Tuesday, 01 Sep 2026 | 03:47 PM

Trending :

Bhopal Metropolitan Region Notification | 13000 Sq Km Area, 6 Districts Included

Bhopal Metropolitan Region Notification | 13000 Sq Km Area, 6 Districts Included

भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन को लेकर सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसका दायरा 12098 यानी, करीब 13 हजार स्क्वेयर किमी होगा। वहीं, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदापुरम के कुल 2510 गांव जुड़ेंगे।

.

एक्सपर्ट का कहना है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब अपने पुराने भौगोलिक स्वरूप को पीछे छोड़कर एक विशाल ‘महानगर क्षेत्र’ (Metropolitan Region) के रूप में उभरने जा रही है। नोटिफिकेशन के बाद यह सिर्फ भोपाल जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आसपास के आधा दर्जन जिले शामिल होंगे। इसके बाद यहां विकास कार्य कराए जा सकेंगे।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन में नर्मदापुरम भी शामिल मप्. महानगर क्षेत्र नयोजन एवं विकास अधिनियम, 2025 के तहत गठित इस नए रीजन में भोपाल के साथ रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिले के उन हिस्सों को जोड़ा गया है, जो भोपाल की सीमा से सटे हुए हैं और जहां भविष्य में शहरी फैलाव की प्रबल संभावना है। 2510 गांवों को एक साथ एक ही प्रशासनिक नियोजन तंत्र के नीचे लाने का यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा प्रयोग है।

इन जिलों के गांवों का समावेश

  • भोपाल: हुजूर, कोलार और बैरसिया तहसील के लगभग सभी प्रमुख गांव।
  • सीहोर: मंडीदीप और भोपाल सीमा से सटे सीहोर तहसील के दर्जनों गांव।
  • रायसेन: औबेदुल्लागंज और सांची ब्लॉक के महत्वपूर्ण हिस्से।
  • विदिशा: सांची मार्ग पर पड़ने वाले विदिशा तहसील के ग्राम।
  • राजगढ़ और नर्मदापुरम: इन जिलों के वे सीमावर्ती गांव जो नेशनल हाईवे और प्रस्तावित रिंग रोड के कॉरिडोर में आते हैं।

क्यों पड़ी इतने बड़े क्षेत्र की जरूरत? सरकार का मानना है कि भोपाल की बढ़ती आबादी और उद्योगों के दबाव के कारण अनियंत्रित विकास हो रहा था। 2510 गांवों को शामिल करने से अब पूरे क्षेत्र के लिए एक ‘यूनिफाइड मास्टर प्लान’ तैयार होगा।

यह फायदा होगा

  • परिवहन कनेक्टिविटी: मेट्रो रेल, बीआरटीएस और आउटर रिंग रोड का विस्तार अब इन सभी छह जिलों के गांवों तक सुगमता से हो सकेगा।
  • बुनियादी ढांचा: पानी, बिजली और सीवरेज लाइन बिछाने के लिए अलग-अलग जिलों पर निर्भरता खत्म होगी।
  • सैटेलाइट टाउनशिप: बढ़ती आबादी को बसाने के लिए भोपाल के बाहर नए सैटेलाइट शहर विकसित किए जाएंगे।

चुनौतियां और विकास की नई राह इतने विशाल क्षेत्र के प्रबंधन के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त ‘मेट्रोपॉलिटन रीजनल प्लानिंग बोर्ड’ का गठन किया जाएगा। हालांकि, इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र को शहरी नियोजन में शामिल करने से राजस्व और भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन लंबी अवधि में यह भोपाल को दिल्ली-NCR की तर्ज पर एक सशक्त आर्थिक हब के रूप में स्थापित करेगा। निष्कर्ष: भोपाल अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि आधा दर्जन जिलों के संगम से बना एक ‘ग्रेटर भोपाल’ है, जो विकास के नए प्रतिमान गढ़ने को तैयार है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ब्रांड्स का नया ट्रेंड; नस्ली न्याय से बढ़ी सेल्स:जेन जी को टारगेट करने वाले ब्रांड्स को करना पड़ रहा उनके मुद्दों को सपोर्ट

August 10, 2026/
2:20 pm

भारतीय ब्रांड्स ने जेन जी यानी 14 से 29 साल तक की युवा पीढ़ी की भाषा और सौंदर्यबोध अपनाने में...

तस्वीर का विवरण

May 12, 2026/
10:55 pm

भरवां करेला सामग्री बनाने के लिए: 5-6 करेले, 2 बड़े प्याज कटे हुए, 2-3 हरी मिर्च, 1 बड़ा धनिया पाउडर,...

फिल्ममेकर एम. एम. बेग घर में मृत पाए गए:लंबे समय से बीमार थे एक्ट्रेस बेबी गुड्डू के पिता, फिल्म छोटी बहू का किया था निर्देशन

February 19, 2026/
7:18 pm

वरिष्ठ फिल्मकार एम. एम. बेग का उनके घर पर निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे। उनके निधन...

authorimg

April 7, 2026/
12:55 pm

Last Updated:April 07, 2026, 12:55 IST Benefits of Mountain Travel: पहाड़ों पर घूमना और ट्रेकिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद...

