Thursday, 08 Oct 2026 | 10:52 PM

Trending :

EXCLUSIVE

समय रैना के एंग्जायटी अटैक, लक्षण, कारण और बचाव के तरीके samay raina anxiety attack symptoms and prevention

authorimg

Samay Raina Anxiety Attack: इंडियाज गॉट लेटेंट कंट्रोवर्सी में फंसे मशहूर यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में खुलासा किया कि विवाद के बाद उन्हें न केवल फाइनेंशियली नुकसान हुआ बल्कि हेल्थ भी खराब हो गई थी. 8 करोड़ रुपये के नुकसान, कानूनी पचड़े, ऑनलाइन मिलने वाली नफरत और ट्रोलिंग के चलते उन्हें एंग्जाइटी अटैक आने शुरू हो गए थे. इस दौरान समय रैना सोने और दिमाग को शांत रखने के लिए नींद की गोलियां तक खाते थे. एंग्जाइटी अटैक आखिर होता क्या है और इसके लक्षण क्या होते हैं कि इससे उबरने में समय को काफी समय लगा, आइए जानते हैं..

क्या होते हैं एंग्जाइटी अटैक
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एंग्जायटी अटैक यानि चिंता का दौरा आम समस्या बन गई है. कई लोग इसे हार्ट अटैक समझकर घबरा जाते हैं, लेकिन यह एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति है.

एंग्जायटी अटैक अक्सर पैनिक अटैक से मिलता-जुलता होता है. इसमें व्यक्ति को अचानक तीव्र भय या खतरे की भावना होती है, भले ही कोई वास्तविक खतरा न हो. यह कुछ मिनटों में पीक पर पहुंचता है और 5 से 30 मिनट तक रह सकता है. पैनिक अटैक अचानक आता है, जबकि सामान्य एंग्जायटी धीरे-धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक बनी रह सकती है.

इसके लक्षण क्या होते हैं?
एंग्जाइटी अटैक में अचानक तीव्र घबराहट, डर और शारीरिक लक्षण महसूस होते हैं. इसके प्रमुख लक्षण ये होते हैं..

  1. दिल की धड़कन तेज होना या अनियमित महसूस होना
  2. सांस फूलना या तेज सांस लेना (हाइपरवेंटिलेशन)
  3. पसीना आना, कांपना या ठंड लगना
  4. सीने में दर्द या भारीपन, चक्कर आना, जी मिचलाना
  5. मुंह सूखना, हाथ-पैर सुन्न होना या झनझनाहट
  6. मौत का डर, नियंत्रण खोने का डर या ‘कुछ बहुत बुरा होने वाला है’ जैसी भावना
  7. बेचैनी, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी

डॉक्टरों की मानें तो ये लक्षण इतने तीव्र हो सकते हैं कि व्यक्ति को लगता है जैसे हार्ट अटैक आ रहा है.

क्यों होती है ये परेशानी?
अक्सर एंग्जाइटी अटैक बहुत ज्यादा तनाव, काम का बोझ, पारिवारिक मुद्दे, आर्थिक चिंता, पिछली कोई घटना या ट्रॉमा, कैफीन या कुछ दवाएं लेने की वजह से ट्रिगर हो सकते हैं. जेनेटिक्स, मस्तिष्क रसायनों में असंतुलन और जीवनशैली भी इनको बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

एंग्जाइटी अटैक से कैसे बचें और तुरंत क्या करें?
साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर निशा खन्ना कहती हैं कि एंग्जाइटी को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव और ब्रीदिंग संबंधी व्यायाम करने से फायदा होता है. यानि वे सभी चीजें जो मानसिक दवाब और तनाव कम करती हैं. इनके लिए योग और मनपसंद गतिविधियां करना सबसे सही उपाय है.

  1. ब्रीदिंग एक्सरसाइज: इसके लिए 4-7-8 तकनीक अपनाएं. 4 सेकंड सांस अंदर, 7 सेकंड रोकें, 8 सेकंड तक सांस बाहर रखें. इससे इससे नर्वस सिस्टम शांत होता है.
  2. लाइफस्टाइल बदलाव: नियमित व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, कैफीन कम करें, अच्छी नींद लें और ध्यान-योग करें.
  3. ट्रिगर्स से बचें: अपने आसपास की तनावपूर्ण स्थितियों को पहचानें और उनसे दूर रहने की कोशिश करें, साथ ही निपटने की रणनीति भी बनाएं.

