रीवा में फर्जी सिम कार्ड जारी करने के मामले में गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम जारी करने वाले पीओएस एजेंटों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस मुख्यालय और दूरसंचार विभाग के निर्देश पर जिले में चलाए गए अभियान के दौरान सिविल लाइन, सिटी कोतवाली और समान थाना क्षेत्रों में जांच की गई। जांच में कुल 72 कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) खंगाले गए, जिनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। सिविल लाइन क्षेत्र से 41, सिटी कोतवाली से 19 और समान क्षेत्र से 12 CAF की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पीओएस संचालक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही व्यक्ति के चेहरे पर कई सिम कार्ड जारी कर रहे थे। कई मामलों में CAF में लगी लाइव फोटो और दस्तावेजों में दर्ज व्यक्ति अलग-अलग पाए गए। आरोपी अधिक कमीशन कमाने के लालच में फर्जी आईडी तैयार कर उसमें अपनी फोटो एडिट कर सिम एक्टिवेट करते थे। ओटीपी के लिए फर्जी नंबरों का इस्तेमाल करते थे
इतना ही नहीं, आरोपी ग्राहक की जगह अपनी ही लाइव फोटो अपलोड कर देते थे और ओटीपी प्राप्त करने के लिए अपने या फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे। इस तरह बिना वैध दस्तावेज वाले लोगों को भी आसानी से सिम उपलब्ध कराए जा रहे थे। मामले में पुलिस ने सिविल लाइन और समान थाने में अपराध दर्ज करते हुए आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 471 के साथ आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3)(ई) के तहत कार्रवाई की है। दो गिरफ्तार, तीन से पूछताछ हो रही
पुलिस ने इस मामले में आशीष कुमार विश्वकर्मा उर्फ अनिकेत, कमल कुशवाहा उर्फ राजा और लवकुश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एडिशनल एसपी आरती सिंह ने कहा कि ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। फर्जी सिम जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस तरह के मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंची है और आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।













































