Thursday, 30 Apr 2026 | 05:11 PM

Trending :

India Eyes Glory vs Chinese Taipei; HS Prannoy, Satwik-Chirag Boost नृसिंह जयंती पर 6 दिन नौका विहार करेंगे राधा-कृष्ण:उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में आज शाम से होगी शुरुआत 5 घंटे हाईवे पर फंसी रहीं दिल चाहता है एक्ट्रेस:खाना भी नहीं मिला, तंग आकर वीडियो जारी किया, कहा- हमारे लिए दुआ करें, ये डरावना है 5 घंटे हाईवे पर फंसी रहीं दिल चाहता है एक्ट्रेस:खाना भी नहीं मिला, तंग आकर वीडियो जारी किया, कहा- हमारे लिए दुआ करें, ये डरावना है बैतूल में शादी समारोह में डीजे वाहन भीड़ में घुसा:दूल्हे के पेट से गुजरा टायर, कई घायल; आशंका- ब्रेक फेल होने से हादसा निवाड़ी में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर प्रदर्शन:पृथ्वीपुर और जेरोन में PM आवास और भूमि पट्टे की मांग; तहसीलदार को दिया ज्ञापन
EXCLUSIVE

How To Identify Emotional eating । इमोशनल ईटिंग के संकेत, बचाव और सेहत पर असर जानें

perfGogleBtn

Last Updated:

Signs Of Emotional Eating: टेंशन में ज्यादा खाना इमोशनल ईटिंग का संकेत हो सकता है. स्ट्रेस के दौरान कोर्टिसोल और डोपामिन जैसे हार्मोन भूख बढ़ाते हैं. यह आदत धीरे धीरे वजन और सेहत पर असर डाल सकती है. दस मिनट रुकना, हेल्दी स्नैक चुनना और स्ट्रेस मैनेज करना मददगार है. भावनाओं को समझकर और सही आदतें अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

Signs Of Emotional Eating: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में टेंशन और स्ट्रेस जैसे शब्द आम हो चुके हैं. काम का दबाव, पढ़ाई की चिंता, रिश्तों की उलझन या पैसों की परेशानी, हर कोई किसी न किसी वजह से मानसिक दबाव में है. ऐसे में कई लोग अनजाने में एक आदत अपना लेते हैं, बार बार कुछ न कुछ खाते रहना. खासकर मीठा, चिप्स, चॉकलेट, फास्ट फूड या कोई भी ऐसा खाना जो तुरंत अच्छा महसूस कराए. उस समय लगता है कि खाने से मन हल्का हो रहा है, लेकिन कुछ देर बाद अपराधबोध भी होने लगता है.

a

यही आदत धीरे धीरे इमोशनल ईटिंग में बदल जाती है. यानी जब भूख पेट की नहीं बल्कि मन की हो. कई लोग समझ ही नहीं पाते कि उन्हें सच में भूख लगी है या वे सिर्फ टेंशन से बचने के लिए खा रहे हैं. अगर समय रहते इस आदत को न समझा जाए तो वजन बढ़ना, थकान, सुस्ती और सेहत से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो सकती हैं.

a

क्या है इमोशनल ईटिंग: इमोशनल ईटिंग का मतलब है भावनाओं के कारण खाना. जब हम उदास, गुस्से में, अकेले या परेशान होते हैं तो दिमाग जल्दी राहत चाहता है. ऐसे में दिमाग मीठा या तला हुआ खाना खाने का संकेत देता है, क्योंकि इससे तुरंत खुशी का एहसास होता है. लेकिन यह खुशी थोड़े समय के लिए ही होती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

a

इसके पीछे का साइंस: जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है. यह हार्मोन भूख बढ़ाने का काम करता है. साथ ही जब हम मीठा या पसंदीदा खाना खाते हैं तो डोपामिन निकलता है, जिसे हैप्पी हार्मोन कहा जाता है. इससे दिमाग को कुछ समय के लिए राहत मिलती है. लेकिन यह आदत बार बार दोहराने पर शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है.

a

कैसे पहचानें कि आप इमोशनल ईटर हैं? अगर आपको बिना असली भूख लगे भी बार बार कुछ खाने का मन करता है, उदासी या गुस्से में खासकर मीठा या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होती है, खाना खाने के बाद अपराधबोध महसूस होता है, बोरियत में आप बार बार किचन की तरफ चले जाते हैं या रात में अकेले ज्यादा खा लेते हैं, तो ये इमोशनल ईटिंग के संकेत हो सकते हैं. अगर ये आदतें आपमें दिख रही हैं, तो सावधान होने और समय रहते अपनी भावनाओं को समझने की जरूरत है.

