Sunday, 07 Jun 2026 | 06:51 PM

Trending :

EXCLUSIVE

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर से सिक्योरिटी एजेंसियों ने एक स्लीपर सेल को पकड़ा है। आरोपी विदेशी आकाओं के ऑर्डर से कई देश विरोधी एक्टिविटी कर रहा था। मार्च और अप्रैल में उत्तर प्रदेश में गाड़ियां जलाने जैसी घटनाएं भी इसी के उकसावे पर हुईं। एजेंसियों को शक है कि किसी बड़ी साजिश की प्लानिंग कर रहा था। आरोपी राजूराम गोदारा उर्फ सैयद (29) को 24 मार्च की रात भारत-पाक सीमा के पास भारेवाला इलाके से संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया गया था। अब उसने कई चौंकने वाले खुलासे किए हैं। नेटवर्क का मास्टरमाइंड है आरोपी जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र का राजूराम खेती करता है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वो किसी भी दूसरे स्लीपर सेल की तरह सामान्य तरीके से रहता है। उसे मार्च में उत्तर प्रदेश की एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पकड़ा था। जांच में सामने आया कि वो टेलीग्राम के जरिए चल रहे नेटवर्क का मास्टरमाइंड और डिजिटल कंट्रोलर है। आरोप है कि वह जैसलमेर में बैठकर यूपी में सक्रिय युवाओं को निर्देश दे रहा था। इस मामले में UAPA के तहत कार्रवाई करते हुए नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और ATS भी जांच में शामिल है। पहचान छुपाने का प्रयास करता रहा
शुरुआत में राजूराम खुद को ‘सैयद’ बताता रहा। यूपी में पकड़े गए अन्य आरोपियों ने भी उसका नाम सैयद बताया था। लगातार पूछताछ के बाद उसने स्वीकार किया कि वो राजूराम है। वह पहचान छुपाकर देश के दूसरे हिस्सों में उसके संपर्क के लोगों को ऑर्डर देता था। राजूराम की गिरफ्तारी के बाद NIA सहित दूसरी एजेंसियां पर भी सक्रिय हो गई हैं। 4 मार्च की पिकअप आगजनी से खुली साजिश
मामले की शुरुआत 4 मार्च 2026 को बिजनौर (UP) के कीरतपुर में हुई घटना से हुई। रात करीब 10:15 बजे मोहल्ला झंडा में मंदिर के सामने खड़ी निमिष रस्तोगी की पिकअप गाड़ी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। शुरुआत में इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन तकनीकी जांच में यह एक संगठित साजिश निकली। इस केस की जांच अब NIA कर रही है। कीरतपुर और नांगल सोती थाना क्षेत्रों में मार्च और अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में कई आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने इसे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट और वीडियो के बदले भुगतान
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अबूजर शमीम को टेलीग्राम के जरिए ‘अबू बकर’ नाम के हैंडलर ने टास्क दिया था। उसे विशेष समुदाय के वाहनों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे। आग लगाने के बाद वीडियो बनाकर टेलीग्राम पर भेजना था, जिसके बदले उसे पैसे मिलने थे। यह भुगतान ऑनलाइन या हवाला के जरिए किया जाना था। मोबाइल जांच में हथियार, चैट और वीडियो
फॉरेंसिक जांच में राजूराम के मोबाइल से हथियारों की तस्वीरें, आपत्तिजनक वीडियो और देश के अलग-अलग हिस्सों में अशांति फैलाने से जुड़ी चैट मिली है। पुलिस के अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ा कनेक्शन
बिजनौर पुलिस ने इस मामले में अब तक अबूजर शमीम, जैद, मन्नान और समीर को गिरफ्तार किया है। समीर को नजीबाबाद (UP) से पकड़ा गया था। वह भी विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। इन सभी के मोबाइल की जांच में राजूराम का नाम सामने आया, जो टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था। आरोपियों ने उसका नंबर ‘सैयद’ नाम से सेव कर रखा था। सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से कनेक्शन जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क जनवरी 2026 के आसपास सक्रिय हुआ। इसकी गतिविधियां केवल बिजनौर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि लखनऊ, मुंबई और जैसलमेर तक फैली थीं। इसके कनेक्शन सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में 15 से 20 सक्रिय सदस्य थे। युवाओं को पहले इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए संपर्क किया जाता था, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था। आर्थिक रूप से कमजोर या कट्टर सोच वाले युवाओं को निशाना बनाया जाता था। ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचाने और लाइव मॉनिटरिंग नेटवर्क के तहत आरोपियों को अपने इलाके में ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचानने के निर्देश दिए जाते थे। गूगल मैप्स और लाइव लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। आगजनी के बाद वीडियो या फोटो ग्रुप में डालना अनिवार्य था, जिसके आधार पर भुगतान किया जाता था। NIA और ATS जांच में, UAPA के तहत केस
मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए NIA और ATS की टीमें जांच में शामिल हैं। सभी आरोपियों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह नया ट्रेंड है, जिसमें सामान्य दिखने वाले युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। 3 महीने पहले भी पकड़ा
तीन महीने पहले 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया था। सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम ने झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल निवासी नेहड़ान को पकड़ा था। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4 साल से गांव में ई-मित्र केंद्र चला रहा था। …. इसी केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. जैसलमेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ा संदिग्ध युवक:यूपी के टेलीग्राम ग्रुप में शेयर करते थे भड़काऊ मैसेज, कश्मीर के भी लोग जुड़े थे जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के पास नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके से गुरुवार रात करीब 10 बजे एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में हिरासत में लिया गया। पूरी खबर पढ़िए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

