दतिया में सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़ों ने प्रशासन की नींद तोड़ दी है। वर्ष 2025 में गोराघाट बॉर्डर से चिरोला बॉर्डर तक 80 हादसे दर्ज हुए, जबकि न्यू कलेक्ट्रेट से झांसी चुंगी तक 22 दुर्घटनाएं हुईं। इन खतरनाक आंकड़ों के बीच अब सड़क सुरक्षा समिति ने बड़े फैसले लेते हुए हड़ापहाड़ के कट को स्थायी रूप से बंद करने और पूरे हाईवे सिस्टम में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। हड़ापहाड़ का खतरनाक कट होगा पूरी तरह बंद हड़ापहाड़ का असुरक्षित कट, जो लंबे समय से हादसों की वजह बना हुआ था, अब पूरी तरह बंद किया जाएगा। पहले प्रशासन ने अस्थायी बैरिकेड लगाए थे, लेकिन लोगों की लापरवाही के चलते वे हटा दिए गए। अब इस कट को पत्थर की पक्की दीवार बनाकर सील किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की आवाजाही संभव न हो सके। हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना एनएच पर लगातार बढ़ते हादसों और अंधेरे की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने नई रणनीति बनाई है। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स सुधारने के बजाय अब हर दो किलोमीटर पर हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए आरटीओ और यातायात पुलिस को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित स्थानों में पुलिस बिल्डिंग, बड़ौनी तिराहा, न्यू कलेक्ट्रेट और न्यायालय क्षेत्र शामिल हैं। हाल ही में मरम्मत कार्य के लिए खोला गया कलापुरम कट भी जल्द बंद कर दिया जाएगा। इसकी जगह न्यायालय के सामने नया कट खोलने की तैयारी है। प्रशासन का मानना है कि इससे रॉन्ग साइड चलने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और हादसों में कमी आएगी। जहां हादसे ज्यादा, वहां सख्ती ज्यादा जिन मार्गों पर दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे और हाईवे पर रंबल स्ट्रिप्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। गोराघाट से इंदरगढ़ मार्ग तक झाड़ियों की सफाई, रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लगाने का काम भी किया जाएगा। हादसे रोकने के लिए यह कदम उठाएगा प्रशासन















































