Monday, 20 Apr 2026 | 12:21 PM

Trending :

सीधी के वार्ड 19 में गंदगी फैलाने पर होगी FIR:नालियों में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना; पार्षद पूनम सोनी ने चलाया विशेष अभियान एंजायटी और डिप्रेशन में क्या अंतर है? दोनों में क्या ज्यादा खतरनाक, साइकेट्रिस्ट से जान लीजिए चलती कार में लगी आग, परिवार ने बमुश्किल बचाई जान:ग्वालियर में शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार, गाड़ी जलकर खाक अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम Udhampur Bus Accident Tragedy Video Update एक्टर राकेश बेदी बोले- 'धुरंधर 3' नहीं आएगी:जासूस अपने देश लौट गया, इसलिए कहानी खत्म; लेकिन नई कास्ट के साथ बन सकती है फिल्म
EXCLUSIVE

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर से सिक्योरिटी एजेंसियों ने एक स्लीपर सेल को पकड़ा है। आरोपी विदेशी आकाओं के ऑर्डर से कई देश विरोधी एक्टिविटी कर रहा था। मार्च और अप्रैल में उत्तर प्रदेश में गाड़ियां जलाने जैसी घटनाएं भी इसी के उकसावे पर हुईं। एजेंसियों को शक है कि किसी बड़ी साजिश की प्लानिंग कर रहा था। आरोपी राजूराम गोदारा उर्फ सैयद (29) को 24 मार्च की रात भारत-पाक सीमा के पास भारेवाला इलाके से संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया गया था। अब उसने कई चौंकने वाले खुलासे किए हैं। नेटवर्क का मास्टरमाइंड है आरोपी जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र का राजूराम खेती करता है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वो किसी भी दूसरे स्लीपर सेल की तरह सामान्य तरीके से रहता है। उसे मार्च में उत्तर प्रदेश की एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पकड़ा था। जांच में सामने आया कि वो टेलीग्राम के जरिए चल रहे नेटवर्क का मास्टरमाइंड और डिजिटल कंट्रोलर है। आरोप है कि वह जैसलमेर में बैठकर यूपी में सक्रिय युवाओं को निर्देश दे रहा था। इस मामले में UAPA के तहत कार्रवाई करते हुए नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और ATS भी जांच में शामिल है। पहचान छुपाने का प्रयास करता रहा
शुरुआत में राजूराम खुद को ‘सैयद’ बताता रहा। यूपी में पकड़े गए अन्य आरोपियों ने भी उसका नाम सैयद बताया था। लगातार पूछताछ के बाद उसने स्वीकार किया कि वो राजूराम है। वह पहचान छुपाकर देश के दूसरे हिस्सों में उसके संपर्क के लोगों को ऑर्डर देता था। राजूराम की गिरफ्तारी के बाद NIA सहित दूसरी एजेंसियां पर भी सक्रिय हो गई हैं। 4 मार्च की पिकअप आगजनी से खुली साजिश
मामले की शुरुआत 4 मार्च 2026 को बिजनौर (UP) के कीरतपुर में हुई घटना से हुई। रात करीब 10:15 बजे मोहल्ला झंडा में मंदिर के सामने खड़ी निमिष रस्तोगी की पिकअप गाड़ी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। शुरुआत में इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन तकनीकी जांच में यह एक संगठित साजिश निकली। इस केस की जांच अब NIA कर रही है। कीरतपुर और नांगल सोती थाना क्षेत्रों में मार्च और अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में कई आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने इसे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट और वीडियो के बदले भुगतान
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अबूजर शमीम को टेलीग्राम के जरिए ‘अबू बकर’ नाम के हैंडलर ने टास्क दिया था। उसे विशेष समुदाय के वाहनों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे। आग लगाने के बाद वीडियो बनाकर टेलीग्राम पर भेजना था, जिसके बदले उसे पैसे मिलने थे। यह भुगतान ऑनलाइन या हवाला के जरिए किया जाना था। मोबाइल जांच में हथियार, चैट और वीडियो
फॉरेंसिक जांच में राजूराम के मोबाइल से हथियारों की तस्वीरें, आपत्तिजनक वीडियो और देश के अलग-अलग हिस्सों में अशांति फैलाने से जुड़ी चैट मिली है। पुलिस के अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ा कनेक्शन
बिजनौर पुलिस ने इस मामले में अब तक अबूजर शमीम, जैद, मन्नान और समीर को गिरफ्तार किया है। समीर को नजीबाबाद (UP) से पकड़ा गया था। वह भी विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। इन सभी के मोबाइल की जांच में राजूराम का नाम सामने आया, जो टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था। आरोपियों ने उसका नंबर ‘सैयद’ नाम से सेव कर रखा था। सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से कनेक्शन जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क जनवरी 2026 के आसपास सक्रिय हुआ। इसकी गतिविधियां केवल बिजनौर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि लखनऊ, मुंबई और जैसलमेर तक फैली थीं। इसके कनेक्शन सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में 15 से 20 सक्रिय सदस्य थे। युवाओं को पहले इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए संपर्क किया जाता था, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था। आर्थिक रूप से कमजोर या कट्टर सोच वाले युवाओं को निशाना बनाया जाता था। ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचाने और लाइव मॉनिटरिंग नेटवर्क के तहत आरोपियों को अपने इलाके में ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचानने के निर्देश दिए जाते थे। गूगल मैप्स और लाइव लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। आगजनी के बाद वीडियो या फोटो ग्रुप में डालना अनिवार्य था, जिसके आधार पर भुगतान किया जाता था। NIA और ATS जांच में, UAPA के तहत केस
मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए NIA और ATS की टीमें जांच में शामिल हैं। सभी आरोपियों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह नया ट्रेंड है, जिसमें सामान्य दिखने वाले युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। 3 महीने पहले भी पकड़ा
तीन महीने पहले 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया था। सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम ने झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल निवासी नेहड़ान को पकड़ा था। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4 साल से गांव में ई-मित्र केंद्र चला रहा था। …. इसी केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. जैसलमेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ा संदिग्ध युवक:यूपी के टेलीग्राम ग्रुप में शेयर करते थे भड़काऊ मैसेज, कश्मीर के भी लोग जुड़े थे जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के पास नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके से गुरुवार रात करीब 10 बजे एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में हिरासत में लिया गया। पूरी खबर पढ़िए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Indore BRICS Agriculture Ministers Meet June 2026

