Friday, 11 Sep 2026 | 02:20 PM

Trending :

EXCLUSIVE

मासूम बच्चों से मां छिनी, ₹5.65 करोड़ मुआवजे का दावा:इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कार से कुचलने के मामले में अब दोहरी कानूनी लड़ाई

मासूम बच्चों से मां छिनी, ₹5.65 करोड़ मुआवजे का दावा:इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कार से कुचलने के मामले में अब दोहरी कानूनी लड़ाई

इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में इंफोसिस की इंजीनियर शंपा पाठक (पांडे) को कार से कुचलने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता कुलदीप चौधरी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। अब पीड़ित परिवार ने 5.65 करोड़ रुपए का मुआवजा दावा पेश किया है। यह घटना 26 मार्च की रात शिव वाटिका टाउनशिप स्थित सागरश्री एन्क्लेव में हुई थी। पेंटहाउस को किराए पर दिए जाने को लेकर रहवासियों में पहले से असंतोष था। घटना वाली रात फ्लैट की लाइट बंद करने को लेकर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान कुलदीप चौधरी का बेटा मोहित चौधरी कार लेकर पहुंचा और पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी, इसके बाद शंपा पाठक को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल शंपा पाठक को तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पूरी घटना बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई, जिसके बाद पुलिस ने डीवीआर जब्त कर जांच शुरू की। इसमें सामने आए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज रोंगटे खड़े करने वाले थे। हिट एंड रन नहीं, जानबूझकर टक्कर के आरोप पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। शुरुआत में यह घटना हिट एंड रन के रूप में सामने आई थी, लेकिन जांच में जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप भी सामने आए हैं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ शंपा पाठक हाल ही में परिवार के साथ यहां शिफ्ट हुई थीं। उनके परिवार में दो छोटे बच्चे और माता-पिता हैं। 7 वर्षीय बेटा श्रेयांश (कक्षा तीसरी) और 10 वर्षीय बेटा श्रेष्ठ (कक्षा पांचवीं) हैं। हादसे के बाद से पति सौरभ भी गहरे सदमे में हैं। बीमा कंपनी मुआवजा देने से बच नहीं सकती पीड़ित परिवार की ओर से अब आरोपी मोहित चौधरी, वाहन मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ जिला कोर्ट में 5.65 करोड़ रुपए का दावा प्रस्तुत किया गया है। सीनियर एडवोकेट अरुण त्रिपाठी ने बताया कि भले ही यह मामला हत्या का हो, लेकिन यदि वाहन के उपयोग के दौरान दुर्घटना हुई है और वाहन बीमित है, तो बीमा कंपनी मुआवजा देने से बच नहीं सकती। यह आपराधिक मामला अलग चलेगा, जबकि मुआवजा सिविल दायित्व के तहत तय होगा। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दरअसल इस केस में दो अलग-अलग पहलू हो गए हैं। इसमें एक आपराधिक मामला है। जिसमें आरोपी के खिलाफ सजा दिलाने जाने का केस चलेगा। दूसरा मुआवजा दावा, जिसमें बीमा कंपनी व वाहन मालिक, कार चालक की जिम्मेदार ठहराते हुए 5.68 करोड़ दिलाने की मांग की गई है। कानूनविदों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि वाहन के उपयोग से हुई मृत्यु के मामलों में बीमा कंपनी की जवाबदेही तय होती है। यह मामला केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक और कानूनी सवालों से जुड़ा है। एक ओर जहां न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपियों की सजा तय होगी, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की लड़ाई भी अहम बन गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

April 14, 2026/
7:20 pm

Last Updated:April 14, 2026, 19:20 IST भारतीय परंपराओं में पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है,...

SL Strong vs WI 1st Test

July 4, 2026/
8:10 am

12 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉर्थ साउंड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन...

विदिशा में आज 3 घंटे बिजली कटौती:मुखर्जीनगर फीडर पर मेंटेनेंस से; विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी सहित कई इलाके प्रभावित होंगे

April 5, 2026/
7:55 am

विदिशा में आज रविवार को बिजली उपभोक्ताओं को तीन घंटे की विद्युत कटौती का सामना करना पड़ेगा। 11 केवी मुखर्जीनगर...

