सागर जिले की नरयावली विधानसभा के विधायक प्रदीप लारिया ने शनिवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सागर के कैंट एरिया से जुड़े दो मुद्दों पर चर्चा करते हुए पत्र सौंपा। विधायक लारिया ने सागर छावनी परिषद के नगरीय निकाय में विलय की प्रक्रिया पर चर्चा की। रक्षा मंत्री को भूमि स्वामित्व की तकनीकी अड़चनों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए। ताकि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे का विकास हो सके। उन्होंने सुरक्षा मानकों को ध्यान रखते हुए कृषि और बंगला क्षेत्रों को भी विलय प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही। दरअसल, केंद्र सरकार ने कैंट सागर के सागर नगर निगम में विलय की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिसंबर-2022 में जारी किया था। इसके बाद कैंट ने अलग-अलग जमीनों के हिसाब से प्रस्ताव तैयार किए और उनको मप्र शासन के साथ रक्षा संपदा को भेजे थे। तभी से छावनी परिषद के नगर निगम में विलय की प्रक्रिया चल रहा है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की अनुमति की मांग
इसके साथ ही विधायक लारिया ने कैंट क्षेत्र में स्थित डिंपल पेट्रोल पंप के पास बीना-कटनी रेलवे गेट नंबर-25 पर आरओबी का निर्माण कराने अनुमति की मांग को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग यातायात की दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त है और यहां फ्लाईओवर की आवश्यकता है। निर्माण कार्य की अनुमति के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन पहले कर चुका है। विधायक ने जनहित में इस परियोजना को जल्द अनुमति देने की मांग की। दोनों ही विषयों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधायक लारिया को विभागीय स्तर पर उचित समीक्षा कर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। छावनी का निगम में विलय होने से ये फायदें
छावनी के रिहायशी इलाकों का विलय होने से यहां के रहवासियों को शासकीय आवास योजना जैसे कई फायदें मिलना शुरू होंगे। स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सड़क कनेक्टिविटी भी मिलेगी। छावनी परिषद क्षेत्र में भवन निर्माण और अन्य नागरिक कार्यों के लिए सेना से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।














































