Monday, 06 Apr 2026 | 12:05 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Iran Leader Khamenei Killed in Israel Missile Attack on Tehran Office

Iran Leader Khamenei Killed in Israel Missile Attack on Tehran Office

तेल अवीव/तेहरान16 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को इजराइल के हवाई हमले में मौत हो गई। यह हमला तेहरान की पास्चर स्ट्रीट के पास उनके ऑफिस पर हुआ, जहां वे कई बड़े ईरानी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में इजराइल ने ऑफिस पर 30 मिसाइलें गिराई थीं, जिसमें खामेनेई के साथ 40 अफसर भी मारे गए थे।

इजराइल ने कई सालों से इस हमले की तैयारी की थी। उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद और यूनिट 8200 ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था। इन कैमरों की तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिण इजराइल के सर्वरों पर भेजी जाती थीं।

अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने भी इस ऑपरेशन में मदद की। इसमें एक खास कैमरा था, क्योंकि उससे पता चलता था कि सीनियर अधिकारियों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियां कहां पार्क करते हैं।

इजराइल ने ईरान की फोन टावरों को हैक किया था

इन कैमरों से इजराइल को अफसरों के बारे में बहुत जानकारी मिली, जैसे उनका घर कहां है, वे कब ड्यूटी पर आते हैं, कौन सा रास्ता लेते हैं, और सबसे जरूरी बात वे किस नेता की सुरक्षा करते हैं या किसे ले जाते हैं। इसे इंटेलिजेंस में ‘पैटर्न ऑफ लाइफ’ कहते हैं। यह जानकारी इजराइल को खामेनेई की हत्या के लिए बहुत काम आई। यह एकमात्र तरीका नहीं था। इजराइल और CIA ने कई तरह की खुफिया जानकारी जुटाई थी। इजराइल ने पास्चर स्ट्रीट के आसपास के मोबाइल फोन टावरों को भी हैक किया, ताकि हमले के समय फोन व्यस्त दिखें और सुरक्षा टीम को कोई चेतावनी न मिले।

1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के दौरान एक प्रोटेस्ट में खामेनेई (बीच में)।

1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के दौरान एक प्रोटेस्ट में खामेनेई (बीच में)।

ईरान के कोने-कोने से वाकिफ है इजराइली अधिकारी

इजराइल के एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने कहा कि वे तेहरान को उतनी अच्छी तरह जानते हैं जितनी अच्छी तरह यरुशलम को जानते हैं। जब आप किसी जगह को इतनी अच्छी तरह जानते हैं, तो वहां की कोई भी छोटी सी गड़बड़ी भी नजर आ जाती है।

यह सब इजराइल की यूनिट 8200 (सिग्नल इंटेलिजेंस), मोसाद के ह्मयुमन सोर्स और मिलिट्री इंटेलिजेंस के डेटा से हुआ। उन्होंने सोशल नेटवर्क एनालिसिस नाम की मैथमैटिकल विधि से अरबों डेटा पॉइंट्स को छांटा और नए टारगेट ढूंढे।

इजराइल में टारगेटिंग इंटेलिजेंस बहुत जरूरी है, अगर फैसला होता है कि किसी को मारना है, तो इंटेलिजेंस उसे पूरा करने के लिए तैयार हो जाता है।

खामेनेई बोले थे- मेरी मौत से फर्क नहीं पड़ता

खामेनेई की हत्या एक राजनीतिक फैसला था, सिर्फ तकनीक का कमाल नहीं। जब CIA और इजराइल को पता चला कि शनिवार सुबह खामेनेई अपने ऑफिस में बैठक कर रहे हैं और कई बड़े नेता साथ हैं, तो मौका बहुत अच्छा लगा। युद्ध शुरू होने के बाद उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता, क्योंकि वे बंकरों में छिप जाते।

खामेनेई हिज्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की तरह छिपकर नहीं रहते थे। नसरल्लाह सालों से बंकर में रहता था, लेकिन खामेनेई ने कभी-कभी सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी मौत से फर्क नहीं पड़ता।

इस्लामिक आंदोलन के दौरान पहलवी शासन के विरुद्ध भाषण देने के लिए खामेनेई को 6 बार गिरफ्तार किया गया था।

इस्लामिक आंदोलन के दौरान पहलवी शासन के विरुद्ध भाषण देने के लिए खामेनेई को 6 बार गिरफ्तार किया गया था।

37 साल से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज थे खामेनेई

आयतुल्ला अली खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी।

इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था।

अब मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…

अयातुल्ला अली खामेनेई रेजा शाह पहलवी की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे। 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।

1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामिक सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।

