Sunday, 12 Jul 2026 | 02:21 PM

Trending :

EXCLUSIVE

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना सरकार बुढ़ापे में माता-पिता को ‘बोझ’ समझने वाले बच्चों पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती करने जा रही है। राज्य विधानसभा ने रविवार को ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल, 2026’ सर्वसम्मति से पास कर दिया। इसके तहत, यदि कोई कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता, तो उसकी कुल सैलरी में से 15% या ₹10,000 (जो भी कम हो) की कटौती की जाएगी। देश में पहली बार ऐसा कानून बना है जिसमें सरकारी के साथ ही प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों, विधायकों, सांसदों और सरपंचों तक को जवाबदेह बनाया गया है। खास बात यह है कि माता-पिता को इसके लिए कोर्ट नहीं जाना होगा, वे सीधे जिला कलेक्टर के पास आवेदन कर सकेंगे। जांच में शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर सीधे कंपनी या विभाग को सैलरी काटकर माता-पिता के खाते में भेजने का आदेश देंगे। विधेयक पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भावुक हो गए। उन्होंने बताया, “मैं एक ऐसे जनप्रतिनिधि को जानता हूं जिसके पिता की कैंसर से मौत हो गई, लेकिन बेटे ने सुध तक नहीं ली। जब माता-पिता की आंखों में आंसू होते हैं, तो वह समाज के पतन का संकेत है। समाज को ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए जो सक्षम होकर भी अपनों को छोड़ देते हैं।”

केरल और असम में भी हैं ऐसे कानून केरल (2023) – यहां 25% तक कटौती का प्रावधान है। मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिन्हें ‘’अनुकंपा नियुक्ति’’ मिली है। असम (2017) – पहला राज्य जिसने ‘’प्रणाम एक्ट’’ लागू किया। सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 से 15% कटौती का नियम है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बैतूल में सरकारी खरीदी में देरी पर कांग्रेस का प्रदर्शन:9 अप्रैल को शिवाजी ऑडिटोरियम में किसान देंगे धरना; बोले- खाद की भी कमी

April 7, 2026/
12:31 pm

बैतूल में सरकारी गेहूं खरीदी में देरी, ओलावृष्टि से फसल बर्बादी और अन्य समस्याओं से परेशान किसानों के समर्थन में...

चांदी ₹13 हजार गिरकर ₹2.37 लाख पर आई:5 दिन में ये ₹31 हजार गिरी, सोने की कीमत आज ₹4 हजार घटकर ₹1.52 लाख हुई

March 19, 2026/
12:48 pm

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 19 मार्च को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक...

बेंगलुरु में भारी बारिश,अस्पताल की दीवार गिरने से 7 मौतें:इनमें 3 बच्चे शामिल, 7 घायलों का रेस्क्यू; सीएम सिद्धारमैया घटनास्थल पर पहुंचे

April 29, 2026/
9:42 pm

बेंगलुरु में बुधवार को भारी बारिश के बीच हॉस्पिटल की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों...

authorimg

April 16, 2026/
10:50 am

गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजारों में तरबूज (वॉटरमेलन) की भरमार हो जाती है. यह फल न केवल स्वाद में...

टीम से बाहर होने के बाद सूर्या का पहला रिएक्शन:स्क्वाड को ‘ऑल द बेस्ट’ कहा; सूर्यवंशी के लिए लिखा- आपने यह मौका कमाया

June 6, 2026/
5:28 pm

भारतीय टी-20 टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार यादव का सोशल मीडिया के जरिए पहला रिएक्शन आया है।...

लैक्मे फैशन वीक के तीसरे दिन दिशा पाटनी बनीं शोस्टॉपर:तमन्ना भाटिया और खुशी कपूर ने भी रैंप वॉक किया, देखें तस्वीरें

March 22, 2026/
2:28 pm

मुंबई में शनिवार को लैक्मे फैशन वीक के तीसरे दिन दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया, शनाया कपूर और खुशी कपूर ने...

राजनीति

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना में ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल’ पास:मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो कटेगी 15 फीसदी सैलरी; पहली बार विधायक-सांसद भी कानून की जद में

तेलंगाना सरकार बुढ़ापे में माता-पिता को ‘बोझ’ समझने वाले बच्चों पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती करने जा रही है। राज्य विधानसभा ने रविवार को ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल, 2026’ सर्वसम्मति से पास कर दिया। इसके तहत, यदि कोई कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता, तो उसकी कुल सैलरी में से 15% या ₹10,000 (जो भी कम हो) की कटौती की जाएगी। देश में पहली बार ऐसा कानून बना है जिसमें सरकारी के साथ ही प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों, विधायकों, सांसदों और सरपंचों तक को जवाबदेह बनाया गया है। खास बात यह है कि माता-पिता को इसके लिए कोर्ट नहीं जाना होगा, वे सीधे जिला कलेक्टर के पास आवेदन कर सकेंगे। जांच में शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर सीधे कंपनी या विभाग को सैलरी काटकर माता-पिता के खाते में भेजने का आदेश देंगे। विधेयक पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भावुक हो गए। उन्होंने बताया, “मैं एक ऐसे जनप्रतिनिधि को जानता हूं जिसके पिता की कैंसर से मौत हो गई, लेकिन बेटे ने सुध तक नहीं ली। जब माता-पिता की आंखों में आंसू होते हैं, तो वह समाज के पतन का संकेत है। समाज को ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए जो सक्षम होकर भी अपनों को छोड़ देते हैं।”

केरल और असम में भी हैं ऐसे कानून केरल (2023) – यहां 25% तक कटौती का प्रावधान है। मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिन्हें ‘’अनुकंपा नियुक्ति’’ मिली है। असम (2017) – पहला राज्य जिसने ‘’प्रणाम एक्ट’’ लागू किया। सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 से 15% कटौती का नियम है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.