Monday, 15 Jun 2026 | 01:17 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

देश में वेलनेस अब सिर्फ लग्जरी या छुट्टियों का हिस्सा नहीं रह गया। लोग इसे सेहत और मानसिक संतुलन में निवेश की तरह देखने लगे हैं। यही वजह है कि वेलनेस रिट्रीट्स और माइंडफुल ट्रैवल की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि होलिस्टिक वेलनेस अनुभव पारंपरिक स्पा कल्चर की जगह ले रहे हैं। इसमें योग, मेडिटेशन, हेल्दी न्यूट्रिशन और माइंडफुल हॉस्पिटैलिटी जैसी सुविधाएं हैं। यात्री अब दिखावे वाली लग्जरी के बजाय मानसिक सुकून वाले अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। वेलनेस का असर अब केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं है। लोग अब भीड़भाड़ से दूर रेंटल विला और शांत होमस्टे को तरजीह दे रहे हैं। स्लीप रिचुअल्स, डिजिटल डिटॉक्स और स्थानीय शुद्ध भोजन ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक, करीब 60% यात्री ट्रिप में कम से कम एक ऐसी गतिविधि जरूर शामिल करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक सुकून मिले। यात्री डिजिटल डिटॉक्स, क्लीन ईटिंग, स्लीप-फोकस्ड स्टे को तवज्जो दे रहे खर्च – घरेलू पर्यटन पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च कम्युनिकेट इंडिया के मुताबिक, 2024 में भारतीयों ने यात्रा पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि विदेशी पर्यटकों का खर्च महज 3.1 लाख करोड़ रहा। द लीला पैलेस नई दिल्ली के मुताबिक, अब लोग ऊर्जा बढ़ाने वाली पारंपरिक पद्धतियों को तरजीह दे रहे हैं। इसी कारण से व्यक्तिगत थैरेपी को अब दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा रहा है। ट्रेंड – होटल वेलनेस और डाइट चार्ट जैसे ऑफर दे रहे होटलों में अब कस्टमाइज्ड वेलनेस चार्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें होटल पहुंचने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श और चेक-इन के बाद व्यक्तिगत डाइट प्लान जैसे फीचर्स हैं। लोग इस पर होने वाले खर्च को स्वास्थ्य के लिए जरूरी निवेश मानते हैं। यात्री डिजिटल डिटॉक्स (मोबाइल-गैजेट्स से दूरी) और स्लीप-फोकस्ड स्टे को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। स्वीकार्यता – भारत अब दुनिया का टॉप डेस्टिनेशन ग्लोबल वेलनेस इंस्टीट्यूट (जीडब्ल्यूआई) के अनुसार, भारत अब दुनिया के टॉप डेस्टिनेशंस में शामिल हो चुका है। इस साल वैश्विक स्तर पर इस सेक्टर का मूल्य करीब 641 लाख करोड़ रुपए आंका गया है। भारत अपनी आयुर्वेद और योग जैसी पद्धतियों के कारण बड़े पैमाने पर विदेशियों को आकर्षित कर रहा है। आउटलुक – 2030 तक एशिया में सबसे तेज ग्रोथ विशेषज्ञों के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत इस सेक्टर का इंजन बनकर उभरेगा। जीडब्ल्यूआई का अंदाजा है कि साल 2030 तक इस क्षेत्र की कुल बढ़त का एक बड़ा हिस्सा भारत और चीन से आएगा। इसका कारण मध्यम वर्ग की बढ़ती आय है। भारत का वेलनेस टूरिज्म बाजार अभी 2.9 लाख करोड़ का है। 2031 तक 4.1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रिलायंस की 49वीं AGM 19 जून को:₹6 डिविडेंड को मंजूरी मिल सकती है, बुधवार को कंपनी का शेयर ₹4 गिरकर 1,352 पर बंद हुआ

May 28, 2026/
12:44 pm

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 19 जून 2026 को होगी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को...

authorimg

April 10, 2026/
10:22 pm

What can PM Modi cook: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आप अक्सर टीवी पर भाषण देते सुने होंगे. उनके...

Chennai Super Kings' Akeal Hosein, second right, celebrates with teammates the wicket of of Mumbai Indian's Danish Malewar during the Indian Premier League cricket match between Mumbai Indians and Chennai Super Kings in Mumbai, India, Thursday, April 23, 2026.(AP Photo/ Rafiq Maqbool)

April 23, 2026/
10:23 pm

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 22:23 IST कई विश्लेषकों द्वारा मतदाता भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि का श्रेय मुख्य रूप से ‘विजय...