1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।

1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की पत्नी की भी मौत

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 2 दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया है।

मंसूरेह दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल हुई थीं। इसी हमले में खामेनेई मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि मंसूरेह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मंसूरेह ने 1964 में अयातुल्ला अली खामेनेई से शादी की थी। उस वक्त खामेनेई एक युवा धर्मगुरु के रूप में सक्रिय थे। 1947 में मशहद में जन्मीं मंसूरेह एक धार्मिक परिवार से आती हैं। उनके पिता आयतुल्लाह मोहम्मद बघेर खोझस्तेह मशहद के प्रतिष्ठित धर्मगुरु थे।

सर्वोच्च नेता की पत्नी होने के बावजूद मंसूरेह ने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से दूरी बनाए रखी। (फाइल फोटो)

सर्वोच्च नेता की पत्नी होने के बावजूद मंसूरेह ने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से दूरी बनाए रखी। (फाइल फोटो)

पिछले साल ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिक मारे गए थे

जून 2025 के 12 दिनों के युद्ध में इजराइल ने ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिकों और बड़े अधिकारियों को मारा था। उस समय ईरान के एयर डिफेंस को साइबर अटैक, छोटे ड्रोन और सटीक मिसाइलों से नष्ट किया गया था। इजराइल ने स्पैरो मिसाइल इस्तेमाल की, जो 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूर से छोटे टारगेट को मार सकती है। इस हमले में इजराइल के जेट कई घंटे उड़कर आए और 30 से ज्यादा सटीक मिसाइलें दागीं। हमला सुबह किया गया था, यह ईरान के लिए सरप्राइज मिलने जैसा था। इजराइल को दो खुफिया एजेंटों ने खामेनेई के ऑफिस में होने की पुष्टि की थी।

इजराइल ने पहले भी कई लोगों को मारा है, जैसे न्यूक्लियर वैज्ञानिक और मिलिटेंट लीडर। लेकिन खामेनेई जैसा बड़ा नेता मारना बहुत बड़ा कदम है।

न्यूक्लियर डील को लेकर विवाद अमेरिका-ईरान के बीच विवाद चल रहा था

अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर डील को लेकर विवाद चल रहा था। बातचीत के बीच जनवरी 2025 से ही अमेरिका ने ईरान को घेरना शुरू कर दिया था।

फरवरी में दूसरे हफ्ते से अमेरिकी कैरियर USS जेराल्ड फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन भी पहुंच चुके थे। मिडिल ईस्ट में 2003 में इराक पर हमले के बाद से ये अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती थी।

17 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच डील पर जेनेवा में दूसरे दौर की बातचीत असफल हो गई। इसके बाद अमेरिका ने अपने करीब 150 फाइटर जेट्स, फ्यूल टैंकर विमान आदि तैनात करने शुरू कर दिए। 24 फरवरी को इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे और इजराइल के ओवदा एयरबेस पर 12 F-22 तैनात किए गए।

अब जानिए ईरान-इजराइल और अमेरिका जंग में अब तक क्या हुआ…

——————————-

ये खबर भी पढ़ें…

दावा-खामेनेई के बेटे बन सकते हैं ईरान के सुप्रीम लीडर:2 साल से सत्ता संभालने की ट्रेनिंग ले रहे थे; आखिरी फैसला 88 मौलवी करेंगे

अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी जगह कौन लेगा। यह सवाल इसलिए भी, क्योंकि ईरान का सुप्रीम लीडर राष्ट्रपति से भी ज्यादा ताकतवर होता है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन का असर:11वीं सदी के मठों में इस बार बर्फ का सूखा, 47% कम हुई बर्फबारी

February 23, 2026/
1:18 pm

इस बार कई पहाड़ी इलाकों में देर से ही सही, पर भारी बर्फबारी के बावजूद हिमाचल में जलवायु परिवर्तन का...

इंडक्शन-कुकटॉप को इस्तेमाल के बाद तुरंत बंद क्यों नहीं करना चाहिए, जानें एलपीजी संकट में इंडक्शन कुकटॉप के इस्तेमाल का सही तरीका

March 17, 2026/
9:34 am

इन एवेरिट्स कुकिंग टिप्स | छवि: एआई हिंदी में इंडक्शन का उपयोग कैसे करें: इनसेट गैस की कमी के कारण...

लखनऊ में एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग:36 हजार फीट ऊंचाई पर पायलट को धुआं महसूस हुआ; पैसेंजरों ने मास्क लगाए

March 31, 2026/
8:30 am

लखनऊ में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सोमवार शाम फ्लाइट पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से...

