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ब्रेन को बनाना है सुपर शार्प, इन 5 चीजों को डाइट में मिला लीजिए, टनाटन हो जाएगी याददाश्त

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Tips to boost memory: इंसान तब तक इंसान है जब तक उसके पास बुद्धि है. अगर बुद्धि नहीं है तो वह इंसान नहीं है. इसलिए दिमाग को तेज करना जरूरी है. पर समय के साथ याददाश्त कमजोर होने लगती है. इसलिए अपनी डाइट में इन 5 चीजों को शामिल कर लेंगे तो ब्रेन पावर बेहतर हो सकता है.

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ब्रेन फूड.

Brain Foods: कुछ लोगों का यादाश्त कमजोर होता है. यह बचपन से होता है. इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है लेकिन अधिकांश व्यक्तियों में उम्र बढ़ने के साथ ही याददाश्त या मेमोरी पावर कमजोर होने लगता है. दरअसल, उम्र के साथ दिमाग की कोशिकाएं बूढ़ी होने लगती है. इन कोशिकाओं तक सही से ऑक्सीजन नहीं पहुंचती है.इसके साथ ही दिमाग की कोशिकाओं में समय के साथ सूजन या इंफ्लामेशन भी लगने लगता है जो दिमागी कमजोरी का बहुत बड़ा कारण है. इसक साथ ही अगर ब्लड फ्लो कमजोर हो तो भी ब्रेन की कोशिकाएं कमजोर होने लगती है. इसलिए ऐसे फूड का सेवन करना चाहिए जो ब्लड फ्लो को बढ़ाए और सूजन न होने दें. अब इन फूड के बारे में जानिए जिनसे दिमागी कोशिकाओं में सूजन में कमी आएगी.

ब्रेन वाला फूड

1. हरी पत्तीदार सब्जियां-हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबिक हरी पत्तीदार सब्जियां जैसे कि पालक, कोलार्ड, ब्रोकली ब्रेन पावर के लिए महत्वपूर्ण सब्जियां हैं. इनमें विटामिन के, ल्यूटीन, फॉलेट और बीटा कैरोटीन होता है. ये फूड उम्र के साथ कम होने वाली बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है.

2. फैटी फिश-फैटी फिश जैसे कि टूना, सेलमन, कॉड, पोलाक आदि मछलियों में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट होता है जो खून में बीटा एमायलॉयड नाम के कंपाउड का लेवल कम कर देता है. ये कंपाउड दिमाग में बौद्धिक क्षमता और याददाश्त वाली जगहों में कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है.

3. बैरीज-बैरीज यानी ब्लूबेरी, रस्पबेरी, जामुन आदि में नेचुरल प्लांट पिगमेंट फ्लेवेनोएड पाया जाता है जो याददाश्त क्षमता बढ़ाने में सहायक है. रिसर्च में दावा किया गया है कि स्ट्रॉबेरी या ब्लूबेरी का सेवन मेमोरी को कम होने से बचाता है.

4. चाय और कॉफी-अकसर चाय और कॉफी को केवल सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन सीमित मात्रा में इनका सेवन मस्तिष्क के लिए वरदान साबित हो सकता है. जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन के शोध के अनुसार, इनमें मौजूद कैफीन मस्तिष्क के ‘न्यूरोट्रांसमीटर’ को उत्तेजित करता है, जिससे मेंटल फंक्शन अधिक सक्रिय हो जाता है. यह न केवल अलर्टनेस और एकाग्रता बढ़ाता है बल्कि याददाश्त को संचित करने की क्षमता में भी सुधार करता है. चाय में मौजूद ‘एल-थीनाइन’ तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद करता है, जबकि कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है. यदि चीनी और दूध की मात्रा संतुलित रखी जाए, तो इनका सेवन शॉर्ट-टर्म मेमोरी को बूस्ट करने और थकान मिटाने का एक प्रभावी तरीका है. ध्यान रहे, दिन भर में 2-3 कप से अधिक सेवन अनिद्रा का कारण बन सकता है.

