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Indigo Flights Fare Hike | Jet Fuel Surge Impacts Travel

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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

इंडिगो की फ्लाइट्स कल से महंगी हो जाएंगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी ने 18 दिन में दूसरी बार सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाने की घोषणा की है। कंपनी ने इससे पहले 14 मार्च को फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था।

एयरलाइन ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की वजह से यह फैसला लिया है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा के अनुसार, पिछले एक महीने में फ्यूल की कीमतें 130% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।

एक्सट्रा फ्यूल चार्ज के साथ टिकटों की नई कीमतें 2 अप्रैल रात 12:01 बजे से लागू हो जाएंगी। यानी घरेलू उड़ानों के लिए आपको अधिकतम 950 रुपए तक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए अधिकतम 10 हजार रुपए तक ज्यादा चार्ज देना होगा।

दूरी के हिसाब से लगेगा चार्ज

जेट फ्यूल की कीमतें 130% बढ़ने के बाद भी राहत की बात यह है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने से रोक दिया है। सरकार ने अभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए सिर्फ 25% आंशिक बढ़ोत्तरी की ही अनुमति दी है।

इंडिगो के अनुसार, उन्होंने दूरी के अनुसार फ्यूल चार्ज को ‘री-कैलिब्रेट’ किया है, यानी आपका सफर जितना लंबा होगा, टिकट के लिए फ्यूल चार्ज भी उतना ही ज्यादा देना होगा।

इंटरनेशनल रूट पर खर्च बढ़ा

एयरलाइन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागत का दबाव बहुत ज्यादा है। पिछले एक महीने में ही ग्लोबल मार्केट में जेट फ्यूल के दाम दोगुने से ज्यादा हो गए हैं, जिससे विमान उड़ाने का खर्च काफी बढ़ गया है।

फ्यूल महंगा होने की सबसे बड़ी वजह ईरान जंग और कच्चे तेल के बाजार में अस्थिरता है। हॉर्मुज रूट से सप्लाई रुकने के डर ने कीमतें बढ़ा दी हैं। भारत तेल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक हलचल का सीधा असर यहां की एयरलाइंस पर हो रहा है।

फ्यूल पर ₹50 प्रति लीटर अतिरिक्त ड्यूटी को मंजूरी

लागत बढ़ने की एक और बड़ी वजह टैक्स में बढ़ोतरी है। बुधवार को राज्यसभा में विमान ईंधन पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव पास हो गया। पंकज चौधरी द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में 26 मार्च 2026 के एक नोटिफिकेशन को मंजूरी दी गई। इसके तहत फाइनेंस एक्ट 2002 में बदलाव कर एटीएफ पर ₹50 प्रति लीटर की ‘स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी’ लगाने का फैसला किया गया है।

एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल

जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे।

दुनियाभर में इन एयरलाइंस ने भी किराया बढ़ाया

एयर न्यूजीलैंड: एयर न्यूजीलैंड ने मंगलवार को अपने टिकटों के दाम में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने घरेलू उड़ानों के लिए एक तरफ का किराया 10 न्यूजीलैंड डॉलर बढ़ा दिया है। वहीं शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए 20 डॉलर और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए 90 डॉलर की बढ़ोतरी की गई है। कंपनी ने 2026 के लिए अपना कमाई का अनुमान भी वापस ले लिया है, क्योंकि मार्केट में भारी अस्थिरता है।

हांगकांग एयरलाइंस: हांगकांग एयरलाइंस गुरुवार से फ्यूल सरचार्ज में 35.2% तक की बढ़ोतरी करने जा रही है। मालदीव, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों के लिए यह सरचार्ज 284 हांगकांग डॉलर से बढ़ाकर 384 हांगकांग डॉलर कर दिया गया है। वहीं कैथे पैसिफिक ने मार्च में लंदन और ज्यूरिख के लिए एक्स्ट्रा फ्लाइट्स शुरू की हैं ताकि प्रभावित रूट्स के यात्रियों को ऑप्शन मिल सके। कंपनी फिलहाल हर महीने फ्यूल सरचार्ज का रिव्यू कर रही है।

क्वांटास और SAS: ऑस्ट्रेलिया की फ्लैग कैरियर क्वांटास एयरवेज ने अपने इंटरनेशनल रूट्स पर किराया बढ़ा दिया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स 90% से ज्यादा फुल चल रही हैं, इसलिए वे आने वाले महीनों में कैपेसिटी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। नॉर्डिक देशों यानी उत्तरी यूरोप की प्रमुख एयरलाइन SAS (स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस) ने भी बढ़ती लागत को देखते हुए अस्थायी प्राइस एडजस्टमेंट लागू किया है।