टूथब्रश और जीभ क्लीनर: पुराने टूथब्रश और जीभ क्लीनर को कब छोटा किया गया? यहां जानें सही समय और कुछ जरूरी टिप्स

February 26, 2026/
9:09 am

टूथब्रश और जीभ क्लीनर: हम अपने दांतों को चमकाने के लिए महंगे टूथपेस्ट और माउथवॉश पर तो खूब खर्च करते...

बारिश की जगह अब गर्मी से रोके जा रहे खेल:ब्रिटेन की भीषण गर्मी विम्बलडन और महिला टी20 वर्ल्ड कप पर डाल रही असर

July 3, 2026/
12:20 pm

एक समय था जब इंग्लैंड के मैदानों पर मैच शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा नजरें आसमान पर होती थीं।...

राजनीति

Bhopal Metropolitan Region Notification | 13000 Sq Km Area, 6 Districts Included

Bhopal Metropolitan Region Notification | 13000 Sq Km Area, 6 Districts Included

भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन को लेकर सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसका दायरा 12098 यानी, करीब 13 हजार स्क्वेयर किमी होगा। वहीं, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदापुरम के कुल 2510 गांव जुड़ेंगे।

.

एक्सपर्ट का कहना है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब अपने पुराने भौगोलिक स्वरूप को पीछे छोड़कर एक विशाल ‘महानगर क्षेत्र’ (Metropolitan Region) के रूप में उभरने जा रही है। नोटिफिकेशन के बाद यह सिर्फ भोपाल जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आसपास के आधा दर्जन जिले शामिल होंगे। इसके बाद यहां विकास कार्य कराए जा सकेंगे।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन में नर्मदापुरम भी शामिल मप्. महानगर क्षेत्र नयोजन एवं विकास अधिनियम, 2025 के तहत गठित इस नए रीजन में भोपाल के साथ रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिले के उन हिस्सों को जोड़ा गया है, जो भोपाल की सीमा से सटे हुए हैं और जहां भविष्य में शहरी फैलाव की प्रबल संभावना है। 2510 गांवों को एक साथ एक ही प्रशासनिक नियोजन तंत्र के नीचे लाने का यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा प्रयोग है।

इन जिलों के गांवों का समावेश

  • भोपाल: हुजूर, कोलार और बैरसिया तहसील के लगभग सभी प्रमुख गांव।
  • सीहोर: मंडीदीप और भोपाल सीमा से सटे सीहोर तहसील के दर्जनों गांव।
  • रायसेन: औबेदुल्लागंज और सांची ब्लॉक के महत्वपूर्ण हिस्से।
  • विदिशा: सांची मार्ग पर पड़ने वाले विदिशा तहसील के ग्राम।
  • राजगढ़ और नर्मदापुरम: इन जिलों के वे सीमावर्ती गांव जो नेशनल हाईवे और प्रस्तावित रिंग रोड के कॉरिडोर में आते हैं।

क्यों पड़ी इतने बड़े क्षेत्र की जरूरत? सरकार का मानना है कि भोपाल की बढ़ती आबादी और उद्योगों के दबाव के कारण अनियंत्रित विकास हो रहा था। 2510 गांवों को शामिल करने से अब पूरे क्षेत्र के लिए एक ‘यूनिफाइड मास्टर प्लान’ तैयार होगा।

यह फायदा होगा

  • परिवहन कनेक्टिविटी: मेट्रो रेल, बीआरटीएस और आउटर रिंग रोड का विस्तार अब इन सभी छह जिलों के गांवों तक सुगमता से हो सकेगा।
  • बुनियादी ढांचा: पानी, बिजली और सीवरेज लाइन बिछाने के लिए अलग-अलग जिलों पर निर्भरता खत्म होगी।
  • सैटेलाइट टाउनशिप: बढ़ती आबादी को बसाने के लिए भोपाल के बाहर नए सैटेलाइट शहर विकसित किए जाएंगे।

चुनौतियां और विकास की नई राह इतने विशाल क्षेत्र के प्रबंधन के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त ‘मेट्रोपॉलिटन रीजनल प्लानिंग बोर्ड’ का गठन किया जाएगा। हालांकि, इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र को शहरी नियोजन में शामिल करने से राजस्व और भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन लंबी अवधि में यह भोपाल को दिल्ली-NCR की तर्ज पर एक सशक्त आर्थिक हब के रूप में स्थापित करेगा। निष्कर्ष: भोपाल अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि आधा दर्जन जिलों के संगम से बना एक ‘ग्रेटर भोपाल’ है, जो विकास के नए प्रतिमान गढ़ने को तैयार है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.