Saturday, 11 Apr 2026 | 11:22 AM

Trending :

EXCLUSIVE

केसर दूध और नारियल पानी पीने से बच्चा सच में गोरा पैदा होता है! सच है या मिथ?

authorimg

saffron milk coconut water fair baby myth vs reality: ‘वंदना ने जैसे ही कंसीव किया उसे हर तरफ से सलाहें मिलने लगीं. कभी बड़ी बहन फोन पर कहती कि नारियल पानी पीना शुरू कर दे और आखिरी तक नहीं छोड़ना, बच्च दूध सा सफेद होगा. कभी जेठानी और ननद सलाह देने लगती कि संतरा और सौंफ खाती रहना बच्चे रंग एकदम सफेद होगा. तो कभी बैंगन की सब्जी या काले रंग का कोई फल जैसे जामुन या आलू-बुखारा खाती तो सासू मां ही टोक देतीं कि ये क्यों खाया काला बच्चा पैदा करोगी क्या?

पहले तो वंदना को ये बातें काफी अच्छी लगीं कि चलो सभी बहुत केयर कर रहे हैं, लेकिन फिर उसे अचानक झुंझलाहट होने लगी कि खाने-पीने से कैसे बच्चे का रंग गोरा या काला हो सकता है? हालांकि वह कई बार अपने लाख मन करने के बाद भी कुछ चीजों से परहेज करने लग गई तो कुछ चीजों को जबदस्ती अपनी डाइट में शामिल कर लिया. ये कहानी सिर्फ वंदना की नहीं है, ऐसी लाखों वंदनाएं हैं जो प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसी सलाहों को झेलती हैं या एक बार इससे गुजरने के बाद खुद भी दूसरों को देने लगती हैं.’

लेकिन सवाल उठता है कि क्या वास्तव में नारियल का पानी पीने, संतरा खाने, केसर का दूध पीने, सफेद चीजें खाने से बच्चा गोरा पैदा होता है और काली चीजें खाने से बच्चा काला पैदा होता है? क्या खाने पीने से बच्चे का रंग निर्धारित होता है? ये मिथ है या हकीकत? मेडिकल साइंस क्या कहता है? आइए जानते हैं.

आमतौर पर दादी-नानी और महिलाओं की बातों से लेकर सोशल मीडिया पर ऐसी सलाह भरी पड़ी हैं लेकिन मेडिकल रिसर्च और वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें तो रंग की बात पूरी तरह मिथक (myth) है. बच्चे का रंग जीन (genetics) से तय होता है, न कि मां के आहार से.

हालांकि कुछ रिसर्च बताती हैं कि अगर मां पोषणयुक्त आहार लेती है या प्रोटीन इंटेक ठीक रहता है तो बच्चे के चेहरे की बनावट पर इसका असर पड़ता है.

नेचर कम्यूनिकेशन में प्रकाशित एक स्टडी कहती है कि mTOR सिग्नलिंग पाथवे जानवरों और मनुष्यों में चेहरे की संरचना के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, जो प्रोटीन और अमीनो एसिड्स के प्रति संवेदनशील होता है. स्टडी कहती है कि ऐसा चूहों और इंसानों में देखा गया है कि गर्भावस्था में प्रोटीन का इंटेक अच्छा रखने से पेट में पल रहे बच्चे के चेहरे का निर्माण काफी बेहतर होता है और उसमें कमियां नहीं रहतीं.

बच्चे के बालों पर भी पड़ता है खान-पान का असर
अमेरिका में हुई एक अन्य स्टडी दावा करती है कि चूहों पर हुए अध्ययन में देखा गया कि मां द्वारा गर्भ में लिया गया पोषणयुक्त आहार बच्चे के बालों पर भी असर डालता है. इसमें बच्चे के बालों की ग्रोथ से लेकर उसका रंग तक शामिल है. स्टडी कहती है कि जो माएं प्रेग्नेंसी में विटामिन बी12, फॉलिक एसिड, कॉलिन और बीटाइन ठीक मात्रा में लेती हैं तो उनके गर्भ में पल रहे बच्चों के बालों का रंग ज्यादा गहरा और चमकदार हो सकता है.

