गाजियाबाद. हाल ही में गाजियाबाद में एक ही एड्रेस पर 22 पासपोर्ट बनने की खबर ने विदेश मंत्रालय को हैरान और परेशान कर दिया है. पिछले दिनों गाजियाबाद में एक बहुत बड़े पासपोर्ट फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर और फर्जी कागजों के दम पर 22 पासपोर्ट बनवा लिए गए. इस खेल में पोस्ट ऑफिस का पोस्टमैन भी शामिल था. दिल्ली पासपोर्ट ऑफिस की चिट्ठी के बाद जब गाजियाबाद पुलिस ने जांच शुरू की, परत दर परत राज खुलते चले गए. ऐसे में अब पासपोर्ट विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू की है, जिसमें पासपोर्ट उसी एड्रेस पर बनेगा, जिस एड्रेस पर आवेदक का कम से कम एक स्थाई पता हो. अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं दिल्ली में नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में पहले कभी रह रहे थे, तो अब आप दिल्ली के एड्रेस पर पासपोर्ट नहीं बना सकते.
बीते कुछ सालों से आपको अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए गांव या शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती है. विदेश मंत्रालय की Apply Anywhere in India योजना के तहत आप भारत के किसी भी कोने से पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं. लेकिन, इस सुविधा के साथ कुछ सख्त नियम भी जुड़े हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना आपको अपराधी बना सकता है.
क्या गाजियाबाद का व्यक्ति दिल्ली में पासपोर्ट बनवा सकता है?
जी हां, बिल्कुल! 2018 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) की सीमाएं खत्म हो गई हैं.
आप कैसे पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) को चुन सकते हैं, कैसे होता है वेरिफिकेशन?
जी आप बिल्कुल अपने पसंद का पोसपोर्ट सेवा केंद्र चुन सकते हैं. पुलिस वेरिफिकेशन आपके ‘वर्तमान पते’ (Current Address) पर ही होगा, जहां आप अभी रह रहे हैं. लेकिन बहुत लोग ये करते हैं कि वह रहते हैं गाजियाबाद में लेकिन दिल्ली के अपने पुराने पते पर पासपोर्ट बना लेते हैं. पुलिस वेरिफेकशन में अड़ोसी-पड़ोसी को बोले रखते हैं कि आए तो बता दीजिएगा कि मैं यही रहता हूं. बाद में पुलिस की मदद से पासपोर्ट तो बना लेते हैं, लेकिन जो गैरकानूनी है.
पासपोर्ट बनाने के लिए क्या-क्या जरूरी दस्तावेज चाहिए?
आपको दिल्ली में रहने का सबूत जैसे रेंट एग्रीमेंट, बिजली का बिल, बैंक पासबुक या कंपनी का लेटर देना होगा. भले ही आपके स्थायी पते के दस्तावेज बिहार के हों, लेकिन वर्तमान पता साबित करना अनिवार्य है.
क्या पुराने पते पर पासपोर्ट बन सकता है?
अक्सर लोग उस पते पर पासपोर्ट बनवाने की कोशिश करते हैं जहां वे पहले रहते थे लेकिन अब नहीं रहते. यह पूरी तरह गैर-कानूनी है. पासपोर्ट के नियमों के मुताबिक, आपको केवल उसी पते का जिक्र करना चाहिए जहां आप आवेदन के समय पिछले एक साल से रह रहे हैं. यदि पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान आप उस पते पर नहीं पाए जाते हैं, तो आपकी रिपोर्ट ‘Adverse’ लग जाएगी. इससे न केवल आपका पासपोर्ट आवेदन रद्द होगा, बल्कि आपको ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है.
फर्जी एड्रेस पर पासपोर्ट बनाना कितना बड़ा जुर्म
पासपोर्ट एक बेहद संवेदनशील दस्तावेज है. फर्जी पते या गलत जानकारी देना राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ माना जाता है. पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 कहता है कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या तथ्यों को छुपाता है, तो उसे 2 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. यदि कोई गैर-भारतीय जैसे बांग्लादेशी या रोहिंग्या फर्जी पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाता है, तो सजा 1 साल से 5 साल तक की जेल और 50,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
2026 के नए नियम: डिजिटल और सख्त वेरिफिकेशन
साल 2026 में पासपोर्ट नियमों को और भी ‘हाई-टेक’ बनाया गया है. अब पुलिस वेरिफिकेशन के लिए डिजिटल टैब का इस्तेमाल होता है, जो सीधे जीपीएस (GPS) लोकेशन से जुड़ा होता है. इसका मतलब है कि पुलिसकर्मी को आपके घर आना ही होगा और वह आपकी लोकेशन को सिस्टम में अपडेट करेगा. अगर आप उस एड्रेस पर नहीं रहते हैं, तो सिस्टम तुरंत उसे रिजेक्ट कर देगा.
जरूरी सलाह
सच्चाई ही रास्ता है: हमेशा अपने वर्तमान पते की जानकारी दें. अगर आप किराए पर हैं, तो रेंट एग्रीमेंट को ही आधार बनाएं.
पुराना पासपोर्ट अपडेट: अगर आपके पास पहले से पासपोर्ट है और आपका पता बदल गया है, तो उसे ‘Re-issue’ करवाकर नया पता दर्ज कराएं.
पुलिस से न डरें: पुलिस वेरिफिकेशन अब पहले से बहुत आसान और पारदर्शी हो गया है. बस आपके पास सही दस्तावेज होने चाहिए.
पासपोर्ट बनवाना अब आपका अधिकार है और सरकार ने इसे सुगम बनाया है, लेकिन ईमानदारी ही इसकी पहली शर्त है. फर्जीवाड़े की छोटी सी कोशिश आपकी विदेश यात्रा के सपने को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है.













































