Friday, 16 Oct 2026 | 12:08 AM

Trending :

बीसीजी रिपोर्ट: पार्ट-2 यूएस में भारतवंशियों का कितना दमखम?:अमेरिकी पेटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 50 साल में 5 गुना तक बढ़ गई

बीसीजी रिपोर्ट: पार्ट-2 यूएस में भारतवंशियों का कितना दमखम?:अमेरिकी पेटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 50 साल में 5 गुना तक बढ़ गई

जब अमेरिका को नोबेल चाहिए, तो भारतीय दिमाग काम आता है। जब स्पेलिंग बी का ताज चाहिए, तो भारतीय बच्चे मैदान मारते हैं। जब नए पेटेंट चाहिए, तो भारतीय वैज्ञानिक कलम उठाते हैं। यह महज संयोग नहीं, यह उस भारतवंशी समुदाय की कहानी है, जो अमेरिका की धरती पर आया तो 2% बनकर, लेकिन अब बौद्धिक दुनिया में अपनी हिस्सेदारी दस गुना से भी ज्यादा बढ़ा ली। बीसीजी और इंडियास्पोरा द्वारा तैयार की गई ‘अमेरिका में भारतवंशियों के दमखम की कहानी’ के दूसरे हिस्से में पढ़िए, कैसे अमेरिका की बौद्धिक ताकत बने भारतवंशी… यदि अमेरिका आज विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तो उसमें भारतीय दिमागों का बहुत बड़ा योगदान है। पेटेंट फाइल करने से लेकर वैज्ञानिक शोध पत्रों के प्रकाशन तक, भारतीय डायस्पोरा का ग्राफ 1975 से अब तक पांच गुना बढ़ चुका है। हर 10 में से 1 अमेरिकी डॉक्टर भारतीय मूल का है, जो देश के सबसे दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। हर साल 1,800 नए भारतीय डॉक्टर सिस्टम में जुड़ रहे हैं, जो डॉक्टरों की कमी पूरा करने में सबसे आगे हैं। रिसर्च के क्षेत्र में भी यही कहानी है। अमेरिका के शीर्ष 50 कॉलेजों में से 35 में भारतवंशी नेतृत्व की भूमिकाओं में हैं। अमेरिका में 38,000 भारतीय मूल की नर्सें कार्यरत हैं। दो बार नोबेल अवॉर्ड जीत चुके; स्पेलिंग बी में 26 साल में 34 में से 28 विजेता भारतवंशी, शोध पत्रों में 13% भागीदारी है… भारतीय मूल के अमेरिकियों की कहां-कितनी हिस्सेदारी
नोबेल पुरस्कार 2 बार
फील्ड्स मेडल 1 बार
ट्यूरिंग अवॉर्ड 1 बार
स्पेलिंग बी विजेता 82%
पेटेंट में हिस्सेदारी 10%
कंप्यूटर पेटेंट 11%
वैज्ञानिक शोध पत्र 13%
फोर्ब्स 30 अंडर 30 11%
(स्रोत: फोर्ब्स, यूएसपीटीओ और नेचर इंडेक्स के आंकड़े।) -1968 में हर गोविंद खुराना और 2019 में अभिजीत बनर्जी को नोबेल अवॉर्ड प्रदान किया गया। -मंजुल भार्गव ने साल 2014 में फील्ड्स मेडल जीता था, जिसे ‘गणित का नोबेल’ कहा जाता है। -स्पेलिंग बी में 2000 के बाद से 34 में से 28 विजेता भारतवंशी। -2022 से 2024 के बीच पूरे उत्तरी अमेरिका में फोर्ब्स 30 अंडर 30 पुरस्कारों में 11% हिस्सेदारी। -1975 में पेंटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 1.9% थी, जो 2019 में बढ़कर 10% पर पहुंची। शिक्षा – टॉप-50 में से 35 कॉलेजों में यही शीर्ष पर
– 22,000 से अधिक भारतीय मूल के प्रोफेसर्स अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं।
– हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड जैसे संस्थानों के डीन और प्रेसिडेंट के पदों पर भारतीयों का होना अब सामान्य।
– अमेरिका के टॉप-50 कॉलेजों पर नजर डालें तो 35 में भारतीय अमेरिकी नेतृत्व की भूमिका में। यानी अमेरिका के हर दूसरे शीर्ष विश्वविद्यालय में कोई न कोई भारतीय अमेरिकी नेतृत्व में है। सेहत – अमेरिका के लिए भारतवंशी ‘संकटमोचक’
– 2032 तक अमेरिका में 1.22 लाख डॉक्टरों की कमी होगी। – 2027 तक अमेरिका की 8 लाख नर्सें काम छोड़ देंगी। – हेल्थकेयर में जॉब 2030 तक 10-20% बढ़ेंगी, पर लोग नहीं। – भारतवंशियों का मेडिकल स्कूल में एडमिशन औसत से करीब चार गुना की तेजी से बढ़ रहा है। – भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है जो अमेरिका को नर्सें भेजता है। – सीडीसी और एनएसएफ जैसी बड़ी सरकारी एजेंसियों में भारतीय अमेरिकी 3% टॉप पोजीशन पर हैं। ये डॉक्टर अक्सर सबसे दूरदराज और वंचित इलाकों में सेवा देते हैं, जहां कोई और जाना नहीं चाहता।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Hours after the press conference, Chadha, Pathak and Mittal went to the BJP headquarters in New Delhi and joined the ruling party.