बच्चे के रंग को लेकर क्या है
हालांकि अगर बच्चे की त्वचा के रंग की बात करें तो मेलानिन नामक पिगमेंट पर निर्भर करता है, जो माता-पिता दोनों के जीन से आता है. साइंस कहती है कि बच्चे की त्वचा का रंग मां और पिता की त्वचा के रंग का मिला-जुला होता है. गर्भावस्था में कोई भी आहार या पेय बच्चे के जीन को बदल नहीं सकता. अभी तक ऐसा कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो केसर या नारियल पानी को बच्चे के रंग से जोड़ता हो.

हालांकि केसर (सैफरन) के बारे में कई मान्यताएं कहती हैं कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मूड बेहतर कर सकते हैं और पाचन सुधार सकते हैं, इसका सीधा असर बच्चे की ग्रोथ पर पड़ता है और बच्चा स्वस्थ होता है लेकिन त्वचा का रंग जेनेटिक फैक्टर से तय हो ऐसा नहीं है. हेल्थलाइन (2021) की एक रिपोर्ट भी लिखती है कि केसर से बच्चे का रंग गोरा होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. उल्टा, ज्यादा मात्रा में केसर लेने से गर्मी बढ़ने और गर्भपात का खतरा बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही सीमित मात्रा (आमतौर पर 2-3 धागे) लेनी चाहिए.

नारियल पानी के हैं ये फायदे
नारियल पानी की बात करें तो यह गर्भावस्था में हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए अच्छा है.वहीं संतरा विटामिन सी का अच्छा सोर्स है. एक रिसर्च (PMC, 2024) में पाया गया कि ये दोनों मॉर्निंग सिकनेस कम कर सकते हैं लेकिन बच्चे के रंग पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता. कई डॉक्टरों ने इसे साफ तौर पर मिथक बताया है. किसी भी स्टडी में नारियल पानी को फेयर बेबी से जोड़ने का कोई प्रमाण नहीं मिला है.

फिर नारियल पानी, संतरा, केसर दूध क्यों लें?
वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भावस्था में आहार बच्चे के समग्र विकास, वजन, दिमाग और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है. विटामिन सी, ई, ओमेगा-3, फोलिक एसिड युक्त संतुलित डाइट (फल, सब्जियां, दालें, ड्राई फ्रूट्स) बच्चे की त्वचा को स्वस्थ बनाती हैं, ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को अपने स्वास्थ्य के लिए और बच्चे के लिए न्यूट्रीशनल फूड के साथ इन चीजों को लिया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि इससे गोरे होने का कोई प्रमाण नहीं है.

मिथकों के चक्कर में न छोड़ें पोषणयुक्त फूड
इसलिए जरूरी है कि ऐसे मिथकों पर भरोसा करके महिलाएं जरूरी पोषण और न्यूट्रीशनल फूड लेना न छोड़ें, ऐसा करने से नुकसान हो सकता है. आप ये सब भी ले सकती हैं लेकिन अपनी पूरी डाइट लेने के साथ. गर्भवती महिला को डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से व्यक्तिगत सलाह लेनी चाहिए.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
‘भूत बंगला’ के इवेंट में प्रियदर्शन-परेश रावल गिरते-गिरते बचे:अक्षय कुमार कहा- टीम के साथ ऐसे छोटे-मोटे हॉरर मोमेंट्स चलते रहते हैं

April 6, 2026/
6:51 pm

मुंबई में आज अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर लॉन्च इवेंट काफी चर्चा में रहा। इवेंट के...

Bacchon Ki Doctor Book Review; Parenting Tips

February 26, 2026/
4:30 am

1 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक किताब का नाम: बच्चों की डॉक्टर लेखक: डॉ. माधवी भारद्वाज अनुवाद: यामिनी रामपल्लीवार...

