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चेहरा चमकाने के लिए स्किन में इंजेक्शन घुसेड़ा तो खैर नहीं, ब्यूटी क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, लड़कियां भी ध्यान दें

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CDSCO Warn against Injectable Cosmetic Products: शहरों में ब्यूटी क्लिनिकों की कोई कमी नहीं है. ऐसे कई ब्यूटी क्लिनिक मिल जाएंगे जहां दावा किया जाएगा कि हमारे पास प्रतिष्ठित संस्थानों से ट्रेंड डर्मेटोलॉजिस्ट है. कुछ क्लिनिकों में चेहरे काया पलट करने के लिए खास सलाह दी जाती है. इसमें कहा जाता है कि जो क्रीम आप चेहरे पर लगाते हैं वह जल्दी असर नहीं करती, इसलिए इसका इंजेक्शन लगा लीजिए. कुछ लोग इस झांसे में आ जाते हैं और झट से इस इंजेक्शन को लगा लेते हैं. इस प्रैक्टिस पर सख्त नराजगी जताते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO ने एक नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में कहा गया है कि किसी भी हाल में कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को इंजेक्शन के रूप में मंजूरी नहीं है. इसलिए यदि कोई ब्यूटी क्लीनिक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्स से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

कॉस्मेटिक का इस्तेमाल इंजेक्शन के लिए नहीं

दरअसल, कई ऐसी शिकायतें आ रही थी जिनमें किसी व्यक्ति ने चेहरे में इंजेक्शन लगाया और उसे कई तरह की परेशानियां हो गईं. इसी के बाद CDSCO ने यह नोटिस जारी की. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी सीडीएससीओ ने साफ किया है कि किसी भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई कंपनी, क्लीनिक या विक्रेता कॉस्मेटिक उत्पादों को इंजेक्शन के जरिए इस्तेमाल करने का दावा करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. भारत के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कॉस्मेटिक कंपनियां ऐसे दावे नहीं कर सकतीं जो लोगों को गुमराह करें. किसी भी उत्पाद के लेबल, पैकेजिंग या विज्ञापन में झूठे, बढ़ा-चढ़ाकर या इलाज जैसे दावे करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

कॉस्मेटिक्स को इलाज के रूप में पेश करना कानूनन अपराध

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत कॉस्मेटिक वे उत्पाद हैं, जो शरीर पर लगाने, छिड़कने या बाहरी इस्तेमाल के लिए होते हैं. इनका उद्देश्य केवल सफाई, सुंदरता बढ़ाना और आकर्षक दिखाना है. इन्हें इलाज या इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. नोटिस में यह भी कहा गया है कि असुरक्षित या प्रतिबंधित सामग्री वाले कॉस्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल और कॉस्मेटिक्स को इलाज के रूप में पेश करना कानूनन अपराध है. सीडीएससीओ ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं कॉस्मेटिक उत्पादों का गलत इस्तेमाल, भ्रामक प्रचार या इंजेक्शन के जरिए उपयोग होता दिखे, तो इसकी जानकारी तुरंत नियामक एजेंसियों या राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को दें. अधिकारियों के मुताबिक यह चेतावनी खास तौर पर एस्थेटिक, ब्यूटी और वेलनेस क्लीनिकों के लिए अहम है, जहां स्किन ग्लो, एंटी-एजिंग और ब्यूटी ट्रीटमेंट के नाम पर इंजेक्शन आधारित प्रक्रियाएं की जा रही हैं. सीडीएससीओ के पास हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है.

क्यों खतरनाक हैं ये ब्यूटी इंजेक्शन 

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो किसी भी तरह के कॉस्मेटिक प्रोडेक्ट में कई तरह के केमिकल होते हैं. इसलिए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को इस तरह से बनाया जाता है कि इसमें मौजूद खतरनाक भारी मेटल स्किन के अंदर न घुसे. अगर स्किन की सतह पर लगाए जाने वाले कॉस्मेटिक्स को सीधे इंजेक्शन के जरिए स्किन की भीतरी परतों में डाल दिया जाए, तो यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है. यह कोशिकाओं के स्तर पर विनाशकारी साबित हो सकता है. इसके कई कारण है. इन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में पैराबेंस, फेथलेट्स, फॉर्मलडिहाइड, मर्करी, पारा, लेड, सीसा जैसे अत्यंत हानिकारक तत्व होते हैं. इसलिए इसमें सिलिकॉन और मिनिरल ऑयल मिले होते हैं तो त्वचा में लगाने के साथ तुरंत एक सिंथेटिक परत बना लें लेकिन जब ये भारी टॉक्सिक तत्व स्किन के अंदर घुस जाएंगे तो खून में पहुंचकर किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचाने लगते है. मर्करी, लेड जैसे तत्व सीधे नर्वस सिस्टम को अटैक करते हैं. फॉर्मेल्डिहाइड जैसे तत्व कैंसर का कारण भी बन सकता है. कभी-कभी गलत डोज के कारण चेहरा संवारने के बजाय चेहरा बदसूरत होने लगता है. गलत डोज या गलत तरीके से सुई लगाने से चेहरे पर परमानेंट निशान, सूजन या पैरालिसिस तक हो सकता है.

