Saturday, 06 Jun 2026 | 10:55 PM

Trending :

‘असली टीएमसी’ बनाम भाईपो हिट टॉप गियर | क्या रिजिग से संकट हो सकता है? | सुपर सैटरडे डिबेट | न्यूज18 गौतम अडाणी फिर बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति:मुकेश अंबानी और मसायोशी सन को पीछे छोड़ा; नेटवर्थ 89.2 अरब डॉलर पहुंची गौतम अडाणी फिर बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति:मुकेश अंबानी और मसायोशी सन को पीछे छोड़ा; नेटवर्थ 89.2 अरब डॉलर पहुंची 19 साल की एंड्रीवा ने पहली बार फ्रेंच ओपन जीता:ऐसा करने वाली दूसरी यंगेस्ट प्लेयर; फाइनल में च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया 19 साल की एंड्रीवा ने पहली बार फ्रेंच ओपन जीता:ऐसा करने वाली दूसरी यंगेस्ट प्लेयर; फाइनल में च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया कॉकरोच हटाने के टिप्स: कॉकरोच भगाने का सबसे आसान तरीका, बस इन 6 तरीकों से करें सही तरीके से इस्तेमाल; उल्टे पैर गटर में भागेंगे
EXCLUSIVE

डिजिटल सनबर्न क्या है, ब्लू लाइट से त्वचा पर कैसे पड़ता है असर

authorimg

Last Updated:

क्या घंटों मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा समय से पहले बूढ़ी हो सकती है? आजकल एक्सपर्ट्स “डिजिटल सनबर्न” नाम की एक नई समस्या को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जो स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के कारण होती है. माना जा रहा है कि लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने से त्वचा पर झुर्रियां, पिगमेंटेशन और डलनेस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

रात में फोन यूज करने के नुकसान.

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग घंटों स्क्रीन के सामने समय बिताते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार स्क्रीन देखने की आदत आपकी त्वचा को तेजी से बूढ़ा बना सकती है? इसी समस्या को अब “डिजिटल सनबर्न” कहा जा रहा है. यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाने के लिए किया जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक डिजिटल डिवाइसेज के संपर्क में रहने से स्किन पर समय से पहले एजिंग, पिगमेंटेशन और डलनेस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

डिजिटल सनबर्न का मुख्य कारण स्क्रीन से निकलने वाली हाई एनर्जी विजिबल लाइट यानी ब्लू लाइट मानी जाती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यह वही रोशनी है जो मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और टैबलेट से निकलती है. माना जाता है कि यह रोशनी त्वचा की गहराई तक पहुंचकर कोलेजन को प्रभावित कर सकती है. कोलेजन वह प्रोटीन होता है जो त्वचा को टाइट और जवान बनाए रखने में मदद करता है. जब कोलेजन कमजोर होने लगता है, तो चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन नजर आने लगता है.

स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने से सिर्फ एजिंग ही नहीं, बल्कि त्वचा की रंगत पर भी असर पड़ सकता है. कई लोगों में चेहरे पर हल्के काले धब्बे, uneven skin tone और पिगमेंटेशन जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. खासकर जो लोग देर रात तक फोन इस्तेमाल करते हैं या लगातार लैपटॉप पर काम करते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जा सकती है. इसके अलावा, स्क्रीन की रोशनी त्वचा को डिहाइड्रेट भी कर सकती है, जिससे चेहरा थका हुआ और बेजान दिखने लगता है.

डिजिटल सनबर्न का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं माना जाता. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सिरदर्द और नींद की समस्या भी बढ़ सकती है. यही वजह है कि अब स्किन एक्सपर्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स दोनों डिजिटल डिवाइसेज के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.

हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपको पूरी तरह फोन या लैपटॉप छोड़ देना चाहिए, लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है. जैसे स्क्रीन टाइम को सीमित करना, हर 20-30 मिनट बाद ब्रेक लेना और रात में डार्क मोड या ब्लू लाइट फिल्टर का इस्तेमाल करना. इसके अलावा, त्वचा को हाइड्रेट रखना और सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी माना जाता है, क्योंकि कई स्किन केयर एक्सपर्ट्स अब इंडोर स्क्रीन एक्सपोजर के दौरान भी स्किन प्रोटेक्शन की सलाह देते हैं.

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर डाइट, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकती है. विटामिन C और E जैसे पोषक तत्व त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं, जो समय से पहले एजिंग का कारण बन सकते हैं.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कार्टियर घड़ियों से 300% तक लाभ, रोलेक्स पिछड़ी:निवेश में अब सिर्फ शेयर या सोना ही मुनाफे की गारंटी नहीं; लग्जरी घड़ियां भी एसेट क्लास

April 3, 2026/
12:39 pm

क्या आपकी कलाई पर बंधी घड़ी आपके बैंक एफडी, शेयर या रियल एस्टेट से बेहतर रिटर्न दे सकती है? लग्जरी...

