Tuesday, 06 Oct 2026 | 06:47 PM

Trending :

EXCLUSIVE

गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?
गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?
गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है… उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?
एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?
एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: ‘उरी’ नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?
एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?
गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी:'नीरजा’ से ‘बेल बॉटम’ तक प्लेन हाईजैक और संकट पर बनी 10 फिल्में

October 4, 2026/
5:35 am

30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बड़ा संकट पैदा हो गया। दुबई से तेल अवीव जा रहे...

Smoke rises after an Israeli strike on a bridge in lebanon. (File Image: Reuters)

March 26, 2026/
9:25 am

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 09:25 IST सूत्रों का कहना है कि ‘चार्जशीट’ दस्तावेज़ एक प्रमुख अभियान उपकरण होगा, बीजेपी इसे...

ईरान में अमेरिकी हमला युद्ध अपराध हो सकता है:UN रिपोर्ट में गर्ल्स स्कूल पर हमले का जिक्र; पुतिन के बाद अब ट्रम्प की जवाबदेही पर सवाल

September 17, 2026/
9:28 pm

ईरान पर फरवरी में हुए अमेरिका हमलों को लेकर UN की जांच रिपोर्ट गुरुवार को सामने आई। UN की स्वतंत्र...

पंजाबी एक्ट्रेस ने बादशाह को बताया पति देव:रैपर के साथ फोटो शेयर कर कहा- मेरी शादी हो चुकी है

June 11, 2026/
11:32 am

पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने सोशल मीडिया पर रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर बादशाह के साथ एक तस्वीर शेयर की है...

हरियाणवी रैपर बोले-क्लास में मजाक उड़ा था, आज सबसे कामयाब:चंडीगढ़ शो में ढांडा न्योलीवाला ने सुनाया किस्सा, लेक्चरर ने लुक पर किया था कमेंट

March 28, 2026/
5:00 am

हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला कोई कंट्रोवर्सियल नहीं, बल्कि मोटिवेशन और इमोशन...

पनीर बनाम टोफू स्वास्थ्य लाभ, सही तरीके से खाने से वजन कम होता है, मांसपेशियों के लिए स्वस्थ आहार युक्तियाँ

March 23, 2026/
9:35 am

टोफू या पनीर, स्वास्थ्य के लिए कौन है स्वादिष्ट? | छवि: फ्रीपिक टोफू बनाम पनीर क्या है स्वास्थ्य के लिए...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?
गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?
गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है… उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?
एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?
एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: ‘उरी’ नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?
एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?
गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.