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Ambala Civil Hospital : होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति तेजी से फलफूल रही है. इसकी मुख्य वजह इसका अपेक्षाकृत सुरक्षित होना है. इसके दुष्प्रभाव न के बराबर हैं. महिलाओं से जुड़ी जटिल समस्याओं और लंबे समय से चल रही बीमारियों में लोग इस पद्धति पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं. लोकल 18 से अंबाला शहर के सिविल अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. रंजिता बताती हैं कि होम्योपैथिक ओपीडी में जोड़ों में दर्द, गठिया, गुर्दे में पथरी जैसी समस्या का इलाज नि:शुल्क होता है. रोजाना करीब 70 के करीब मरीजों की ओपीडी देखने को मिलती है.
अंबाला. होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हुई है. इसकी मुख्य वजह इसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाना है. इसके दुष्प्रभाव न के बराबर होते हैं. यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक एलोपैथिक उपचार के साथ-साथ या उसके विकल्प के रूप में होम्योपैथी की ओर रुख कर रहे हैं. खासकर महिलाओं से जुड़ी जटिल समस्याओं और लंबे समय से चल रही बीमारियों में लोग इस पद्धति पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं. चिकित्सकों का दावा है कि होम्योपैथी के माध्यम से अब कई ऐसी समस्याओं का भी उपचार संभव हो रहा है, जिन्हें पहले मुश्किल माना जाता था. इनमें महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज, बच्चेदानी में रसौली (फाइब्रॉइड) और पैरों में होने वाले कॉर्न या गट्टे जैसी समस्याएं शामिल हैं. इन बीमारियों के इलाज के लिए पहले सर्जरी या लंबे समय तक दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब होम्योपैथिक विकल्प के रूप में उभरा है.
लोकल 18 से अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. रंजिता बताती हैं कि नागरिक अस्पताल के होम्योपैथिक ओपीडी में मरीज को स्किन से लेकर हर तरह की सुविधा दी जा रही है. महिलाओं में पीसीओडी और फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज जैसे विभिन्न समस्या देखने को मिल रही है, जिसमें ज्यादातर मामलों में IVF की सलाह दी जाती है. लेकिन होम्योपैथिक पद्धति में कुछ ऐसी औषधियां हैं जिसके इस्तेमाल से महिलाओं की यह समस्या बिल्कुल ठीक की जा रही है.
इससे उनमें गर्भधारण के दौरान कोई कठिनाई नहीं होती है. बच्चेदानी में होने वाली रसौली का इलाज भी होम्योपैथिक दवाओं के जरिए किया जा सकता है. नागरिक अस्पताल में चल रही होम्योपैथिक ओपीडी में जोड़ों में दर्द, गठिया, गुर्दे में पथरी जैसी समस्या का इलाज नि:शुल्क होता है. रोजाना करीब 70 के करीब मरीजों की ओपीडी देखने को मिलती है.
पंजाब तक सपना पूरा
डॉ. रंजिता कहती हैं कि इसके लिए मरीज को केवल 5 रुपये का ओपीडी कार्ड एक बार बनवाना होता है, जो साल भर तक वैलिड रहता है. होम्योपैथिक में कई बार तो मरीज की बीमारी को देखकर एक दिन में भी इलाज हो जाता है, जिसमें 15-15 मिनट बाद होम्योपैथिक दवाई की डोज मरीज को दी जाती है. अब मरीज का होम्योपैथिक इलाज की तरफ रुझान काफी ज्यादा बढ़ रहा है. हरियाणा ही नहीं बल्कि अंबाला से सटे पंजाब के इलाकों से भी कई महिलाएं होम्योपैथिक इलाज के जरिए मां बनने का सपना भी पूरा कर पाई हैं. होम्योपैथिक दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है. दूसरी दवाइयों से किडनी खराब होने का खतरा बना रहता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें














