AI Data Centers Raise Earth Temp

April 1, 2026/
5:44 am

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर इंटरनेट से जुड़ी रही। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते...

नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर और दो कलेक्टर बदले:श्रीकांत होंगे कमिश्नर, सोमेश मिश्रा कलेक्टर, सोनिया मीणा भोपाल में संभालेगी वित्त विभाग

April 10, 2026/
7:46 am

मप्र सरकार ने नर्मदापुरम संभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कमिश्नर समेत नर्मदापुरम और बैतूल जिलों के कलेक्टर के तबादले...

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

April 10, 2026/
11:16 am

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के एक बयान ने अचानक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि...

अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर रिलीज:राजपाल और परेश रावल के साथ पुराने अंदाज में दिखे; 16 अप्रैल से पेड प्रिव्यूज

April 6, 2026/
2:53 pm

अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

केसर दूध और नारियल पानी पीने से बच्चा सच में गोरा पैदा होता है! सच है या मिथ?

authorimg

saffron milk coconut water fair baby myth vs reality: ‘वंदना ने जैसे ही कंसीव किया उसे हर तरफ से सलाहें मिलने लगीं. कभी बड़ी बहन फोन पर कहती कि नारियल पानी पीना शुरू कर दे और आखिरी तक नहीं छोड़ना, बच्च दूध सा सफेद होगा. कभी जेठानी और ननद सलाह देने लगती कि संतरा और सौंफ खाती रहना बच्चे रंग एकदम सफेद होगा. तो कभी बैंगन की सब्जी या काले रंग का कोई फल जैसे जामुन या आलू-बुखारा खाती तो सासू मां ही टोक देतीं कि ये क्यों खाया काला बच्चा पैदा करोगी क्या?

पहले तो वंदना को ये बातें काफी अच्छी लगीं कि चलो सभी बहुत केयर कर रहे हैं, लेकिन फिर उसे अचानक झुंझलाहट होने लगी कि खाने-पीने से कैसे बच्चे का रंग गोरा या काला हो सकता है? हालांकि वह कई बार अपने लाख मन करने के बाद भी कुछ चीजों से परहेज करने लग गई तो कुछ चीजों को जबदस्ती अपनी डाइट में शामिल कर लिया. ये कहानी सिर्फ वंदना की नहीं है, ऐसी लाखों वंदनाएं हैं जो प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसी सलाहों को झेलती हैं या एक बार इससे गुजरने के बाद खुद भी दूसरों को देने लगती हैं.’

लेकिन सवाल उठता है कि क्या वास्तव में नारियल का पानी पीने, संतरा खाने, केसर का दूध पीने, सफेद चीजें खाने से बच्चा गोरा पैदा होता है और काली चीजें खाने से बच्चा काला पैदा होता है? क्या खाने पीने से बच्चे का रंग निर्धारित होता है? ये मिथ है या हकीकत? मेडिकल साइंस क्या कहता है? आइए जानते हैं.

आमतौर पर दादी-नानी और महिलाओं की बातों से लेकर सोशल मीडिया पर ऐसी सलाह भरी पड़ी हैं लेकिन मेडिकल रिसर्च और वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें तो रंग की बात पूरी तरह मिथक (myth) है. बच्चे का रंग जीन (genetics) से तय होता है, न कि मां के आहार से.

हालांकि कुछ रिसर्च बताती हैं कि अगर मां पोषणयुक्त आहार लेती है या प्रोटीन इंटेक ठीक रहता है तो बच्चे के चेहरे की बनावट पर इसका असर पड़ता है.

नेचर कम्यूनिकेशन में प्रकाशित एक स्टडी कहती है कि mTOR सिग्नलिंग पाथवे जानवरों और मनुष्यों में चेहरे की संरचना के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, जो प्रोटीन और अमीनो एसिड्स के प्रति संवेदनशील होता है. स्टडी कहती है कि ऐसा चूहों और इंसानों में देखा गया है कि गर्भावस्था में प्रोटीन का इंटेक अच्छा रखने से पेट में पल रहे बच्चे के चेहरे का निर्माण काफी बेहतर होता है और उसमें कमियां नहीं रहतीं.

