कटनी स्टेशन पर रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए शुरू किया गया प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पा रहा है। केंद्र की स्थापना स्टेशन के बाहर पार्किंग क्षेत्र में होने और सूचना के अभाव के कारण यात्री सस्ती दवाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। यह जनऔषधि केंद्र कटनी स्टेशन पर पिछले लगभग डेढ़ वर्षों से संचालित है। नियमों के अनुसार, इसे प्लेटफॉर्म पर या यात्रियों की आसान पहुंच वाली जगह पर होना चाहिए था। हालांकि, यह केंद्र वर्तमान में स्टेशन के मुख्य भवन से बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में पार्किंग क्षेत्र के पास स्थित है। प्लेटफॉर्म से इसकी अधिक दूरी के कारण, ट्रेन के ठहराव के समय यात्री यहां आकर दवा खरीदने में असमर्थ रहते हैं। सूचना अभाव से केंद्र तक नहीं पहुंच पाते यात्री केंद्र की असफलता का एक प्रमुख कारण रेलवे का कमजोर सूचना तंत्र भी है। स्टेशन परिसर या प्लेटफॉर्मों पर इस केंद्र के संबंध में कोई साइन बोर्ड या दिशा-सूचक नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा, स्टेशन पर होने वाली आधिकारिक घोषणाओं में भी जनऔषधि केंद्र का उल्लेख नहीं किया जाता। नतीजतन, बाहर से आने वाले यात्रियों को स्टेशन परिसर में सस्ती दवाओं की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी नहीं मिल पाती। गर्मी के मौसम में या अचानक तबीयत बिगड़ने पर प्लेटफॉर्म पर दवा न मिलने के कारण यात्रियों को रेलवे हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ता है। ऐसी आपात स्थिति में रेलवे की ओर से डॉक्टर को बुलाया जाता है, जिसके लिए यात्रियों को डॉक्टर की फीस और दवाओं का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। यदि यह केंद्र प्लेटफॉर्म पर स्थित होता, तो यात्री स्वयं जाकर प्राथमिक इलाज की दवाएं किफायती दरों पर प्राप्त कर सकते थे। यात्री बोले-जानकारी देने वाला कोई नहीं एक यात्री विजय कुमार ने बताया, ‘सफर में अचानक तबीयत खराब होने पर प्लेटफॉर्म पर दवा न मिलना बड़ी मुसीबत है। अगर केंद्र प्लेटफॉर्म पर हो तो राहत मिले, यहां तो जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है।’ बच्चों के साथ सफर के दौरान अचानक दवाओं की जरूरत पड़ती है, लेकिन कटनी स्टेशन पर यह सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं है। यात्री कंचन सिंह ने बताया कि स्टेशन के अंदर दवा केंद्र नहीं होने से परेशानी होती है। स्टेशन प्रबंधक बोले-जल्द लगवाया जाएगा साइन बोर्ड स्टेशन के बाहर संचालित जन औषधि केंद्र का संचालन निजी फर्म की ओर से किया जा रहा है, जहां संचालक को रेलवे को तय किराया देना होता है और दवाएं निर्धारित छूट पर उपलब्ध करानी होती हैं। हालांकि, स्टेशन परिसर के बाहर होने के कारण यहां ग्राहकों की संख्या कम रहती है, जिससे यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, अधिकांश यात्री ट्रेन के दौरान इस सुविधा तक पहुंच ही नहीं पाते और बाहर निकलने पर ही यहां आते हैं, जिससे इसकी उपयोगिता सीमित हो जाती है। स्टेशन प्रबंधक संजय दुबे ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए जन औषधि केंद्र संचालित किया जा रहा है और जल्द ही इसे लेकर साइन बोर्ड भी लगवाया जाएगा, ताकि यात्रियों को इसकी जानकारी मिल सके।














































