Saturday, 13 Jun 2026 | 07:12 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अब एंट्री लेवल जॉब्स सफलता की गारंटी नहीं:नौकरी के भरोसे नहीं सीधे बिजनेस से करिअर लॉन्च कर रहे युवा

अब एंट्री लेवल जॉब्स सफलता की गारंटी नहीं:नौकरी के भरोसे नहीं सीधे बिजनेस से करिअर लॉन्च कर रहे युवा

अमेरिका की हवाई यूनिवर्सिटी से 2024 में ग्रेजुएट हुई एशले टेरेल ने सोचा था कि मार्केटिंग में अच्छी नौकरी मिलेगी। डिग्री, इंटर्नशिप और अनुभव के बावजूद महीनों कोशिश के बाद उन्हें सिर्फ एक ऑफर स्टोर में काम करने का मिला। वह हर दिन नौकरी ढूंढती रहीं, यहां तक कि व्यस्त समय में भी आवेदन करती थीं। लेकिन उन्हें पसंदीदा नौकरी नहीं मिली। यह सिर्फ उनकी कहानी नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि एंट्री-लेवल नौकरियां तेजी से घट रही हैं। ऐसे में युवा विकल्प के तौर पर अब एआई टूल्स का उपयोग करके कंटेंट क्रिएशन, ऐप डेवलपमेंट और कंसल्टेंसी के जरिए अपना रास्ता खुद बना रहे हैं। अमेजन में काम करने वाली 25 वर्षीय मैडिसन, खाली समय में एआई की मदद से सोशल मीडिया एप बना रही हैं। उन्होंने बताया कि बिना एआई यह काम महीनों और बड़ी टीम के बिना संभव नहीं था, लेकिन अब एक महीने में प्रोटोटाइप तैयार हो गया। इसी तरह सदर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पढ़े सुहित अग्रवाल को बड़ी कंपनियों से जवाब नहीं मिला, तो स्टार्टअप्स में काम शुरू किया और एआई टूल्स की मदद से बड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। अब इनके लिए तकनीक सिर्फ चुनौती नहीं, बल्कि खुद कुछ नया करने का साधन भी बन रही है। 22 वर्षीय सेलेस्टे अमाडॉन ने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग जेपी मॉर्गन की इंटर्नशिप छोड़ खुद का डेटिंग एप ‘नोन’ शुरू किया। शुरू में परिवार ने विरोध किया, लेकिन बाद में जब उन्हें निवेश मिला, तो वही समर्थक बन गया। एलिजाह खासाबो, जो पहले कपड़े फोल्ड करते थे, आज अपनी टीम संभाल रहे हैं। हालांकि इसमें स्थिर आमदनी बड़ी चुनौती है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर जोसेफ फुलर के मुताबिक खुद का काम शुरू करना आसान नहीं है। ज्यादातर स्टार्टअप स्थिर आमदनी के अभाव में फेल होते हैं, फिर भी युवा इसमें करियर पर नियंत्रण देख रहे हैं। फुलर कहते हैं, एआई ने पारंपरिक नौकरियां घटाने के साथ नए काम के औजार भी दिए हैं। युवाओं के लिए बड़ा बदलाव यह है कि जॉब सुरक्षा कम हुई है, अपने दम पर कुछ बनाने का भरोसा भी बढ़ा है। नई पीढ़ी के लिए जॉब्स का पहला पड़ाव ही मुश्किल- एक्सपर्ट फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 22-27 साल के युवाओं में बेरोजगारी कोविड के बाद ऊंचे स्तर पर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे एंट्री-लेवल जॉब्स प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि इनमें दोहराव वाले काम अब एआई कर रहा है। अर्थशास्त्री डैनियल झाओ कहते हैं ‘पहली सीढ़ी पर पैर रखना ही मुश्किल हो गया है।’ कई युवाओं को डिग्री के बाद भी रिटेल व पार्ट-टाइम काम करना पड़ रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रुबीना दिलाइक ने पहले ठुकराया था ‘खतरों के खिलाड़ी 15’:परिवार से दूर नहीं जाना चाहती थीं, जानिए फिर कैसे बदला फैसला

May 10, 2026/
3:20 pm

टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलाइक एक बार फिर टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में वापसी करने जा रही हैं। रुबीना इससे...

दमोह में किसान को लगा करंट, मौत:खेत में काम करने के दौरान हादसा; पुलिस बोली-मामले की कर रहे जांच

April 9, 2026/
12:01 pm

दमोह के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में खेत में काम करते समय एक किसान को करंट लग गया।...

