बुरहानपुर में कृषि आदान विक्रेताओं के लिए उर्वरक वितरण की नई ‘ई-विकास प्रणाली’ पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रणाली कल (1 अप्रैल) से पूरी तरह लागू होगी, जिसका उद्देश्य किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना है। कलेक्टर हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत कृषि विभाग किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में कृषि उपज मंडी केला नीलामी सभागृह में इस ऑनलाइन प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उपसंचालक कृषि एम.एस. देवके ने कृषि आदान विक्रेताओं को ई-विकास प्लेटफॉर्म के माध्यम से उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। आसानी से उर्वरक मिल सकेगा
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य जिले में शत-प्रतिशत पारदर्शी उर्वरक वितरण सुनिश्चित करना है। इससे किसानों को समय पर और आसानी से उर्वरक मिल सकेगा, साथ ही कालाबाजारी, अधिक दर और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। उपसंचालक देवके ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू की गई यह नवीन प्रणाली 1 अप्रैल से पूर्ण रूप से लागू की जा रही है। नई व्यवस्था से किसानों को उनकी फसल की वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार लक्षित रूप में उर्वरक प्राप्त होगा। संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग से फसलों की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रताप सिंह जमरे, एसएडीओ राम पाटिल, प्रभारी जिला विपणन अधिकारी संदीप इंगले, कृषि विस्तार अधिकारी जे.एस. चौहान, अखिलेश रावत सहित बड़ी संख्या में कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।














