मनोचिकित्सकों की मानें तो अगर अटैक बार-बार आ रहे हैं और दैनिक जीवन प्रभावित हो या डर बना रहे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें. इसके लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) सबसे प्रभावी है. जरूरत पड़ने पर दवाएं भी दी जाती हैं. स्वयं दवा न लें. परिवार का सहयोग बहुत जरूरी है.
एंग्जायटी अटैक खतरनाक नहीं है, लेकिन अनदेखा करने से समस्या बढ़ सकती है. जागरूकता और सही कदम से आप सामान्य जीवन जी सकते हैं. अगर लक्षण महसूस हों तो डॉक्टर से बात करें. मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Google Preferred Source CTA

May 16, 2026/
1:25 pm

इंटरनेशनल रैपर कान्ये वेस्ट (ये) का भारत में होने वाला कॉन्सर्ट कैंसिल कर दिया गया है। रैपर भारत में पहला...

अमृतसर एयरपोर्ट पर यात्री से ₹2.58 करोड़ का सोना बरामद:कड़ा-बिस्किट के रूप में छिपाया गोल्ड, कुआलालंपुर जा रहा था; कस्टम विभाग ने किया गिरफ्तार

May 16, 2026/
5:31 am

अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए...

21 किमी दौड़ जीतने वाले को 21 हजार मिले:विदिशा- बेतवा मैराथन में उदयगिरी तक रनिंग; कलेक्टर-एसपी, जिप सीईओ और जनप्रतिनिधि पहुंचे

February 21, 2026/
12:06 pm

विदिशा में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित बेतवा मैराथन-2026 का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। इस आयोजन का मुख्य...

20 लाख श्रद्धालुओं ने करीला धाम में किए दर्शन:2 दिन आस्था का सैलाब उमड़ा, रातभर चलता रहा राई नृत्य

March 9, 2026/
1:53 pm

अशोकनगर जिले के मां जानकी धाम करीला में रंग पंचमी के अवसर पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया।...

arw img

April 23, 2026/
1:04 pm

X सेहत का खजाना है ये घास, बालों से लेकर सांस की बीमारियों में वरदान!   Health Tips: दूधी घास,...

ब्राजील कार्निवल, उमड़ा जनसैलाब, टूटेगा रिकॉर्ड:6.5 करोड़ लोगों की भीड़ और 190 करोड़ का बजट, सांबा की धुन पर थिरकी दुनिया

February 19, 2026/
11:18 am

दुनिया के सबसे बड़े उत्सवों में से एक बाजील कार्निवल चरम पर पहुंच चुका है। 13 फरवरी से शुरू हुआ...

लग्जरी पर्यटन, प्राइवेसी ही करेंसी:अब बेहतरीन ठिकाने नहीं, ‘अनुभव’ खरीदे जा रहे; पुराने वाइन टैंकों में स्टे, दार्शनिक विमर्श पसंद कर रहे रईस सैलानी

April 18, 2026/
3:55 pm

अल्ट्रा रिच यानी रईस ट्रैवलिंग का तरीका बदल रहे हैं। ये वर्ग केवल सैर-सपाटे के लिए नहीं निकल रहा, बल्कि...

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के नए सॉन्ग पर कंट्रोवर्सी:ऑफिशियल ट्रैक जारी, बाबाओं-डेरों पर निशाना; यूजर्स ने लिखा-रामपाल, राम रहीम सबको लपेटा

August 27, 2026/
5:00 am

बदमाशी कल्चर वाले गानों के लिए कंट्रोवर्सी में रहे हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने फिर सुर्खियों में हैं। 26 अगस्त...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

समय रैना के एंग्जायटी अटैक, लक्षण, कारण और बचाव के तरीके samay raina anxiety attack symptoms and prevention

authorimg

Samay Raina Anxiety Attack: इंडियाज गॉट लेटेंट कंट्रोवर्सी में फंसे मशहूर यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में खुलासा किया कि विवाद के बाद उन्हें न केवल फाइनेंशियली नुकसान हुआ बल्कि हेल्थ भी खराब हो गई थी. 8 करोड़ रुपये के नुकसान, कानूनी पचड़े, ऑनलाइन मिलने वाली नफरत और ट्रोलिंग के चलते उन्हें एंग्जाइटी अटैक आने शुरू हो गए थे. इस दौरान समय रैना सोने और दिमाग को शांत रखने के लिए नींद की गोलियां तक खाते थे. एंग्जाइटी अटैक आखिर होता क्या है और इसके लक्षण क्या होते हैं कि इससे उबरने में समय को काफी समय लगा, आइए जानते हैं..