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

April 2, 2026/
2:43 pm

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 14:43 IST आप ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर अनुरोध किया है कि राघव...

बुरहानपुर में नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन:36 जोड़ों ने आहुति दी, संस्कार-सद्भाव के संदेश के साथ प्रकृति सेवा का आह्वान

March 20, 2026/
6:00 pm

बुरहानपुर के गायत्री शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन शुक्रवार को हुआ। इस...

authorimg

March 8, 2026/
11:04 pm

High Protein Breakfast: सुबह का समय अक्सर अलार्म, जल्दी तैयार होने और काम की लिस्ट के बीच निकल जाता है....

Indian Air Force Agniveer Vayu Recruitment Reopens

March 5, 2026/
8:00 pm

41 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी इंडियन एयरफोर्स में अग्निवीर वायु भर्ती के लिए आवेदन...

ज्वेरेव पहली बार इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल में:ATP मास्टर्स के सभी 9 इवेंट्स में आखिरी-4 खेलने वाले पांचवें खिलाड़ी बने

March 13, 2026/
8:08 am

जर्मनी के टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने गुरुवार को इंडियन वेल्स मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार सेमीफाइनल...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

Iran Leader Khamenei Killed in Israel Missile Attack on Tehran Office

Iran Leader Khamenei Killed in Israel Missile Attack on Tehran Office

तेल अवीव/तेहरान16 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को इजराइल के हवाई हमले में मौत हो गई। यह हमला तेहरान की पास्चर स्ट्रीट के पास उनके ऑफिस पर हुआ, जहां वे कई बड़े ईरानी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में इजराइल ने ऑफिस पर 30 मिसाइलें गिराई थीं, जिसमें खामेनेई के साथ 40 अफसर भी मारे गए थे।

इजराइल ने कई सालों से इस हमले की तैयारी की थी। उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद और यूनिट 8200 ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था। इन कैमरों की तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिण इजराइल के सर्वरों पर भेजी जाती थीं।

अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने भी इस ऑपरेशन में मदद की। इसमें एक खास कैमरा था, क्योंकि उससे पता चलता था कि सीनियर अधिकारियों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियां कहां पार्क करते हैं।

इजराइल ने ईरान की फोन टावरों को हैक किया था

इन कैमरों से इजराइल को अफसरों के बारे में बहुत जानकारी मिली, जैसे उनका घर कहां है, वे कब ड्यूटी पर आते हैं, कौन सा रास्ता लेते हैं, और सबसे जरूरी बात वे किस नेता की सुरक्षा करते हैं या किसे ले जाते हैं। इसे इंटेलिजेंस में ‘पैटर्न ऑफ लाइफ’ कहते हैं। यह जानकारी इजराइल को खामेनेई की हत्या के लिए बहुत काम आई। यह एकमात्र तरीका नहीं था। इजराइल और CIA ने कई तरह की खुफिया जानकारी जुटाई थी। इजराइल ने पास्चर स्ट्रीट के आसपास के मोबाइल फोन टावरों को भी हैक किया, ताकि हमले के समय फोन व्यस्त दिखें और सुरक्षा टीम को कोई चेतावनी न मिले।

1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के दौरान एक प्रोटेस्ट में खामेनेई (बीच में)।

1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के दौरान एक प्रोटेस्ट में खामेनेई (बीच में)।

ईरान के कोने-कोने से वाकिफ है इजराइली अधिकारी

इजराइल के एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने कहा कि वे तेहरान को उतनी अच्छी तरह जानते हैं जितनी अच्छी तरह यरुशलम को जानते हैं। जब आप किसी जगह को इतनी अच्छी तरह जानते हैं, तो वहां की कोई भी छोटी सी गड़बड़ी भी नजर आ जाती है।

यह सब इजराइल की यूनिट 8200 (सिग्नल इंटेलिजेंस), मोसाद के ह्मयुमन सोर्स और मिलिट्री इंटेलिजेंस के डेटा से हुआ। उन्होंने सोशल नेटवर्क एनालिसिस नाम की मैथमैटिकल विधि से अरबों डेटा पॉइंट्स को छांटा और नए टारगेट ढूंढे।

इजराइल में टारगेटिंग इंटेलिजेंस बहुत जरूरी है, अगर फैसला होता है कि किसी को मारना है, तो इंटेलिजेंस उसे पूरा करने के लिए तैयार हो जाता है।

