Sunday, 10 May 2026 | 05:23 PM

Trending :

EXCLUSIVE

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर, क्या की गई है मांग, जानें

authorimg
होमताजा खबरDelhi

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर

Last Updated:

द‍िल्‍ली सरकार के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली के खिलाफ सोशल ज्‍यूर‍िस्‍ट एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की है. पीआईएल में अस्पताल की पॉलिसी को मनमानी और भेदभावकारी बताया है और सरकारी अस्‍पताल होने के बावजूद सबको मुफ्त इलाज न म‍िलने पर सवाल उठाया है. केस की 18 मार्च को सुनवाई होगी.

Zoom

द‍िल्‍ली हाईकोर्ट में आईएलबीएस अस्‍पताल के ख‍िलाफ पीआईएल दायर की गई है.

ILBS Hospital news: इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल में इकॉनोमिकली वीकर सेक्शन के तहत मुफ्त इलाज लेने वालों के लिए आईपीडी यानि भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 10 फीसदी बेड और ओपीडी में 25 फीसदी मरीजों को देखने का कोटा तय किया गया है.

जबकि यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली सरकार के द्वारा स्थापित किया गया था और इसका मालिकाना हक भी राज्य के ही पास है. यहां तक कि यह पूरी तरह सरकार के ही द्वारा फंडेड और नियंत्रित है बावजूद इसके इसे स्वायत्त संस्था के तौर पर घोषित किया हुआ है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए इलाज की सीमाएं तय कर दी गई हैं जो किसी भी तरह से वैध नहीं है.

याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल को सरकार की ओर से लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे हैपेटाइटिस, सिरोसिस, लिवर कैंसर आदि के स्पेशलाइज्ड इलाज करने के लिए बनाया गया था और आज तक सरकार के ही द्वारा पैसा दिया जाता है बावजूद इसके इसमें ऐसी पॉलिसी अपनाई गई है जो इसे सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन ज्यादा बनाती है. जहां तकरीबन 90 फीसदी बेड पैसे का भुगतान करने वाले मरीजों के लिए आरक्षित हैं. यह

इस जनहित याचिका को दायर करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल कहते हैं कि याचिका में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह सरकारी फंडेड अस्पताल की यह पॉलिसी पूरी तरह मनमानी, भेदभावकारी और भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है. यह नीति पब्लिक के पैसों से बने अस्पताल में उन्हें मिलने वाले लाइफ सेविंग इलाज में जबरन बाधा पैदा कर रही है. अस्पताल का यह तरीका सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के भी खिलाफ है.

एडवोकेट अशोक ने बताया कि देश में कहीं भी ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है जहां सब कुछ सरकार का है लेकिन मरीजों का इलाज पैसे लेकर होता है और गरीब मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं. यह अस्पताल सरकारी होते हुए भी प्राइवेट अस्पताल की तरह काम कर रहा है जो इसकी वैधता पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में लिस्ट करा दिया गया है और 18 मार्च बुधवार को इसकी सुनवाई होनी है.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

May 1, 2026/
5:17 pm

IPL में लगातार हार का सामना कर रही मुंबई इंडियंस के लिए एक और बुरी खबर आई है। उनके स्टार...

RAS मेंस एग्जाम-2023 की आंसर-बुक देखने के लिए आवेदन शुरू:30 जून तक कर सकते हैं डाउनलोड ,जानिए,कब तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

March 9, 2026/
8:20 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा 2023 के कैंडिडेट्स अपनी आंसर-बुक...

जंग के बीच आज भारत पहुंचेंगे दो और जहाज:'नंदा देवी' और 'जग लाडकी' LPG और क्रूड ऑयल लेकर आएंगे; शिवालिक जहाज कल पहुंचा था

March 17, 2026/
7:30 am

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 18वां दिन हैं। इस जंग के बीच आज भारत के दो जहाज ‘नंदा देवी’...