तमिलनाडु: जनसंख्या वृद्धि के आधार पर जनसंख्या की संख्या बढ़ाने की मांग...भड़के सीएम स्टालिन

April 15, 2026/
2:30 pm

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक दलों के विधायकों ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास के विरोध में...

असम नई कैबिनेट: असम के कैबिनेट मंत्री बने रामातार तेली, मोदी से लेकर सीएम हिमंत तक...असम के कैबिनेट मंत्री ने कहा धन्यवाद

May 12, 2026/
1:45 pm

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नवनिर्वाचित राम राम तेली ने मंगलवार को असम के मंत्री पद की शपथ ली।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

देश में वेलनेस अब सिर्फ लग्जरी या छुट्टियों का हिस्सा नहीं रह गया। लोग इसे सेहत और मानसिक संतुलन में निवेश की तरह देखने लगे हैं। यही वजह है कि वेलनेस रिट्रीट्स और माइंडफुल ट्रैवल की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि होलिस्टिक वेलनेस अनुभव पारंपरिक स्पा कल्चर की जगह ले रहे हैं। इसमें योग, मेडिटेशन, हेल्दी न्यूट्रिशन और माइंडफुल हॉस्पिटैलिटी जैसी सुविधाएं हैं। यात्री अब दिखावे वाली लग्जरी के बजाय मानसिक सुकून वाले अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। वेलनेस का असर अब केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं है। लोग अब भीड़भाड़ से दूर रेंटल विला और शांत होमस्टे को तरजीह दे रहे हैं। स्लीप रिचुअल्स, डिजिटल डिटॉक्स और स्थानीय शुद्ध भोजन ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक, करीब 60% यात्री ट्रिप में कम से कम एक ऐसी गतिविधि जरूर शामिल करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक सुकून मिले। यात्री डिजिटल डिटॉक्स, क्लीन ईटिंग, स्लीप-फोकस्ड स्टे को तवज्जो दे रहे खर्च – घरेलू पर्यटन पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च कम्युनिकेट इंडिया के मुताबिक, 2024 में भारतीयों ने यात्रा पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि विदेशी पर्यटकों का खर्च महज 3.1 लाख करोड़ रहा। द लीला पैलेस नई दिल्ली के मुताबिक, अब लोग ऊर्जा बढ़ाने वाली पारंपरिक पद्धतियों को तरजीह दे रहे हैं। इसी कारण से व्यक्तिगत थैरेपी को अब दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा रहा है। ट्रेंड – होटल वेलनेस और डाइट चार्ट जैसे ऑफर दे रहे होटलों में अब कस्टमाइज्ड वेलनेस चार्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें होटल पहुंचने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श और चेक-इन के बाद व्यक्तिगत डाइट प्लान जैसे फीचर्स हैं। लोग इस पर होने वाले खर्च को स्वास्थ्य के लिए जरूरी निवेश मानते हैं। यात्री डिजिटल डिटॉक्स (मोबाइल-गैजेट्स से दूरी) और स्लीप-फोकस्ड स्टे को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। स्वीकार्यता – भारत अब दुनिया का टॉप डेस्टिनेशन ग्लोबल वेलनेस इंस्टीट्यूट (जीडब्ल्यूआई) के अनुसार, भारत अब दुनिया के टॉप डेस्टिनेशंस में शामिल हो चुका है। इस साल वैश्विक स्तर पर इस सेक्टर का मूल्य करीब 641 लाख करोड़ रुपए आंका गया है। भारत अपनी आयुर्वेद और योग जैसी पद्धतियों के कारण बड़े पैमाने पर विदेशियों को आकर्षित कर रहा है। आउटलुक – 2030 तक एशिया में सबसे तेज ग्रोथ विशेषज्ञों के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत इस सेक्टर का इंजन बनकर उभरेगा। जीडब्ल्यूआई का अंदाजा है कि साल 2030 तक इस क्षेत्र की कुल बढ़त का एक बड़ा हिस्सा भारत और चीन से आएगा। इसका कारण मध्यम वर्ग की बढ़ती आय है। भारत का वेलनेस टूरिज्म बाजार अभी 2.9 लाख करोड़ का है। 2031 तक 4.1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.