हिटेजी कंपनी जो कि एटीएम मशीन में केस लोड करने का काम करती है। इसी कंपनी में पदस्थ एक वाहन चालक ने सोमवार की रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम शिवा प्रजापित (35) है, जो बेलखाड़ू का रहने वाला था। बीते एक साल से कंपनी में ड्राइवर के पद पर पदस्थ शिवा की गाड़ी जो बलदेवबाग में खड़ी थी। 3 मार्च को रात करीब डेढ़ बजे एक बाइक सवार युवक खड़ी गाड़ी से टकरा गया, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन को शिवा प्रजापति चलाया करता था, जिसने बलदेवबाग में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा कर दिया था और एक्सीडेंट हुआ। पुलिस ने शिवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कंपनी से नहीं मिली मदद
खड़ी गाड़ी से बाइक सवार के टकराने पर पुलिस ने शिवा प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस बीच जब उसे जानकारी लगी तो उनसे कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात की, जिस पर उसे यह कहा गया कि अपना लाईसेंस लेकर आ जाओ। इस पर शिवा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करती है, कोर्ट जाना पड़ेगा, तो उसका खर्चा कौन देगा। कंपनी पैसा देगी तो वह कुछ काम का नहीं। इस पर कंपनी की और से कहा गया कि तुम जमानतदार ढ़ूढ कर रखो। शिवा ने कहा कि जो भी व्यक्ति जमानत लेगा तो पैसे मांगेगा। हमारे पास जमीन नहीं है। कंपनी तुम्हारी जमानत करवा रही है, पर पैसे तुम्हें देने होंगे। शिवा को जब लगने लगा कि कंपनी से मदद नहीं मिल रही है, तो उसने कहा कि आप कंपनी की लिस्ट से मेरा नाम काट दो, अब हम गाड़ी नहीं चलाएंगे। कल से नहीं आएंगे। इस पर कंपनी की और से उससे फोन पर कहा गया कि अगर नाम कट गया तो 6 माह तक जेल में ही पड़े रहोगे, इतना सुनने के बाद शिवा ने कहा कि कोई परेशानी नहीं हम देख लेगें। इतना कहने के बाद शिवा ने फोन बंद कर लिया और घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने किया प्रदर्शन
मंगलवार को मेडिकल कालेज में शिवा का पीएम करवाया गया। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर हिटेजी कंपनी के आफिस पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित के परिवार वालों की कंपनी मदद करे, क्योंकि टेंशन के कारण ही उसने आत्महत्या की है। शिवा के दोस्त रोहित शर्मा का कहना था कि सुपरवाइजर संतोष नाम के शख्स से वो परेशान था, उसे धमकाया जा रहा था। ताला लगाकर अधिकारी हुए गायब
शिवा के छोटे भाई अरुण का कहना था कि 3 मार्च को बलदेवबाग आफिस के सामने गाड़ी खड़ी करके गांव आ गए थे, जिससे कोई अंजान बाइक सवार टकरा गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शिवा ने फौरन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो सुपरवाइजर संतोष ने बात की। अरुण का कहना था कि सुपरवाइजर ने कहा कि 6 साल की सजा होगी, आपकी जमानत नहीं होगी। जिस पर शिवा ने कहा कि जमीन नहीं है, और बिना इसके कौन जमानत लेगा। इतना सब होने के बाद शिवा ड़र गया और आत्महत्या कर ली। मंगलवार को परिजन जब शव लेकर कंपनी पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि प्रताड़ना के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की है। शिवा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे 7 और 4 साल के है। छोटा भाई है जो कि मानसिक रूप से स्वास्थ्य नहीं है। घर चलाने वाला एक मात्र शिवा ही था, जिसने कि आत्महत्या कर ली। हम मदद कर रहे हैं
आत्महत्या करने से पहले शिवा ने सुपरवाइजर संतोष से बात किया था, जिस पर उसे आश्वासन देते हुए मदद करने की बात कही, पर जब मृतक को पता चला कि उसे मदद नहीं मिल रही है, उल्टा एफआईआर हो गई है, और अब जेल जाना होगा, जिस पर से वह डर गया। इधर हंगामे की जानकारी लगते ही तिलवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत करवाया। पुलिस का कहना था कि घटना कोतवाली थाने की है, शिवा ने आत्महत्या अपने गांव बेलखाड़ू में लगाया है, इसलिए आगे की जांच वहीं पर होगी।













