April 18, 2026/
3:25 pm

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी...

Follow DC Vs RCB live.(Creimas)

April 27, 2026/
10:14 pm

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 22:14 IST विवाद तब भड़का जब शर्मा को टीएमसी नेता जहांगीर खान के बारे में पुलिस...

UPSSSC Lower PCS Notification 2026

March 31, 2026/
8:00 pm

11 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी UPSSSC लोअर PCS का नोटिफिकेशन जारी होने की, पंजाब...

'मुसलमानों का वोट लेकर ममता बनर्जी मंदिर...', ओवैसी के साथ रैली से पहले बोले हुमायूं कबीर

March 31, 2026/
8:15 pm

मुर्शिदाबाद के बहरामपुर से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। आम जनता पार्टी...

हरियाणा बीजेपी: बंगाल और असम के बाद यहां बीजेपी की बम्पर जीत, पीएम मोदी ने किया शानदार स्वागत

May 14, 2026/
9:37 am

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को हरियाणा नगर के प्रमुखों को चुनाव में शानदार जीत दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के लिए बीजेपी ने चुनी ताकत, शाह बोले- 'दीदी के गुडों' की खैर नहीं

April 24, 2026/
5:27 pm

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल क्षेत्र के दूसरे चरण के लिए बीजेपी ने चुनावी प्रचार में पूरी ताकत झोंक...

बंगाल चुनाव 2026: 2011 में लगातार वृद्धि के बाद पहली बार मतदाताओं की संख्या में गिरावट दर्ज की गई

April 8, 2026/
1:24 pm

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अंतिम अंतिम रिलीज सूची हो गई है। 2011...

