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चिलचिलाती गर्मी में लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए शिकंजी सबसे आसान और सस्ता उपाय है. नींबू, पुदीना और जीरे से बना यह देसी ड्रिंक शरीर को ठंडा रखता है, पाचन सुधारता है और इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है.
शिकंजी मुख्य रूप से नींबू, काला नमक, भुना जीरा और पुदीने के सम्मिश्रण से तैयार की जाती है. गर्मी के मौसम में पसीने के माध्यम से शरीर से बहुत सारे इलेक्ट्रोलाइट्स और नमक निकल जाते हैं. शिकंजी इन पोषक तत्वों की कमी को तुरंत पूरा करती है. इसमें मौजूद नींबू विटामिन सी का एक पावरहाउस है, जो न केवल इम्युनिटी को मजबूत बनाता है, बल्कि शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालकर डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है.

गर्मी का मौसम आते ही चिलचिलाती धूप और लू का प्रकोप बढ़ जाता है, ऐसे में शरीर को तरोताजा रखने और हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए हम अक्सर बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स या कार्बोनेटेड पेयों की ओर भागते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे रसोई में मौजूद सामग्री से बनी ‘शिकंजी’ न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है? यह पारंपरिक भारतीय पेय न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा और ठंडक प्रदान करने में भी सक्षम है.

बाजार में मिलने वाले कृत्रिम रंगों और अत्यधिक चीनी वाले पेयों से बेहतर है कि आप इसे घर पर बनाएं. इसे तैयार करना बेहद सरल है. सबसे पहले एक गिलास ठंडा पानी या सोडा लें. इसमें आधा नींबू निचोड़ें. स्वादानुसार काला नमक और थोड़ा भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाएं. ताजगी के लिए कुछ ताजी पुदीने की पत्तियां ऊपर से डालें. यदि आप चाहें, तो स्वाद को संतुलित करने के लिए थोड़ा सा शहद या मिश्री का उपयोग कर सकते हैं.
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वहीं, इससे शरीर को अंदरूनी ठंडक मिलती है. पुदीने की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मी के अहसास को कम कर ताजगी का संचार करती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अगर बिना चीनी की शिकंजी का सेवन किया जाए, तो यह काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.

गर्मियों के इस मौसम में खुद को बीमारियों से बचाने और एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए शिकंजी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं. यह सस्ता, सुलभ और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प आपके परिवार को लू के थपेड़ों से सुरक्षित रखने में मदद करेगा.

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पाचन संबंधी समस्याएं आम हैं. शिकंजी का नियमित सेवन पाचन क्रिया को सुचारू बनाने में सहायक होता है. शिकंजी में मिलाया जाने वाला भुना जीरा न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि यह पेट की सूजन को कम करने, गैस से राहत दिलाने और पाचन एंजाइमों को सक्रिय करने में भी मदद करता है.

डॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोकल 18 से बताया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) सबसे बड़ी समस्या होती है. शिकंजी एक प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक है, जो आपको पूरे दिन सक्रिय और तरोताजा रखती है. विशेषज्ञ भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि रोजाना एक-दो गिलास शिकंजी पीने से थकान कम होती है, त्वचा की रंगत निखरती है.

यह लिवर की सफाई (Liver Detox) के लिए भी एक बेहतरीन पेय माना जाता है, जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी शिकंजी एक प्रभावी विकल्प है. नींबू में मौजूद पेक्टिन फाइबर भूख को नियंत्रित रखता है, जिससे आप फालतू कैलोरी लेने से बच जाते हैं.












