TN CM Vijay Removes Astrologer OSD

May 13, 2026/
2:03 pm

चेन्नई49 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट पास करने के कुछ घंटे बाद ही मुख्यमंत्री विजय ने ज्योतिषी...

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

May 11, 2026/
5:30 am

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस...

NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर आज सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया; CJI बोले- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे

February 26, 2026/
5:17 am

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को NCERT के क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े चैप्टर...

आरजी कर की पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया ताकि..., केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान

April 24, 2026/
2:32 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (अमित...

तकनीकी गड़बड़ी के कारण युद्धअभ्यास में शामिल नहीं हुआ तेजस:राजस्थान- सुखोई ने दुश्मनों का सप्लाई डिपो उड़ाया, 44 बम गिराए

February 24, 2026/
4:45 pm

राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्ध अभ्यास ‘वायु शक्ति-...

राजनीति

अब एंट्री लेवल जॉब्स सफलता की गारंटी नहीं:नौकरी के भरोसे नहीं सीधे बिजनेस से करिअर लॉन्च कर रहे युवा

अब एंट्री लेवल जॉब्स सफलता की गारंटी नहीं:नौकरी के भरोसे नहीं सीधे बिजनेस से करिअर लॉन्च कर रहे युवा

अमेरिका की हवाई यूनिवर्सिटी से 2024 में ग्रेजुएट हुई एशले टेरेल ने सोचा था कि मार्केटिंग में अच्छी नौकरी मिलेगी। डिग्री, इंटर्नशिप और अनुभव के बावजूद महीनों कोशिश के बाद उन्हें सिर्फ एक ऑफर स्टोर में काम करने का मिला। वह हर दिन नौकरी ढूंढती रहीं, यहां तक कि व्यस्त समय में भी आवेदन करती थीं। लेकिन उन्हें पसंदीदा नौकरी नहीं मिली। यह सिर्फ उनकी कहानी नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि एंट्री-लेवल नौकरियां तेजी से घट रही हैं। ऐसे में युवा विकल्प के तौर पर अब एआई टूल्स का उपयोग करके कंटेंट क्रिएशन, ऐप डेवलपमेंट और कंसल्टेंसी के जरिए अपना रास्ता खुद बना रहे हैं। अमेजन में काम करने वाली 25 वर्षीय मैडिसन, खाली समय में एआई की मदद से सोशल मीडिया एप बना रही हैं। उन्होंने बताया कि बिना एआई यह काम महीनों और बड़ी टीम के बिना संभव नहीं था, लेकिन अब एक महीने में प्रोटोटाइप तैयार हो गया। इसी तरह सदर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पढ़े सुहित अग्रवाल को बड़ी कंपनियों से जवाब नहीं मिला, तो स्टार्टअप्स में काम शुरू किया और एआई टूल्स की मदद से बड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। अब इनके लिए तकनीक सिर्फ चुनौती नहीं, बल्कि खुद कुछ नया करने का साधन भी बन रही है। 22 वर्षीय सेलेस्टे अमाडॉन ने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग जेपी मॉर्गन की इंटर्नशिप छोड़ खुद का डेटिंग एप ‘नोन’ शुरू किया। शुरू में परिवार ने विरोध किया, लेकिन बाद में जब उन्हें निवेश मिला, तो वही समर्थक बन गया। एलिजाह खासाबो, जो पहले कपड़े फोल्ड करते थे, आज अपनी टीम संभाल रहे हैं। हालांकि इसमें स्थिर आमदनी बड़ी चुनौती है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर जोसेफ फुलर के मुताबिक खुद का काम शुरू करना आसान नहीं है। ज्यादातर स्टार्टअप स्थिर आमदनी के अभाव में फेल होते हैं, फिर भी युवा इसमें करियर पर नियंत्रण देख रहे हैं। फुलर कहते हैं, एआई ने पारंपरिक नौकरियां घटाने के साथ नए काम के औजार भी दिए हैं। युवाओं के लिए बड़ा बदलाव यह है कि जॉब सुरक्षा कम हुई है, अपने दम पर कुछ बनाने का भरोसा भी बढ़ा है। नई पीढ़ी के लिए जॉब्स का पहला पड़ाव ही मुश्किल- एक्सपर्ट फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 22-27 साल के युवाओं में बेरोजगारी कोविड के बाद ऊंचे स्तर पर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे एंट्री-लेवल जॉब्स प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि इनमें दोहराव वाले काम अब एआई कर रहा है। अर्थशास्त्री डैनियल झाओ कहते हैं ‘पहली सीढ़ी पर पैर रखना ही मुश्किल हो गया है।’ कई युवाओं को डिग्री के बाद भी रिटेल व पार्ट-टाइम काम करना पड़ रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.