया

February 28, 2026/
12:04 pm

इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह...

ईरान बोला- जंग में पाकिस्तान का कोई रोल नहीं:ट्रम्प की धमकी पर कहा- 47 साल में कुछ नहीं कर पाए, अब भी नहीं कर पाएंगे

April 6, 2026/
6:35 am

ईरान ने जंग में पाकिस्तान के किसी भी रोल से इनकार किया है। भारत में मौजूद ईरानी सुप्रीम लीडर के...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Honey Singh’s Faith Connection: Neeleshwar Mahadev Temple Haridwar

Honey Singh’s Faith Connection: Neeleshwar Mahadev Temple Haridwar

नीलेश्वर महादेव के मंदिर में शिवलिंग पर दूध और दही अर्पित करते हनी सिंह।

उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित प्राचीन नीलेश्वर महादेव मंदिर पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर हनी सिंह का फेवरेट है। मंदिर के महंत हरिदास का दावा है कि सिंगर के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव और उनके म्यूजिक कमबैक में इस मंदिर की अहम भूमिका रही है। उनके अनुसार,

.

महंत बताते हैं कि कठिन दौर के बाद जब हनी सिंह ने यहां साधना और अभिषेक किया, तो उनके भीतर गहरा आध्यात्मिक परिवर्तन देखने को मिला। उनका कहना है कि महादेव की कृपा से सिंगर को मानसिक संतुलन, नई ऊर्जा और जीवन की नई दिशा मिली।

महंत हरिदास के अनुसार, नीलेश्वर महादेव मंदिर में उन्हें जो आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिली, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं हुआ और यही जुड़ाव उनके जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता लेकर आया।

हरिद्वार के नीलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग।

पहले 3 पॉइंट्स में नीलेश्वर मंदिर के बारे में जानिए

  • नील पर्वत पर स्थित प्राचीन शिव धाम: हरिद्वार-नजीबाबाद रोड पर चंडी घाट के पास नील पर्वत क्षेत्र में स्थित नीलेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन शिव धामों में गिना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा की जाती है। सुबह-शाम आरती होती है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
  • पौराणिक कथाओं और शिव परंपरा से जुड़ा स्थल: मंदिर के पुजारी राघव भारती के अनुसार, यह स्थान सतयुग काल से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि यहीं से भगवान शिव ने अपनी जटा से वीरभद्र को उत्पन्न कर दक्ष यज्ञ का विध्वंस कराया था। यह भी कहा जाता है कि समुद्र मंथन से निकला विष पीने के बाद भगवान शिव इसी क्षेत्र से नीलकंठ की ओर विश्राम के लिए गए, जिसके कारण पर्वत और गंगा का जल नीला पड़ गया और यह क्षेत्र नील पर्वत व नील गंगा के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
  • विशेष पूजा परंपराएं और मनोकामना पूर्ति की मान्यता: नीलेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल और दूध से अभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि एक लोटा गंगाजल चढ़ाने से तीर्थफल की प्राप्ति होती है, सोमवार को पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और पूर्णिमा पर अभिषेक करने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालु यहां तन-मन के कष्टों से मुक्ति और आध्यात्मिक शांति की कामना लेकर आते हैं।
हनी सिंह कोरोना काल के बाद से लगातार इस मंदिर में आकर अभिषेक करते हैं।

हनी सिंह कोरोना काल के बाद से लगातार इस मंदिर में आकर अभिषेक करते हैं।

अब महंत के अनुसार समझिए हनी सिंह के लिए क्यों खास है मंदिर

पहली बार अभिषेक में भावुक हुए हनी सिंह

मंदिर के महंत हरिदास के अनुसार, जब हनी सिंह पहली बार नीलेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक करने पहुंचे तो वे बेहद भावुक हो गए थे। महंत बताते हैं कि उन्होंने पंजाबी रैपर से कहा था कि जो श्रद्धालु इस शिवलिंग को अपने हाथों में भर लेते हैं, उनके अवगुण दूर हो जाते हैं। महंत के अनुसार, जैसे ही सिंगर ने शिवलिंग को अपनी भुजाओं में भरा, उनकी आंखों से आंसू बहने लगे और वे गहरे आध्यात्मिक भाव में डूब गए।

चार घंटे तक तल्लीन होकर किया अभिषेक

महंत बताते हैं कि पहली पूजा के दौरान हनी सिंह लगभग चार से साढ़े चार घंटे तक एक ही आसन पर बैठकर अभिषेक करते रहे। उनके अनुसार, वह दृश्य ऐसा था मानो कोई भक्त लंबे समय बाद अपने आराध्य से मिला हो। महंत का कहना है कि उस साधना के बाद उनके भीतर आध्यात्मिक परिवर्तन स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