राजनीति

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर से सिक्योरिटी एजेंसियों ने एक स्लीपर सेल को पकड़ा है। आरोपी विदेशी आकाओं के ऑर्डर से कई देश विरोधी एक्टिविटी कर रहा था। मार्च और अप्रैल में उत्तर प्रदेश में गाड़ियां जलाने जैसी घटनाएं भी इसी के उकसावे पर हुईं। एजेंसियों को शक है कि किसी बड़ी साजिश की प्लानिंग कर रहा था। आरोपी राजूराम गोदारा उर्फ सैयद (29) को 24 मार्च की रात भारत-पाक सीमा के पास भारेवाला इलाके से संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया गया था। अब उसने कई चौंकने वाले खुलासे किए हैं। नेटवर्क का मास्टरमाइंड है आरोपी जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र का राजूराम खेती करता है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वो किसी भी दूसरे स्लीपर सेल की तरह सामान्य तरीके से रहता है। उसे मार्च में उत्तर प्रदेश की एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पकड़ा था। जांच में सामने आया कि वो टेलीग्राम के जरिए चल रहे नेटवर्क का मास्टरमाइंड और डिजिटल कंट्रोलर है। आरोप है कि वह जैसलमेर में बैठकर यूपी में सक्रिय युवाओं को निर्देश दे रहा था। इस मामले में UAPA के तहत कार्रवाई करते हुए नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और ATS भी जांच में शामिल है। पहचान छुपाने का प्रयास करता रहा
शुरुआत में राजूराम खुद को ‘सैयद’ बताता रहा। यूपी में पकड़े गए अन्य आरोपियों ने भी उसका नाम सैयद बताया था। लगातार पूछताछ के बाद उसने स्वीकार किया कि वो राजूराम है। वह पहचान छुपाकर देश के दूसरे हिस्सों में उसके संपर्क के लोगों को ऑर्डर देता था। राजूराम की गिरफ्तारी के बाद NIA सहित दूसरी एजेंसियां पर भी सक्रिय हो गई हैं। 4 मार्च की पिकअप आगजनी से खुली साजिश
मामले की शुरुआत 4 मार्च 2026 को बिजनौर (UP) के कीरतपुर में हुई घटना से हुई। रात करीब 10:15 बजे मोहल्ला झंडा में मंदिर के सामने खड़ी निमिष रस्तोगी की पिकअप गाड़ी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। शुरुआत में इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन तकनीकी जांच में यह एक संगठित साजिश निकली। इस केस की जांच अब NIA कर रही है। कीरतपुर और नांगल सोती थाना क्षेत्रों में मार्च और अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में कई आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने इसे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट और वीडियो के बदले भुगतान
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अबूजर शमीम को टेलीग्राम के जरिए ‘अबू बकर’ नाम के हैंडलर ने टास्क दिया था। उसे विशेष समुदाय के वाहनों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे। आग लगाने के बाद वीडियो बनाकर टेलीग्राम पर भेजना था, जिसके बदले उसे पैसे मिलने थे। यह भुगतान ऑनलाइन या हवाला के जरिए किया जाना था। मोबाइल जांच में हथियार, चैट और वीडियो
फॉरेंसिक जांच में राजूराम के मोबाइल से हथियारों की तस्वीरें, आपत्तिजनक वीडियो और देश के अलग-अलग हिस्सों में अशांति फैलाने से जुड़ी चैट मिली है। पुलिस के अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ा कनेक्शन
बिजनौर पुलिस ने इस मामले में अब तक अबूजर शमीम, जैद, मन्नान और समीर को गिरफ्तार किया है। समीर को नजीबाबाद (UP) से पकड़ा गया था। वह भी विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। इन सभी के मोबाइल की जांच में राजूराम का नाम सामने आया, जो टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था। आरोपियों ने उसका नंबर ‘सैयद’ नाम से सेव कर रखा था। सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से कनेक्शन जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क जनवरी 2026 के आसपास सक्रिय हुआ। इसकी गतिविधियां केवल बिजनौर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि लखनऊ, मुंबई और जैसलमेर तक फैली थीं। इसके कनेक्शन सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में 15 से 20 सक्रिय सदस्य थे। युवाओं को पहले इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए संपर्क किया जाता था, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था। आर्थिक रूप से कमजोर या कट्टर सोच वाले युवाओं को निशाना बनाया जाता था। ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचाने और लाइव मॉनिटरिंग नेटवर्क के तहत आरोपियों को अपने इलाके में ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचानने के निर्देश दिए जाते थे। गूगल मैप्स और लाइव लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। आगजनी के बाद वीडियो या फोटो ग्रुप में डालना अनिवार्य था, जिसके आधार पर भुगतान किया जाता था। NIA और ATS जांच में, UAPA के तहत केस
मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए NIA और ATS की टीमें जांच में शामिल हैं। सभी आरोपियों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह नया ट्रेंड है, जिसमें सामान्य दिखने वाले युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। 3 महीने पहले भी पकड़ा
तीन महीने पहले 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया था। सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम ने झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल निवासी नेहड़ान को पकड़ा था। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4 साल से गांव में ई-मित्र केंद्र चला रहा था। …. इसी केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. जैसलमेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ा संदिग्ध युवक:यूपी के टेलीग्राम ग्रुप में शेयर करते थे भड़काऊ मैसेज, कश्मीर के भी लोग जुड़े थे जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के पास नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके से गुरुवार रात करीब 10 बजे एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में हिरासत में लिया गया। पूरी खबर पढ़िए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.