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एअर इंडिया की घरेलू फ्लाइट ₹399 महंगी: भारतीय एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स का किराया 15% बढ़ाया; ईरान जंग से जेट फ्यूल के दाम दोगुने

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। एअर इंडिया 12 मार्च से घरेलू फ्लाइट टिकटों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाएगी। यानी टिकट खरीदते समय अब आपको 399 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

वहीं, एअर इंडिया इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर भी सरचार्ज लगेगा। ब्लूमबर्ग ने भी अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

इंडिगो की फ्लाइट्स कल से महंगी हो जाएंगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी ने 18 दिन में दूसरी बार सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाने की घोषणा की है। कंपनी ने इससे पहले 14 मार्च को फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था।

एयरलाइन ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की वजह से यह फैसला लिया है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा के अनुसार, पिछले एक महीने में फ्यूल की कीमतें 130% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।

एक्सट्रा फ्यूल चार्ज के साथ टिकटों की नई कीमतें 2 अप्रैल रात 12:01 बजे से लागू हो जाएंगी। यानी घरेलू उड़ानों के लिए आपको अधिकतम 950 रुपए तक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए अधिकतम 10 हजार रुपए तक ज्यादा चार्ज देना होगा।

दूरी के हिसाब से लगेगा चार्ज

जेट फ्यूल की कीमतें 130% बढ़ने के बाद भी राहत की बात यह है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने से रोक दिया है। सरकार ने अभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए सिर्फ 25% आंशिक बढ़ोत्तरी की ही अनुमति दी है।

इंडिगो के अनुसार, उन्होंने दूरी के अनुसार फ्यूल चार्ज को ‘री-कैलिब्रेट’ किया है, यानी आपका सफर जितना लंबा होगा, टिकट के लिए फ्यूल चार्ज भी उतना ही ज्यादा देना होगा।

इंटरनेशनल रूट पर खर्च बढ़ा

एयरलाइन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागत का दबाव बहुत ज्यादा है। पिछले एक महीने में ही ग्लोबल मार्केट में जेट फ्यूल के दाम दोगुने से ज्यादा हो गए हैं, जिससे विमान उड़ाने का खर्च काफी बढ़ गया है।

फ्यूल महंगा होने की सबसे बड़ी वजह ईरान जंग और कच्चे तेल के बाजार में अस्थिरता है। हॉर्मुज रूट से सप्लाई रुकने के डर ने कीमतें बढ़ा दी हैं। भारत तेल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक हलचल का सीधा असर यहां की एयरलाइंस पर हो रहा है।

फ्यूल पर ₹50 प्रति लीटर अतिरिक्त ड्यूटी को मंजूरी

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एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल

जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है।

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दुनियाभर में इन एयरलाइंस ने भी किराया बढ़ाया

एयर न्यूजीलैंड: एयर न्यूजीलैंड ने मंगलवार को अपने टिकटों के दाम में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने घरेलू उड़ानों के लिए एक तरफ का किराया 10 न्यूजीलैंड डॉलर बढ़ा दिया है। वहीं शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए 20 डॉलर और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए 90 डॉलर की बढ़ोतरी की गई है। कंपनी ने 2026 के लिए अपना कमाई का अनुमान भी वापस ले लिया है, क्योंकि मार्केट में भारी अस्थिरता है।

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क्वांटास और SAS: ऑस्ट्रेलिया की फ्लैग कैरियर क्वांटास एयरवेज ने अपने इंटरनेशनल रूट्स पर किराया बढ़ा दिया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स 90% से ज्यादा फुल चल रही हैं, इसलिए वे आने वाले महीनों में कैपेसिटी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। नॉर्डिक देशों यानी उत्तरी यूरोप की प्रमुख एयरलाइन SAS (स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस) ने भी बढ़ती लागत को देखते हुए अस्थायी प्राइस एडजस्टमेंट लागू किया है।

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एअर इंडिया की घरेलू फ्लाइट ₹399 महंगी: भारतीय एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स का किराया 15% बढ़ाया; ईरान जंग से जेट फ्यूल के दाम दोगुने

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। एअर इंडिया 12 मार्च से घरेलू फ्लाइट टिकटों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाएगी। यानी टिकट खरीदते समय अब आपको 399 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

वहीं, एअर इंडिया इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर भी सरचार्ज लगेगा। ब्लूमबर्ग ने भी अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

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