Kanjirappally Election Result 2026 LIVE Updates Highlights: Kanjirappally Assembly Seat Winner, Leading, MLA, Margin, Vote Count

May 4, 2026/
11:56 am

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 11:56 IST कूच बिहार, मालदा, जलपाईगुड़ी-बंगाल के बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में 94-96% मतदान हुआ। महिलाओं ने...

आज IPL में CSK-SRH का मुकाबला:शानदार फॉर्म में ईशान किशन, गोपालगंज के साकिब पर भी रहेगी नजर, डेब्यू मैच में झटके थे 4 विकेट

April 18, 2026/
1:04 pm

आज IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30...

Phil Salt Returns England | Finger Injury Update; RCB

May 4, 2026/
4:39 pm

बेंगलुरु21 मिनट पहले कॉपी लिंक इस सीजन 6 पारियों में 200 से ज्यादा रन बनाए। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के ओपनिंग...

घायल फैन का प्रीति जिंटा ने पूछा हालचाल:अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किया वीडियो कॉल, प्रियांश आर्य के शॉट से लगी थी चोट

May 3, 2026/
12:38 pm

प्रियांश आर्य के छक्के से घायल हुए बुजुर्ग फैन कृष्णचंद को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद टीम की को-ओनर...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर, क्या की गई है मांग, जानें

authorimg
होमताजा खबरDelhi

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर

Last Updated:

द‍िल्‍ली सरकार के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली के खिलाफ सोशल ज्‍यूर‍िस्‍ट एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की है. पीआईएल में अस्पताल की पॉलिसी को मनमानी और भेदभावकारी बताया है और सरकारी अस्‍पताल होने के बावजूद सबको मुफ्त इलाज न म‍िलने पर सवाल उठाया है. केस की 18 मार्च को सुनवाई होगी.

Zoom

द‍िल्‍ली हाईकोर्ट में आईएलबीएस अस्‍पताल के ख‍िलाफ पीआईएल दायर की गई है.

ILBS Hospital news: इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल में इकॉनोमिकली वीकर सेक्शन के तहत मुफ्त इलाज लेने वालों के लिए आईपीडी यानि भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 10 फीसदी बेड और ओपीडी में 25 फीसदी मरीजों को देखने का कोटा तय किया गया है.

जबकि यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली सरकार के द्वारा स्थापित किया गया था और इसका मालिकाना हक भी राज्य के ही पास है. यहां तक कि यह पूरी तरह सरकार के ही द्वारा फंडेड और नियंत्रित है बावजूद इसके इसे स्वायत्त संस्था के तौर पर घोषित किया हुआ है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए इलाज की सीमाएं तय कर दी गई हैं जो किसी भी तरह से वैध नहीं है.

याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल को सरकार की ओर से लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे हैपेटाइटिस, सिरोसिस, लिवर कैंसर आदि के स्पेशलाइज्ड इलाज करने के लिए बनाया गया था और आज तक सरकार के ही द्वारा पैसा दिया जाता है बावजूद इसके इसमें ऐसी पॉलिसी अपनाई गई है जो इसे सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन ज्यादा बनाती है. जहां तकरीबन 90 फीसदी बेड पैसे का भुगतान करने वाले मरीजों के लिए आरक्षित हैं. यह

इस जनहित याचिका को दायर करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल कहते हैं कि याचिका में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह सरकारी फंडेड अस्पताल की यह पॉलिसी पूरी तरह मनमानी, भेदभावकारी और भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है. यह नीति पब्लिक के पैसों से बने अस्पताल में उन्हें मिलने वाले लाइफ सेविंग इलाज में जबरन बाधा पैदा कर रही है. अस्पताल का यह तरीका सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के भी खिलाफ है.

एडवोकेट अशोक ने बताया कि देश में कहीं भी ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है जहां सब कुछ सरकार का है लेकिन मरीजों का इलाज पैसे लेकर होता है और गरीब मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं. यह अस्पताल सरकारी होते हुए भी प्राइवेट अस्पताल की तरह काम कर रहा है जो इसकी वैधता पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में लिस्ट करा दिया गया है और 18 मार्च बुधवार को इसकी सुनवाई होनी है.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.