खामेनेई बोले थे- मेरी मौत से फर्क नहीं पड़ता

खामेनेई की हत्या एक राजनीतिक फैसला था, सिर्फ तकनीक का कमाल नहीं। जब CIA और इजराइल को पता चला कि शनिवार सुबह खामेनेई अपने ऑफिस में बैठक कर रहे हैं और कई बड़े नेता साथ हैं, तो मौका बहुत अच्छा लगा। युद्ध शुरू होने के बाद उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता, क्योंकि वे बंकरों में छिप जाते।

खामेनेई हिज्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की तरह छिपकर नहीं रहते थे। नसरल्लाह सालों से बंकर में रहता था, लेकिन खामेनेई ने कभी-कभी सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी मौत से फर्क नहीं पड़ता।

इस्लामिक आंदोलन के दौरान पहलवी शासन के विरुद्ध भाषण देने के लिए खामेनेई को 6 बार गिरफ्तार किया गया था।

इस्लामिक आंदोलन के दौरान पहलवी शासन के विरुद्ध भाषण देने के लिए खामेनेई को 6 बार गिरफ्तार किया गया था।

37 साल से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज थे खामेनेई

आयतुल्ला अली खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी।

इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था।

अब मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…

अयातुल्ला अली खामेनेई रेजा शाह पहलवी की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे। 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।

1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामिक सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।

1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।

1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की पत्नी की भी मौत

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 2 दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया है।

मंसूरेह दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल हुई थीं। इसी हमले में खामेनेई मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि मंसूरेह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मंसूरेह ने 1964 में अयातुल्ला अली खामेनेई से शादी की थी। उस वक्त खामेनेई एक युवा धर्मगुरु के रूप में सक्रिय थे। 1947 में मशहद में जन्मीं मंसूरेह एक धार्मिक परिवार से आती हैं। उनके पिता आयतुल्लाह मोहम्मद बघेर खोझस्तेह मशहद के प्रतिष्ठित धर्मगुरु थे।

सर्वोच्च नेता की पत्नी होने के बावजूद मंसूरेह ने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से दूरी बनाए रखी। (फाइल फोटो)

सर्वोच्च नेता की पत्नी होने के बावजूद मंसूरेह ने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से दूरी बनाए रखी। (फाइल फोटो)

पिछले साल ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिक मारे गए थे

जून 2025 के 12 दिनों के युद्ध में इजराइल ने ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिकों और बड़े अधिकारियों को मारा था। उस समय ईरान के एयर डिफेंस को साइबर अटैक, छोटे ड्रोन और सटीक मिसाइलों से नष्ट किया गया था। इजराइल ने स्पैरो मिसाइल इस्तेमाल की, जो 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूर से छोटे टारगेट को मार सकती है। इस हमले में इजराइल के जेट कई घंटे उड़कर आए और 30 से ज्यादा सटीक मिसाइलें दागीं। हमला सुबह किया गया था, यह ईरान के लिए सरप्राइज मिलने जैसा था। इजराइल को दो खुफिया एजेंटों ने खामेनेई के ऑफिस में होने की पुष्टि की थी।

इजराइल ने पहले भी कई लोगों को मारा है, जैसे न्यूक्लियर वैज्ञानिक और मिलिटेंट लीडर। लेकिन खामेनेई जैसा बड़ा नेता मारना बहुत बड़ा कदम है।

न्यूक्लियर डील को लेकर विवाद अमेरिका-ईरान के बीच विवाद चल रहा था

अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर डील को लेकर विवाद चल रहा था। बातचीत के बीच जनवरी 2025 से ही अमेरिका ने ईरान को घेरना शुरू कर दिया था।

फरवरी में दूसरे हफ्ते से अमेरिकी कैरियर USS जेराल्ड फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन भी पहुंच चुके थे। मिडिल ईस्ट में 2003 में इराक पर हमले के बाद से ये अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती थी।

17 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच डील पर जेनेवा में दूसरे दौर की बातचीत असफल हो गई। इसके बाद अमेरिका ने अपने करीब 150 फाइटर जेट्स, फ्यूल टैंकर विमान आदि तैनात करने शुरू कर दिए। 24 फरवरी को इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे और इजराइल के ओवदा एयरबेस पर 12 F-22 तैनात किए गए।

अब जानिए ईरान-इजराइल और अमेरिका जंग में अब तक क्या हुआ…

——————————-

ये खबर भी पढ़ें…

दावा-खामेनेई के बेटे बन सकते हैं ईरान के सुप्रीम लीडर:2 साल से सत्ता संभालने की ट्रेनिंग ले रहे थे; आखिरी फैसला 88 मौलवी करेंगे

अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी जगह कौन लेगा। यह सवाल इसलिए भी, क्योंकि ईरान का सुप्रीम लीडर राष्ट्रपति से भी ज्यादा ताकतवर होता है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.