महंत कहते हैं कि अभिषेक के दौरान हनी सिंह के अंदर दिव्य भक्ति भाव दिखता है।

महंत कहते हैं कि अभिषेक के दौरान हनी सिंह के अंदर दिव्य भक्ति भाव दिखता है।

हर 90 दिन में अभिषेक, ऊर्जा का स्रोत मानते हैं

महंत हरिदास के अनुसार, हनी सिंह अब हर तीन महीने में मंदिर आकर अभिषेक कराते हैं। उनका कहना है कि सिंगर स्वयं बताते हैं कि यदि यह अभिषेक समय पर न हो तो उनकी ऊर्जा कम होने लगती है, जबकि पूजा के बाद वे स्वयं को अत्यंत ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करते हैं।

महादेव भक्ति से आया जीवन में परिवर्तन

महंत का दावा है कि कठिन दौर के बाद जब हनी सिंह महादेव की शरण में आए, तो उनके जीवन में स्थिरता और सकारात्मकता आई। उनके अनुसार, आज सिंगर के चेहरे की मुस्कान, उनकी ओजस्वी वाणी और व्यक्तित्व में दिखाई देने वाला संतुलन महादेव की कृपा और जागृत भक्ति का परिणाम है।

दुनिया देखी, पर ऐसी शांति कहीं नहीं मिली

महंत हरिदास के मुताबिक, हनी सिंह ने उनसे कहा कि उन्होंने दुनिया देखी है, लेकिन नीलेश्वर महादेव मंदिर में बैठकर जो शांति, प्रेम और आध्यात्मिक अनुभव मिलता है, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं हुआ। महंत का कहना है कि यही जुड़ाव उन्हें बार-बार इस धाम की ओर खींच लाता है।

2014 में गायब हुए, इंटरव्यू में बताई बाइपोलर डिसऑर्डर की जंग

यो यो हनी सिंह 2014 के आसपास अचानक म्यूजिक इंडस्ट्री और सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे। उस समय वे करियर के शिखर पर थे, लेकिन इसके बाद न नए गाने आए, न लाइव शो और न ही मीडिया में उनकी मौजूदगी दिखाई दी। उनकी अनुपस्थिति को लेकर लंबे समय तक तरह-तरह की अटकलें लगती रहीं।

बाद में एक इंटरव्यू में हनी सिंह ने खुलासा किया कि वे बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि यह दौर उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन था, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक इलाज और एकांत में रहना पड़ा।

इसी चुनौतीपूर्ण दौर के बाद उन्होंने धीरे-धीरे खुद को संभाला और वर्षों बाद नए दृष्टिकोण के साथ संगीत जगत में वापसी की।

2021 में किया कमबैक, छवि पूरी तरह बदली

2021 के आसपास हनी सिंह ने फिर से म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय होना शुरू किया। नए गानों, लाइव परफॉर्मेंस और सार्वजनिक उपस्थितियों के जरिए उन्होंने वापसी की। यह वापसी केवल पेशेवर नहीं बल्कि एक बदले हुए व्यक्तित्व के साथ देखी गई।

पहले जहां वे विवादों और पार्टी कल्चर से जुड़े नजर आते थे, वहीं अब वे अधिक शांत, संतुलित और आध्यात्मिक झुकाव वाले व्यक्तित्व के रूप में दिखाई देते हैं। महंत भी इस बदलाव को महादेव की भक्ति से जोड़ते हैं।

नीलेश्वर महादेव मंदिर कैसे पहुंचें…

  • सड़क मार्ग से: नीलेश्वर महादेव मंदिर हरिद्वार और ऋषिकेश से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। हरिद्वार से यह क्षेत्र लगभग 50 किमी के दायरे में पड़ता है, जबकि ऋषिकेश से मंदिर तक की दूरी करीब 26–32 किमी है। श्रद्धालु टैक्सी, निजी वाहन या साझा जीप से नील पर्वत क्षेत्र तक पहुंचते हैं। ऋषिकेश के रामझूला और बस स्टैंड क्षेत्र से नियमित शेयर टैक्सी और जीप सेवाएं भी मिलती हैं।
  • रेल मार्ग से: मंदिर के लिए निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन हरिद्वार जंक्शन है, जहां देश के कई बड़े शहरों से सीधी ट्रेनें आती हैं। इसके अलावा ऋषिकेश रेलवे स्टेशन भी नजदीक पड़ता है। यहां से सड़क मार्ग द्वारा टैक्सी या बस से मंदिर पहुंचा जा सकता है।
  • हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून है, जो मंदिर क्षेत्र से लगभग 45–50 किमी दूर स्थित है। एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए पहले हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचकर वहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक जाया जा सकता है।

———— ये खबर भी पढ़ें…

हरिद्वार में यो यो हनी सिंह का आध्यात्मिक अवतार:नीलेश्वर महादेव मंदिर में किया रुद्राभिषेक, भक्ति में डूबे नजर आए

बॉलीवुड के मशहूर रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह हरिद्वार पहुंचकर अध्यात्म के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। अपने कई इंटरव्यू में वह इस बदलाव का जिक्र भी कर चुके हैं। इसी कड़ी में हनी सिंह एक बार फिर धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.