April 18, 2026/
10:46 pm

स्वच्छ भारत अभियान में अपना लोहा मनवाने के बाद अब इंदौर एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के मानचित्र पर चमकने...

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: कांग्रेस ने 'गीत गाया'

April 6, 2026/
7:48 am

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल, केरल, तमिल, असम” href=’https://www.abplive.com/elections/assam-assembly-election-2026′ target=”_self”>असम यानी चार राज्य और पुद्दुचेरी यानी एक केंद्र बिंदु...

‘लादेन’ नाम से खौफ फैलाने वाला ड्रग तस्कर गिरफ्तार:डिलीवरी के लिए इलाके में घुसा ओर पकड़ा गया, 100 ग्राम MD बरामद

April 7, 2026/
1:10 pm

खजराना पुलिस ने खुद को ‘ओसामा’ बताकर खौफ फैलाने वाले ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से...

जियो का IPO मई में आने की उम्मीद:ड्राफ्ट पेपर्स जल्द फाइल करेगी कंपनी, ये देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा

April 17, 2026/
6:40 pm

रिलायंस जियो IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स मई में फाइल कर सकती है। पहले रिलायंस का लक्ष्य मार्च के अंत...

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल में किसकी जीतेगी बीजेपी? शशि थरूर का जवाब सुन, रह जायेंगे हैरान

March 19, 2026/
6:03 pm

केरल में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर शशि थरूर ने की बड़ी भविष्यवाणी. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर थरूर ने...

IPL से पहले CSK का मेगा रीयूनियन होगा:22 मार्च को चेपॉक स्टेडियम में इवेंट, रैना-हेडन समेत कई दिग्गज जुटेंगे

March 17, 2026/
8:41 pm

IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) 22 मार्च को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में एक खास रीयूनियन...

एचएस फूलका का बीजेपी में जाना: 2027 पंजाब चुनाव से पहले सिख राजनीति, नैरावेटिव और स्पेक्ट्रम का बड़ा किरदार?

April 1, 2026/
2:05 pm

दिल्ली में वरिष्ठ वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता हर वकील सिंह फूलका का बीजेपी में शामिल होना सिर्फ एक राजनीतिक खबर...

राजनीति

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान का युवक स्लीपर सेल, आगजनी का मास्टरमाइंड:विदेशियों से ले रहा था ऑर्डर, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास एक्टिव, दिखावे के लिए करता था खेती

राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर से सिक्योरिटी एजेंसियों ने एक स्लीपर सेल को पकड़ा है। आरोपी विदेशी आकाओं के ऑर्डर से कई देश विरोधी एक्टिविटी कर रहा था। मार्च और अप्रैल में उत्तर प्रदेश में गाड़ियां जलाने जैसी घटनाएं भी इसी के उकसावे पर हुईं। एजेंसियों को शक है कि किसी बड़ी साजिश की प्लानिंग कर रहा था। आरोपी राजूराम गोदारा उर्फ सैयद (29) को 24 मार्च की रात भारत-पाक सीमा के पास भारेवाला इलाके से संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया गया था। अब उसने कई चौंकने वाले खुलासे किए हैं। नेटवर्क का मास्टरमाइंड है आरोपी जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र का राजूराम खेती करता है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वो किसी भी दूसरे स्लीपर सेल की तरह सामान्य तरीके से रहता है। उसे मार्च में उत्तर प्रदेश की एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पकड़ा था। जांच में सामने आया कि वो टेलीग्राम के जरिए चल रहे नेटवर्क का मास्टरमाइंड और डिजिटल कंट्रोलर है। आरोप है कि वह जैसलमेर में बैठकर यूपी में सक्रिय युवाओं को निर्देश दे रहा था। इस मामले में UAPA के तहत कार्रवाई करते हुए नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और ATS भी जांच में शामिल है। पहचान छुपाने का प्रयास करता रहा
शुरुआत में राजूराम खुद को ‘सैयद’ बताता रहा। यूपी में पकड़े गए अन्य आरोपियों ने भी उसका नाम सैयद बताया था। लगातार पूछताछ के बाद उसने स्वीकार किया कि वो राजूराम है। वह पहचान छुपाकर देश के दूसरे हिस्सों में उसके संपर्क के लोगों को ऑर्डर देता था। राजूराम की गिरफ्तारी के बाद NIA सहित दूसरी एजेंसियां पर भी सक्रिय हो गई हैं। 4 मार्च की पिकअप आगजनी से खुली साजिश
मामले की शुरुआत 4 मार्च 2026 को बिजनौर (UP) के कीरतपुर में हुई घटना से हुई। रात करीब 10:15 बजे मोहल्ला झंडा में मंदिर के सामने खड़ी निमिष रस्तोगी की पिकअप गाड़ी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। शुरुआत में इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन तकनीकी जांच में यह एक संगठित साजिश निकली। इस केस की जांच अब NIA कर रही है। कीरतपुर और नांगल सोती थाना क्षेत्रों में मार्च और अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में कई आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने इसे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट और वीडियो के बदले भुगतान
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अबूजर शमीम को टेलीग्राम के जरिए ‘अबू बकर’ नाम के हैंडलर ने टास्क दिया था। उसे विशेष समुदाय के वाहनों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे। आग लगाने के बाद वीडियो बनाकर टेलीग्राम पर भेजना था, जिसके बदले उसे पैसे मिलने थे। यह भुगतान ऑनलाइन या हवाला के जरिए किया जाना था। मोबाइल जांच में हथियार, चैट और वीडियो
फॉरेंसिक जांच में राजूराम के मोबाइल से हथियारों की तस्वीरें, आपत्तिजनक वीडियो और देश के अलग-अलग हिस्सों में अशांति फैलाने से जुड़ी चैट मिली है। पुलिस के अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ा कनेक्शन
बिजनौर पुलिस ने इस मामले में अब तक अबूजर शमीम, जैद, मन्नान और समीर को गिरफ्तार किया है। समीर को नजीबाबाद (UP) से पकड़ा गया था। वह भी विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। इन सभी के मोबाइल की जांच में राजूराम का नाम सामने आया, जो टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था। आरोपियों ने उसका नंबर ‘सैयद’ नाम से सेव कर रखा था। सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से कनेक्शन जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क जनवरी 2026 के आसपास सक्रिय हुआ। इसकी गतिविधियां केवल बिजनौर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि लखनऊ, मुंबई और जैसलमेर तक फैली थीं। इसके कनेक्शन सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में 15 से 20 सक्रिय सदस्य थे। युवाओं को पहले इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए संपर्क किया जाता था, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था। आर्थिक रूप से कमजोर या कट्टर सोच वाले युवाओं को निशाना बनाया जाता था। ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचाने और लाइव मॉनिटरिंग नेटवर्क के तहत आरोपियों को अपने इलाके में ‘सॉफ्ट टारगेट’ पहचानने के निर्देश दिए जाते थे। गूगल मैप्स और लाइव लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। आगजनी के बाद वीडियो या फोटो ग्रुप में डालना अनिवार्य था, जिसके आधार पर भुगतान किया जाता था। NIA और ATS जांच में, UAPA के तहत केस
मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए NIA और ATS की टीमें जांच में शामिल हैं। सभी आरोपियों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह नया ट्रेंड है, जिसमें सामान्य दिखने वाले युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। 3 महीने पहले भी पकड़ा
तीन महीने पहले 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया था। सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम ने झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल निवासी नेहड़ान को पकड़ा था। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4 साल से गांव में ई-मित्र केंद्र चला रहा था। …. इसी केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. जैसलमेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ा संदिग्ध युवक:यूपी के टेलीग्राम ग्रुप में शेयर करते थे भड़काऊ मैसेज, कश्मीर के भी लोग जुड़े थे जैसलमेर में भारत-पाक सीमा के पास नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके से गुरुवार रात करीब 10 बजे एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में हिरासत में लिया गया। पूरी खबर पढ़िए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.