16 साल पहले आज ही सचिन ने लगाया था दोहरा-शतक:उनके बाद 4 भारतीयों ने डबल सेंचुरी लगाई; रोहित के नाम सबसे बड़ा स्कोर

February 24, 2026/
9:04 pm

आज ही के दिन 16 साल पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इतिहास रचा था। 24 फरवरी 2010 को ग्वालियर...

एमवाय अस्पताल परिसर में नर्सिंग हॉस्टल तोड़ने का विरोध:प्रबंधन से 6 माह की मांगी मोहलत; बार-बार नोटिस जारी कर परेशान करने का आरोप

April 25, 2026/
12:05 am

इंदौर में शुक्रवार को एमवाय अस्पताल परिसर में वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल को तोड़ने पहुंची टीम के सामने विवाद की स्थिति...

धुरंधर फैंस के लिए गुड न्यूज:फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म द मेकिंग ऑफ धुरंधर की प्लानिंग में आदित्य धर, इस साल के आखिर में रिलीज होगी

April 22, 2026/
9:34 am

धुरंधर और धुरंधर 2 की कामयाबी के बाद अब डायरेक्टर आदित्य धर फैंस के लिए तीसरी बार धुरंधर को बड़े...

राजनीति

डिजिटल सनबर्न क्या है, ब्लू लाइट से त्वचा पर कैसे पड़ता है असर

authorimg

Last Updated:

क्या घंटों मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा समय से पहले बूढ़ी हो सकती है? आजकल एक्सपर्ट्स “डिजिटल सनबर्न” नाम की एक नई समस्या को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जो स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के कारण होती है. माना जा रहा है कि लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने से त्वचा पर झुर्रियां, पिगमेंटेशन और डलनेस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

रात में फोन यूज करने के नुकसान.

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग घंटों स्क्रीन के सामने समय बिताते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार स्क्रीन देखने की आदत आपकी त्वचा को तेजी से बूढ़ा बना सकती है? इसी समस्या को अब “डिजिटल सनबर्न” कहा जा रहा है. यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाने के लिए किया जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक डिजिटल डिवाइसेज के संपर्क में रहने से स्किन पर समय से पहले एजिंग, पिगमेंटेशन और डलनेस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

डिजिटल सनबर्न का मुख्य कारण स्क्रीन से निकलने वाली हाई एनर्जी विजिबल लाइट यानी ब्लू लाइट मानी जाती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यह वही रोशनी है जो मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और टैबलेट से निकलती है. माना जाता है कि यह रोशनी त्वचा की गहराई तक पहुंचकर कोलेजन को प्रभावित कर सकती है. कोलेजन वह प्रोटीन होता है जो त्वचा को टाइट और जवान बनाए रखने में मदद करता है. जब कोलेजन कमजोर होने लगता है, तो चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन नजर आने लगता है.

स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने से सिर्फ एजिंग ही नहीं, बल्कि त्वचा की रंगत पर भी असर पड़ सकता है. कई लोगों में चेहरे पर हल्के काले धब्बे, uneven skin tone और पिगमेंटेशन जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. खासकर जो लोग देर रात तक फोन इस्तेमाल करते हैं या लगातार लैपटॉप पर काम करते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जा सकती है. इसके अलावा, स्क्रीन की रोशनी त्वचा को डिहाइड्रेट भी कर सकती है, जिससे चेहरा थका हुआ और बेजान दिखने लगता है.

डिजिटल सनबर्न का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं माना जाता. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सिरदर्द और नींद की समस्या भी बढ़ सकती है. यही वजह है कि अब स्किन एक्सपर्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स दोनों डिजिटल डिवाइसेज के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.

हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपको पूरी तरह फोन या लैपटॉप छोड़ देना चाहिए, लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है. जैसे स्क्रीन टाइम को सीमित करना, हर 20-30 मिनट बाद ब्रेक लेना और रात में डार्क मोड या ब्लू लाइट फिल्टर का इस्तेमाल करना. इसके अलावा, त्वचा को हाइड्रेट रखना और सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी माना जाता है, क्योंकि कई स्किन केयर एक्सपर्ट्स अब इंडोर स्क्रीन एक्सपोजर के दौरान भी स्किन प्रोटेक्शन की सलाह देते हैं.

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर डाइट, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकती है. विटामिन C और E जैसे पोषक तत्व त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं, जो समय से पहले एजिंग का कारण बन सकते हैं.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.