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वर्ल्ड अपडेट्स:लिथुआनिया में परमाणु हथियारों पर लगी संवैधानिक रोक हटाने की तैयारी, संसद में प्रस्ताव पेश

वर्ल्ड अपडेट्स:लिथुआनिया में परमाणु हथियारों पर लगी संवैधानिक रोक हटाने की तैयारी, संसद में प्रस्ताव पेश

रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच लिथुआनिया ने अपने संविधान से परमाणु हथियारों की तैनाती पर लगी रोक हटाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 141 सदस्यीय संसद (सीमास) के 51 सांसदों ने संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है। इस पहल को राष्ट्रपति गितानास नौसेदा का समर्थन प्राप्त है। प्रस्ताव में संविधान के अनुच्छेद-137 को हटाने की बात कही गई है। यह अनुच्छेद देश में सामूहिक विनाश के हथियारों और विदेशी सैन्य अड्डों की मौजूदगी पर रोक लगाता है। सरकार का तर्क है कि बदलते सुरक्षा माहौल में यह प्रावधान अब अप्रासंगिक हो गया है। लिथुआनिया और अन्य बाल्टिक देश लंबे समय से रूस से संभावित खतरे का हवाला देते रहे हैं। हालांकि रूस इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि नाटो देशों पर हमला करने की उसकी कोई योजना नहीं है। मॉस्को का आरोप है कि पश्चिमी देश रूस के खतरे का इस्तेमाल पूर्वी यूरोप में सैन्य विस्तार को उचित ठहराने के लिए कर रहे हैं। इस बीच, पूर्वी यूरोप में नाटो की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं। कुछ रिपोर्टों में अमेरिका द्वारा पूर्वी यूरोप के अतिरिक्त नाटो देशों में परमाणु हथियार तैनात करने की संभावना जताई गई है। रूस ने चेतावनी दी है कि यदि नाटो का परमाणु ढांचा उसकी सीमाओं के और करीब लाया गया तो वह इसे प्रत्यक्ष सैन्य खतरा मानते हुए जवाब देगा।

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