a

1. असली भूख और मन की भूख में फर्क समझें: खाना खाने से पहले खुद से पूछें कि क्या सच में पेट भूखा है. अगर हां तो हेल्दी खाना खाएं. अगर नहीं तो समझें कि यह सिर्फ भावना है.

a

2. दस मिनट का नियम अपनाएं: जब भी अचानक खाने का मन करे, दस मिनट रुकें. इस दौरान पानी पिएं या थोड़ी वॉक करें. अक्सर क्रेविंग अपने आप कम हो जाती है.

a

3. स्ट्रेस कम करने के दूसरे तरीके खोजेंछ संगीत सुनें, किसी दोस्त से बात करें, गहरी सांस लें या हल्की एक्सरसाइज करें. हर समस्या का हल खाना नहीं है.

a

4. हेल्दी स्नैक रखें: अगर आपको पता है कि शाम को ज्यादा खाने की आदत है, तो घर में फल, नट्स या दही जैसे विकल्प रखें. जंक फूड कम खरीदें.

a

5. नींद पूरी लें: नींद की कमी भी भूख बढ़ाती है. रोज कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें.

a

6. अपनी भावनाएं लिखें: जब भी ज्यादा खाने का मन करे, अपनी भावना लिखें. इससे आप समझ पाएंगे कि असली वजह क्या है.

a

क्यों जरूरी है इस आदत को रोकना: इमोशनल ईटिंग से सिर्फ वजन नहीं बढ़ता, बल्कि आत्मविश्वास भी कम होता है. बार बार अपराधबोध होने से मानसिक तनाव और बढ़ सकता है. इसलिए समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है. याद रखें, खाना दुश्मन नहीं है. समस्या तब होती है जब हम भावनाओं को दबाने के लिए खाने का सहारा लेने लगते हैं. अगर आप अपनी भावनाओं को समझना शुरू कर दें, तो इस आदत को बदलना आसान हो सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
वरुण की बेटी को हुई थी DDH नाम की बीमारी:चलने में होती थी दिक्कत, ढाई महीने कमर से पैर तक प्लास्टर में रहना पड़ा

March 28, 2026/
12:52 pm

एक्टर वरुण धवन ने हाल ही में बताया कि उनकी बेटी लारा डेढ़ साल की उम्र में डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ...

authorimg

February 23, 2026/
10:30 pm

Last Updated:February 23, 2026, 22:30 IST आजमगढ़ जिले में मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक उपचार की नई...

विदिशा में सिंचाई नहर पर कब्जा, 11 को नोटिस:उद्वहन योजना पर अतिक्रमण, बन गए मकान और कॉलोनियां; कांग्रेस ने उठाए सवाल

April 29, 2026/
6:06 pm

विदिशा जिले में दशकों पुरानी उद्वहन सिंचाई योजना की नहर पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। किसानों के लिए...

हिमाचल CM पश्चिम बंगाल में करेंगे चुनाव प्रचार:जयराम बोले-सुक्खू का जाना अच्छी खबर, बिहार भी गए थे; वहां बोलेरो में फिट हुई कांग्रेस

April 17, 2026/
12:44 pm

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दोपहर बाद शिमला से दिल्ली रवाना हुए। वह, कल दिल्ली से कोलकाता जाएंगे।...

CBSE Results 2026

April 6, 2026/
9:35 am

आखरी अपडेट:06 अप्रैल, 2026, 09:35 IST इडुक्की कांग्रेस नेता सीपी मैथ्यू ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों...

ask search icon

March 20, 2026/
5:36 pm

Last Updated:March 20, 2026, 17:36 IST शहद सिर्फ मिठास बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुधार के लिए भी उपयोगी...

authorimg

April 5, 2026/
11:00 pm

Last Updated:April 05, 2026, 23:00 IST Nirgundi Benefits: रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन ने बताया, चरक और सुश्रुत संहिता में...

16 मार्च को 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव: एनडीए बनाम भारत ब्लॉक नंबर गेम की व्याख्या | राजनीति समाचार

February 19, 2026/
10:15 am

आखरी अपडेट:19 फरवरी, 2026, 10:15 IST सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए राज्यसभा में अपनी संख्या में संभावित वृद्धि की...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

How To Identify Emotional eating । इमोशनल ईटिंग के संकेत, बचाव और सेहत पर असर जानें

perfGogleBtn

Last Updated:

Signs Of Emotional Eating: टेंशन में ज्यादा खाना इमोशनल ईटिंग का संकेत हो सकता है. स्ट्रेस के दौरान कोर्टिसोल और डोपामिन जैसे हार्मोन भूख बढ़ाते हैं. यह आदत धीरे धीरे वजन और सेहत पर असर डाल सकती है. दस मिनट रुकना, हेल्दी स्नैक चुनना और स्ट्रेस मैनेज करना मददगार है. भावनाओं को समझकर और सही आदतें अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

