Thursday, 09 Apr 2026 | 04:56 PM

Trending :

EXCLUSIVE

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ने वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टर टी. बी. युवराजा ने मुंबई में बैठकर ओमान के मस्कट के मेडिकल सिटी अस्पताल में 55 साल की महिला का रोबोटिक किडनी ऑपरेशन किया। यह क्रॉस-बॉर्डर रिमोट रोबोटिक सर्जरी भारत से पहली बार मानी जा रही है। यह सर्जरी एडवांस्ड ‘मेडबॉट ट्युमाई’ रोबोटिक सिस्टम और रियल-टाइम कनेक्टिविटी के जरिए की गई। डॉक्टर ने दूर बैठकर पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल किया और सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की। कोकिलाबेन अस्पताल में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. टी. बी. युवराजा ने कहा कि यह हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव है। उनके मुताबिक अब मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि डॉक्टर ही तकनीक के जरिए मरीज तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास 4200 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी का अनुभव है और यह उपलब्धि सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर व्यवस्था का संकेत है। इससे दुनिया भर में इलाज की पहुंच आसान हो सकती है। अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO डॉ. संतोष शेट्टी ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की तकनीकी क्षमता और पहले किए गए रिमोट ऑपरेशन के अनुभव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस बार भारत की क्लिनिकल क्षमता को मस्कट के कैंसर मरीज तक पहुंचाया गया। अस्पताल के मुताबिक, यह सर्जरी सभी जरूरी नियमों के तहत की गई। इसमें CDSCO की गाइडलाइंस का पालन किया गया, ताकि सुरक्षा, नैतिकता और क्लिनिकल स्टैंडर्ड बनाए रखें। यह जरूरी है क्योंकि रिमोट सर्जरी अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर लागू होने की दिशा में बढ़ रही है। अस्पताल ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब सिर्फ मेडिकल टूरिज्म का केंद्र नहीं, बल्कि दुनिया भर में रियल-टाइम मेडिकल एक्सपर्टीज देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे यह भी साबित हुआ कि अब सर्जरी देश की सीमाओं से बाहर निकल रही है। कोकिलाबेन अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए एक बड़ा सेंटर है और यहां तीन एडवांस्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। अस्पताल के पास भारत का पहला मेडबॉट ट्युमाई सिस्टम भी है, जिससे ऐसी सर्जरी संभव हो पाई। अस्पताल के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मरीज-केंद्रित सोच पर आधारित है। बिना यात्रा किए जटिल सर्जरी होने से मरीज को सुविधा मिलती है और बेहतर नतीजे मिलने की संभावना भी बढ़ती है। अब मरीजों को इलाज के लिए विदेश जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे समय बचेगा, खर्च कम होगा और इलाज जल्दी मिल सकेगा। यह उपलब्धि कोकिलाबेन अस्पताल को ग्लोबल लेवल पर एक ऐसे सेंटर के रूप में स्थापित करती है, जहां से टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में इलाज दिया जा सकता है। अस्पताल का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी रिमोट सर्जरी हेल्थकेयर के भविष्य को बदल सकती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बंगाल चुनाव से ठीक पहले सर्वे ने चौंकाया, तीन प्रतिशत लोग चाहते हैं कि ममता बनर्जी फिर से सीएम बनें

April 1, 2026/
8:04 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। 294 विधानसभा के लिए 23 और...

बुरहानपुर में 4 घंटे बिजली आपूर्ती ठप:सी.के.ग्रीन्स, वल्लभ नगर, गुरु गोविंद सिंह कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में सप्लाई ठप

March 15, 2026/
7:36 am

बुरहानपुर में रविवार, 15 मार्च को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति...

सिक्किम की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीती:रूस के फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डेब्यू फिल्म बनी; डायरेक्टर ने अवॉर्ड राज्य को डेडिकेट किए

March 19, 2026/
2:58 pm

सिक्किम की नेपाली भाषा की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ ने दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते हैं। रूस के खांटी-मानसीस्क में आयोजित...