ट्रम्प ने आर्मी के बाद नौसेना चीफ को बर्खास्त किया:ईरान जंग के बीच परमाणु विभाग के साइटिंस भी सस्पेंड, हनी ट्रैप में फंसे थे

April 23, 2026/
11:53 am

अमेरिका में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के भीतर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले आर्मी...

नीरव मोदी को बैंक को ₹108 करोड़ चुकाने होंगे:पर्सनल लोन गारंटी मामले में लंदन हाईकोर्ट का फैसला, 7 साल से जेल में बंद है

June 24, 2026/
6:56 pm

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया (BoI) को 1.15 करोड़ डॉलर यानी करीब 108 करोड़ रुपए चुकाने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

मासूम बच्चों से मां छिनी, ₹5.65 करोड़ मुआवजे का दावा:इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कार से कुचलने के मामले में अब दोहरी कानूनी लड़ाई

मासूम बच्चों से मां छिनी, ₹5.65 करोड़ मुआवजे का दावा:इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कार से कुचलने के मामले में अब दोहरी कानूनी लड़ाई

इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में इंफोसिस की इंजीनियर शंपा पाठक (पांडे) को कार से कुचलने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता कुलदीप चौधरी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। अब पीड़ित परिवार ने 5.65 करोड़ रुपए का मुआवजा दावा पेश किया है। यह घटना 26 मार्च की रात शिव वाटिका टाउनशिप स्थित सागरश्री एन्क्लेव में हुई थी। पेंटहाउस को किराए पर दिए जाने को लेकर रहवासियों में पहले से असंतोष था। घटना वाली रात फ्लैट की लाइट बंद करने को लेकर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान कुलदीप चौधरी का बेटा मोहित चौधरी कार लेकर पहुंचा और पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी, इसके बाद शंपा पाठक को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल शंपा पाठक को तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पूरी घटना बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई, जिसके बाद पुलिस ने डीवीआर जब्त कर जांच शुरू की। इसमें सामने आए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज रोंगटे खड़े करने वाले थे। हिट एंड रन नहीं, जानबूझकर टक्कर के आरोप पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। शुरुआत में यह घटना हिट एंड रन के रूप में सामने आई थी, लेकिन जांच में जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप भी सामने आए हैं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ शंपा पाठक हाल ही में परिवार के साथ यहां शिफ्ट हुई थीं। उनके परिवार में दो छोटे बच्चे और माता-पिता हैं। 7 वर्षीय बेटा श्रेयांश (कक्षा तीसरी) और 10 वर्षीय बेटा श्रेष्ठ (कक्षा पांचवीं) हैं। हादसे के बाद से पति सौरभ भी गहरे सदमे में हैं। बीमा कंपनी मुआवजा देने से बच नहीं सकती पीड़ित परिवार की ओर से अब आरोपी मोहित चौधरी, वाहन मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ जिला कोर्ट में 5.65 करोड़ रुपए का दावा प्रस्तुत किया गया है। सीनियर एडवोकेट अरुण त्रिपाठी ने बताया कि भले ही यह मामला हत्या का हो, लेकिन यदि वाहन के उपयोग के दौरान दुर्घटना हुई है और वाहन बीमित है, तो बीमा कंपनी मुआवजा देने से बच नहीं सकती। यह आपराधिक मामला अलग चलेगा, जबकि मुआवजा सिविल दायित्व के तहत तय होगा। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दरअसल इस केस में दो अलग-अलग पहलू हो गए हैं। इसमें एक आपराधिक मामला है। जिसमें आरोपी के खिलाफ सजा दिलाने जाने का केस चलेगा। दूसरा मुआवजा दावा, जिसमें बीमा कंपनी व वाहन मालिक, कार चालक की जिम्मेदार ठहराते हुए 5.68 करोड़ दिलाने की मांग की गई है। कानूनविदों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि वाहन के उपयोग से हुई मृत्यु के मामलों में बीमा कंपनी की जवाबदेही तय होती है। यह मामला केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक और कानूनी सवालों से जुड़ा है। एक ओर जहां न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपियों की सजा तय होगी, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की लड़ाई भी अहम बन गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.