क्या होते हैं एंग्जाइटी अटैक
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एंग्जायटी अटैक यानि चिंता का दौरा आम समस्या बन गई है. कई लोग इसे हार्ट अटैक समझकर घबरा जाते हैं, लेकिन यह एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति है.

एंग्जायटी अटैक अक्सर पैनिक अटैक से मिलता-जुलता होता है. इसमें व्यक्ति को अचानक तीव्र भय या खतरे की भावना होती है, भले ही कोई वास्तविक खतरा न हो. यह कुछ मिनटों में पीक पर पहुंचता है और 5 से 30 मिनट तक रह सकता है. पैनिक अटैक अचानक आता है, जबकि सामान्य एंग्जायटी धीरे-धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक बनी रह सकती है.

इसके लक्षण क्या होते हैं?
एंग्जाइटी अटैक में अचानक तीव्र घबराहट, डर और शारीरिक लक्षण महसूस होते हैं. इसके प्रमुख लक्षण ये होते हैं..

  1. दिल की धड़कन तेज होना या अनियमित महसूस होना
  2. सांस फूलना या तेज सांस लेना (हाइपरवेंटिलेशन)
  3. पसीना आना, कांपना या ठंड लगना
  4. सीने में दर्द या भारीपन, चक्कर आना, जी मिचलाना
  5. मुंह सूखना, हाथ-पैर सुन्न होना या झनझनाहट
  6. मौत का डर, नियंत्रण खोने का डर या ‘कुछ बहुत बुरा होने वाला है’ जैसी भावना
  7. बेचैनी, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी

डॉक्टरों की मानें तो ये लक्षण इतने तीव्र हो सकते हैं कि व्यक्ति को लगता है जैसे हार्ट अटैक आ रहा है.

क्यों होती है ये परेशानी?
अक्सर एंग्जाइटी अटैक बहुत ज्यादा तनाव, काम का बोझ, पारिवारिक मुद्दे, आर्थिक चिंता, पिछली कोई घटना या ट्रॉमा, कैफीन या कुछ दवाएं लेने की वजह से ट्रिगर हो सकते हैं. जेनेटिक्स, मस्तिष्क रसायनों में असंतुलन और जीवनशैली भी इनको बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

एंग्जाइटी अटैक से कैसे बचें और तुरंत क्या करें?
साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर निशा खन्ना कहती हैं कि एंग्जाइटी को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव और ब्रीदिंग संबंधी व्यायाम करने से फायदा होता है. यानि वे सभी चीजें जो मानसिक दवाब और तनाव कम करती हैं. इनके लिए योग और मनपसंद गतिविधियां करना सबसे सही उपाय है.

  1. ब्रीदिंग एक्सरसाइज: इसके लिए 4-7-8 तकनीक अपनाएं. 4 सेकंड सांस अंदर, 7 सेकंड रोकें, 8 सेकंड तक सांस बाहर रखें. इससे इससे नर्वस सिस्टम शांत होता है.
  2. लाइफस्टाइल बदलाव: नियमित व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, कैफीन कम करें, अच्छी नींद लें और ध्यान-योग करें.
  3. ट्रिगर्स से बचें: अपने आसपास की तनावपूर्ण स्थितियों को पहचानें और उनसे दूर रहने की कोशिश करें, साथ ही निपटने की रणनीति भी बनाएं.

मनोचिकित्सकों की मानें तो अगर अटैक बार-बार आ रहे हैं और दैनिक जीवन प्रभावित हो या डर बना रहे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें. इसके लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) सबसे प्रभावी है. जरूरत पड़ने पर दवाएं भी दी जाती हैं. स्वयं दवा न लें. परिवार का सहयोग बहुत जरूरी है.
एंग्जायटी अटैक खतरनाक नहीं है, लेकिन अनदेखा करने से समस्या बढ़ सकती है. जागरूकता और सही कदम से आप सामान्य जीवन जी सकते हैं. अगर लक्षण महसूस हों तो डॉक्टर से बात करें. मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.