Sunday, 14 Jun 2026 | 10:47 PM

Trending :

समझौता कराते हुए 1 हजार दिन पूरे:सिंधु मुंहिंजी जीजल द्वारा 2023 से हुई थी शुरुआत, 800 से ज्यादा परिवारों में करा चुके समझौता

समझौता कराते हुए 1 हजार दिन पूरे:सिंधु मुंहिंजी जीजल द्वारा 2023 से हुई थी शुरुआत, 800 से ज्यादा परिवारों में करा चुके समझौता

सिंधु मुंहिंजी जीजल को मध्यस्थता कराते हुए एक हजार दिन पूरे हो गए हैं। अब तक इनके द्वारा 800 से ज्यादा परिवारों के बीच समझौता कराया जा चुका है। एक हजार दिन पूरे होने पर 3 मई, रविवार को एक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कई लोगों को बुलाया गया है। एक हजार दिन पहले यानी 17 जुलाई 2023 को इसकी शुरुआत हुई थी। यह व्यवस्था मध्यस्थता अधिनियम 2023 व मप्र उच्च न्यायालय के निर्देशों पर शुरू किया गया। इसमें पंच व्यवस्था द्वारा 800 से ज्यादा परिवारों के दाम्पत्य, पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक, संपत्ति पटवारों के बीच समझौते कराए जा चुके हैं। इनमें 27% न्यायालयीन, 23% एक पक्ष बाहर का, 11% अंतर जातीय सम्मिलित रहे। मध्यस्थता की ये प्रक्रिया सोमवार से शुक्रवार साल के 250 दिन शाम 5 से 8 बजे तक अविरल देवश्री टॉकिज कॉम्प्लेक्स वर्मा हॉल पर संचालित हो रही है। समझौता होने पर कोर्ट में डिक्री में कनर्वट होता है इससे जुड़े किशोर कोडवानी ने बताया कि एक हजार दिन पूरे होने पर 3 मई को एक आयोजन रखा है। 1 हजार दिनों में हमने 800 दिन पंच व्यवस्था चलाई है। किसी भी त्योहार पर भी कोई छुट्टी नहीं रखते हैं। 52 हफ्ते 5 दिन बोर्ड चलती है। पांच पंच इसमें बैठते हैं और 4 से 5 केस रोज सुनते हैं। लगभग 84 दिनों का शेड्यूल बनाया है, लेकिन 60 दिन में हमारे यहां केस निराकृत हो जाता है। इसके लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती है, ये पूरी तरह नि:शुल्क है। यहां जो समझौता बनता है, वह समझौता कोर्ट में डिक्री में कनर्वट होता है। यदि समझौता नहीं होता है जिन बिंदुओं पर तो उसकी रिपोर्ट बनकर कोर्ट प्रोसिडिंग में आगे के बिंदुओं पर केस चलता है। ये हमारी व्यवस्था है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म में बताया विवादों का कारण उन्होंने बताया कि 2023 में हमने यूनिवर्सिटी में एक वर्कशॉप की थी। वहां पर स्पीकर ने जो तथ्य रखे थे कि इंदौर में सिंधुओं की जनसंख्या के मान से 2% है। कुटुंब न्यायालय में 26% हमारे प्रकरण है। उसने हमे झंझोड़ दिया था, जिसके बाद इसकी शुरुआत हुई। कुछ टाइम पहले 7 घंटे की एक वर्कशॉप ओर की थी, जिसमें 90 लोग पूरे समय बैठे रहे और उसमें 40% महिलाएं थीं। उस प्रोग्राम से यह समझ आया कि व्यक्ति बोल नहीं पा रहा है अलग-अलग वजह से। इस पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई है। इसमें बताया है कि क्यों विवाद होते है हमारे बीच और उन विवादों का समाधान क्या है। इसमें हमने कोई निर्णय नहीं दिया है, लोग इसे देखें और खुद ही रास्ता बनाएं। 9 मिनट में बताएंगे 40 साल के सफर की कहानी आयोजन को लेकर उन्होंने बताया कि आयोजन में जिनके मध्यस्थता के केस थे, समाज की हमारी जीजल ग्रुप के सदस्य, समाज के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी सहित करीब एक हजार लोगों के आमंत्रण की व्यवस्था की गई है। इसमें आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म चलेगी। 9 मिनट का एक वीडियो है, जिसमें हमने 40 साल में क्या किया है वह बताएंगे। 14 मिनट की सुखमणी पाठ साहब है। बाकी समय सांस्कृति प्रोग्राम होगा। ये प्रोग्राम 3 मई को शाम 7.30 बजे से शुरू होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कोथमबीर वड़ी रेसिपी: कोथमबीर वड़ी रेसिपी: कोथमबीर वड़ी, टोकंबीर वड़ी, टोकंबीर वड़ी! इसे बनाना भी बेहद आसान है

March 7, 2026/
5:10 pm

7 मार्च 2026 को 17:10 IST पर अद्यतन किया गया कोथम्बीर वड़ी कैसे बनायें: बाहर से ठंडाई की जगह पर...

शिवपुरी पुलिस ने 10.50 लाख का ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया:चोरी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, खेत में छुपा हुआ था तभी पहुंची पुलिस

April 7, 2026/
8:27 pm

शिवपुरी जिले की सिरसौद थाना पुलिस ने ट्रॉली चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार...

authorimg

April 9, 2026/
7:46 am

Last Updated:April 09, 2026, 07:46 IST Kaala Chana Superfood: पलामू के आयुर्वेद एक्सपर्ट शिव पाण्डेय के मुताबिक नाश्ते में काला...