2 लैब में क्रायोनिक्स तकनीक से शवों का संरक्षण:मौत के बाद जीवन की चाह; 2 करोड़ खर्च कर जमा रहे शरीर, उम्मीद- विज्ञान जिंदा कर देगा

March 29, 2026/
7:22 pm

मौत को भौतिक रूप से शरीर का अंत मानते हैं। लेकिन दुनिया के कुछ लोग इसे ‘रुकावट’ मानकर भविष्य में...

NSE पर 13 अप्रैल से ब्रेंट-क्रूड-ऑयल की ट्रेडिंग होगी:सेबी से मंजूरी मिली, इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से हेजिंग कर सकेंगे; कैश में सेटलमेंट होगा

March 29, 2026/
8:05 pm

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट का विस्तार करने जा रहा है। NSE 13 अप्रैल 2026 से ‘डेटेड...

बैतूल से 7 साल का मासूम लापता:एक महीने बाद भी नहीं मिला सुराग, पुलिस और SDRF की तलाश जारी

February 24, 2026/
1:45 pm

बैतूल जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र स्थित चिल्कापुर गांव से 7 वर्षीय खुश माथनकर पिछले एक महीने से लापता है।...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

भारत से पहली क्रॉस-बॉर्डर रोबोटिक सर्जरी:पश्चिम एशिया में जंग के बीच कोकिलाबेन अस्पताल ने मुंबई से मस्कट में महिला की किडनी का ऑपरेशन किया

मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ने वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टर टी. बी. युवराजा ने मुंबई में बैठकर ओमान के मस्कट के मेडिकल सिटी अस्पताल में 55 साल की महिला का रोबोटिक किडनी ऑपरेशन किया। यह क्रॉस-बॉर्डर रिमोट रोबोटिक सर्जरी भारत से पहली बार मानी जा रही है। यह सर्जरी एडवांस्ड ‘मेडबॉट ट्युमाई’ रोबोटिक सिस्टम और रियल-टाइम कनेक्टिविटी के जरिए की गई। डॉक्टर ने दूर बैठकर पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल किया और सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की। कोकिलाबेन अस्पताल में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. टी. बी. युवराजा ने कहा कि यह हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव है। उनके मुताबिक अब मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि डॉक्टर ही तकनीक के जरिए मरीज तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास 4200 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी का अनुभव है और यह उपलब्धि सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर व्यवस्था का संकेत है। इससे दुनिया भर में इलाज की पहुंच आसान हो सकती है। अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO डॉ. संतोष शेट्टी ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की तकनीकी क्षमता और पहले किए गए रिमोट ऑपरेशन के अनुभव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस बार भारत की क्लिनिकल क्षमता को मस्कट के कैंसर मरीज तक पहुंचाया गया। अस्पताल के मुताबिक, यह सर्जरी सभी जरूरी नियमों के तहत की गई। इसमें CDSCO की गाइडलाइंस का पालन किया गया, ताकि सुरक्षा, नैतिकता और क्लिनिकल स्टैंडर्ड बनाए रखें। यह जरूरी है क्योंकि रिमोट सर्जरी अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर लागू होने की दिशा में बढ़ रही है। अस्पताल ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब सिर्फ मेडिकल टूरिज्म का केंद्र नहीं, बल्कि दुनिया भर में रियल-टाइम मेडिकल एक्सपर्टीज देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे यह भी साबित हुआ कि अब सर्जरी देश की सीमाओं से बाहर निकल रही है। कोकिलाबेन अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए एक बड़ा सेंटर है और यहां तीन एडवांस्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। अस्पताल के पास भारत का पहला मेडबॉट ट्युमाई सिस्टम भी है, जिससे ऐसी सर्जरी संभव हो पाई। अस्पताल के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मरीज-केंद्रित सोच पर आधारित है। बिना यात्रा किए जटिल सर्जरी होने से मरीज को सुविधा मिलती है और बेहतर नतीजे मिलने की संभावना भी बढ़ती है। अब मरीजों को इलाज के लिए विदेश जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे समय बचेगा, खर्च कम होगा और इलाज जल्दी मिल सकेगा। यह उपलब्धि कोकिलाबेन अस्पताल को ग्लोबल लेवल पर एक ऐसे सेंटर के रूप में स्थापित करती है, जहां से टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में इलाज दिया जा सकता है। अस्पताल का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी रिमोट सर्जरी हेल्थकेयर के भविष्य को बदल सकती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.