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फिजिकल हेल्थ- नेतन्याहू को प्रोस्टेट कैंसर:देर से दिखते संकेत, इसलिए 50 के बाद स्क्रीनिंग जरूरी, बचाव के लिए जरूरी 7 सावधानियां

फिजिकल हेल्थ- नेतन्याहू को प्रोस्टेट कैंसर:देर से दिखते संकेत, इसलिए 50 के बाद स्क्रीनिंग जरूरी, बचाव के लिए जरूरी 7 सावधानियां

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जुड़ी एक स्वास्थ्य खबर ने दुनिया का ध्यान एक बार फिर प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें प्रोस्टेट कैंसर डायग्नोज हुआ है। दुनिया के एक प्रमुख नेता का इस बीमारी से जूझना यह याद दिलाता है कि प्रोस्टेट कैंसर उम्र, लाइफस्टाइल और जेनेटिक फैक्टर्स से जुड़ा एक साइलेंट खतरा है। ये किसी को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। ‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ के मुताबिक, भारत में हर साल प्रोस्टेट कैंसर के 33,000 से 42,000 नए मामले सामने आते हैं। साल 2040 तक इसके नए मामलों की संख्या दोगुनी होकर हर साल करीब 71,000 तक पहुंच सकती है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज प्रोस्टेट कैंसर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- प्रोस्टेट कैंसर क्या है? जवाब- प्रोस्टेट कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बना लेती हैं। सवाल- प्रोस्टेट ग्रंथि क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से समझें- सवाल- प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या हैं? जवाब- प्रोस्टेट कैंसर शुरुआती स्टेज में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता। लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, कुछ संकेत दिखने लगते हैं: शुरुआती लक्षण 1. बार-बार पेशाब आना (खासकर रात में) 2. पेशाब शुरू करने में दिक्कत 3. पेशाब का फ्लो कमजोर होना 4. जलन या दर्द 5. पूरा खाली न होने का एहसास पेशाब करने के बाद भी ऐसा लगता है कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ। एडवांस स्टेज के लक्षण 1. पेशाब या वीर्य में खून आना 2. हड्डियों में दर्द (कमर, कूल्हे, जांघ) प्रोस्टेट कैंसर हड्डियों में फैल सकता है। इससे लगातार, गहरा और रात में बढ़ने वाला दर्द होता है। 3. अचानक वजन कम होना बिना डाइट या एक्सरसाइज के वजन गिरना शरीर में गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। 4. लगातार थकान और कमजोरी शरीर में खून की कमी (एनीमिया) या कैंसर के फैलाव से ऐसा होता है। 5. पैरों में सूजन या सुन्नता अगर कैंसर स्पाइन (रीढ़) या नसों पर असर डालता है, तो पैरों में कमजोरी, झनझनाहट या सूजन हो सकती है। सवाल- प्रोस्टेट कैंसर क्यों होता है? जवाब- प्रोस्टेट कैंसर की वजह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन उम्र, जेनेटिक्स, हॉर्मोनल असंतुलन, खराब डाइट, लाइफस्टाइल और एनवायर्नमेंटल फैक्टर्स इसकी वजह बन सकते हैं। ये सभी चीजें मिलकर प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती हैं। सवाल- प्रोस्टेट कैंसर का पता कैसे चलता है? जवाब- प्रोस्टेट कैंसर के डायग्नोसिस के लिए दो मुख्य स्क्रीनिंग टेस्ट होते हैं- डिजिटल रेक्टल एग्जाम (DRE): इस टेस्ट में डॉक्टर एक ग्लव और लुब्रिकेटेड उंगली को रेक्टम (पाइप) में डालते हैं और प्रोस्टेट ग्लैंड को महसूस करते हैं। अगर प्रोस्टेट में कुछ कठोर या गड्ढा जैसा महसूस होता है तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है। PSA ब्लड टेस्ट: यह एक ब्लड टेस्ट है, जिसमें प्रोस्टेट ग्लैंड द्वारा बनाए जाने वाले प्रोटीन PSA का लेवल मापा जाता है। अगर PSA लेवल ज्यादा होता है तो यह कैंसर या किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। सवाल- प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग क्यों जरूरी है? जवाब- ‘यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी कांग्रेस’ में पेश एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग प्रोस्टेट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग नहीं कराते हैं तो उनकी जान जाने का जोखिम 45% ज्यादा होता है। प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग इसलिए भी जरूरी होती है क्योंकि यह साइलेंट बीमारी है। शुरुआत में कोई दर्द, दिक्कत या साफ लक्षण नहीं दिखते। स्क्रीनिंग के फायदे डिटेल में समझिए- 1. बीमारी जल्दी पता चलती है स्पष्ट लक्षण लक्षण सामने आने तक कैंसर बढ़ चुका होता है। स्क्रीनिंग की मदद से इसे पहले ही डायग्नोज किया जा सकता है। 2. इलाज आसान हो जाता है अगर शुरुआती स्टेज में ही इसका पता चल जाए तो इलाज ज्यादा आसान और प्रभावी होता है। देर होने पर इलाज मुश्किल हो सकता है। 3. फैलने से पहले रोक सकते हैं अगर समय पर इसका पता न चले तो कैंसर शरीर के दूसरे ऑर्गन्स में भी फैल सकता है। स्क्रीनिंग की मदद से इसे पहले ही रोकने में मदद मिलती है। 4. जिन्हें ज्यादा खतरा, उन्हें और जरूरी 50 साल से ऊपर के लोगों को और जिनकी प्रोस्टेट कैंसर की फैमिली हिस्ट्री है, उन्हें इसका ज्यादा रिस्क होता है। इसलिए इन्हें नियमित स्क्रीनिंग करानी चाहिए, ताकि समय पर इलाज हो सके। सवाल- प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के लिए क्या करें? जवाब- इससे पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ उपायों से रिस्क कम किया जा सकता है- प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े कॉमन सवाल और जवाब सवाल: क्या प्रोस्टेट कैंसर का इलाज संभव है? जवाब: हां, अगर प्रोस्टेट कैंसर को शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है। इलाज में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कभी-कभी हॉर्मोनल थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। सवाल: क्या प्रोस्टेट कैंसर को रोका जा सकता है? जवाब: इसे पूरी तरह नहीं रोका जा सकता, लेकिन हेल्दी डाइट, नियमित व्यायाम और वजन कंट्रोल से जोखिम कम किया जा सकता है। स्क्रीनिंग भी मददगार हो सकती है। सवाल: क्या प्रोस्टेट कैंसर के सभी मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है? जवाब: नहीं, अधिकांश मामलों में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। इलाज का डिसीजन कैंसर के प्रकार, स्टेज और व्यक्ति की ओवरऑल हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में रेडिएशन भी प्रभावी हो सकते हैं। सवाल: क्या प्रोस्टेट कैंसर सिर्फ बूढ़े लोगों को होता है? जवाब: प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम उम्र के साथ बढ़ता जाता है। खासकर 50 साल की उम्र के बाद यह खतरा ज्यादा होता है, लेकिन कुछ मामलों में युवाओं में भी इसका खतरा हो सकता है। खासतौर पर अगर फैमिली हिस्ट्री या कोई जेनेटिक समस्या है। ………………
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