बच्चे के बालों पर भी पड़ता है खान-पान का असर
अमेरिका में हुई एक अन्य स्टडी दावा करती है कि चूहों पर हुए अध्ययन में देखा गया कि मां द्वारा गर्भ में लिया गया पोषणयुक्त आहार बच्चे के बालों पर भी असर डालता है. इसमें बच्चे के बालों की ग्रोथ से लेकर उसका रंग तक शामिल है. स्टडी कहती है कि जो माएं प्रेग्नेंसी में विटामिन बी12, फॉलिक एसिड, कॉलिन और बीटाइन ठीक मात्रा में लेती हैं तो उनके गर्भ में पल रहे बच्चों के बालों का रंग ज्यादा गहरा और चमकदार हो सकता है.

बच्चे के रंग को लेकर क्या है
हालांकि अगर बच्चे की त्वचा के रंग की बात करें तो मेलानिन नामक पिगमेंट पर निर्भर करता है, जो माता-पिता दोनों के जीन से आता है. साइंस कहती है कि बच्चे की त्वचा का रंग मां और पिता की त्वचा के रंग का मिला-जुला होता है. गर्भावस्था में कोई भी आहार या पेय बच्चे के जीन को बदल नहीं सकता. अभी तक ऐसा कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो केसर या नारियल पानी को बच्चे के रंग से जोड़ता हो.

हालांकि केसर (सैफरन) के बारे में कई मान्यताएं कहती हैं कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मूड बेहतर कर सकते हैं और पाचन सुधार सकते हैं, इसका सीधा असर बच्चे की ग्रोथ पर पड़ता है और बच्चा स्वस्थ होता है लेकिन त्वचा का रंग जेनेटिक फैक्टर से तय हो ऐसा नहीं है. हेल्थलाइन (2021) की एक रिपोर्ट भी लिखती है कि केसर से बच्चे का रंग गोरा होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. उल्टा, ज्यादा मात्रा में केसर लेने से गर्मी बढ़ने और गर्भपात का खतरा बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही सीमित मात्रा (आमतौर पर 2-3 धागे) लेनी चाहिए.

नारियल पानी के हैं ये फायदे
नारियल पानी की बात करें तो यह गर्भावस्था में हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए अच्छा है.वहीं संतरा विटामिन सी का अच्छा सोर्स है. एक रिसर्च (PMC, 2024) में पाया गया कि ये दोनों मॉर्निंग सिकनेस कम कर सकते हैं लेकिन बच्चे के रंग पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता. कई डॉक्टरों ने इसे साफ तौर पर मिथक बताया है. किसी भी स्टडी में नारियल पानी को फेयर बेबी से जोड़ने का कोई प्रमाण नहीं मिला है.

फिर नारियल पानी, संतरा, केसर दूध क्यों लें?
वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भावस्था में आहार बच्चे के समग्र विकास, वजन, दिमाग और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है. विटामिन सी, ई, ओमेगा-3, फोलिक एसिड युक्त संतुलित डाइट (फल, सब्जियां, दालें, ड्राई फ्रूट्स) बच्चे की त्वचा को स्वस्थ बनाती हैं, ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को अपने स्वास्थ्य के लिए और बच्चे के लिए न्यूट्रीशनल फूड के साथ इन चीजों को लिया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि इससे गोरे होने का कोई प्रमाण नहीं है.

मिथकों के चक्कर में न छोड़ें पोषणयुक्त फूड
इसलिए जरूरी है कि ऐसे मिथकों पर भरोसा करके महिलाएं जरूरी पोषण और न्यूट्रीशनल फूड लेना न छोड़ें, ऐसा करने से नुकसान हो सकता है. आप ये सब भी ले सकती हैं लेकिन अपनी पूरी डाइट लेने के साथ. गर्भवती महिला को डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से व्यक्तिगत सलाह लेनी चाहिए.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.