मंडला में नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक निर्माणाधीन सड़क के बीच में खड़े बिजली के पोल शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। 94 लाख रुपए की लागत वाली इस सड़क के डामरीकरण में बाधा बन रहे खंभों को हटाए बिना ही काम किए जाने पर विभाग ने संज्ञान लिया है। डामरीकरण से पहले पोल नहीं हटाया नगर की 800 मीटर लंबी इस सड़क का निर्माण बिना बिजली के पोल और पेड़ों को हटाए शुरू कर दिया गया था। सड़क के बीचों-बीच खड़े इन खंभों के कारण भविष्य में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी, जिसे देखते हुए अब पोल हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। स्थानीय निवासी आनंद प्रकाश तिवारी सहित अन्य नागरिकों ने पोल शिफ्टिंग कार्य शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान की गई इस अनदेखी से आमजन की सुरक्षा खतरे में थी, जो अब पोल हटने से सुधरेगी। बिजली कंपनी ने संभाला मोर्चा लापरवाही उजागर होने के बाद बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी कार्य शुरू किया। हालांकि, इस संबंध में बिजली विभाग के एसई अयूब खान से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल बिना बाधाओं को हटाए सड़क निर्माण कार्य शुरू किए जाने से लोगों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब शेष डामरीकरण का कार्य खंभे हटने के बाद निर्धारित मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।














