5. अखरोट-अखरोट को ‘ब्रेन फूड’ कहना बिल्कुल सटीक है, क्योंकि इसकी बनावट ही मानवीय मस्तिष्क जैसी होती है. वेसै तो सभी सूखे मेवे स्वास्थ्य के लिए गुणकारी हैं, परंतु दिमागी विकास के मामले में अखरोट का कोई सानी नहीं है. इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) पाया जाता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और न्यूरॉन्स के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसके अलावा, अखरोट में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-ई मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. यह न केवल याददाश्त (Memory Power) को तेज करता है, बल्कि एकाग्रता बढ़ाने और तनाव को कम करने में भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है. संतुलित मात्रा में इसका नियमित सेवन अल्जाइमर जैसी भूलने की बीमारियों से बचाव में भी सहायक हो सकता है.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें

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Brain Foods: कुछ लोगों का यादाश्त कमजोर होता है. यह बचपन से होता है. इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है लेकिन अधिकांश व्यक्तियों में उम्र बढ़ने के साथ ही याददाश्त या मेमोरी पावर कमजोर होने लगता है. दरअसल, उम्र के साथ दिमाग की कोशिकाएं बूढ़ी होने लगती है. इन कोशिकाओं तक सही से ऑक्सीजन नहीं पहुंचती है.इसके साथ ही दिमाग की कोशिकाओं में समय के साथ सूजन या इंफ्लामेशन भी लगने लगता है जो दिमागी कमजोरी का बहुत बड़ा कारण है. इसक साथ ही अगर ब्लड फ्लो कमजोर हो तो भी ब्रेन की कोशिकाएं कमजोर होने लगती है. इसलिए ऐसे फूड का सेवन करना चाहिए जो ब्लड फ्लो को बढ़ाए और सूजन न होने दें. अब इन फूड के बारे में जानिए जिनसे दिमागी कोशिकाओं में सूजन में कमी आएगी.

ब्रेन वाला फूड

1. हरी पत्तीदार सब्जियां-हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबिक हरी पत्तीदार सब्जियां जैसे कि पालक, कोलार्ड, ब्रोकली ब्रेन पावर के लिए महत्वपूर्ण सब्जियां हैं. इनमें विटामिन के, ल्यूटीन, फॉलेट और बीटा कैरोटीन होता है. ये फूड उम्र के साथ कम होने वाली बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है.

2. फैटी फिश-फैटी फिश जैसे कि टूना, सेलमन, कॉड, पोलाक आदि मछलियों में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट होता है जो खून में बीटा एमायलॉयड नाम के कंपाउड का लेवल कम कर देता है. ये कंपाउड दिमाग में बौद्धिक क्षमता और याददाश्त वाली जगहों में कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है.

3. बैरीज-बैरीज यानी ब्लूबेरी, रस्पबेरी, जामुन आदि में नेचुरल प्लांट पिगमेंट फ्लेवेनोएड पाया जाता है जो याददाश्त क्षमता बढ़ाने में सहायक है. रिसर्च में दावा किया गया है कि स्ट्रॉबेरी या ब्लूबेरी का सेवन मेमोरी को कम होने से बचाता है.

4. चाय और कॉफी-अकसर चाय और कॉफी को केवल सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन सीमित मात्रा में इनका सेवन मस्तिष्क के लिए वरदान साबित हो सकता है. जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन के शोध के अनुसार, इनमें मौजूद कैफीन मस्तिष्क के ‘न्यूरोट्रांसमीटर’ को उत्तेजित करता है, जिससे मेंटल फंक्शन अधिक सक्रिय हो जाता है. यह न केवल अलर्टनेस और एकाग्रता बढ़ाता है बल्कि याददाश्त को संचित करने की क्षमता में भी सुधार करता है. चाय में मौजूद ‘एल-थीनाइन’ तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद करता है, जबकि कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है. यदि चीनी और दूध की मात्रा संतुलित रखी जाए, तो इनका सेवन शॉर्ट-टर्म मेमोरी को बूस्ट करने और थकान मिटाने का एक प्रभावी तरीका है. ध्यान रहे, दिन भर में 2-3 कप से अधिक सेवन अनिद्रा का कारण बन सकता है.

5. अखरोट-अखरोट को ‘ब्रेन फूड’ कहना बिल्कुल सटीक है, क्योंकि इसकी बनावट ही मानवीय मस्तिष्क जैसी होती है. वेसै तो सभी सूखे मेवे स्वास्थ्य के लिए गुणकारी हैं, परंतु दिमागी विकास के मामले में अखरोट का कोई सानी नहीं है. इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) पाया जाता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और न्यूरॉन्स के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसके अलावा, अखरोट में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-ई मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. यह न केवल याददाश्त (Memory Power) को तेज करता है, बल्कि एकाग्रता बढ़ाने और तनाव को कम करने में भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है. संतुलित मात्रा में इसका नियमित सेवन अल्जाइमर जैसी भूलने की बीमारियों से बचाव में भी सहायक हो सकता है.

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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें

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