गुना में एक रिटायर्ड कर्मचारी को उसका हक और एरियर न देना लोक निर्माण विभाग (PWD) को भारी पड़ गया। बुधवार दोपहर कोर्ट के सख्त आदेश पर PWD कार्यालय में कुर्की की बड़ी कार्रवाई की गई। न्यायालय की टीम ने SDO की कार से लेकर ऑफिस के कंप्यूटर, कुर्सियां और पंखे तक कुर्क कर लिए। रिटायर्ड क्लर्क कौशल किशोर राठौर ने 1995 से सुप्रीम कोर्ट तक केस लड़कर यह जीत हासिल की है, जिसके तहत विभाग से करीब 36.68 लाख रुपए की वसूली की जानी है। PWD से 30 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए LDC कौशल किशोर राठौर ने बताया कि विभाग ने उन्हें उनके पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया था। अपने हक और वेतन के लिए उन्होंने साल 1995 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उन्होंने यह लंबी कानूनी लड़ाई जीती। विभाग ने 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया था, लेकिन 2014 से रिटायरमेंट तक का लगभग 40 लाख का भुगतान लटकाए रखा। हाईकोर्ट में लगाई अवमानना याचिका, 36.68 लाख की वसूली
राठौर ने बताया कि वेतन वसूली के लिए उन्होंने 2018 में कोर्ट में इजरा (निष्पादन याचिका) लगाया था। इसके बावजूद PWD ने भुगतान नहीं किया, तो उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर दी। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 6 महीने में वसूली के आदेश लोअर कोर्ट को दिए। जिला न्यायालय के जिला नाजिर राकेश शर्मा ने बताया कि प्रथम व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) मधुलिका मुले के न्यायालय से 36.68 लाख रुपए की वसूली के आदेश हुए थे, जिसके पालन में यह कार्रवाई की गई है। SDO की गाड़ी और ऑफिस का सारा सामान कुर्क
बुधवार दोपहर न्यायालय की टीम अचानक PWD कार्यालय पहुंची, जिससे वहां हड़कंप मच गया। टीम ने कार्यालय में रखा जो भी सामान मिला— कंप्यूटर, कुर्सी, टेबल, पंखे— सब कुछ अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा PWD के SDO की गाड़ी को भी कुर्क किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चल संपत्ति कुर्क की जा रही है, और अगर इन सब से पैसा पूरा नहीं होता है, तो आगे कार्यालय की बिल्डिंग और जमीन को भी कुर्क किया जाएगा।














