April 25, 2026/
9:42 am

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 09:42 IST कांग्रेस की गणना यह है कि अगर भगवंत मान सरकार गिरती है, तो आम...

निशांत सिंधु बोले- गुजरात टाइटंस का माहौल परिवार जैसा:गिल से काफी सीखता हूं, धोनी से दबाव के समय शांत रहना सीखा

April 30, 2026/
2:58 pm

गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर निशांत सिंधु ने कहा कि टीम का माहौल बिल्कुल परिवार जैसा है, जहां हर खिलाड़ी एक-दूसरे...

साड़ी के लिए सावन 2026 ट्रेंडी ब्लाउज़ डिज़ाइन, स्टाइलिश, उत्तम दर्जे का और आधुनिक डिज़ाइन

July 22, 2026/
10:49 pm

22 जुलाई 2026 को 22:49 IST पर अपडेट किया गया ट्रेंडी ब्लाउज़ डिज़ाइन 2026: सावन 2026 में फैशन के साथ...

बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

May 28, 2026/
9:58 am

बकरीद के मौके पर आज गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद है। वहीं कमोडिटी मार्केट में दोपहर तक...

असम नई कैबिनेट: असम के कैबिनेट मंत्री बने रामातार तेली, मोदी से लेकर सीएम हिमंत तक...असम के कैबिनेट मंत्री ने कहा धन्यवाद

May 12, 2026/
1:45 pm

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नवनिर्वाचित राम राम तेली ने मंगलवार को असम के मंत्री पद की शपथ ली।...

अनुपम खेर दिवंगत सतीश कौशिक की बेटी के स्कूल पहुंचे:वंशिका की प्ले की परफॉर्मेंस देखकर बोले- जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी मिली

March 9, 2026/
8:22 pm

दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक के निधन के बाद उनके परिवार के साथ खड़े रहने का वादा निभाते हुए अभिनेता अनुपम...

राजनीति

बीसीजी रिपोर्ट: पार्ट-2 यूएस में भारतवंशियों का कितना दमखम?:अमेरिकी पेटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 50 साल में 5 गुना तक बढ़ गई

बीसीजी रिपोर्ट: पार्ट-2 यूएस में भारतवंशियों का कितना दमखम?:अमेरिकी पेटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 50 साल में 5 गुना तक बढ़ गई

