Tuesday, 13 Oct 2026 | 05:31 AM

Trending :

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना सरकार बुढ़ापे में माता-पिता को ‘बोझ’ समझने वाले बच्चों पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती करने जा रही है। राज्य विधानसभा ने रविवार को ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल, 2026’ सर्वसम्मति से पास कर दिया। इसके तहत, यदि कोई कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता, तो उसकी कुल सैलरी में से 15% या ₹10,000 (जो भी कम हो) की कटौती की जाएगी। देश में पहली बार ऐसा कानून बना है जिसमें सरकारी के साथ ही प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों, विधायकों, सांसदों और सरपंचों तक को जवाबदेह बनाया गया है। खास बात यह है कि माता-पिता को इसके लिए कोर्ट नहीं जाना होगा, वे सीधे जिला कलेक्टर के पास आवेदन कर सकेंगे। जांच में शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर सीधे कंपनी या विभाग को सैलरी काटकर माता-पिता के खाते में भेजने का आदेश देंगे। विधेयक पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भावुक हो गए। उन्होंने बताया, “मैं एक ऐसे जनप्रतिनिधि को जानता हूं जिसके पिता की कैंसर से मौत हो गई, लेकिन बेटे ने सुध तक नहीं ली। जब माता-पिता की आंखों में आंसू होते हैं, तो वह समाज के पतन का संकेत है। समाज को ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए जो सक्षम होकर भी अपनों को छोड़ देते हैं।”

केरल और असम में भी हैं ऐसे कानून केरल (2023) – यहां 25% तक कटौती का प्रावधान है। मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिन्हें ‘’अनुकंपा नियुक्ति’’ मिली है। असम (2017) – पहला राज्य जिसने ‘’प्रणाम एक्ट’’ लागू किया। सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 से 15% कटौती का नियम है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कोहली बने CSK के खिलाफ टॉप स्कोरर:RCB का तीसरा सबसे बड़ा टोटल; डेविड का 106 मीटर सिक्स, गेंद मैदान के बाहर; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

April 6, 2026/
4:30 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रन से हरा दिया। रविवार को खेले...

वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली:कहा- खुशी बयां करने के लिए शब्द नहीं, आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर रवाना

June 23, 2026/
11:28 am

15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम में सिलेक्शन हो गया...

बंगाल चुनाव 2026: कृष्णेंदु नाम के तीन उम्मीदवार एक सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, दिलचस्प है इस सीट पर लड़ाई

April 8, 2026/
11:49 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 294 में दो चरणों में वोटिंग होगी। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29...

सैयार स्टार अनीत पड्डा की सीरीज हुंकार का ट्रेलर रिलीज:लॉन्च इवेंट में एक्ट्रेस की इंटेंस स्पीच ने सन्नाटा बिखेरा, फातिमा सना भी पहुंचीं

September 10, 2026/
4:16 pm

साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म सैयारा से स्टार बनीं अनीत पड्डा अब सीरीज हुंकार में नजर आने वाली हैं।...

बेसेंट बोले- ईरान के सामने अब दो रास्ते:दुनिया से अलग-थलग पड़कर गुजारे लायक अर्थव्यवस्था या सामान्य होकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में लौटने का मौका

August 24, 2026/
11:36 pm

वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के सामने...

authorimg

February 27, 2026/
12:38 pm

होली में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं, जिसमें एक है खट्टी-मीठी इमली की चटनी. काफी लोग होली पर...

लखनऊ टीम को दाल-बाटी-चूरमा खिलाएंगे मुकुल चौधरी:जयपुर पहुंची LSG, फैंस ने किया स्वागत; 19 मई को राजस्थान रॉयल्स के साथ मैच

May 16, 2026/
7:43 pm

लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) की टीम शनिवार शाम जयपुर पहुंची। जयपुर एयरपोर्ट पर फैंस ने खिलाड़ियों का स्वागत किया। टीम...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना सरकार बुढ़ापे में माता-पिता को ‘बोझ’ समझने वाले बच्चों पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती करने जा रही है। राज्य विधानसभा ने रविवार को ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल, 2026’ सर्वसम्मति से पास कर दिया। इसके तहत, यदि कोई कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता, तो उसकी कुल सैलरी में से 15% या ₹10,000 (जो भी कम हो) की कटौती की जाएगी। देश में पहली बार ऐसा कानून बना है जिसमें सरकारी के साथ ही प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों, विधायकों, सांसदों और सरपंचों तक को जवाबदेह बनाया गया है। खास बात यह है कि माता-पिता को इसके लिए कोर्ट नहीं जाना होगा, वे सीधे जिला कलेक्टर के पास आवेदन कर सकेंगे। जांच में शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर सीधे कंपनी या विभाग को सैलरी काटकर माता-पिता के खाते में भेजने का आदेश देंगे। विधेयक पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भावुक हो गए। उन्होंने बताया, “मैं एक ऐसे जनप्रतिनिधि को जानता हूं जिसके पिता की कैंसर से मौत हो गई, लेकिन बेटे ने सुध तक नहीं ली। जब माता-पिता की आंखों में आंसू होते हैं, तो वह समाज के पतन का संकेत है। समाज को ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए जो सक्षम होकर भी अपनों को छोड़ देते हैं।”

केरल और असम में भी हैं ऐसे कानून केरल (2023) – यहां 25% तक कटौती का प्रावधान है। मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिन्हें ‘’अनुकंपा नियुक्ति’’ मिली है। असम (2017) – पहला राज्य जिसने ‘’प्रणाम एक्ट’’ लागू किया। सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 से 15% कटौती का नियम है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.