Signs Of Emotional Eating: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में टेंशन और स्ट्रेस जैसे शब्द आम हो चुके हैं. काम का दबाव, पढ़ाई की चिंता, रिश्तों की उलझन या पैसों की परेशानी, हर कोई किसी न किसी वजह से मानसिक दबाव में है. ऐसे में कई लोग अनजाने में एक आदत अपना लेते हैं, बार बार कुछ न कुछ खाते रहना. खासकर मीठा, चिप्स, चॉकलेट, फास्ट फूड या कोई भी ऐसा खाना जो तुरंत अच्छा महसूस कराए. उस समय लगता है कि खाने से मन हल्का हो रहा है, लेकिन कुछ देर बाद अपराधबोध भी होने लगता है.

a

यही आदत धीरे धीरे इमोशनल ईटिंग में बदल जाती है. यानी जब भूख पेट की नहीं बल्कि मन की हो. कई लोग समझ ही नहीं पाते कि उन्हें सच में भूख लगी है या वे सिर्फ टेंशन से बचने के लिए खा रहे हैं. अगर समय रहते इस आदत को न समझा जाए तो वजन बढ़ना, थकान, सुस्ती और सेहत से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो सकती हैं.

a

क्या है इमोशनल ईटिंग: इमोशनल ईटिंग का मतलब है भावनाओं के कारण खाना. जब हम उदास, गुस्से में, अकेले या परेशान होते हैं तो दिमाग जल्दी राहत चाहता है. ऐसे में दिमाग मीठा या तला हुआ खाना खाने का संकेत देता है, क्योंकि इससे तुरंत खुशी का एहसास होता है. लेकिन यह खुशी थोड़े समय के लिए ही होती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

a

इसके पीछे का साइंस: जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है. यह हार्मोन भूख बढ़ाने का काम करता है. साथ ही जब हम मीठा या पसंदीदा खाना खाते हैं तो डोपामिन निकलता है, जिसे हैप्पी हार्मोन कहा जाता है. इससे दिमाग को कुछ समय के लिए राहत मिलती है. लेकिन यह आदत बार बार दोहराने पर शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है.

a

कैसे पहचानें कि आप इमोशनल ईटर हैं? अगर आपको बिना असली भूख लगे भी बार बार कुछ खाने का मन करता है, उदासी या गुस्से में खासकर मीठा या जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होती है, खाना खाने के बाद अपराधबोध महसूस होता है, बोरियत में आप बार बार किचन की तरफ चले जाते हैं या रात में अकेले ज्यादा खा लेते हैं, तो ये इमोशनल ईटिंग के संकेत हो सकते हैं. अगर ये आदतें आपमें दिख रही हैं, तो सावधान होने और समय रहते अपनी भावनाओं को समझने की जरूरत है.

a

1. असली भूख और मन की भूख में फर्क समझें: खाना खाने से पहले खुद से पूछें कि क्या सच में पेट भूखा है. अगर हां तो हेल्दी खाना खाएं. अगर नहीं तो समझें कि यह सिर्फ भावना है.

a

2. दस मिनट का नियम अपनाएं: जब भी अचानक खाने का मन करे, दस मिनट रुकें. इस दौरान पानी पिएं या थोड़ी वॉक करें. अक्सर क्रेविंग अपने आप कम हो जाती है.

a

3. स्ट्रेस कम करने के दूसरे तरीके खोजेंछ संगीत सुनें, किसी दोस्त से बात करें, गहरी सांस लें या हल्की एक्सरसाइज करें. हर समस्या का हल खाना नहीं है.

a

4. हेल्दी स्नैक रखें: अगर आपको पता है कि शाम को ज्यादा खाने की आदत है, तो घर में फल, नट्स या दही जैसे विकल्प रखें. जंक फूड कम खरीदें.

a

5. नींद पूरी लें: नींद की कमी भी भूख बढ़ाती है. रोज कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें.

a

6. अपनी भावनाएं लिखें: जब भी ज्यादा खाने का मन करे, अपनी भावना लिखें. इससे आप समझ पाएंगे कि असली वजह क्या है.

a

क्यों जरूरी है इस आदत को रोकना: इमोशनल ईटिंग से सिर्फ वजन नहीं बढ़ता, बल्कि आत्मविश्वास भी कम होता है. बार बार अपराधबोध होने से मानसिक तनाव और बढ़ सकता है. इसलिए समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है. याद रखें, खाना दुश्मन नहीं है. समस्या तब होती है जब हम भावनाओं को दबाने के लिए खाने का सहारा लेने लगते हैं. अगर आप अपनी भावनाओं को समझना शुरू कर दें, तो इस आदत को बदलना आसान हो सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.