जब अमेरिका को नोबेल चाहिए, तो भारतीय दिमाग काम आता है। जब स्पेलिंग बी का ताज चाहिए, तो भारतीय बच्चे मैदान मारते हैं। जब नए पेटेंट चाहिए, तो भारतीय वैज्ञानिक कलम उठाते हैं। यह महज संयोग नहीं, यह उस भारतवंशी समुदाय की कहानी है, जो अमेरिका की धरती पर आया तो 2% बनकर, लेकिन अब बौद्धिक दुनिया में अपनी हिस्सेदारी दस गुना से भी ज्यादा बढ़ा ली। बीसीजी और इंडियास्पोरा द्वारा तैयार की गई ‘अमेरिका में भारतवंशियों के दमखम की कहानी’ के दूसरे हिस्से में पढ़िए, कैसे अमेरिका की बौद्धिक ताकत बने भारतवंशी… यदि अमेरिका आज विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तो उसमें भारतीय दिमागों का बहुत बड़ा योगदान है। पेटेंट फाइल करने से लेकर वैज्ञानिक शोध पत्रों के प्रकाशन तक, भारतीय डायस्पोरा का ग्राफ 1975 से अब तक पांच गुना बढ़ चुका है। हर 10 में से 1 अमेरिकी डॉक्टर भारतीय मूल का है, जो देश के सबसे दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। हर साल 1,800 नए भारतीय डॉक्टर सिस्टम में जुड़ रहे हैं, जो डॉक्टरों की कमी पूरा करने में सबसे आगे हैं। रिसर्च के क्षेत्र में भी यही कहानी है। अमेरिका के शीर्ष 50 कॉलेजों में से 35 में भारतवंशी नेतृत्व की भूमिकाओं में हैं। अमेरिका में 38,000 भारतीय मूल की नर्सें कार्यरत हैं। दो बार नोबेल अवॉर्ड जीत चुके; स्पेलिंग बी में 26 साल में 34 में से 28 विजेता भारतवंशी, शोध पत्रों में 13% भागीदारी है… भारतीय मूल के अमेरिकियों की कहां-कितनी हिस्सेदारी
नोबेल पुरस्कार 2 बार
फील्ड्स मेडल 1 बार
ट्यूरिंग अवॉर्ड 1 बार
स्पेलिंग बी विजेता 82%
पेटेंट में हिस्सेदारी 10%
कंप्यूटर पेटेंट 11%
वैज्ञानिक शोध पत्र 13%
फोर्ब्स 30 अंडर 30 11%
(स्रोत: फोर्ब्स, यूएसपीटीओ और नेचर इंडेक्स के आंकड़े।) -1968 में हर गोविंद खुराना और 2019 में अभिजीत बनर्जी को नोबेल अवॉर्ड प्रदान किया गया। -मंजुल भार्गव ने साल 2014 में फील्ड्स मेडल जीता था, जिसे ‘गणित का नोबेल’ कहा जाता है। -स्पेलिंग बी में 2000 के बाद से 34 में से 28 विजेता भारतवंशी। -2022 से 2024 के बीच पूरे उत्तरी अमेरिका में फोर्ब्स 30 अंडर 30 पुरस्कारों में 11% हिस्सेदारी। -1975 में पेंटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 1.9% थी, जो 2019 में बढ़कर 10% पर पहुंची। शिक्षा – टॉप-50 में से 35 कॉलेजों में यही शीर्ष पर
– 22,000 से अधिक भारतीय मूल के प्रोफेसर्स अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं।
– हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड जैसे संस्थानों के डीन और प्रेसिडेंट के पदों पर भारतीयों का होना अब सामान्य।
– अमेरिका के टॉप-50 कॉलेजों पर नजर डालें तो 35 में भारतीय अमेरिकी नेतृत्व की भूमिका में। यानी अमेरिका के हर दूसरे शीर्ष विश्वविद्यालय में कोई न कोई भारतीय अमेरिकी नेतृत्व में है। सेहत – अमेरिका के लिए भारतवंशी ‘संकटमोचक’
– 2032 तक अमेरिका में 1.22 लाख डॉक्टरों की कमी होगी। – 2027 तक अमेरिका की 8 लाख नर्सें काम छोड़ देंगी। – हेल्थकेयर में जॉब 2030 तक 10-20% बढ़ेंगी, पर लोग नहीं। – भारतवंशियों का मेडिकल स्कूल में एडमिशन औसत से करीब चार गुना की तेजी से बढ़ रहा है। – भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है जो अमेरिका को नर्सें भेजता है। – सीडीसी और एनएसएफ जैसी बड़ी सरकारी एजेंसियों में भारतीय अमेरिकी 3% टॉप पोजीशन पर हैं। ये डॉक्टर अक्सर सबसे दूरदराज और वंचित इलाकों में सेवा देते हैं, जहां कोई और जाना नहीं चाहता।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.