लड़कियां खास ध्यान दें 

इन ब्यूटी क्लिनिकों में अधिकांश लड़कियां जाती हैं. उन्हें इस बात पर खास ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि उन्हें नहीं पता होता है कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को इंजेक्शन के रूप में लेने के बाद इसका क्या अंजाम होता है. अगर कोई इंजेक्शन या लेजर ट्रीटमेंट का सुझाव दे रहा है, तो पहले सुनिश्चित करें कि वह डर्मेटोलॉजिस्ट है या नहीं. उसका लाइसेंस देखें, उस क्लिनिक के पास हेल्थ डिपार्टमेंट से सर्जिकल या कॉस्मेटिक प्रक्रिया का लाइसेंस है या नहीं यह भी देखना चाहिए. आप किस डॉक्टर से इलाज करा रहे हैं, उसके बारे में सब कुछ पहले पता करें. सबसे बेहतर यही है कि नेचुरल पर भरोसा करें. इंस्टेंट निखार के बजाय अच्छी डाइट, पर्याप्त पानी, नींद और तनाव रहित जीवन को अपनाएं.

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कॉस्मेटिक का इस्तेमाल इंजेक्शन के लिए नहीं

दरअसल, कई ऐसी शिकायतें आ रही थी जिनमें किसी व्यक्ति ने चेहरे में इंजेक्शन लगाया और उसे कई तरह की परेशानियां हो गईं. इसी के बाद CDSCO ने यह नोटिस जारी की. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी सीडीएससीओ ने साफ किया है कि किसी भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई कंपनी, क्लीनिक या विक्रेता कॉस्मेटिक उत्पादों को इंजेक्शन के जरिए इस्तेमाल करने का दावा करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. भारत के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कॉस्मेटिक कंपनियां ऐसे दावे नहीं कर सकतीं जो लोगों को गुमराह करें. किसी भी उत्पाद के लेबल, पैकेजिंग या विज्ञापन में झूठे, बढ़ा-चढ़ाकर या इलाज जैसे दावे करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

कॉस्मेटिक्स को इलाज के रूप में पेश करना कानूनन अपराध

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत कॉस्मेटिक वे उत्पाद हैं, जो शरीर पर लगाने, छिड़कने या बाहरी इस्तेमाल के लिए होते हैं. इनका उद्देश्य केवल सफाई, सुंदरता बढ़ाना और आकर्षक दिखाना है. इन्हें इलाज या इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. नोटिस में यह भी कहा गया है कि असुरक्षित या प्रतिबंधित सामग्री वाले कॉस्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल और कॉस्मेटिक्स को इलाज के रूप में पेश करना कानूनन अपराध है. सीडीएससीओ ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं कॉस्मेटिक उत्पादों का गलत इस्तेमाल, भ्रामक प्रचार या इंजेक्शन के जरिए उपयोग होता दिखे, तो इसकी जानकारी तुरंत नियामक एजेंसियों या राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को दें. अधिकारियों के मुताबिक यह चेतावनी खास तौर पर एस्थेटिक, ब्यूटी और वेलनेस क्लीनिकों के लिए अहम है, जहां स्किन ग्लो, एंटी-एजिंग और ब्यूटी ट्रीटमेंट के नाम पर इंजेक्शन आधारित प्रक्रियाएं की जा रही हैं. सीडीएससीओ के पास हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है.

क्यों खतरनाक हैं ये ब्यूटी इंजेक्शन 

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो किसी भी तरह के कॉस्मेटिक प्रोडेक्ट में कई तरह के केमिकल होते हैं. इसलिए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को इस तरह से बनाया जाता है कि इसमें मौजूद खतरनाक भारी मेटल स्किन के अंदर न घुसे. अगर स्किन की सतह पर लगाए जाने वाले कॉस्मेटिक्स को सीधे इंजेक्शन के जरिए स्किन की भीतरी परतों में डाल दिया जाए, तो यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है. यह कोशिकाओं के स्तर पर विनाशकारी साबित हो सकता है. इसके कई कारण है. इन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में पैराबेंस, फेथलेट्स, फॉर्मलडिहाइड, मर्करी, पारा, लेड, सीसा जैसे अत्यंत हानिकारक तत्व होते हैं. इसलिए इसमें सिलिकॉन और मिनिरल ऑयल मिले होते हैं तो त्वचा में लगाने के साथ तुरंत एक सिंथेटिक परत बना लें लेकिन जब ये भारी टॉक्सिक तत्व स्किन के अंदर घुस जाएंगे तो खून में पहुंचकर किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचाने लगते है. मर्करी, लेड जैसे तत्व सीधे नर्वस सिस्टम को अटैक करते हैं. फॉर्मेल्डिहाइड जैसे तत्व कैंसर का कारण भी बन सकता है. कभी-कभी गलत डोज के कारण चेहरा संवारने के बजाय चेहरा बदसूरत होने लगता है. गलत डोज या गलत तरीके से सुई लगाने से चेहरे पर परमानेंट निशान, सूजन या पैरालिसिस तक हो सकता है.

लड़कियां खास ध्यान दें 

इन ब्यूटी क्लिनिकों में अधिकांश लड़कियां जाती हैं. उन्हें इस बात पर खास ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि उन्हें नहीं पता होता है कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को इंजेक्शन के रूप में लेने के बाद इसका क्या अंजाम होता है. अगर कोई इंजेक्शन या लेजर ट्रीटमेंट का सुझाव दे रहा है, तो पहले सुनिश्चित करें कि वह डर्मेटोलॉजिस्ट है या नहीं. उसका लाइसेंस देखें, उस क्लिनिक के पास हेल्थ डिपार्टमेंट से सर्जिकल या कॉस्मेटिक प्रक्रिया का लाइसेंस है या नहीं यह भी देखना चाहिए. आप किस डॉक्टर से इलाज करा रहे हैं, उसके बारे में सब कुछ पहले पता करें. सबसे बेहतर यही है कि नेचुरल पर भरोसा करें. इंस्टेंट निखार के बजाय अच्छी डाइट, पर्याप्त पानी, नींद और तनाव रहित जीवन को अपनाएं.

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