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

March 17, 2026/
9:18 am

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 09:18 IST कांग्रेस के तीन विधायकों और राजद के एक विधायक के मतदान के लिए नहीं...

राजनीतिक उथल-पुथल के बीच टीएमसी सांसद आजादी की मांग कर रहे हैं, ममता बनर्जी को बगावत का सामना करना पड़ रहा है |#thehardfacts

June 10, 2026/
10:12 pm

ममता बनर्जी को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 19 बागी टीएमसी सांसद उनके नेतृत्व को चुनौती...

शाजापुर में महिला ने कार में की तोड़फोड़:राधे-राधे चौराहे पर देर रात की घटना, CCTV फुटेज में दिखी वारदात

April 13, 2026/
2:19 pm

शाजापुर के ज्योतिनगर स्थित राधे-राधे चौराहे पर रविवार-सोमवार की रात एक महिला ने खड़ी कार में तोड़फोड़ की। इस घटना...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

समझौता कराते हुए 1 हजार दिन पूरे:सिंधु मुंहिंजी जीजल द्वारा 2023 से हुई थी शुरुआत, 800 से ज्यादा परिवारों में करा चुके समझौता

समझौता कराते हुए 1 हजार दिन पूरे:सिंधु मुंहिंजी जीजल द्वारा 2023 से हुई थी शुरुआत, 800 से ज्यादा परिवारों में करा चुके समझौता

सिंधु मुंहिंजी जीजल को मध्यस्थता कराते हुए एक हजार दिन पूरे हो गए हैं। अब तक इनके द्वारा 800 से ज्यादा परिवारों के बीच समझौता कराया जा चुका है। एक हजार दिन पूरे होने पर 3 मई, रविवार को एक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कई लोगों को बुलाया गया है। एक हजार दिन पहले यानी 17 जुलाई 2023 को इसकी शुरुआत हुई थी। यह व्यवस्था मध्यस्थता अधिनियम 2023 व मप्र उच्च न्यायालय के निर्देशों पर शुरू किया गया। इसमें पंच व्यवस्था द्वारा 800 से ज्यादा परिवारों के दाम्पत्य, पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक, संपत्ति पटवारों के बीच समझौते कराए जा चुके हैं। इनमें 27% न्यायालयीन, 23% एक पक्ष बाहर का, 11% अंतर जातीय सम्मिलित रहे। मध्यस्थता की ये प्रक्रिया सोमवार से शुक्रवार साल के 250 दिन शाम 5 से 8 बजे तक अविरल देवश्री टॉकिज कॉम्प्लेक्स वर्मा हॉल पर संचालित हो रही है। समझौता होने पर कोर्ट में डिक्री में कनर्वट होता है इससे जुड़े किशोर कोडवानी ने बताया कि एक हजार दिन पूरे होने पर 3 मई को एक आयोजन रखा है। 1 हजार दिनों में हमने 800 दिन पंच व्यवस्था चलाई है। किसी भी त्योहार पर भी कोई छुट्टी नहीं रखते हैं। 52 हफ्ते 5 दिन बोर्ड चलती है। पांच पंच इसमें बैठते हैं और 4 से 5 केस रोज सुनते हैं। लगभग 84 दिनों का शेड्यूल बनाया है, लेकिन 60 दिन में हमारे यहां केस निराकृत हो जाता है। इसके लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती है, ये पूरी तरह नि:शुल्क है। यहां जो समझौता बनता है, वह समझौता कोर्ट में डिक्री में कनर्वट होता है। यदि समझौता नहीं होता है जिन बिंदुओं पर तो उसकी रिपोर्ट बनकर कोर्ट प्रोसिडिंग में आगे के बिंदुओं पर केस चलता है। ये हमारी व्यवस्था है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म में बताया विवादों का कारण उन्होंने बताया कि 2023 में हमने यूनिवर्सिटी में एक वर्कशॉप की थी। वहां पर स्पीकर ने जो तथ्य रखे थे कि इंदौर में सिंधुओं की जनसंख्या के मान से 2% है। कुटुंब न्यायालय में 26% हमारे प्रकरण है। उसने हमे झंझोड़ दिया था, जिसके बाद इसकी शुरुआत हुई। कुछ टाइम पहले 7 घंटे की एक वर्कशॉप ओर की थी, जिसमें 90 लोग पूरे समय बैठे रहे और उसमें 40% महिलाएं थीं। उस प्रोग्राम से यह समझ आया कि व्यक्ति बोल नहीं पा रहा है अलग-अलग वजह से। इस पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई है। इसमें बताया है कि क्यों विवाद होते है हमारे बीच और उन विवादों का समाधान क्या है। इसमें हमने कोई निर्णय नहीं दिया है, लोग इसे देखें और खुद ही रास्ता बनाएं। 9 मिनट में बताएंगे 40 साल के सफर की कहानी आयोजन को लेकर उन्होंने बताया कि आयोजन में जिनके मध्यस्थता के केस थे, समाज की हमारी जीजल ग्रुप के सदस्य, समाज के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी सहित करीब एक हजार लोगों के आमंत्रण की व्यवस्था की गई है। इसमें आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म चलेगी। 9 मिनट का एक वीडियो है, जिसमें हमने 40 साल में क्या किया है वह बताएंगे। 14 मिनट की सुखमणी पाठ साहब है। बाकी समय सांस्कृति प्रोग्राम होगा। ये प्रोग्राम 3 मई को शाम 7.30 बजे से शुरू होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.